The Bageshwar Sarkar: बागेश्वर धाम आज शायद ही कोई दस नाम से परिचित न हो। इस नाम को सबकी जुबां पर चढने की वजह हैं बागेश्वर धाम के बाबा धीरेंद्र सरकार। कम उम्र के युवा जिन्होंने सनातन धर्म को दुनिया के कोने कोने तक पहुचाने का बीड़ा उठाया। उनका दरबार देश के किसी भी कोने में लगे लोगों की भीड उमड़ जाती है। जहां एक तरफ उनको चाहने वालों की कमी नहीं है वहीं बहुत से लोग उनके दरबार और उनके काम पर उंगलियां भी उठाते रहे हैं। मगर उनकी बढ़ती पॉपुलैरिटी और सनातन धर्म को लोगों के दिलों में बढ़ावा देने के प्रयास के चलते उनपर फिल्म बनाने की चर्चा हो रही है। निर्देशक विनोद तिवारी बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर श्री धीरेंद्र शास्त्री पर ‘द बागेश्वर सरकार’ के नाम से फिल्म बनाने वाले हैं। इस फिल्म को नॉस्ट्रम एंटरटेनमेंट हब प्रोड्यूस करेगा। ये फिल्म हिंदी के अलावा कई भाषाओं में बनाई जाएगी।
सोशल मीडिया पर शेअर की फिल्म की जानकारी
बाबा बागेश्वर धाम के जीवन पर आधारित फिल्म की जानकारी मेकर्स ने सोशल मीडिया पर फैंस के साथ साझा की।उन्होंने बागेश्वर धाम के धीरेंद्र सरकार के दरबार में जाने के बाद फिल्म से जुडी जानकारी दी। फिल्म के निर्माता विनोद तिवारी बाबा के सनातन धर्म के प्रचार और प्रसार से प्रभावित हैं। निर्देशक विनोद तिवारी के मुताबिक बाबा की लोगों में लोकप्रियता को देखते हुए उन्होंने फिल्म बनाने का निर्णय किया है। फिल्म में वे श्री धीरेंद्र शास्त्री के जीवन से जुडी घटनाओं को दिखाने का प्रयास करेंगे। विनोद तिवारी इसके पहले भी धर्म से जुडी फिल्म बना चुके हैं। ‘द कन्वर्जन’ में उन्होंने लव जिहाद के एंगल के साथ धर्म के प्रति संदेश देने की कोशिश की थी। इस बार वे बाबा बागेश्वर धाम पर बायोपिक बना सनातन धर्म के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रयास करने वाले हैं। क्योंकि वे श्री धीरेंद्र शास्त्री जी के सनातन धर्म को आगे बढाने की मुहिम से ही प्रभावित हैं।
कौन हैं बाबा धीरेंद्र शास्त्री
वैसे तो बाबा धीरेंद्र शास्त्री को आज किसी पहचान की जरूरत नहीं है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मध्यप्रदेश में जन्में धीरेंद्र शास्त्री ने बहुत कम उम्र से ही कथा वाचन शुरू कर दिया था। 1996 में मध्य्रपदेश के गढा गांव में जन्में धीरेंद्र शास्त्री अपने दादा जी से काफी प्रभावित थे। उनके दादा पंडित भगवान दास ने चित्रकूट के निर्मोही अखाडे से दीक्षा ली थी। उसके बाद उन्होंने बागेश्वर धाम का जीर्णोद्धार कराकर वहां दरबार लागाना शुरू किया। उन्होंने ही धीरेंद्र शास्त्री को रामायण की कथा की महिमा बताई। धीरेंद्र शास्त्री ने बहुत कम उम्र से ही हनुमान जी की पूजा करना शुरू कर दिया था। कहा जाता है कि उनके उपर हनुमान जी की विशेष कृपा है। धीरेद्र शास्त्री ने कथा वाचन के साथ साथ ग्रेजुएशन तक की पढाई भी पूरी की है। उनके दरबार में लोग अपनी समस्या लेकर जाते हैं। बाबा एक पर्ची पर उनकी समस्या के साथ समाधान बताते हैं। यही नहीं कहा जाता है कि वे कई बीमारियों का भी निवारण कर चुके हैं। ऐसे में उनके इन चमत्कारों को कई बार झूठा भी बताया गया है। जिसके जवाब में वे कई बार मीडिया के सामने और मीडिया के लोगों को भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर चुके हैं। बात कुछ भी हो आम लोगों में वे आज पूज्यनीय स्थान पा चुके हैं और लोगों का उनपर अटूट विश्वास है। ऐसे में उनपर बनने वाली फिल्म उनके चाहने वालों के लिए एक तोहफा ही है।
