सूर्य देव को आरोग्य का कारक भी माना जाता है। सूर्य ब्रह्मण्ड की क्रेन्द्रक शक्ति हैं। यह सम्पूर्ण सृष्टि का गतिदाता हैं। जगत को प्रकाश ज्ञान, ऊजा, ऊष्मा एवं जीवन शक्ति प्रदान करने वाला व रोगाणु, कीटाणु, भूत.पिचाश आदि का नाशक कहा गया है।
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मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग
मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग की पूरे देश में खूब मान्यता है। मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में कृष्णा नदी के तट के पास पवित्र श्री शैल पर्वत पर स्थित है। इस पर्वत को दक्षिण का कैलाश भी कहा जाता है। यहां पर शिव और पार्वती दोनों का सयुंक्त रूप मौजूद है।
इस कार की सिनेमेटिक हेडलाइट से दीवार पर देखें फिल्म
इस कार की कीमत करीब 84 लाख रूपये है। यह एक चार्ज में 700 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है और महज 25 मिनट में 80 फीसदी चार्ज हो जाती है।
घर में बांसुरी रखना क्यों है जरूरी, जानिए कुछ खास बातें
बांसुरी श्री कृष्ण का प्रिय वाद्य यंत्र है और इसे शांति और शुभता का भी प्रतीक माना जाता है साथ ही यह प्राण वायु प्रदान करने मे मददगार साबित हो सकती हैं। इसलिए इसे वास्तु दोष निवारक भी कहा गया है।
शनिवार के दिन ना भेंट करें ये चीजें, होंगे शनिदेव क्रोधित
शनिवार के दिन अगर कुछ खास वस्तुएं किसी को उपहार के तौर पर भेंट की जाती हैं, तो कुंडली में शनि का बल कमजोर पड़ जाता है या यूं कहे कि कुंडली में शनि की अशुभता बढ़ने लगती है।
किन कारणों से हरिद्वार एक पवित्र नगरी है
हरिद्वार का प्राचीन पौराणिक नाम ‘माया’ या ‘मायापुरी’ है, जिसकी सप्त मोक्षदायिनी पुरियों में गणना की जाती थी। ऐसा कहा जाता है कि चीनी यात्री युवानच्वांग ने भारत यात्रा के दौरान इसी शब्द का ‘मयूर’ नाम से वर्णन किया था। महाभारत में इस स्थान को ‘गंगाद्वार’ कहा गया है।
एवोकाडो है सेहत का खजाना, डाइट में ज़रूर करें शामिल
एवोकाडो एक ऐसा फल है, जिसको मीठे और नमकीन दोनों व्यंजनों में शामिल किया जाता है। एवोकाडो में उच्च फैटी एसिड के साथ साथ विटामिन ए, बी, ई, फाइबर, मिनरल्स और प्रोटीन भरपूर में मात्रा में पाया जाता है। यह गहरे हरे रंग का होता है। एवोकाडो में शुगर की मात्रा बहुत कम होती है।
पशुओं में सबसे बड़ा है इनका दिमाग
ये एक दूसरी ब्हेल के बच्चों को फीड भी कराती हैं। इनका दिमाग भी पशुओं में सबसे बड़ा और भारी होता है। एक प्रौड़ स्पर्म ब्हेल का दिमाग 7.8 किलोग्राम तक होता है। ये अपने दिमाग का इस्तेमाल भावनाओं के आदान प्रदान, समाजीकरण और भाषा में करती हैं।
साढ़े साती से मुक्ति पाने के लिए इस दिन करें ये उपाय
शनि एक राशि में ढाई वर्ष तक रहते हैं। गोचर अनुसार शनि जिस राशि में स्थित होते हैं उसकी दूसरी और बारहवीं राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव माना जाता है। वहीं शनि जिन राशियों से चतुर्थ और अष्टम होते हैं उसे ढैय्या से प्रभाव वाली राशि माना जाता है।
कुंभ में कल्पवास के दौरान किन बातों का रखें ख्याल
कहते हैं कि कल्पवास करने वाले को इच्छित फल प्राप्त होने के साथ जन्म जन्मांतर के बंधनों से मुक्ति भी मिलती है। ईश्वरीय भक्ति में लीन श्रद्धालु संगम की रेती पर करीब माह भर तक साधनारत होकर कल्पवास करते हैं। कल्पवासी घर.गृहस्थी का मोह छोड़कर संगम तट पर आते हैं।
