Hindi Poem: मेरी आहटें वीरान हो
ह्रदय तल से गुजरेगी
तुम बार-बार पुकारोगे
मैं लौटकर नही आऊँगी
जब मैं चली जाऊँगी।
आँखों मे अश्क लिए
तस्वीरों को दिल मे सहेजे
यादों के झरोखे संग
तुम हर-बार ढूंढोगे
मैं नही मिल पाऊँगी
जब मैं चली जाऊँगी।
दिल की अनकही बातें
तन्हा मन की यादें में
भावनाओं की पीड़ा से
तुम बार-बार तड़पोगे
मै नहीं सुन पाऊँगी
जब मै चली जाऊँगी।
आत्मा की विरह ध्वनि
गूँज रही सिसकियों में
दर्द के भरे समुन्द्र तट से
तुम हर-बार चीखोगे
मैं नही देख पाऊँगी
जब मैं चली जाऊँगी।
सरहद की दीवारें बन
गैर मौजूदगी काटेगी
स्मृतियों की कविता संग
मैं मौन हो जाऊँगी
जब मैं चली जाऊँगी।
