आज के समय में मोटापा आम समस्या बन चुकी है, हर दूसरा या तीसरी व्यक्ति आज इसका शिकर है। खासकर महिलाओं में शादी और बच्चें होने के बाद मोटापा सामान्य लक्षण के रूप में सामने आ रहा है, जिससे बहुत सारी महिलाएं प्रभावित हैं। एक तरफ जहां मोटापा दूसरी कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देता हैं, वहीं इसके चलते बाहरी लुक भी प्रभावित होता है। ऐसे में बहुत सी ऐसी महिलाएं हैं, जो सिर्फ बढ़े हुए वजन के चलते अपना आत्मविश्वास खो देती हैं। अगर आपके साथ भी ऐसी ही कुछ समस्या है, तो हमारा ये आर्टिकल आपके बेहद काम आ सकता है।

भारतीय परम्परा की देन है इंटरमिटेंट फास्टिंग

दरअसल, हम बात कर रहे हैं ‘इंटरमिटेंट फास्टिंग’ की जो आज के समय में तेजी से वजन कम करने के लिए प्रचलन में है। इसमें आपको ना जिम में घंटों पसीना बहाना होता है और ना ही डाइट बल्कि इसमें आपको नियमित अंतराल पर फास्ट यानि कि व्रत रखना होता है। जी हां, जैसा कि आप सब जानते हैं कि भारतीय संस्कृति में व्रत रखने की परम्परा रही है, जोकि अध्यात्म के साथ साथ साथ शारीरिक रूप से भी फायदेमंद माना जाता है। व्रत रखने से पाचन तत्र दुरूस्त रहता है, जिससे वजन नियंत्रण रहता है। व्रत के इसी लाभ को देखते हुए अब पश्चिम देशों में वजन नियंत्रित करने के लिए व्रत को उपाय के रूप में अपनाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत एक नियमित अंतराल पर व्रत रखना होता है। 

खाने और व्रत में होना चाहिए 16 घंटे का ब्रेक

इसमें खाने और व्रत के बीच कुछ घंटो का ब्रेक लेना होता है। जैसे कि 16 घंटे के अंतराल पर आपको खाना है। उदाहरण स्वरूप अगर आपने रात में 8 बजे डिनर किया है तो आप अगली सुबह नाश्ता मत कीजिए सीधे 12 या 1 बजे हल्का लंच कीजिए। आप ऐसा सप्ताह में दो या तीन दिन कर सकती हैं। बीच के इन 16 घंटे में अगर आपको भूख लगती है, तो आप कोई तरल पेय ले सकती हैं, लेकिन हैवी खाने से बचें।
ऐसा अगर नियमित रूप से करती हैं तो इससे आपका मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है, जिससे फैट कम होता है। इससे वजन काफी हद तत नियंत्रण में रहता है।