चंपानेर-पावागढ़ पुरातत्व उद्यान की यात्रा

विश्व धरोहर स्थल में शामिल चंपानेर पावागढ़ आर्केलॉजिकल पार्क

गुजरात के सुल्तान महमूद बेगड़ा द्वारा बनवाया गया चंपानेर पावागढ़ पार्क ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से काफ़ी समृद्ध रहा है और लोगों के बीच अपनी छाप छोड़ने में कामयाब हुआ है।

Champaner-Pavagadh: यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल में शामिल चंपानेर पावागढ़ आर्केलॉजिकल पार्क देश के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शुमार किया जाता है। गुजरात राज्य के पंचमहल जिले में स्थित यह एक बहुत ही खूबसूरत उद्यान है। गुजरात के सुल्तान महमूद बेगड़ा द्वारा बनवाया गया चंपानेर पावागढ़ पार्क ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से काफ़ी समृद्ध रहा है और लोगों के बीच अपनी छाप छोड़ने में कामयाब हुआ है। इस जगह के बढ़ते महत्व को देखते हुए वर्ष 2004 में इस पार्क को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों सूची में शामिल किया गया है। 

चंपानेर-पावागढ़ आर्केलॉजिकल पार्क की ख़ास बात 

इस जगह को पुरातात्विक महत्व के लिए जाना जाता है। इस जगह पर स्थित गौरवशाली किले, मंदिरों, पर्वत और झीलों के सौंदर्य को अपने आप में समेटा हुआ चंपानेर-पावागढ़ पुरातत्व उद्यान कई कारणों से हमारे लिए महत्व रखता है। यही कारण है कि इस जगह पर हर साल हज़ारों लोग आते हैं। सबसे ख़ास बात यह है कि पावागढ़ की इस ऐतिहासिक पहाड़ी को हिमालय के एक हिस्से के रूप में जाना जाता है। जिसके पीछे का तथ्य यह है कि यह स्थान रामायण महाकाव्य से सम्बंधित है। 

इसके आसपास में घूमने लायक पर्यटन स्थल 

चंपानेर पावागढ़ आर्केलॉजिकल पार्क के आसपास कई दर्शनीय, ऐतिहासिक और खूबसरत पर्यटन स्थल हैं। जिसे देखने के लिए पर्यटक इस जगह पर आने के बाद एक्सप्लोर करना चाहते हैं। आप भी यदि इस जगह की यात्रा का विचार बनाते हैं तो इसके नजदीकी पर्यटक स्थलों पर घूमने का अवसर नहीं जाने दें। 

कालिका माता मंदिर चंपानेर पावागढ़ 

कालिका माता मंदिर को चंपानेर-पावागढ़ पुरातात्विक पार्क के दर्शनीय स्थलों में सबसे पुराना कहा जा सकता है। जिसकी वजह से यह मंदिर स्थानीय लोगों के बीच काफ़ी पॉप्युलर है और घने जंगलों के बीच काफ़ी ऊँचाई पर स्थित है जिसकी वजह से इस तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों का एक लम्बा सफ़र तय करना पड़ता हैं। इस मंदिर की आम जैन और पर्यटकों के बीच काफ़ी मान्यता है। जैसे ही मंदिर में प्रवेश करते हैं मंदिर के तीनों प्रमुख देवताओं के दर्शन प्राप्त होते हैं। यह मंदिर पुराना होते हुए भी काफ़ी ख़ूबसूरत है।

चंपानेर पावागढ़ का किला 

किला पावागढ़ काफ़ी लोकप्रिय और चंपानेर पावागढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। यह क़िला चंपानेर पावागढ़ की पहाड़ी पर काफ़ी ऊपर स्थित है। जिसकी वजह से इस जगह पर पहुंचने पर आसपास का ख़ूबसूरत और मनभावन दृश्य दिखाई देता है। पर्यटक इस जगह पर आकर इस ऐतिहासिक क़िले को देखने के साथ साथ पावागढ़ पहाड़ी के खूबसूरत नज़ारे को देखना पसंद करते हैं। इस क़िले के भीतरी हिस्से में कई तरह की धार्मिक संरचनाएं भी बनी हुई हैं। साथ ही इस जगह पर कुछ खंडर भी हैं जोकि इस जगह के अतीत को बया करते हैं।

चंपानेर पावागढ़ में जैन मंदिर 

चंपानेर पावागढ़ में कई हिन्दू और जैन मंदिर मौजूद हैं जो कि इस जगह की स्थानीय हिन्दू और जैन आबादी का प्रतिनिधित्व करने के साथ उनकी आस्था को बयां करते हैं। कुछ मंदिर तो इतने पुराने हैं कि उनका इतिहास हमें 14वीं और 15वीं शताब्दी की ओर लेकर जाता है। यह वह समय था जिसके दरम्यान इन मंदिरों को पुनिर्मित किया गया। यदि आपका विचार चंपानेर पावागढ़ की यात्रा का बन रहा है तो आपको इन जैन मंदिरों का भ्रमण करना चाहिए।

जामी मस्जिद चंपानेर पावागढ़ 

जामी मस्जिद को चंपानेर की जामा मस्जिद के नाम से भी जाना जाता हैं। यह मस्जिद 15वीं शताब्दी के दौरान बनवाई गई थी और पश्चिम भारत की सबसे बेहतरीन मस्जिदों में इसका नाम शुमार किया जाता है। यह दो मंजिला ईमारत इंडो-इस्लामिक वास्तुकला को प्रदर्शित करती है। इस जगह पर आकर आपको हिन्दू और इस्लाम वास्तुकला की हलक एक साथ देखने को मिलेगी। इस मस्जिद का प्रवेश द्वार दो विशाल मीनारों से घिरा काफ़ी आकर्षक दिखाई देता है और भीतरी हिस्सा आधुनिक वास्तुकला की शैली से सुसज्जित हैं।

लकुलीश मंदिर चंपानेर-पावागढ़ 

पावागढ़ की पहाड़ी पर स्थित लकुलीश मंदिर इस जगह का काफ़ी लोकप्रिय और खूबसूरत मंदिर है। इस मंदिर को लेकर यहाँ के लोगों में अगाध आस्था है, दूर दूर से आए पर्यटक भी इस जगह पर जाना पसंद करते हैं। 10 वीं शताब्दी में बने इस मंदिर का निर्माण लकुलीश द्वारा किया गया था इसीलिए इस मंदिर का नाम लकुलीश मंदिर पड़ा। लकुलीश को पशुपति शैव धर्म के संस्थापक के तौर पर जाना जाता है। यह मंदिर काफ़ी पुराना है और रख रखाव के अभाव में दिनों दिन खंडर के रूप में तब्दील होता जा रहा हैं।

लीला गुम्बद की मस्जिद

लीला गुम्बद की मस्जिद चंपानेर पावागढ़ के विशेष आकर्षण में शामिल है। जिसकी वजह से चंपानेर पावागढ़ घूमने आने वाले सैलानी इस गुम्बद की मस्जिद को देखना पसंद करते हैं। एक ऊंचे चबूतरे पर बनी यह मस्जिद दूर से ही लोगों को अपनी तरफ़ आकर्षित करती है। गुम्बद के केंद्र में एक प्रवेश द्वार बना है जोकि मस्जिद के दोनों किनारों पर मेहराब की ख़ूबसूरती को ज़ाहिर करता है। चंपानेर पावागढ़ की यात्रा का यदि विचार बना रहे हैं तो इस खूबसूरत गुम्बद को देखना नहीं भूलें।  

नगीना मस्जिद और सिनोटाफ 

चंपानेर पावागढ़ के दक्षिण में स्थित नगीना मस्जिद को गहना मस्जिद के नाम से भी जाना जाता है। यह एक खूबसूरत दो मंजिला मस्जिद है जोकि इस जगह पर आने वाले सैलानियों के बीच काफ़ी लोकप्रिय है। मस्जिद को गहना नाम अपनी ख़ूबसूरती की वजह से मिला है। सफेद संगमरमर से बनी यह मस्जिद काफ़ी आकर्षक दिखाई देती है। वास्तुकला की दृष्टि से भी यह ख़ास है, मस्जिद की मीनारें इसकी खूबसूरती को निखारने का काम करती हैं। इस जगह पर आकर मुख्य प्रार्थना हॉल के साथ तीन प्रमुख गुंबदों को भी देखा जा सकता है।

केवड़ा मस्जिद चंपानेर-पावागढ़ 

15 वीं शताब्दी के दौरान निर्मित केवड़ा मस्जिद पर्यटन के साथ साथ ऐतिहासिक महत्व भी रखती है। यही वजह है कि यह पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गई है। इस मस्जिद को प्राकृतिक रूप से हरियाली और खुले स्थान पर बनाया गया था जोकि इस्लामिक धारणा के विपरीत है। इस जगह के सबसे प्रमुख और ख़ास आकर्षणों में इस जगह पर स्थित मकबरा और ग्लोब आकार की गुंबद है। 

उद्यान घूमने का सबसे अच्छा समय 

इस जगह की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच का होता है। क्योंकि यह सर्दियों का मौसम होता है और इस जगह पर होने वाली चिलचिलाती गर्मी से बचा जा सकता है। आप इस जगह पर गर्मी में भी आ सकते हैं बशर्ते कि आपको गर्मी से बचने का उपाय आता हो और थोड़ी बहुत गर्मी के आप आदी हो। 

पार्क के आसपास में कहाँ रुके 

चंपानेर पावागढ़ पुरातत्व पार्क और इसके यदि आप ठहरने के लिए किसी होटल की तलाश में हैं तो आपको घबराने की ज़रूरत नहीं। इस जगह पर आपको आपको हर तरह के होटल मिल जाएँगे। जिनका चुनाव आप अपनी पसंद और बजट के मुताबिक़ कर सकते हैं। 

चंपानेर-पावागढ़ आर्केलॉजिकल कैसे जाएं

चंपानेर पावागढ़ आर्केलॉजिकल पार्क जाने के लिए आप फ्लाइट, ट्रेन और बस में से किसी का भी चुनाव कर सकते हैं। यदि आपने हवाई मार्ग का चुनाव किया हैं तो लगभग 42 किमी की दूरी पर स्थित वडोदरा सबसे नजदीकी हवाई अड्डा हैं। यदि आपने रेलवे मार्ग का चुनाव किया हैं, तो वडोदरा पहुँचना होगा जोकि लगभग 42 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अगर आपने सड़क मार्ग का चुनाव किया है, तो आसपास के शहरों से यह अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। आप बस अथवा अन्य साधनों के माध्यम से भी चंपानेर पावागढ़ आर्केलॉजिकल पार्क आसानी से पहुँच जाएंगे।

संजय शेफर्ड एक लेखक और घुमक्कड़ हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ। पढ़ाई-लिखाई दिल्ली और मुंबई में हुई। 2016 से परस्पर घूम और लिख रहे हैं। वर्तमान में स्वतंत्र रूप से लेखन एवं टोयटा, महेन्द्रा एडवेंचर और पर्यटन मंत्रालय...

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