बच्चे जहां कमजोर इम्यूनिटी और छोटे फेफड़ों के कारण सांस संबंधी संक्रमणों के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं, वहीं बड़ों में प्रदूषण, धूम्रपान और जीवनशैली से जुड़ी आदतें उन्हें दीर्घकालिक बीमारियों की ओर ले जाती हैं। दोनों ही स्थितियों में रोकथाम बेहद जरूरी है — जिसमें शामिल हैं टीकाकरण (vaccination), साफ-सफाई (sanitation) और धूम्रपान या प्रदूषित वातावरण से बचाव। समय रहते सावधानी अपनाने से बच्चों और बड़ों दोनों के फेफड़ों को स्वस्थ रखा जा सकता है।
