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गृहलक्ष्मी की कहानियां – चलिए न कमरे में

गृहलक्ष्मी की कहानियां – बात मेरी दीदी की शादी की है। विवाह की रस्में पूरी होते-होते सुबह हो गई। दीदी का चेहरा तो घूंघट में था लेकिन जीजाजी के चेहरे पर थकावट साफ झलक रही थी। मां ने मुझ से कहा, ‘दामादजी को मंडप से बुला कर कमरे में ले जाओ। थोड़ा आराम कर लेंगे। बाकी रस्में […]