झरनों का आनंद लेना हैं तो यहां जाइए
नदियों, झरनों और पहाड़ों का हमारे यहाँ बहुत ही ज़्यादा क्रेज़ है। नदी, पहाड़ और झरनों के पास का जो सकून है वह कहीं और नहीं मिल सकता है।
Waterfalls in India: किसी भी जगह की यात्रा पर हम जाते हैं तो सबसे पहले घूमने टहलने की जगहों के बारे में जानने की कोशिश करते हैं, लेकिन जब हमें यह पता चलता है कि उस जगह पर कोई झरना भी है तो मन रोमांचित हो उठता है। एक अलग तरह की ही ऊर्जा काम करने लगती है। यही कारण है कि नदियों, झरनों और पहाड़ों का हमारे यहाँ बहुत ही ज़्यादा क्रेज़ है। नदी, पहाड़ और झरनों के पास का जो सकून है वह कहीं और नहीं मिल सकता है। इसीलिए इस लेख के माध्यम से हम कुछ ऐसे झरनों की बात करेंगे जो आपको रोमांचित कर देंगे। यह सभी ऐसी जगहें हैं जहां आप अपने फ़्रेंड्स और फ़ैमिली के साथ जा सकते हैं। इन सभी जगहों पर आप अपने अपनों के साथ शांति के पल बिता सकते हैं।
थोसेघर झरना
थोसेघर झरना देश के सबसे बड़े और ऊँचाई से गिरने वाले झरनों में शुमार किया जाता है। महाराष्ट्र के सतारा में स्थित यह झरना कोंकण की शान है। इस झरने की ऊंचाई करीब 1150 फुट है जो हर किसी को भी हैरानी में डाल देती है। इस जगह को लोग कस पठार और कस झील के नाम से भी जानते हैं। इस जगह की ख़ूबसूरती बेमिसाल है जो बारिश के मौसम में और भी ज़्यादा बढ़ जाती है। महाराष्ट्र को अपने यहाँ स्थिति झरनों की वजह से भी जाना जाता है। असघन्दर झरना, लिंगमाला झरना, धोबी झरना और कुन फॉल्स आदि महाराष्ट्र के सबसे ज्यादा लोकप्रिय झरने हैं लेकिन थोसेघर की बात इन सबसे भी अलग है।
नोहसिंजिथियांग झरना

मेघालय को मेघों का देश कहा जाता है और सिक्किम की राजधानी गंगटोक से कुछ ही दूरी पर स्थित है नोहसिंजिथियांग झरना। यह झरना काफ़ी लोकप्रिय है और इसे ‘सात बहनों का झरना’ कहा जाता है। पूर्वी खासी हिल्स के में स्थित इस झरने की ऊंचाई लगभग 1,033 फुट है। यह काफ़ी ख़ूबसूरत है और बारिश के मौसम में तो और भी ज़्यादा आकर्षक दिखाई देता है। यह झरना पूर्वी खासी की पहाड़ियों के बीच में स्थित विभिन्न आकारों की चट्टानों और पहाड़ों से पूरी तरह घिरा हुआ है। इस जगह पर आपको विभिन्न प्रकार के वन्यजीव और गुफाएं देखने को मिल जाएँगी।
दूधसागर झरना
गोवा में स्थित दूधसागर झरना देश के सबसे लोकप्रिय झरनों में से एक है। इस जगह की ख़ूबसूरती इतनी बेमिसाल है कि लोग तरह तरह के उपमान देते हैं। कुछ लोग दूध सागर के सफ़ेद जल को देखकर दूध का झरना कहते हैं तो कुछ लोग “सी ऑफ मिल्क” के रूप में परिभाषित करते हैं। लेकिन इन सबसे इतर जो सबसे ख़ास बात है वह है इसकी ख़ूबसूरती जो किसी के मन को भी मोह लेती है। इस जगह पर जाने के लिए पणजी से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी तय करके गोवा-कर्नाटक की सीमा पर पहुँचना होता है। फिर कहीं जाकर मांडवी नदी पर स्थित यह जलप्रपात दिखाई देता है। इस ज़रने की ऊंचाई करीब 1,020 फुट है जो इसे देश के ऊंचे झरनों में 227वें नंबर पर लाता है। इस जगह पर जाकर आप पश्चिमी घाट के घने वन और रोलिंग पहाड़ियों के अद्भुत नजारे देख सकते हैं।
जोग प्रपात

महाराष्ट्र और कर्नाटक की सीमा के क़रीब शरावती नदी पर स्थित जोग प्रपात को अपनी ख़ूबसूरती के लिए जाना जाता है। यह जगह प्राकृतिक रूप से इतनी ख़ूबसूरत और समृद्ध है कि इस जगह पर हर कोई आना चाहता है। 830 फुट की ऊँचाई से गिरने वाले इस झरने को बारिश के मौसम में देखना बहुत ही अद्भुत होता है। इस मौसम में इस प्रपात के आसपास सिर्फ़ पानी ही पानी का भयानक प्रवाह दिखाई देता है। इस जगह की जैव विविधता को देखते हुए इस झरने को यूनेस्को ने दुनिया के सबसे ख़ास पर्यावरणीय स्थलों में नामांकित किया है। इस जगह पर पानी के गिरने की आवाज़ एक गर्जने के रूप में सुनाई देती है।
खांडधर झरना

खांडधर झरने को उड़ीसा के सबसे बड़े और लोकप्रिय झरनों में शुमार किया जाता है। यह झरना काफ़ी ख़ूबसूरत है और सुंदरगढ़ जिले में स्थित है। इस झरने तक पहुंचने के लिए आपको नंदापानी में हरे भरे वनों के बीच से गुज़रना होगा फिर इसका दीदार होगा। 801 फुट की ऊँचाई से गिरते इस झरने को देखना किसी रोमांच से कम नहीं है। स्थानीय लोगों के द्वारा बताया जाता है कि इस झरने का आकार घोड़े की पूंछ जैसा है। यह पूरे साल बहता है लेकिन मानसून के समय इसका आकार थोड़ा बढ़ जाता है। इस जगह पर आकर आप झरने को देखने के साथ साथ इस जगह की प्राकृतिक छटा को भी देख सकते हैं। यह झरना कुसुम, सैल, मोहा, पलाश, सेगुन और आकशमोनी पेड़ों के घने जंगलों से घिरा हुआ है। यह झरना देश के मुख्य पयर्टन स्थलों में गिना जाता है और इसे देखने के लिए इस जगह पर हर साल हज़ारों की संख्या में लोग आते हैं।
धुआंधार लेक

मध्यप्रदेश के जबलपुर इलाके में स्थित धुआंधार झरना एक बहुत ही ख़ूबसूरत और लोकप्रिय झरना है। इस जगह पर आकर एक तरफ़ आप जहां नर्मदा नदी के ख़ूबसूरत तट को देख सकते हैं वहीं इस झरने की ख़ूबसूरती को भी एंजोय कर सकते हैं। इस झरने को देखने के लिए सबसे पहले आपको भेड़ाघाट पहुँचना होगा जोकि जबलपुर का सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यह झरना भेड़ाघाट में नर्मदा नदी में गिरता है। धुआंधार झरना देखने में काफ़ी ख़ूबसूरत और आकर्षक है, इसकी ऊंचाई करीब 311 फुट है। मानसून के दिनों में इसका जलस्तर काफ़ी बढ़ जाता है जिसकी वजह से यह सामान्य जनता के लिए बंद कर दिया जाता है। बावजूद इसके दूर से इसके गिरते पानी को देखा जा सकता है।
तालकोना झरना
आंध्र प्रदेश के मशहूर झरनों में शुमार तालकोना झरना काफ़ी ख़ूबसूरत है। यह झरना चित्तूर जिले में श्रीवेंकटेश्वर नेशनल पार्क में स्थित है। जिसकी वजह से इसकी ख़ूबसूरती और भी ज़्यादा बढ़ जाती है। इस जगह पर पहुंचने पर आपको तरह तरह के जीव जंतु और वनस्पतियाँ दिख जाएँगी। इस झरने की ऊंचाई करीब 270 फुट के आसपास है जो कि काफ़ी अच्छी मानी जाती है। इस जगह पर आकर आपको प्रकृति के क़रीब होने का अहसास होगा। इस जगह पर चंदन कुछ अन्य मूल्यवान औषधीय पौधों के कारण तालाकोना झरने का पानी चिकित्सा के लिहाज़ से काफी अच्छा माना जाता है। इस जगह पर अलग-अलग प्रजातियों के पैंथर, रंग-बिरंगी तितिलियां, गिलहरी और पक्षी देखने को मिलते हैं। हरियाली के अलावा इस जगह पर कई गुफाएं भी हैं जिन्हें देखना आपको अच्छा लगेगा।
