Posted inस्टाइल एंड टिप्स

Happy Fathers’ Day:तस्वीरें बयां करती यह अनमोल रिश्ता

कहते हैं एक हजार शब्दों के बराबर एक पिक्चर होती है। शब्द कभी-कभी वो फीलिंग्स नहीं बयां कर पाते हैं, जो बात एक पिक्चर कह जाती है। जिंदगी के छोटे-छोटे वो पल और खुशियां जिन्हें हम शब्दों में नहीं बता सकते हैं उन्हीं को समेटे हुए हैं ये चित्र। एक पिता का उसके बच्चे से बंधा हुआ प्यार-दुलार, डाँट-फटकार, शरारत-मस्ती, जिम्मेदारी का अनोखा रिश्ता बयां करती ये तस्वीरें, आप भी देखें।।।।।।

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पिता के प्यार में भी छुपी होती है मां जैसी ममता

आज की पीढ़ी को जानकर अचरज होगा कि आज से पहले चार-पांच पुरानी पीढ़ी वाले पुरूष अपने बच्चे की देखभाल तो दूर उन्हें गोद में उठाना तक अपनी मर्दानगी के खिलाफ समझते थे। उनके लिए पुरूष से पिता होने का सफर घर को एक चिराग या वारिस देने से ज्यादा और कुछ नहीं था। पुरूष कमाता और औरत घर चलाती। पुरूष का पुरूष होना उसके पिता होने तक ही सीमित था और वही उसकी मर्दानगी का सबूत थी, इसके अलावा घर के भीतर किसी भी कार्य को करना उसकी शान के खिलाफ माना जाता था।

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‘फादर्स डे’ स्पेशल: तो इसलिए पापा की लाडली होती हैं बेटियां

एक समय था जब पिता को पुत्री संतान के नाम से ही खीज होती थी, लेकिन आज कारण भी बदले हैं और हालात भी। बेटी पिता के लिए कोई बोझ या जिम्मेदारी बनकर नहीं रह गई हैं, बल्कि पिता की शान और पहचान का हिस्सा बन रही है। बाप-बेटी का रिश्ता गहरी दोस्ती का रूप इख्तियार करने लगा है। जहां संवेदनाएं भी हैं और परवरिश भी। सिमटती दूरियों में पिता को बेटी की अहमियत नजर आने लगी है तभी शायद आज बेटियां भी पापा की लाडली हो गई हैं और मिलती तवज्जो से बेटियां भी फक्र से कहने लगी हैं-‘हां मैं हूं पापा की लाडली।’

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