Summary: अच्छा इंसान बनाम अच्छा पार्टनर
अच्छा इंसान होना रिश्ते की शुरुआत हो सकता है, लेकिन अच्छा पार्टनर बनने के लिए भावनात्मक समझ और संवाद ज़रूरी है।
Good Person vs Good Partner: अक्सर देखा जाता है समाज की नजर में एक अच्छा इंसान, अच्छा पार्टनर समझा जाता है। समाज में अच्छे इंसान और अच्छे पार्टनर के बीच के फर्क को अनदेखा कर दिया जाता है। ऐसे में अगर साथी रिश्ते में अपनी असंतुष्टि दिखता है या फिर रिश्ता टूटता है तो सब का एक ही सवाल होता है, इतने अच्छे इंसान के साथ नहीं निभा पाया तो जरूर इसमें ही कमी होगी। पर क्या सच में ऐसा है? क्या अच्छा इंसान होने का अर्थ हमेशा अच्छे पार्टनर से लगाया जा सकता है। आईए जानते हैं इस लेख में।
अच्छा इंसान और अच्छे पार्टनर में मामूली अंतर
एक अच्छा इंसान ईमानदार होता है। वह अपने सम्मान के साथ अपने पार्टनर के सम्मान का भी ख्याल रखना है। अपने घर, परिवार, बच्चे सभी की जिम्मेदारियां को बखूबी निभाता हैं। अपने पार्टनर के काम का सम्मान करता है तथा काम में उसकी मदद भी करता है। यह सभी गुण एक ऐसे पार्टनर के हैं जो बहुत अच्छा इंसान है। लेकिन फिर भी एक अच्छा पार्टनर नहीं है।
एक अच्छा पार्टनर होने के लिए एक अच्छे इंसान के सभी गुणों के साथ अपने साथी के भावनात्मक जरूरतो को समझना भी शामिल है। अपने पार्टनर को आर्थिक सुरक्षा के साथ मानसिक सुरक्षा देना। अपने प्यार को व्यवहार और शब्दों में जताना भी शामिल है। अगर एक अच्छे इंसान में यह सभी गुण मौजूद हैं तो वह अच्छे इंसान के साथ एक अच्छा पार्टनर भी है।

अच्छा इंसान होने पर भी रिश्ता खराब होना
जैसा कि हमने ऊपर अच्छा इंसान और अच्छे पार्टनर के बीच अंतर समझ। इन्हीं अंतर में रिश्ता खराब होने का कारण भी छिपा है। आइए जानते हैं।
अगर एक व्यक्ति जो की बहुत अच्छा इंसान है, लेकिन भावनात्मक रूप से जागरूक नहीं है तो वह रिश्ते में अपने साथी से अपने जज्बात व्यक्त नहीं कर पाता और साथी इस चुपी को दूरी समझ लेता है।
अगर एक अच्छा व्यक्ति अपने पार्टनर से कभी तर्क नहीं करता। सब सवाल नहीं करता। साथी की बातों पर मान दिखाने की बजाय सीधा जवाब देता है तो वहां ऊपरी रूप से रिश्ते में झगड़ा नहीं होता। पर असल में रिश्ते में संवाद कम होता है। रिश्ते में प्यार भरे शब्दों की मौजूदगी खत्म हो जाती है और धीरे-धीरे रिश्ते में बातचीत मात्र औपचारिक रह जाता है।
अगर एक अच्छा व्यक्ति अपने साथी से प्यार नहीं जताता, उसकी तारीफ नहीं करता या फिर अपने साथी के भावनाओं की अनदेखी करता है तो नतीजतन उसका पार्टनर समझ बैठता है कि उसे उसकी फिक्र नहीं है। प्यार नहीं है और धीरे-धीरे रिश्ते में भावनात्मक दूरी बढ़ती है।
एक अच्छा इंसान अच्छा पार्टनर बन सकता है
एक व्यक्ति बहुत अच्छा इंसान है और वह खुद को भावनात्मक रूप से जागरूक करने के लिए तैयार है तो वह एक अच्छा साथ ही बन सकता है।
पहला कदम, पार्टनर अपने भावनात्मक कमियों को अपने साथी से कहे। उसे स्वीकार करें। अपने साथी से कहे मेरी मदद करो। मैं खुद में बदलाव लाना चाहता हूं, ताकि हमारा रिश्ता पहले से बेहतर बन सके।
अगर आपका पार्टनर आपसे कोई बात कह रहा है तो उसे सुनकर इग्नोर करने की बजाय बात करें। परेशानी होने पर समाधान करें। शिकायत होने पर कारण समझे। अपने साथी के शारीरिक जरूरतो के साथ मानसिक जरूरत को भी समझे। यह छोटे-छोटे बदलाव हैं जिन्हें अपने अंदर लाकर एक अच्छा इंसान, अच्छा पार्टनर बन सकता है।
