हर कोई चाहता है कि उसका घर देखने में सुंदर लगे, ताकि सभी उनके घर की तारीफ करें, इसलिए हम सभी अपने घरों को सजाने-संवारने के लिए कई तरह के शोपीस और मूर्तियां आदि लाते हैं। इनमें से कई प्रतिमाएं वास्तु के अनुसार घर के लिए बहुत शुभ होती हैं। इनसे आपके घर में सकारात्मकता आती है और आपके सौभाग्य, सुख-शांति में वृद्धि होती है। तो चलिए जानते हैं कि कौन सी मूर्तियां घर में रखने से पा सकते हैं लाभ।

हाथी

वास्तु के अनुसार, हाथी ऐश्वर्य का प्रतीक होता है। तो वहीं ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भी हाथी की प्रतिमा रखना बहुत शुभ माना जाता है। आप अपने घर में हाथी की पीतल या चांदी की मूर्ति रख सकते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार शयनकक्ष में चांदी के हाथी की मूर्ति रखने से राहु से संबंधित सभी दोष से मुक्ति प्राप्त की जा सकती है। चांदी का ठोस हाथी घर में रखने से घर में धन, समृद्धि आती है।

वास्तु में हाथी को सफलता का प्रतीक भी माना गया है। हर कोई चाहता है उसे जीवन में ढेर सारी सफलता मिले। ऐसे में आप अपने घर के मुख्य द्वार पर सूंड उठाए हुए हाथी का चित्र लगा सकते हैं। ऐसा करने से आपके सम्मान, सुख और आने वाले जीवन में सफलता की कोई कमी नहीं रहेगी। हाथी हमेशा अपनी चाल चलना पसंद करता है। इसी तरह व्यक्ति भी चाहता है कि उसकी मर्जी हर जगह चले। ऐसे में यदि आप अपने ऑफिस या घर में मस्ती से चलते हुए हाथी की तस्वीर या मूर्ति रखते हैं तो आपकी यह मुराद बहुत जल्द पूरी होती है।

कछुआ

वास्तु के अनुसार घर में कछुआ रखने से धन वृद्धि होती है। इसके अलावा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कछुआ, भगवान विष्णु का रूप माना जाता है इसलिए मान्यता है कि जिस स्थान पर कछुआ होता है, वहां मां लक्ष्मी का वास होता है। धन वृद्धि के लिए घर के ड्राइंग रूम में पूर्व और उत्तर दिशा में कछुए की स्थापना करनी चाहिए। लेकिन इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि कछुआ अंदर की ओर जाता हुआ रखना चाहिए। घर में कछुआ रखने से उन्नति के साथ ही धन-समृद्धि का योग बनता है। मान्यता है कि इसे रखने से आयु भी लंबी होती है। पूर्व और उत्तर दिशा कछुए की स्थापना हेतु सर्वोत्तम मानी गई है। ड्राइंग रूम में कछुआ रख सकते हैं लेकिन किसी पात्र में जल भरकर। कछुआ धातु का होना चाहिए लकड़ी का नहीं। आप वास्तु दोषों से छुटकारा पाने के लिए मकान के दक्षिण या पश्चिम में एक कछुआ रखें। घर के मध्य में अगर आप नौ कछुवें रखते हैं तो घर में नौ ग्रहों के बराबर ऊर्जा आ जाएगी।

हंस

वास्तु के अनुसार, घर के अतिथिगृह में हंस के जोड़ों की मूर्ति रखनी चाहिए। इससे आप आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। वैवाहिक दंपत्य जीवन में यदि परेशानियां आ रही हों तो अपने शयनकक्ष में हंस के जोड़े की मूर्ति रख सकते हैं। इससे वैवाहिक जीवन में प्रेम बढ़ता है। इसके अलावा घर के स्टडी रूम में देवी सरस्वती के वाहन हंस की मूर्ति को जरूर रखना चाहिए। इसे वास्तु में बहुत ही शुभ माना जाता है। हंस की मूर्ति को घर पर रखने से बच्चों की पढ़ाई में एकाग्रता आती है।

गाय

हिंदू धर्म में गाय को पूजनीय माना जाता है। वास्तु के अनुसार, घर पर पीतल की बनी हुई गाय की मूर्ति रखना बहुत शुभ माना जाता है। जिन दंपती को संतान प्राप्ति की कामना है उन्हें पीतल से बनी गाय की प्रतिमा रखनी चाहिए। मान्यता है कि इससे संतान सुख प्राप्ति की कामना पूरी होती है। पढ़ाई करने वालों के लिए भी गाय की प्रतिमा रखना अच्छा रहता है। इससे पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ती है।

यदि किसी मनुष्य को अपने करियर में बार-बार असफलता या बहुत तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है और लगातार प्रयास करने के बावजूद सफलता प्राप्त नहीं हो रही है, तो अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए वह अपने स्टडी रूम या ऑफिस में गाय की मूर्ति को लगाकर शुभ परिणाम प्राप्त कर सकता है। ये आपकी एकाग्रता को बढ़ाने में मदद करेगी एवं करियर संबंधी दिक्कतों को दूर करने में सहायता करती है। इसे अपने ऑफिस टेबल पर स्थापित करें यह आपको मेहनत का उचित फल दिलाने में सहायक होगी। पढ़ाई में एकाग्रता व परीक्षा में सफलता पाने के लिए इसे विद्यार्थियों की स्टडी टेबल पर रखना चाहिए।

मछली

आप अपने घर की उत्तर-पूर्व या फिर पूर्व दिशा में पीतल या चांदी की मछली रख सकते हैं। घर में मछली का रखना बेहद ही शुभ माना जाता है। इससे आपके धन में वृद्धि होती है। कई लोग घर में एक्वेरियम में मछली पालते हैं परंतु उससे ज्यादा बेहतर होता है मछली की पीतल या चांदी की मूर्ति बनवाकर घर में रखना। वास्तु और फेंगशुई दोनों के अनुसार यह मूर्ति घर में खुशहाली और शांति को कायम करके उन्नति के रास्ते खोलती है। मछली अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि, धन और शक्ति का प्रतीक है। इस मूर्ति को आप अपने घर की उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में ही रख सकते हैं।

तोता

वास्तु के अनुसार तोते की मूर्ति या तस्वीर को अध्ययन कक्ष में रखना चाहिए या जहां बच्चे पढ़ाई करते हैं। वास्तुशास्त्र के अनुसार उत्तर दिशा में तोते की तस्वीर को लगाने से पढ़ाई में बच्चों की रुचि बढ़ती है, साथ ही उनकी स्मरण क्षमता में भी इजाफा होता है। तोता प्रेम, वफादारी, लंबी आयु और सौभाग्य का प्रतीक होता है। अगर आप घर में बीमारी, निराशा, दरिद्रता और सुखों का अभाव महसूस कर रहे हैं तो तोते का चित्र या मूर्ति घर में स्थापित करें। पति और पत्नी में प्रेम संबंध स्थापित करने के लिए भी फेंगशुई के अनुसार तोते के जोड़े को स्थापित किया जाता है।

ऊंट

वास्तु और फेंगशुई के अनुसार, घर पर ऊंट की मूर्ति रखने से सुख-सौभाग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है। इसे घर के ड्राइंग रूम या लिविंग रूम में उत्तर-पश्चिम दिशा में रखना चाहिए। इससे आपकी नौकरी और व्यवसाय से संबंधित समस्याओं का समाधान हो जाता है। आपके करियर को फायदा पहुंचता है। इसी प्रकार यदि आपके घर में धन संबंधी दिक्कत आती है तो ऊंट के जोड़े को घर के लाकर में रखने पर धन का आगमन तेजी से होगा है और धीरे-धीरे आपकी आर्थिक स्थिति सुधर जाएगी। सकारात्मक वातावरण और खुशनुमा माहौल के लिए आप एक-दो या एक साथ कई ऊंटों की तस्वीर या ऊंटों के जोड़े की मूर्ति को ड्राइंगरूम या लिविंग रूम में उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर रखें। इसे घर में रखने से परिवार के सदस्यों का मन स्थिर रहता है एवं परिवार के सदस्य मानसिक तौर पर शांति अनुभव करते हैं। 

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