Sankashti Chaturthi 2024: हिंदू धर्म में चतुर्थी तिथि का विशेष महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने में दो चतुर्थी तिथि पड़ती है। जिसमें से कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी और शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहा जाता है। चतुर्थी तिथि का दिन भगवान गणेश को समर्पित रहता है। भगवान गणेश हिंदू धर्म के प्रमुख देवताओं में से एक है। वे भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र हैं। उन्हें विघ्नहर्ता या विघ्नविनाशक के रूप में जाना जाता है, क्योंकि भगवान गणेश सभी बाधाओं को दूर करते हैं। उन्हें बुद्धि, ज्ञान और कला का देवता माना जाता है। हिंदू धर्म में हर शुभ कार्य करने से पहले भगवान गणेश की उपासना करना बहुत जरूरी माना जाता है। इसी के चलते चलिए जानते हैं, कि फरवरी के महीने में संकष्टी चतुर्थी कब है, इसका क्या महत्व है और इसकी पूजा विधि क्या है।
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फरवरी की संकष्टी चतुर्थी कब है
फरवरी में संकष्टी चतुर्थी 28 फरवरी 2024 को गुरुवार के दिन मनाई जाएगी। फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का आरंभ 28 फरवरी को सुबह 1 बजकर 53 मिनट पर होगा और 29 फरवरी को सुबह 5 बजकर 18 मिनट पर समाप्त होगा। अगर इस दिन भगवान गणेश की पूजा की शुभ मुहूर्त की बात की जाए तो शुभ मुहूर्त सुबह 9 बजे से 11 बजे तक रहेगा चंद्रोदय का मुहूर्त रात 9 बजकर 25 मिनट पर रहेगा।
जानिए, संकष्टी चतुर्थी का महत्व
संकष्टी चतुर्थी हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण व्रत है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती है। इस दिन व्रत रखने से भक्तों को भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन और घर से नकारात्मकता दूर होती है
संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
- पूजा स्थल को साफ करें और गणेश जी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
- गणेश जी को दूर्वा, मोदक, लड्डू, पान, सुपारी, लाल फूल, धूप, दीप, आदि अर्पित करें।
- गणेश जी की आरती करें और उन्हें प्रार्थना करें कि वे आपकी सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करें।
- चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य दें।
