यह बात सच है कि पुरुष कई बातें अपने पार्टनर से शेयर करने से कतराते हैं। दरअसल, उन्हें लगता है कि अगर वह बोलेंगे, तो उनका पार्टनर नाराज हो जाएगा। इस बारे में मनोचिकित्सक प्रांजलि मल्होत्रा कहती हैं कि पुरुषों में स्त्रियों की अपेक्षा कम बोलने की आदत होती है। वे व्यर्थ की बहस से बचना चाहते हैं। यही वजह है कि वे रिश्तों को ज्यादा संजीदगी से निभा पाते हैं। न बताना कहीं न कहीं पुरुषों के स्वभाव का हिस्सा भी होता है। इस पहलू का एक पक्ष और भी है कि पुरुष काफी हद तक कमिटमेंट करने से बचना चाहते हैं। चलिए जानते हैं आखिर वह कौन-सी बातें हैं, जो पति पत्नी से नहीं कह पाते –

खाने में स्वाद नहीं है

जी हां, कोई भी पति अपनी पत्नी को यह कहने से डरते हैं कि आज खाना अच्छा नहीं बना है। दरअसल, उन्हें लगता है कि वह अपने पार्टनर को यह कहेंगे तो उनका पार्टनर उनसे खफा हो जाएगा और फिर बेकार में लड़ाई होगी। यही नहीं, यह भी हो सकता है कि वह अगली बार खाना बनाने से मना ही कर दे। 

झूठी तारीफ करना

शादी या पार्टी में जाने के लिए जब वाइफ तैयार होकर आती हैं तो 90 पर्संेट पुरुष झूठ ही बोलते हैं। तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो या यह ड्रेस पर तुम पर बहुत फबती है, वगैरह-वगैरह। दरअसल, महिलाएं कभी भी अपनी ड्रेस या मेकअप को लेकर नेगेटिव कॉमेंट नहीं सुनना चाहती हैं। इसी कारण पुरुष भी उनसे सच नहीं बोल पाते हैं। 

दूसरी महिला की तारीफ

अकसर देखने और सुनने को मिलता है कि पति को अगर दूसरी लड़की की ड्रेस या स्टाइल पसंद आती है और वह उसकी तारीफ कर देते हैं, तो वाइफ का मुंह बनना लाजमी है। यही वजह है कि पति दूसरी महिला की तारीफ करने से पहले दस बार सेाचते हैं और अगर दूसरी लड़की अच्छी लग भी रही होती है तो पत्नी के सामने तारीफ करने से कतराते हैं।

तुम मोटी हो गई हो

कोई भी पत्नी नहीं चाहती है कि उसका पति उसे मोटी कहे। इसलिए यह सब बातें अपनी वाइफ को बोलने से हसबैंड डरते हैं। दरअसल, उन्हें लगता है कि अगर सच बोल दिया तो उनकी वाइफ उन्हें ही इसका 

जिम्मेदार कहेंगी।

‘आई लव यू’ सुनने की इच्छा

पति हमेशा अपनी शादी के शुरुआती दिनों में पत्नी से मिलने वाले प्यार और साथ को याद करते हैं। वो अकसर अपनी पत्नी से ‘आई लव यू’ सुनने की इच्छा रखते हैं, लेकिन वो अपनी पत्नी को यह बताने से कतराते हैं।

खुद को नजरअंदाज महसूस करना

बच्चे होने के बाद पत्नियों का ध्यान पति से ज्यादा बच्चों की देख-रेख में लग जाता है। जिस कारण पति खुद को नजरअंदाज महसूस करते हैं। वो चाहते हैं कि उनकी पत्नी पहले की तरह थोड़ा समय उनको भी दें, उनके साथ अपनी फीलिंग्स को शेयर करें, लेकिन वो अपनी पत्नी को खुद से बोल नहीं पाते हैं।

कॉप्लिमेंट करें

जिस तरह से हर पत्नी अपने पति से तारीफ सुनना चाहती है, ठीक उसी तरह पतियों को भी यह चाहत होती है कि उनकी पत्नी उनको कॉप्लिमेंट करें, पर ऐसा नहीं होता है। फर्क सिर्फ इतना है कि पत्नियों की तरह पति सामने से यह बात बोलते नहीं हैं।

पत्नी की तरफ से भी हो शुरुआत 

जब बात प्यार और रोमांस की होती है तो ज्यादातर पतियों की तरफ से ही शुरुआत होती है, लेकिन हर पति दिल ही दिल में यह चाहते हैं कि उनकी पत्नी की तरफ से भी शुरुआत हो पर वो चाहकर भी अपनी पत्नियों से बोलते नहीं हैं।

सास बहू के झगड़े से दूरी भली

परिवार में सास बहू के बीच किसी ना किसी बात पर अनबन होती रहती है। ऐसे में पति इस चीज से बिल्कुल दूर ही रहना चाहते हैं, क्योंकि दोनों ही उनके लिए एक समान होते हैं। इसलिए पति अपनी पत्नियों से चाहते हैं कि वो उनको इस चीज का हिस्सा ना बनाएं और इससे दूर ही रखें। 

यह भी पढ़ें –हर महिला के लिए आवश्यक है स्क्रीनिंग टेस्ट