बचपन में मैं अपनी शरारतों की वजह से घर में बहुत डांट खाया करती थी।
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हरियाली तीज: इसी दिन हुआ था शिव और पार्वती का पुनर्मिलन
त्योहार तो सिर्फ बहाना है। खुशियों को मनाने, जनाने और समझने का । यूं तो भारत में त्योहारों की एक लंबी श्रंखला व परम्परा है। यहां हर दिन एक त्यौहार सरीखा ही है। हर माह पर्व, त्योहारों से सजाधजा है। ऐसा ही रंग रंगीला पर्व है तीज जोकि श्रावण शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है। जिसे कजली तीज, श्रावणी, हरियाली तीज आदि नामों से पुकारते हैं। मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान शिव और देवी पार्वती के पुनर्मिलन हुआ था।
सावधान! सावन में भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन
शास्त्रों में कहा गया है कि सावन का महीना भगवान शिव का महीना होता है। इसे पवित्र महीना भी माना जाता है। दूसरी तरफ यह हरियाली भरा खुशनुमा मौसम अपने साथ-साथ कई तरह की बीमारियां भी लेकर आता है और यही कारण है कि सावन में कुछ चीजों के खाने से परहेज किया जाता है। बरसात की वजह से इन दिनों संक्रमण फैल जाता है जो कि आपकी सेहत को नुकसान पहुँचा सकतीं हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए यहां हम बताने जा रहे हैं कि सावन में किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।
सावन भर कैलाश में नहीं ससुराल में रहते हैं शिव
भगवान भोलेनाथ का सबसे प्रिय महीना सावन शुरू हो चुका है। कहा जाता है कि सावन में किया गया शिव पूजन व्रत और उपवास बहुत फलदायी होता है। आइये ले चलते है आपको भगवान शिव की ससुराल। जिसे ‘कनखल’ के नाम से जाना जाता है। यहां विराजित है शिव का दक्षेश्वर रुप। भगवान शिव […]
शायद ही किसी को पता होंगी कांवड़ यात्रा से जुड़ी ये बातें
बम-बम-बम-के जय घोष से दूर से ही पता चलता है कि शिव भक्त कंधे पर भक्ति, आस्था, विश्वास की कांवड़ लिये अपनी मंजिल की तरफ बढ़े जा रहे हैं। श्रावण मास का माह कांवड़ यात्रा के लिए अपने अलग पवित्रता रखता है। मन में आंस बांधे प्रतिवर्ष हजारों, लाखों श्रद्धालु कांवड़ कंधे पर उठाये […]
करें 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन, जहां स्वयं ज्योति के रूप में विराजमान हैं शिव
“सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्।
उज्जयिन्यां महाकालं ओंकारं ममलेश्वरम्।।
हिमालये च केदारं डाकिन्यां भीमशंकरम्।
वाराणस्यां च विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमी तटे।।
वैद्यनाथं चिताभूमौ नागेशं दारूकावने।
सेतुबन्धे च रामेशं घुश्मेशं च शिवालये।।
ऐतानि ज्योतिर्लिंगानि सायं प्रातः पठेन्नरः।
सप्तजन्मकृतम पापम् स्मरनिणां विनस्यति।।”
शिव पुराण के अनुसार भगवान शिव के इन 12 ज्योतिर्लिंगों की महिमा अपरम्पार है।कहते हैं जो भी मनुष्य प्रतिदिन प्रातः काल उठकर इन ज्योतिर्लिंगों का नाम जपता है अर्थात उपर्युक्त श्लोकों को पढ़ता हुआ, शिवलिंगों का मन से ध्यान करता है, उसके सातों जन्म तक के पाप नष्ट हो जाते हैं। आइए करते हैं हम भगवान शिव के उन्हीं 12 शिवालयों के दर्शन जहां भगवान शिव स्वयं ज्योति रूप में विराजमान हैं। जिनके दर्शन करने मात्र से ही व्यक्ति को उसके सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।
शिव को समर्पित है सावन का महीना
श्रावण (सावन) का महीना शिव जी को अत्यंत प्रिय है, इसी कारण से श्रावण माह शिव शम्भू को समर्पित है। शिव नित्य और अजन्मे हैं, इनका न आदि है न अंत इस कारण से देवादि देव शिव शंभू अनादी और अनंत हैं। यह सभी अपवित्र करने वाले पदार्थों को भी पवित्र करने वाले हैं। […]
