वास्तु
आधुनिक युग में मनुष्य प्रायः विभिन्न प्रकार की समस्याओं से घिरा रहता है। ऐसी समस्याओं मंे वास्तु संबधी समस्या प्रमुख होती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार वास्तु संबंधी समस्याएं नवग्रहों के कारण उत्पन्न होती हैं। यदि हम नवग्रहों का मंत्र जप, उनकी वस्तुओं का दान और उनकी जड़ी-बुटियों द्वारा स्नान करें तो ग्रह शांति होकर वास्तु संबंधी समस्याएं दूर हो जाती है। साथ ही साथ मनुष्य को वांछित धन लाभ, सफलता और सुख-शांति की भी प्राप्ति होती है-
यदि भूमि या भवन प्राप्ति का योग न बन रहा हो, मकान का नक्शा पास न हो रहा हो या भूमि की रजिस्ट््री मंे कोई बाधा आ रही हो तो सूर्य के मंत्र उॅं हीं घ्णि सूर्याय नमः मंत्र का 7000 बार जप करें तथा गेंहू, गुड़, तांबा केसर, साठी चावल, मूंग एंव लाल चंदन का दान करें। साथ ही देवदार, खस, मुलहठी, इलायची और मैनसिल मिश्रित जल से स्नान करें।
यदि दुकान, कार्यालय या मकान में चोरी की श्ंाका हो, धन का अभाव हो अथवा मकान आदि की ठेकेदारी में हानि हो रही हो तो मंगल के मंत्र उॅं भौं भौमाय नमः मंत्र का 10000 बार जप करें तथा लाल रंग का बैल, लाल वस्त्र, लाल चंदन, लाल पुष्प तथा घृत आदि का दान करें। साथ ही बेल की छाल, जटामासी, खिरैंटी, हींग, मालकांगनी और शिगंरफ मिश्रित जल से स्नान करें।

यदि व्यापार में घाटा हो रहा हो, धन की हानि हो रही हो अथवा वास्तुदोष के कारण घर में कलह का वातावरण हो तो बुध के मंत्र उॅं बुं बुधाय नमः मंत्र का 19000 बार जप करें तथा कांस्य, हाथी दांत, हरे वस्त्र, शस्त्र कपूर, पीले पुष्प तथा फल का दान करें। साथ ही अक्षत, शहद, गोरोचन, पीपरामूल, जायफल तथा गाय के गोबर मिश्रित जल से स्नान करें।

यदि भूमि या मकान की प्राप्ति न हो रही हो अथवा वास्तुदोष के कारण पुत्र संतान न होती हो तो बृहस्पति के मंत्र उॅं बृं बृहस्पतये नमः मंत्र का 19000 बार जप करें तथा पीले वस्त्र, घृत, घोड़ा चने की दाल हल्दी, पीले पुष्प, लवण एवं कांस्य का दान करें। साथ ही सफेद सरसों, गूलर, मदयंती, मुलहठी, चमेली के फूल एवं नवीन पत्रों के मिश्रित जल से स्नान करें।

यदि मकान न बन पा रहा हो, भूमि न बिक रही हो अथवा व्यापार में धन हानि हो रही हो तो शुक्र के मंत्र उॅं शुं शुक्राय नमः मंत्र का 16000 बार जप करें तथा दही, दूध, चावल, श्वेत माला, श्वेत पुष्प, श्वेत चंदन, श्वेत अश्व एवं मिसरी का दान करें। साथ ही केसर, मूली के बीज, मैनसिल, पीपरामूल, जायफल और इलायची मिश्रित जल से स्नन करें।

यदि मकान न बन पा रहा हो या भवन निर्माण में रूकावट आ रही हो तो शनि के मंत्र उॅं शं शनैश्चराय नमः मंत्र का 23000 बार जप करें तथा सरसों का तेल, काले वस्त्र, उड़द, कुलश्री, काली गाय, भैंस, जूता एवं काले पुष्प आदि का दान करें। साथ ही सौंफ, खिरैंटी, लोध्र, खस, लोबान, सुरमा, काले तिल और शत कुसुम मिश्रित जल से स्नान करें।

यदि दुकान य मकान की राशि मंे राहु अशुभ हो तो राहु के मंत्र उॅं रां राहवे नमः मंत्र का 18000 बार जप करें तथा तिल, कंबल, मछली, तलवार, नीले वस्त्र, सूप एवं अभ्रक आदि का दान करें। साथ ही कस्तूरी, तारपीन, लोबान तथा नागरमोथा मिश्रित जल से स्नान करें।

यदि केतु के दोष के कारण आर्थिक स्थिति बिगड़ गई हो या स्वास्थ्य खराब हो गया हो तो केतु के मंत्र उॅं कें केतवे नमः मंत्र का 17000 बार जप करें तथा सप्त धान्य, धूम्र वस्त्र, तिल, तेल, नारियल एवं बकरे का दान करें, साथ ही लाल चंदन एवं बकरी के मूत्र मिश्रित जल से स्नान करें।

कलीम आनंद
एन-521 मंगोलपुरी, नई दिल्ली-110083