प्यार करने और सेक्स में बड़ा अंतर होता है। इसे समझना मुश्किल नहीं है कि लोग इन दोनों के बीच मूल अंतर को क्यों नहीं समझते हैं। आपको यह अंतर महसूस करने का अनुभव होना चाहिए। यदि कोई प्यार करने की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है तो उससे सभी भावनाएं, रोमांस और मनोभाव खास अनुभव के साथ जुड़े होंगे। वहीं दूसरी तरफ, एक ऐसे कपल के बीच सेक्स बगैर रोमांस, फीलिंग्स या इमोशंस के सिर्फ सेक्स तक ही सीमित होगा, जो प्रतिबद्ध रूप से रिलेशनशिप में नहीं हो। एक रात या कुछ मुलाकातों से संबंधित सेक्स सिर्फ शारीरिक आनंद दे सकता है, लेकिन प्यार करना जीवनभर के लिए आनंददायक अनुभव है और ज्यादातर महिलाएं इससे बड़ा बदलाव महसूस कर सकती हैं। प्यार अपने साथी के समक्ष गैर-मौखिक रूप से अपनी भावनाओं का इजहार करने की प्रक्रिया है। व्याख्या के लिए, इसे निम्नलिखित रूप से श्रेणीबद्ध किया गया है।

सेक्स की ऊंचाई

सेक्स की ऊंचाई, सामान्य तौर पर उत्तेजित होने की भावना पर केंद्र्रित होती है। इसे दोनों पार्टनर्स के बीच सिर्फ शारीरिक अंतरंगता के जरिये व्यक्त किया जाता है और इसकी गहराई का आकलन उत्तेजना की इच्छा और शक्ति द्वारा किया जाता है।

प्यार करने की सीमा

प्यार करने की हद से कपल को एक-दूसरे के दिल में पहुंचने के लिए अपने दिमाग, शरीर और आत्मा का पूरा इस्तेमाल करने में मदद मिलती है। प्यार करना हमें अपनी शारीरिक संबंधी सीमाओं से परे जाने और एक-दूसरे के साथ समझदारी के साथ एकजुट होने का अवसर देता है। सेक्स दो शरीर के बीच अंतरंग संबंध है और प्यार व्यक्ति के शारीरिक, भावनात्मक और मानसिक रूप से जुड़े होने की प्रक्रिया है।

प्यार और सेक्स के बीच अंतर

लक्ष्य अलग है सेक्स का मुख्य लक्ष्य संभोग सुख हासिल करना या संतुष्टि की भावना पाना है। वहीं प्यार करने के दौरान चरमोत्कर्ष जरूरी होता है, लेकिन मुख्य लक्ष्य अपने पार्टनर के साथ भावनात्मक रूप से जुडऩा होता है। प्यार करना एक ऐसी क्रिया है, जिसमें आप अपने पार्टनर के दिमाग, शरीर और दिल को समझकर आनंद उठाते हैं।

अभिव्यक्ति अलग है

सेक्स के दौरान, लोग यौन इच्छाओं को जागृत करने के लिए कुछ गंदे/सेक्स वार्तालाप पर जोर देते हैं। सेक्स के दौरान ऐसे वार्तालाप से मजबूत संभोग सुख में मदद मिल सकती है। वहीं प्यार करते वक्त, बातचीत अलग तरह की हो सकती है। इसमें आप अपने पार्टनर के साथ या तो गंदी बातों का सहारा ले सकते हैं या उनके साथ प्यार, भावनात्मक या रोमांटिक बातचीत कर सकते हैं। 

रोमांच अलग है

सेक्स के दौरान, भले ही आप कभी-कभी आनंददायक और रोमांचक चीजों की कोशिश करते हैं, लेकिन आप महसूस की गई भावना की तुलना में ज्यादा नहीं सोच पाते। जबकि प्यार में, स्थिति अलग हो सकती है। प्यार करने वाले जोड़े अक्सर भावनात्मक रूप से इतने नाजुक होते हैं कि उनकी आंखों से आंसू बह सकते हैं। 

खास जिम्मेदारियां

सेक्स के दौरान, लोग संभोग सुख पाने के लिए स्वयं को विभिन्न वार्तालाप और अन्य गतिविधियों से जोडऩा पसंद करते हैं। वहीं प्यार करते वक्त खुद से प्यार करना जरूरी है। यदि आप चाहते हैं कि आपका प्यार सफल हो और आपके पार्टनर पर भावनात्मक प्रभाव डाला जाए तो आपको पूरी तरह से स्वयं को तैयार रखना चाहिए और इसमें किसी अन्य के लिए कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए।

मानसिक उपस्थिति

सेक्स के दौरान लोग अपनी मानसिक उपस्थिति के बारे में कम उत्सुक रहते हैं। वे अपने पार्टनर के साथ सिर्फ शारीरिक रूप से मौजूद होते हैं। जबकि प्यार करते वक्त अपने पार्टनर के साथ पूरे तन-मन से उपस्थित रहने की जरूरत होती है। ऐसे मौके पर आपको वहां अपने पार्टनर की भावनाओं को समझना होगा, नहीं तो आप उनकी भावनाओं को अविश्वसनीय रूप से नुकसान पहुंचा सकते हैं। 

सेक्स और प्यार का महत्व

सेक्स संबंध में आपके लिए आत्मविश्वास, सुरक्षा और संतुष्ट महसूस करना महत्वपूर्ण होता है। प्यार करना वाकई बेहद शानदार और अनोखा अनुभव हो सकता है। सेक्स करने का अपना महत्व है। सेक्स के संदर्भ में, आप और आपके पार्टनर की इच्छा और सहमति हो, तो ऐसा करना गलत नहीं है। चाहे आप प्यार कर रहे हों या सेक्स, आपकी यौन स्वायत्तता और आनंद आपका अपना है।