हम पतिधर्म निभाते हुए सुनते रहे। लाचारी में कोई विकल्प होता भी नहीं। नए सिस्टम के अनुसार सोम, बुधवार, शुक्रवार को किचन की जिम्मेदारी पत्नीजी पर और मंगल, बृहस्पति, शनिवार को हमारी। नहीं पता, मेरे हिस्से सम आया या विषम, लेकिन सुनते ही कंपकंपी छूट गई।
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इंद्रजाल से कम नहीं है व्हाट्सएप – गृहलक्ष्मी कहानियां
कुछ लोग खुद को व्हाट्सएप किंग और क्वीन मानते हैं तो हम भी एक्टिव यूज़र साबित होने के लिए इन मैसेजों को अवॉयड न कर एक स्माइली थ्रो करके जान बचा जाते। अब भारत है आस्थाओं का देश, जहां पार्लियामेंट के दरवाज़े तक बिना पूजा-पाठ किये नहीं खुलते!
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होली की हड़ताल
फागुन शुरू होता है तो मेरा दिल बल्लियों उछलने लगता है। इस बार दिल अतिरिक्त उत्साह से भरा था, सो मैंने मोहल्ले की भाभियों की बैठक बुलाई और होली खेलने का प्रस्ताव रखा। इसपर भाभियां भी उछल पड़ीं। आप जानते ही हैं कि भाभियां कितनी प्यारी होती हैं- मिसरी की डली-सी। मेरा प्रस्ताव सुन चम्पा […]
