वायरल फीवर बारिश के मौसम में तेज़ी से फैलता है, लेकिन इससे बचने का तरीका बेहद ही आसान है। जिसमें गिलोय, नीम आदि का सेवन मददगार साबित होता है।
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ये पत्ते आ सकते हैं आपके काम बुखार को कम करने में : Plants for Fever
लगातार बदलते हुए मौसम के साथ किसी भी व्यक्ति को खांसी, जुखाम और बुखार जैसी समस्याएं झेलनी पड़ती है।
अगर बचना है वायरल फीवर से तो इन 5 घरेलू नुस्खों को आजमाएं
वायरल के संक्रमण बहुत तेजी से एक इंसान से दूसरे इंसान तक पहुंचते हैं, इसलिए बहुत जरुरी है कि वायरल फीवर के वायरल फीवर के लक्षण जैसे ही इंसान वायलर फीवर की गिरफ्त में आता है।
चिकनगुनिया हो जाए तो क्या करें
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार मच्छर के काटने के बाद तीन से सात दिन के अंदर व्यक्ति में चिकनगुनिया के लक्षण दिखाई देते हैं। चिकनगुनिया में अचानक से आ जाने वाले बुखार के साथ जोड़ों में दर्द महसूस होता है।
क्यों और कैसे होता है वायरल बुखार
हम अक्सर लोगों को यह कहते हुए सुनते हैं कि उन्हें वायरल बुखार हो गया था। बहुत कम लोगों को ही ‘वायरल’ कहते सुना होगा। वायरल फीवर एक विशेष प्रकार के वायरस की वजह से होने वाली एक अकेली बीमारी नहीं है। बल्कि यह कई वायरस की वजह से पैदा होने वाले कई बुखार वाले संक्रमण को दर्शाता है। हम उनका इलाज एक ही प्रकार से और एक समान ही करते हैं क्योंकि उनके लक्षण और इलाज एक समान ही होते हैं।
