Dizziness in Women: सुबह उठते ही सिर दर्द होना, नीचे झुकने पर चक्कर आना, हमेशा थका हुआ महसूस करना जैसे लक्षणों का अधिकांश महिलाएं सामना करती हैं। हालांकि चक्कर आना कोई गंभीर समस्या नहीं है लेकिन कई बार ये किसी बड़ी बीमारी के शुरुआती लक्षण भी हो सकते हैं। चक्कर को कई बार पोषक तत्वों की कमी, प्रेग्नेंसी, सर्वाइकल, एनीमिया और स्ट्रैस जैसे कारणों से भी जोड़ा जाता है। लेकिन यदि ऐसी स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसका सही उपचार कराना बेहद जरूरी होता है। अब सवाल ये उठता है कि चक्कर की समस्या अधिकतर महिलाओं को ही क्यों होती है। खासकर 35 से अधिक उम्र की महिलाओं को इसका सामना अधिक करना पड़ता है। कई बार चक्कर आना बेहोशी का भी कारण बन सकता है। तो चलिए जानते हैं कि महिलाओं को चक्कर आने के पीछे क्या कारण जिम्मेदार हो सकते हैं साथ ही जानते हैं इस स्थिति से निपटने के तरीकों के बारे में।
किन कारणों से आते हैं महिलाओं को चक्कर (Reason Of Women Get Dizzy)

चक्कर आना सामान्य स्थिति है लेकिन यदि लंबे समय तक ऐसी समस्या बनी रहती है तो ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। चक्कर हल्के से लेकर तेज महसूस हो सकते हैं। चक्कर कई कारणों की वजह से आ सकते हैं जो इस प्रकार हैं-
पोस्टुरल हाइपोटेंशन
पोस्टुरल हाइपोटेंशन को ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन के रूप में भी जाना जाता है। ये अस्थायी चक्कर हैं जो बैठने और खड़े होने पर महसूस हो सकते हैं। इसका मुख्य कारण ब्लड प्रेशर का अचानक कम या बढ़ना हो सकता है। ये स्थिति मेनोपॉज और पीरियड के दौरान ट्रिगर कर सकती है।
सर्कुलेटरी प्रॉब्लम
ऐसी स्थितियां जो शरीर में ब्लड फ्लो या हार्ट हेल्थ को प्रभावित करती हैं वो चक्कर आने के लक्षण पैदा कर सकती हैं। इसके सामान्य कारणों में एनीमिया, हार्मोनल चेंजेज, डिहाइड्रेशन और ब्लड क्लॉट शामिल हैं। ये समस्या अधिकतर महिलाओं को मेनोपॉज की स्थिति में होती है।
स्ट्रैस और एंग्जाइटी
स्ट्रैस और एंग्जाइटी दो ऐसे शब्द हैं जो हर किसी की लाइफ का हिस्सा हैं लेकिन महिलाएं इसका अधिक शिकार होती हैं। स्ट्रैस और एंग्जाइटी का हमारे मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ता है जिस वजह से चक्कर आना, पैनिक अटैक, तनाव व डिप्रेशन जैसे विभिन्न लक्षण महसूस हो सकते हैं। इन कारणों को आमतौर पर नजरअंदाज कर दिया जाता है लेकिन कुछ मामलों में ये लक्षण खतरनाक भी हो सकते हैं।
सर्वाइकल की समस्या
सर्वाइकल के अलावा मोच, खिंचाव, चोट और डिस्क डिजीज की समस्या आपके ज्वॉइंट्स, मसल्स और नर्वस सिस्टम को बाधित कर सकती है। इन लक्षणों के परिणामस्वरूप आपको चक्कर महससू हो सकते हैं। सर्विकोजेनिक चक्कर सूजन, अर्थराइटिस, ब्रेन डिसऑर्डर और क्रॉनिक नेक पेन की वजह से हो सकता है। इस स्थिति में फिजियोथैरेपी अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकती है।
प्रेग्नेंसी में चक्कर आना
प्रेग्नेंसी के दौरान चक्कर आना एक आम समस्या है, जिसका अधिकांश महिलाएं सामना करती हैं। इस दौरान महिलाओं को चक्कर और बेहोशी महसूस हो सकती है। प्रेग्नेंसी में शरीर में होने वाले शारीरिक बदलाव, हाई बीपी, हार्ट रेट का बढ़ना, वजन बढ़ना या किसी दवा के साइड इफेक्ट की वजह से चक्कर आ सकते हैं। कई महिलाओं को चक्कर के साथ मितली और उल्टी भी आ सकती है।
हीमोग्लोबिन की कमी
भारत में अधिकांश युवतियां या महिलाएं हीमोग्लोबिन या एनीमिया से जूझ रही हैं। शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी चक्कर और कमजोरी जैसे लक्षणों को बढ़ावा देती है। पोषक तत्वों की कमी, प्रेग्नेंसी और हैवी पीरियड्स की वजह से महिलाओं का हीमोग्लोबिन पुरुषों की अपेक्षा काफी कम होता है। हीमोग्लोबिन कम होने पर सिरदर्द, थकान, चक्कर और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
सोते समय चक्कर आना
कई महिलाओं को बिस्तर पर लेटते या सोते समय चक्कर आने लगते हैं। इस समस्या को बीपीपीवी कहा जाता है, जिसमें करवट बदलने के साथ ही चक्कर आने शुरू हो जाते हैं। बीपीपीवी की समस्या मुख्य रूप से अधिक उम्र के लोगों को होती है जो सिर पर चोट, कान में इंफेक्शन या अधिक आराम करने की वजह से हो सकती है।
माइग्रेन का दर्द
महिलाओं में माइग्रेन की समस्या अधिक देखने को मिलती है। सिर में तेज दर्द होने की वजह से चक्कर, उल्टी और मितली जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। माइग्रेन कई कारणों की वजह से ट्रिगर कर सकता है। महिलाओं में माइग्रेन की समस्या मुख्यता हार्मोनल चेंजेज की वजह से होती है। कई बार स्ट्रैस और एंग्जाइटी भी इसे बढ़ावा दे सकता है।
पोषक तत्वों की कमी
महिलाएं शुरू से ही अपने वजन और लुक को लेकर सजग रहती हैं। यही कारण है कि वे डाइट और फास्टिंग का सहारा लेती हैं। हालांकि डाइट और इंटरमिटेंट फास्टिंग वेट कम करने का अच्छा ऑप्शन है लेकिन कई बार डाइटिंग के चक्कर में शरीर को पोषक तत्वों से वंचित रहना पड़ जाता है। शरीर को पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक चीजें न मिलने पर कमजोरी, चक्कर और चिड़चिड़ेपन की समस्या हो सकती है। खासकर शरीर में विटामिन 12 की कमी के कारण थकान, कब्ज की समस्या और चक्कर आ सकते हैं।
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महिलाएं चक्करों से कैसे पाएं निजात (How Women Get Rid Of Dizziness)

कई बार हल्के चक्कर अपने आप ही ठीक हो जाते हैं लेकिन चक्कर यदि लंबे समय तक या हफ्तों तक आपको परेशान कर रहे हैं तो आपको इसका सही कारण और ट्रीटमेंट करना जरूरी है। सामान्य चक्कर आने पर आप घरेलू चीजों का उपयोग करके चक्करों से निजात पा सकते हैं।
अधिक पानी का सेवन
डिहाइड्रेशन चक्कर आने का एक सामान्य कारण हो सकता है। यदि आप अधिक देर तक पानी नहीं पीते तो डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। इस समस्या से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें। दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए। पानी पीने से सिरदर्द की समस्या से भी छुटकारा मिल सकता है।
अरदक की चाय
अदरक मोशन सिकनेस और चक्कर के लक्षणों से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। चक्कर आने की स्थिति में अदरक की चाय आपकी काफी मदद कर सकती है। जिन लोगों को चाय पसंद नहीं है वह अदरक के टुकड़े को मुंह में रखकर चूस सकते हैं। प्रेग्नेंसी में मितली का इलाज करने में भी अदरक लाभदायक हो सकता है।
विटामिन सी
यदि आपको वर्टिगो की समस्या है तो विटामिन सी का सेवन चक्कर की समस्या से निजात दिला सकता है। विटामिन सी में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स कमजोरी और थकान को दूर करने में मदद करता है। विटामिन सी की पूर्ति के लिए आप अपनी डाइट में संतरा, स्ट्रॉबेरीज, बेल और नींबू को शामिल कर सकते हैं।
डाइट में शामिल करें आयरन
एनीमिया की समस्या होने पर भी चक्कर महसूस हो सकते हैं। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए अपनी डाइट में रेड मीट, अंडा, बीन्स, ग्रीन वेजिटेबल, अनार और सेब जैसी हेल्दी चीजों को शामिल करें। एनीमिया की समस्या कम होने पर चक्कर अपने आप ही कम हो जाएंगे। इसके अलावा डाइट में विटामिन ई और डी को भी शामिल करें।
चक्कर आने पर महिलाएं बरतें ये सावधानियां (Precautions In Case Of Dizziness)

– चक्कर आने पर कुछ देर के लिए हो सके तो लेट जाएं।
– कमजोरी की वजह से भी चक्कर आ सकते हैं इसलिए इस स्थिति से बचने के लिए पानी का अधिक सेवन करें।
– चक्कर आने पर अल्कोहल और तंबाकू का सेवन न करें।
– नींद की कमी के कारण भी चक्कर आ सकते हैं इसलिए 6-7 घंटे की क्वालिटी स्लीप लें।
– जिस समय आपको चक्कर महसूस हों उस वक्त आप अपनी आंख बंद कर लें और बैठ जाएं।
– कई बार लो बीपी और डायबिटीज के कारण चक्कर आ सकते हैं। इस स्थिति में चीनीयुक्त कॉफी का सेवन करें, चक्कर आने कम हो जाएंगे।
– काम में किसी प्रकार की समस्या होने पर भी चक्कर की समस्या हो सकती है। इस स्थिति में ईएनटी को अवश्य अपनी समस्याएं बताएं।
– अधिक चक्कर आने पर चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें।
FAQ | क्या आप जानते हैं
चक्कर का सबसे अच्छा इलाज क्या हो सकता है ?
महिलाओं को चक्कर आने के क्या कारण जिम्मेदार हो सकते हैं ?
चक्कर आने पर कब चिंता होनी चाहिए ?
चक्कर आने पर किन चीजों का करें सेवन ?
किस चीज की कमी से चक्कर आते हैं ?
चक्कर को ठीक करने का घरेलू उपचार ?
