अध्ययनों से पता चला है कि गर्भावस्था कुछ खास तरह के तनाव के स्तर से प्रभावित नहीं होती, यदि आप उस तनाव से उबर सकती हैं तो आपका शिशु भी उसका सामना कर लेगा लेकिन अगर इस तनाव की वजह से आपकी रातों की नींद उड़ जाए या आप अवसाद से घिर जाएं,सिर-दर्द, पेट-दर्द या भूख की कमी महसूस करने लगें। इसकी वजह से धूम्रपान या मदिरापान जैसी गलत आदतें अपना लें या बुरी तरह निढाल हो जाएं तो बेशक यह एक समस्या बन सकता है।
Tag: तनाव
सिगरेट छोड़े और अजन्मे शिशु को एक अनमोल तोहफा दें
अगर आपने अपने शिशु को धुआँ रहित, स्वस्थ पर्यावरण देने का फैसला कर ही लिया तो आपका यह पहला कदम है और अब आपके लिए सिगरेट छोड़ना मुश्किल नहीं बल्कि आसान है। निम्नलिखित सुझावों की मदद से आप अपनी आदत को जल्दी बदल सकती हैं।
सिंगल मदर कैसे तय करें प्रेगनेंसी का सफर
पिता का असामयिक निधन या किसी कारणवश अभिभावकों का अलगाव महिला को सिंगल मदर बनने के लिए मजबूर कर देता है। 21वीं सदी में जैसे-जैसे आधुनिकता और तकनीक के आवरण में हम ढलते गए, सामाजिक मान्यताएं बदलतीं गईं। हजारों मुसीबतों के बावजूद एक नहीं, कई मां सामने आईं, जो सिंगल मदर
होकर भी अपने दम पर बच्चे को इस दुनिया में लाईं।
मेरे पति किसी से बात नहीं करते, कहते हैं डिप्रेशन है, मैं क्या करूं?
संस्कृति शर्मा सिंह, क्लीनिकल साइकोलोजिस्ट, एनएमसी हॉस्पिटल, नोएडा
ऐसे बचें प्रीमेच्योर डिलीवरी से
केवल 12 प्रतिशत प्रसव पीड़ा के मामले ऐसे होते हैं जिन्हें प्रीमेच्योर या प्रीटर्म कहा जा सकता है, यानी जो प्रेगनेंसी के 11 वें सप्ताह से पहले होते हैं। इनमें से आधी महिलाएं जानती हैं कि उनकी प्रीमेच्योर डिलीवरी हो सकती है।
घरेलू उपाय अपनाएं, आंखों के काले घेरे को भगाएं
काले घेरे आंखों खूबसूरती को बिगाड़ देते हैं इसलिए जरूरी है कि कुछ घरेलू उपाय आजमां कर आंखों के नीचे, कालेपन को दूर करें।
सेहत से समझौता क्यों?
कुछ महिलाएं खुद को इंसान समझकर व्यवहार नहीं करती क्योंकि शायद इसके पीछे सामाजिक मानसिकता भी है कि महिलाएं जितना काम करेगीं उतनी ही तारीफ पाएंगी और इस प्रकार वह अपनी समस्याओं को बढ़ाती चली जातीहैं। वह परिवार की सेहत, पसंद और आराम का ध्यान रखेंगी, लेकिन खुद को भूल जाएंगी या फिर खुद को सबसे आखिर में गिनेंगी। यदि वह अपने आप का ख्याल रखेंगी तो वह अपराधबोध रहेगी कि वह खुद का ख्याल कैसे रख रही हैं।
