Herbs to Increase Sex Drive: सुखद दाम्पत्य जीवन का आधार सिर्फ आपसी समझ और सामंजस्य पर ही निर्भर नहीं है। पति-पत्नी के मध्य आपसी प्रेम और स्वस्थ सेक्स संबंध कायम करना भी इसकी बुनियाद है। इनमें किसी कारणवश एक में भी सेक्स के प्रति अनिच्छा होना या बिस्तर पर अच्छा परफॉर्म न कर पाना- दोनों में मानसिक तनाव और वैमनस्य उपजाती है। तथाकथित सात जन्मों के रिश्ते में दरार और बिखराव की वजह बन जाती है।
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आज की भागमभाग आधुनिक जीवनशैली के चलते अमूमन हम सभी की जिंदगी में चाहे-अनचाहे स्ट्रेस लेवल काफी बढ़ गया है। यह स्ट्रेस व्यक्तिगत-सामाजिक, घर-बाहर, स्वास्थ्य या आर्थिक किसी भी स्तर पर हो सकता है। कपल्स में आपसी विश्वास की कमी, बढते मनमुटाव या बेवजह झगड़ांे के चलते रिलेशनशिप को खराब हो रहे हैं। जिसका असर उनके बैडरूम यानी सेक्स लाइफ पर भी पड़ रहा है, न चाहते हुए भी सेक्स ड्राइव कम हो रही है। लो लिबिडो, लो सेक्स पावर, लो सेक्स ड्राइव या स्टैमिना, स्तंभन दोष जैसी समस्याओं का सामना करते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है- आज के युग में सेक्स में रुचि कम रखने वालों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। लगभग 43 प्रतिशत महिलाओं और 31प्रतिशत पुरूषों में कामेच्छा खत्म होती जा रही है। आज इसे सुरक्षित नहीं माना जा सकता है।
वास्तव में सेक्स ड्राइव या कामेच्छा सेंट्रल नर्वस सिस्टम में उत्पन्न होती है। मस्तिष्क में हाइपोथैलेमस और एमिग्डाला से लेकर डोपामाइन और एसिटाइलकोलाइन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर तक, शरीर के कई हिस्से मिलकर सेक्स ड्राइव, यौन उत्तेजना और संभोग सुख पैदा करते हैं। कामेच्छा यौन क्रियाओं में संलग्न होने के लिए प्रेरित होने की भावना है। यह वह शक्ति है जो हमारी यौन रुचि उत्पन्न करती है, यौन उत्तेजित होने की हमारी क्षमता को नियंत्रित करती है और हमें यौन क्रियाओं में शामिल होने में सक्षम बनाती है। शरीर की अन्य प्रणालियाँ कामेच्छा को प्रभावित करती हैं। इसके साथ ही सेक्स ड्राइव के लिए एस्ट्रोजन (पुरुषों) और प्रोजेस्टेरोन (महिलाओं) हार्मोन का स्तर भी जिम्मेदार होते हैं। खासकर महिलाओं में होने वाले हार्मोन बदलाव के दौरान सेक्स ड्राइव कम हो जाती है।
सेक्स ड्राइव शारीरिक और मानसिक दोनों कारकों से प्रभावित होती है। ऐसे कई कारक हैं जो सेक्स ड्राइव पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं-

- तनाव
- हार्मोन परिवर्तन
- गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन
- शराब या मादक द्रव्यों का सेवन
- थकान
- रिश्ते की समस्याएं या आपसी रिश्ते मे दरार आना
- बीमारियों के निवारण के लिए दिवाइयों का अधिक सेवन
- बढ़ती उम्र
- सेक्स के प्रति मन में भ्रांतियां होना
- गुणवत्तापूर्ण नींद का अभाव
सेक्स क्षमता बढ़ाने के लिए कुछ प्रमुख आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां-

सेक्सुअल लाइफ को बेहतर बनाने के लिए हालांकि आजकल बाज़ार में तमाम तरह की दवाइयां उपलब्ध हैं लेकिन उनके साइड इफेक्ट भी कम नहीं हैं। इसे देखते हुए आयुर्वेद का सहारा लेने में ही समझदारी है। यौन इच्छा को बढ़ाने और यौन क्रिया को बढ़ाने के लिए आयुर्वेद में कई जड़ी-बूटियों का वर्णन किया गया है और जिनका उपयोग सदियों से होता आ रहा है। मेडिकल साइंस ने भी इनमें से कुछ जड़ी-बूटियों की उपयोगिता की पुष्टि की है। ये जड़ी-बूटियां जननांगों में रक्त-प्रवाह बढ़ाने, हार्मोन लेवल को संतुलित करने और स्ट्रेस को दूर करने का काम करती हैं।
यहां हम ऐसी ही कुछ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के बारे में के बारे में बताने जा रहे हैं। जो कामोत्तेजक हैं और स्त्री-पुरूष दोनों के यौन जीवन को बेहतर बनाने के लिए जानी जाती हैं। ये जड़ी-बूटियां पाउडर, पूरक और सूखे पाउडर के रूप में उपलब्ध है। अपनी पसंद के अनुसार चुन सकते हैं। लेकिन इन्हें आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह पर नियत मात्रा को गुनगुने पानी, दूध या चाय बनाकर लेना श्रेयस्कर है।

अश्वगंधा: भारतीय जिनसेंग नाम से जानी जाने वाली अश्वगंधा एक कामोत्तेजक औषधि मानी जाती है। तंत्रिका कार्य में सुधार करती है। इसके इस्तेमाल से पुरुषों में नाइट्रिक ऑक्साइड उत्पादन बढ़ता है और इससे रक्त वाहिकाएं जननांगों तेजी से एक्टिव हो जाती हैं। शीघ्रपतन, स्तंभन दोष, नपुंसकता और कम सेक्स ड्राइव को ठीक करने में मदद मिलती है। मस्तिष्क समारोह को बढ़ावा देने, तनाव से लड़ने, थकान कम करने और बेहतर नींद के लिए मददगार है जो सेक्स ड्राइव को प्रभावित करने वाले कारक हैं। नियमित सेवन से शरीर की उर्जा बढ़ती है, वीर्य बढ़ता है और सेक्स के दौरान जल्दी थकान महसूस नहीं होती। सेक्स में विमुख होने वाली महिलाओं के लिए भी अश्वगंधा का नियमित सेवन लाभकारी है। बॉयोमेड रिसर्च सेंटर के जर्नल के अनुसार लगातार आठ हफ़्ते तक अश्वगंधा का सेवन सेक्स ड्राइव को इम्प्रूव करता है और ऑर्गेज्म प्राप्त करने में भी मददगार है।
शतावरी: स्त्री-पुरूष दोनों में यौन कामेच्छा जगाने वाली जड़ी-बूटी है। पुरुषों में सेक्स पावर, स्पर्म काउंट बढ़ाने में मदद करती है । लंबे समय तक सेक्स पावर प्राप्त करने, सेक्स ड्राइव को बढ़ाने और स्तंभन दोष से छुटकारा पाने के लिए इस बूटी का प्रयोग किया जा सकता है। सेक्स के दौरान पुरुषों की स्ट्रेंथ बढ़ाने में भी मदद करती है। इससे टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ता है और साथ ही यौन इच्छा भी बूस्ट हो सकती है।
शतावरी हार्मोनल संतुलन और रक्त परिसंचरण को नियंत्रित करके महिला प्रजनन अंगों को पोषण देती है और इसलिए महिला प्रजनन क्षमता को बढ़ाती है। सेक्स संबंधी समस्याओं जैसे यौन अंगों में सूजन, बांझपन, शीघ्रपतन को दूर करने में सहायक है। एशियन पैसिफिक जर्नल ऑफ ट्रॉपिकल डिसीज़ के अनुसार शतावरी गर्भधारण करने में बहुत लाभकारी होती है। यानी कि सेक्स से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी समस्याओं का इलाज है शतावरी।
शिलाजीत: आयुर्वेद में शिलाजीत को पुरुषों की सेक्स पावर, स्टैमिना, एनर्जी और स्पर्म काउंट को बढ़ाने वाली बेहतरीन औषधि माना गया है। पुरुषों के सेक्स हार्मोन यानी टेस्टोस्टेरोन में वृद्धि होती है। सेक्स ड्राइव में कमी, स्तंभन दोष जैसी पुरुषों की सेक्सुअल समस्याएं दूर होती हैं। यह कमजोरी दूर करने, स्ट्रेस कम करने में सहायक है और नर्व सिस्टम को भी बेहतर कर सकती है। यह शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड के स्तर को बढ़ाती है, जिससे रक्त कोशिकाऐ खुलती हैं और पेनिस में रक्त का संचार अच्छी तरह से होता है। इससे यौन इच्छा भी बढ़ती है। एंड्रोलॉजिया नामक एक जर्नल द्वारा की गई एक स्टडी के अनुसार शिलाजीत पुरुषों के सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरोन को बढ़ाता है और स्पर्म काउंट सुधार करता है । अश्वगंधा के साथ इसका संयोजन आम तौर पर पुरुषों में बेहतर यौन कार्य के लिए सहायक है।
सफेद मूसली: आयुर्वेद में दिव्य औषधि माना गया है। पुरुषों की सेक्स समस्याओं के लिए एक शक्तिशाली कामोत्तेजक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है। इसे हर्बल वियाग्रा के नाम से भी जाना जाता है। सफेद मूसली का इस्तेमाल यूनानी, होम्योपैथी और आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में काफी पहले से होता रहा है। स्पर्मकाउंट, पुरुषों में टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन बढ़ाने में सहायक है। मूसली पुरुषों में सेक्स पावर बढ़ाने, कमजोरी, शारीरिक दुर्बलता, स्तंभन दोष, शीघ्रपतन, रात का उत्सर्जन आदि के उपचार में उपयोगी मानी जाती है।
कौंच के बीज: वेलवेट बीन भी कहते हैं। बीजों का इस्तेमाल सेक्स पॉवर बढ़ाने और नपुंसकता के इलाज में किया जाता है। जो लोग सेक्स करते समय बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस कर रहे हैं उनके लिए यह औषधि एक वरदान की तरह है।
गोक्षुरा: जिसे गोखरू भी कहते हैं। स्त्री-पुरूष दोनों के लिए कारगर तरीके से काम करती है। यौन हार्मोन बढ़ाने में स्त्री-पुरूष दोनों के लिए कारगर तरीके से काम करती है। स्पर्मकाउंट बढ़ाने में सहायक है। शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड का स्तर बढ़ाती है। इससे पुरुषों में स्तंभन दोष दूर होता है और यह लंबे समय तक रहता है। महिलाओं में शारीरिक शक्ति को मजबूत करने और रजोनिवृत्ति के लिए भी प्रभावी है। सेक्स ड्राइव बढ़ाने, संभोग के दौरान दर्द को भी कम करने और ऑर्गेज्म तक पहुंचने में मदद करता है। थकान और सुस्ती से लड़ने के लिए टॉनिक के रूप में उपयोग किया जाता है।
जिनसेंग: इसका उपयोग पारंपरिक चीनी चिकित्सा में ऊर्जा बढ़ाने और कामेच्छा बढ़ाने के लिए सदियों से किया जाता रहा है। यह पुरुषों और महिलाओं दोनों में यौन क्रिया में सुधार दिखाता है। यह नर्वस सिस्टम को सक्रिय कर के तनाव और अवसाद को कम करता है। जिनसेंग का मुख्य सक्रिय घटक जिनसेनोसाइड्स है जो रक्त प्रवाह को बढ़ाने में मदद करता है। स्तंभन क्रिया और शीघ्रपतन में सुधार करता है। एक अध्ययन के हिसाब से जिन रजोनिवृत्त महिलाओं ने जिनसेंग की खुराक ली, उन्होंने प्लेसीबो समूह की तुलना में यौन क्रिया में सुधार की सूचना दी।
कपिकच्चु: यह जड़ी-बूटी तनाव से निपटने के लिए बहुत अच्छी है और पुरुष कामेच्छा बढ़ाने वाले के रूप में कार्य करने के लिए जानी जाती है। यह कामोत्तेजक जड़ी-बूटी पुरूषों में स्पर्म काउंट बढ़ाने, संभोग अवधि में सुधारने और सेक्स ड्राइव को बढ़ाने के लिए अच्छी है।
बरतें यह सावधानी
हालांकि आयुर्वेदिक दवाएं कोई नुकसान नहीं पहुंचाती, फिर भी इनका सेवन करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहतर है-
- आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह के बिना किसी भी औषधि का सेवन न करें।
- औषधियों का जरूरत से ज्यादा सेवन न करें। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट द्वारा सुझाई गई मात्रा से अधिक न लें।
- यह मानकर चले कि आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां कोई जादू की छड़ी नहीं हैं। जिन्हें खाने के तुरंत बाद परिणाम हासिल हो जाएं। इनके नियमित सेवन कम से कम 6-7 सप्ताह तक सेवन करने से सेक्स संबंधी समस्याओं में सुधार हो सकता है।
(डॉ संजना शर्मा, आयुर्वेदिक चिकित्सक, संतुलन आयुर्वेदिक क्लीनिक, दिल्ली)
