An upset woman sitting in the foreground while a man looks on from the couch behind her.
Fear in Relationship Communication

Summary: दर्द, सलाह और रिश्ते

जब पार्टनर बिना समझे सलाह देता है, तो व्यक्ति खुद को अनसुना और भावनात्मक रूप से अकेला महसूस करने लगता है।

Partner’s Behavior: रिश्ते में पार्टनर के बीच प्यार के साथ एक-दूसरे के लिए समझ भी जरूरी है। लेकिन कई बार रिश्ते में एक साथी या दोनों को अपने पार्टनर की तरफ से अनसुना महसूस होता है। पार्टनर महसूस करते हैं कि उनके साथी उनके डर को समझने या सुनने की बजाय समाधान बताकर टालना चाहता है। उन्हें लगता है कि उनके पार्टनर उनके भावनाओं के बारे में बात नहीं करते। उनके दुखी होने पर यह पूछने या समझने की बजाए कि वह दुखी क्यों है वह समाधान या सलाह देते हैं। ऐसे में सामने वाला पार्टनर खुद के भावनाओं की अनदेखी महसूस करता है। आईए जानते हैं इस लेख में ऐसे में आपको क्या करना चाहिए।

जब भी इंसान भावनात्मक रूप से दुखी या परेशान होता है या अकेलापन महसूस करता है, उस समय वह चाहता है उसे सुना जाए, समझा जाए। उसके भावनाओं को ड्रामा या अधिक सोचना कहकर टाला ना जाए। बल्कि उसे भावनात्मक सहारा दिया जाए। ऐसी स्थिति में जब पार्टनर आपको सुनने, समझने या भावनात्मक सहारा देने की बजाय आपको सलाह देते हैं या फिर तुम हर बात पर ज्यादा सोच कर अपनी परेशानी या तनाव को बढ़ती हो या कहें यह इतनी बड़ी बात नहीं जिसके बारे में तुम इतना सोच रही हो। पार्टनर्स से अपने लिए इस तरह के वाक्य सुन कर आप अपने भावनाओं को गलत तथा अमान्य समझने लगती हैं और उसे दबाने की कोशिश करती है जिससे आपका दर्द बढ़ता है।

A worried woman covers her mouth in anxiety as a man sits blurred behind her, suggesting relationship tension.
Fear in Relationship Communication

अगर आपका पार्टनर आपको हर बार सलाह देने की जल्दबाजी दिखता है तो इसका यह अर्थ बिल्कुल नहीं कि वह आपकी भावनाओं की अनदेखी कर रहा है या उसकी मनसा आपको दुखी करना हो। बल्कि उसके सलाह देने के पीछे निम्नलिखित कारण हो सकते हैं।

भावनात्मक अंतर: आपके साथी द्वारा आपकी भावनाओं को ना समझने का एक मुख्य कारण आप दोनों के भावनाओं का अंतर हो सकता है। हो सकता है, आपकी तुलना में आपका साथी भावनात्मक रूप से कम उत्तेजित हो और आपकी भावनाओं को उस गहराई से ना महसूस कर पा रहा हो जितना आप करती हैं।

समस्या सुलझाने की आदत: हो सकता है आपके पार्टनर में भावनाओं को समझने से ज्यादा समस्या सुलझाने की आदत हो जिस कारण वह आपको सलाह देता हो।

आपकी भावनाओं से असहज होना: अगर आपका पार्टनर आपके मुकाबले कम भावनात्मक है तो वह आपकी भावनाओं और दर्द से असहज होकर आपको सलाह देता है। उसकी नजर में वह आपको सलाह देकर आपकी मदद करता है।

अपनी जरूरत साफ शब्दों में कहें: अगर आपका साथी आपके दर्द और भावनाओं को नहीं समझता और हर बार सलाह देकर आपको शांत करने की कोशिश करता है तो ऐसी दशा में आप संकेत की बजाय साफ शब्दों में अपने साथी से कहें “मुझे सलाह या समाधान नहीं चाहिए, बल्कि मैं चाहती हूं तुम मुझे सुनो”।

अपने भावनाओं पर बात करें: अपने भावनाओं पर बात करना आपकी कमजोरी नहीं बल्कि आपकी समझदारी है। आप अपने साथी से कह सकती हैं “जब तुम मुझे तुरंत सलाह देते हो तो यह मेरे दुख को कम करने की बजाय बढ़ता है। मैं पहले से अधिक दुख महसूस करती हूं। मैं खुद को अनसुना महसूस करती हूं”।

समस्या पहचाने: आपके रिश्ते में समस्या सलाह देना है या कम्युनिकेशन गैप का होना इसे समझ कर अपने रिश्ते में संवाद को बेहतर करें।

अपने आप को समझे: आपका दर्द, आपकी भावनाएं गलत नहीं, यह आपको समझना जरूरी है। साथ ही यह भी कि आप मेडिटेशन, योग और खुद का ख्याल रखकर अपनी ओवरथिंकिंग और तनाव को संभाल सकती हैं।

निशा निक ने एमए हिंदी किया है और वह हिंदी क्रिएटिव राइटिंग व कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। वह कहानियों, कविताओं और लेखों के माध्यम से विचारों और भावनाओं को अभिव्यक्त करती हैं। साथ ही,पेरेंटिंग, प्रेगनेंसी और महिलाओं से जुड़े मुद्दों...