Phubbing Effects Relationships: डिजिटल युग ने शॉपिंग, चैटिंग, सर्चिंग और बैंकिंग जैसे कई जटिल कार्यों को बेहद आसान बना दिया है। आपके एक क्लिक करते ही मिनटों में आपके सारे काम पूरे हो जाते हैं। यही वजह है कि स्मार्टफोन अब लोगों के डेली रुटीन का हिस्सा बन गया है। स्मार्टफोन के चलते लोगों को अपनी बात शेयर करने और मनोरंजन के लिए किसी दोस्त और परिवार की आवश्यकता भी महसूस नहीं होती। डिजिटल युग का प्रभाव हमारे रिश्तों पर भारी पड़ रहा है, जिससे बच पाना बेहद मुश्किल है। डिजिटल वर्ल्ड में आजकल एक शब्द काफी लोकप्रिय हो रहा है, वो है फबिंग। फबिंग क्या है और ये रिश्तों को कैसे प्रभावित कर रहा है चलिए जानते हैं इसके बारे में।
Also read: लव लाइफ में मिठास लाने के लिए उठाएं ये 5 स्टेप्स, रिश्तों में आएगी नई जान: Happy Relationship Tips
क्या है फबिंग

फबिंग का मतलब है, किसी व्यक्ति या कार्यक्रम को नजरअंदाज करते हुए अपने फोन पर ध्यान केंद्रित करना। आपने कई बार देखा होगा कि लोग अक्सर बात करते समय अपना फोन चेक करते हैं या अपने फोन में इतने मशगूल हो जाते हैं कि सामने बैठे अपने दोस्त और परिवारजनों को भी महत्व नहीं देते। लोगों को नजरअंदाज करके फोन में लगे रहने की लत को ही फबिंग कहा जाता है। फबिंग इनदिनों रिलेशनशिप को कमजोर बनाने और दरार पैदा करने का मुख्य कारण बन गया है। फबिंग की लत रिश्तों में दूरियों की वजह बन रही है।
फबिंग रिश्तों को कैसे करती है प्रभावित
किसी भी रिश्ते को बनाए रखने के लिए संवाद यानी कम्यूनिकेशन का अहम रोल होता है। यदि आपके पार्टनर का ध्यान बात करते समय फोन पर लगा रहता है तो इससे साफ जाहिर होता है कि उसे आपकी बातों में कोई इंट्रेस्ट नहीं है। वह पूरी तरह से फबिंग का शिकार हो गया है। इससे बातचीत करने में बाधा उत्पन्न होती है और रिश्ते में भावनात्मक दूरियां आने लगती हैं। हमेशा फोन पर लगे रहने से शक की स्थिति भी पैदा हो सकती है। पार्टनर द्वारा फबिंग करने से आप इग्नोर, अनइंपोर्टेंट और रिजेक्टेड फील कर सकते हैं, जिसका प्रभाव आपके रिश्ते पर पड़ सकता है।
फबिंग की लत से कैसे उभरें

– किसी से बात करते समय अपना ध्यान सिर्फ उसकी बातों में लगाएं। हो सके तो कुछ देर के लिए अपना फोन बंद कर दें।
– माना कि फोन एक यूजफुल डिवाइस है लेकिन ये किसी भी रिश्ते की जगह नहीं ले सकता, इसलिए फोन की बजाय अपने पार्टनर के साथ अधिक समय बिताएं।
– दूसरों के सामने एक एक्टिव लिस्नर बनें। दूसरों की बातों में इंट्रेस्ट दिखाएं, इससे रिश्ते में मजबूती आती है।
– फोन का यूज कितना और कब करना है इसके लिए एक लिमिट तय करें।
– पार्टनर और रिश्तेदारों के साथ फन एक्टिविटी करें ताकि आपका ध्यान मोबाइल से हट सके।
– किसी भी समारोह में जाकर अपना फोन बार-बार चेक न करें। इससे सामने वाला व्यक्ति खुद को अनइंपोर्टेंट समझ सकता है।
– स्मार्टफोन में वीडियो या रील देखने के बजाय बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं। इससे बच्चों के मन में आपके प्रति नकारात्मक भावनाएं नहीं पनपेंगी।
