Benefits of Edamame Beans: आजकल बाजार में मटर की तरह हरी बीन्स देखने को मिलती है। यह है-एडामे बीन्स या जापानी बीन्स। वास्तव में ये सोयाबीन दाल की फलियां हैं जो हमारे लिए बहुत फायदेमंद हैं। हरी एडामे बीन्स गुणों का भंडार है। इसमें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन तो होता ही है, इसके अलावा कई तरह के विटामिन, फाइबर,आइसोफ्लावोंस और एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं। एक कप एडामे बीन्स ही आपको 188 कैलोरी मिलती है। वहीं एक कप एडामे बीन्स में 18 ग्राम प्रोटीन और 8 ग्राम फाइबर होता है। इसी से समझा जा सकता है कि एडामे बीन्स कितना पावरफुल है। एडामे बीन्स में फॉलेट, मैग्नीशियम, फोस्फोरस, कॉपर और पोटैशियम जैसे तत्व भी होते हैं। एडामे बीन्स का इस्तेमाल सब्जी, सूप, सलाद और डिप बनाने के लिए किया जा सकता है।
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ब्लड प्रेशर करे कंट्रोल

हाई ब्लड प्रेशर में ब्लड का फ्लो खून की धमनियों पर प्रेशर मारता है जिससे हार्ट पर कई तरह के खतरे होते हैं। यह ब्लड प्रेशर भोजन में मूलतया सोडियम की अधिकता से होता है। एडामे बीन्स में मौजूद पोटैशियम सोडियम के असर को बेअसर करता है जिससे इसका सेवन ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में सहायक होता है।
कोलेस्ट्रॉल घटाए
दुनियाभर में हार्ट अटैक के बढ़े हुए मामलों के पीछे सबसे बड़ी वजह होती है, शरीर में कोलेस्ट्रॉल का बढ़ जाना। न्यूट्रिएंट्स जर्नल की एक रिसर्च के मुताबिक हरी एडामे सब्जी कोलेस्ट्रॉल के जोखिम को कम करता है। यदि हर दिन 47 ग्राम सोयाबीन्स का सेवन किया जाए तो यह शरीर के कुल कोलेस्ट्रॉल को करीब 9 प्रतिशत और बेड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसेराइड्स के लेवल को 13 प्रतिशत तक कम कर देती है।
दिल के स्वास्थ्य के लिए बेहतर

अध्ययनों के अनुसार एडामे हृदय स्वास्थ्य में सुधार करता है। अधिकतर प्लांट बेस्ड फैट सैचुरेटेड होते हैं, जबकि पशु वसा सैचुरेटेड होते हैं। ऐसे में बहुत अधिक सैचुरेटेड फैट के सेवन से हृदय रोग और अन्य हृदय संबंधी समस्याओं को बढ़ावा मिल सकता है। वहीं एडामे एक प्रकार का प्लांट-बेस्ड सोया प्रोटीन है, जो पशु प्रोटीन की तुलना में एक हेल्दी विकल्प हो सकता है।
डायबिटीज कम करने में सहायक
एडामे बीन्स ब्लड शुगर को भी कंट्रोल करने में माहिर है। हरी एडामे सब्जी में फाइबर ज्यादा और कार्बोहाइड्रेट कम होता है। इन दोनों का कॉम्बिनेशन ब्लड शुगर को कम करता है। एडामे बीन्स में कई तरह के माइक्रोन्यूट्रेंट्स भी होते हैं। ये सब मिलकर इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करता है और ब्लड शुगर को कम करने में मदद करता है।
मोटापा करे कंट्रोल

चूंकि एडामे में बहुत अधिक मात्रा में फाइबर और प्रोटीन होता है। इसलिए यह भूख के अहसास को बहुत कम करता है। ऐसे में जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए एडामे की हरी सब्जी बहुत फायदेमंद है। स्टडी में पाया गया कि एडामे सब्जी के सेवन से भूख को कंट्रोल करने वाले हार्मोन रिलीज होता है। इससे ज्यादा खाने पर ब्रेक लगता है। अध्ययन के मुताबिक एडामे के सेवन से फैट कम होता है जिससे कमर का साइज और बीएमआई लेवल ठीक बना रहता है।
ब्रेस्ट कैंसर का खतरा करे कम
एडामे बीन्स का सेवन महिलाओं के लिए बहुत उपयोगी है। एडामे में एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को रोकता है और सैलुलर डैमेज से भी बचाता है। साथ ही इसमें एस्ट्रोजन की तरह एक कंपाउड होता है जिसे आइसोफ्लेवोंस कहते हैं। आइसोफ्लोवेंस शरीर में एस्ट्रोजन को रिसेप्टर से चिपकने से रोकता है। एस्ट्रोजन का प्रोडक्शन कम होता है जिससे ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम हो जाता है।
हड्डियों को रखें मजबूत

एडामे में पोटैशियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम सहित कई तरह के मिनिरल्स होते हैं। ये मिनिरल्स हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी हैं। एडामे साबुत अनाज का बहुत बड़ा स्रोत है। इसमें पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम भी होता है। एक अध्ययन के मुताबिक एडामे में पाए जाने वाले आइसोफ्लेवोन्स हड्डियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और हड्डियों के नुकसान को कम करने में मदद करते हैं। हड्डियों की बीमारी ऑस्टियोपोरोसिस को भी रोकने में मदद करता है।
प्रीमेनोपॉज़ स्टेज में होने वाली समस्याओं मे दे राहत
एडामे बीन्स को डाइट में शामिल करने से प्रीमेनोपॉज़ के लक्षणों से राहत मिल सकती है। इस दौरान थकान, चिड़चिड़ापन और रात को पसीना आने सहित मेनोपॉज़ से पहले के लक्षणों में कमी आ सकती है।
हेल्दी प्रेग्नेंसी में मददगार

चूंकि एडामे फोलेट, आयरन और प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का एक समृद्ध स्रोत है, गर्भावस्था के दौरान सभी आवश्यक पोषक तत्व इसे खाने से मिल सकते हैं। इसके अलावा एडामे एनीमिया से बचाने में भी मदद कर सकता है। चूंकि ज्यादातर गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीड़ित होती हैं, इसलिए हरी सोयाबीन का सेवन मददगार हो सकता है।
त्वचा के स्वास्थ्य में करे सुधार
एडामे में मौजूद विटामिन ए और आइसोफ्लेवोन्स त्वचा स्वस्थ रखने में मदद करता है। सूरज की यूवी किरणों से त्वचा को होने वाले नुकसान से सुरक्षा प्रदान करता है। यूवी किरणों के कारण होने वाले कोलेजन की टूटन को रोकता है और कोलेजन के उत्पादन को बढ़ावा देता है। इससे त्वचा की उम्र बढ़ने के सामान्य लक्षणों जैसे फाइन लाइन्स और झुर्रियां में कमी आ सकती है।
कैसे खाएं

उबालकर: इसके लिए बीन्स को अच्छी तरह धोकर एक बर्तन में पानी डालकर 5 मिनट तक उबाल लें। अब उसको पानी से अलग कर सादे पानी से धो लें। अब बीन्स को एक बर्तन में डालकर उसमें समुद्री नमक या सेंधा नमक और कालीमिर्च डालकर खाएं। ये एक हेल्दी स्नैक है।
सलाद बनाकर: उबले हुए एडामे बीन्स में मोटे कटे टमाटर, प्याज़ और खीरा डालें। अब उसमें एक चमच जैतून का तेल, काली मिर्च पाउडर, नींबू का रस और स्वादानुसार नमक डालकर मिलाएं। अब चाहें तो इसमें विभिन्न प्रकार के सीड्स भी डाल सकते हैं।
तलकर: एक कढ़ाई में एक चम्मच जैतून का तेल डालकर गर्म करें। तेल के गर्म होने के बाद उसमें कटी हुई लाल-पीली शिमला मिर्च, हरे मटर और गाजर के साथ एडामे बीन्स डालें। अब उसमें सोया सॉस, अदरक और थोड़ा सा शहद मिलाएं। सभी चीज़ों को थोड़ा भुनने के बाद उसमें स्वादानुसार नमक और काली मिर्च डालकर खाएं।
(डाॅ रचना कटारिया, आहार विशेषज्ञ, दिल्ली)
