Kala Hakik Ratna: रत्न शास्त्र में सभी नवरत्नों का महत्व बताया गया है। प्रत्येक रत्न का किसी एक विशेष ग्रह से संबंध होता है और उसी के अनुसार वह लाभ पहुंचाता है। लोग सुख—समृद्धि व ग्रहों की स्थिति को मजबूत करने के लिए रत्न धारण करते हैं। पंडित इंद्रमणि घनस्याल बताते हैं कि रत्नों को राशियों के हिसाब से धारण करने पर ही उसका शुभ परिणाम मिलता है। रत्न पहनने से ना सिर्फ सकारात्मकता आती है, बल्कि कुंडली में ग्रह दोष भी समाप्त होते हैं और जीवन में सुख—शांति व सौभाग्य की प्राप्ति होती है। नवरत्नों में काला हकीक का विशेष महत्व होता है। इसका संबंध राहु, केतु व शनि ग्रह से माना जाता है। आज हम आपको बताएंगे कि काला हकीक कब और किसे धारण करना चाहिए और इसके लाभ क्या क्या हैं।
काला हकीक रत्न के लाभ

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, काला हकीक रत्न का लाभ लेने के लिए उसे राशि के हिसाब से ही धारण करना उत्तम होता है। काला हकीक रत्न धारण करने से तनाव दूर होता है और मन शांत रहता है। अगर किसी की कुंडली में राहु, केतु व शनि का प्रकोप है, तो काला हकीक रत्न धारण करना बेहद फायदेमंद रहता है। इसके अलावा बुरी नजर और घर के वास्तु दोष दूर करने में भी काला हकीक रत्न बेहद लाभदायक होता है। काला हकीक रत्न धारण करने से व्यापार में उन्नति और नौकरी में तरक्की मिलती है। अगर आप स्टूडेंट्स हैं, तो आपको प्रतियोगिता परीक्षाओं में लाभ मिल सकता है। रत्न शास्त्र में शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए भी काला हकीक का प्रयोग बताया गया है।
किसे धारण करना चाहिए काला हकीक

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को बिना ज्योतिष की सलाह से काला हकीक रत्न धारण नहीं करना चाहिए। काला हकीक रत्न राशि के हिसाब से ही धारण करना फलदायी होता है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि के जातक काला हकीक रत्न धारण कर सकते हैं। वहीं, जिनकी कुंडली में शनि उच्च के या फिर सकारात्मक विराजमान हैं तो वह जातक भी काला हकीक धारण कर सकते हैं। ध्यान रखें कि मेष, वृश्चिक और सिंह राशि के जातकों को काला हकीक धारण नहीं करना चाहिए।
कैसे धारण करें काला हकीक

काला हकीक धारण करने से जुड़ी विधि व नियम शास्त्रों में बताया गए हैं। जिसके अनुसार काला हकीक चांदी के लॉकेट या फिर अंगूठी में धारण करना चाहिए। इसे मंगलवार या शनिवार के दिन धारण करना सबसे शुभ होता है। काला हकीक धारण करते समय शनि मंत्र ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः का 108 बार जाप करना चाहिए। काला हकीक रत्न का वजन 8 से 10 रत्ती होना चाहिए। वहीं, ज्योतिष की सलाह के बाद ही काला हकीक रत्न धारण करना चाहिए।
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