विवाह विशेषांक

सच है कि भले ही विवाह को लेकर  कितनी ही बातें क्यों ना हों, लेकिन वास्तव में जीवन की शुरुआत यहीं से होती है। एक बहुत पुरानी कहावत है, जिसमें कहा गया है कि शादी ऐसे लड्डू की तरह है, जिसे खाने वाला भी पछताता है और न खाने वाला भी। जब पछताना ही है, तो फिर क्यों न इस लड्डू को खाकर ही पछताया जाए। विवाह ऐसी दवाई की तरह है, जो आपके जीवन के अकेलेपन को दूर करने के लिए ऐसा जीवनसाथी देता है, जो आपकी जिंदगी में खुशियों के रंग भरने के साथ-साथ जीवन के खट्टे-मीठे स्वाद से भी रूबरू करवाती है। लेकिन यह भी सच है कि जैसे हर दवाई के साईड इफेक्ट होते हैं, उसी तरह से विवाह के भी कुछ ऐसे साइड इफेक्ट हैं, जो आपके जीवन में ढेर सारे बदलाव लाते हैं।

अपना समय भूल जाओ
विवाह एक दूसरे के साथ अपनी भावनाओं और प्यार को शेयर करना है। जब आप किसी के साथ  विवाह के बंधन में बंधते हैं, तो फिर आप उसके साथ अपने सुख-दुख बांटते हैं। यह कतई जरूरी नहीं है कि यह जिम्मेदारी सिर्फ पत्नी की ही हो। पति-पत्नी दोनों की इस भागीदारी को निभाते हैं। एक दूसरे के पूरक बनकर जीवन में आगे बढ़ते हैं। लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि जब मन करता है कि कुछ देर अकेले बैठकर अपने साथ बातें की जाएं या फिर अपने मन का काम किया जाए, लेकिन एक बार विवाह होने के बाद आपके पास अपने लिए समय नहीं बचता है। जैसे ही आप अपने बारे में सोचने लगते हैं, ठीक उसी समय आपको आवाज आ जाती है डार्लिग मेरा रूमाल नहीं मिल रहा है या फिर सुनो आज मुझे शॉपिंग करनी है, प्लीज चलो ना मेरे साथ। अगर आप विवाह करने जा रहे हैं, तो फिर अपने को मानसिक रूप से इस बात के लिए तैयार कर लें कि अब आपके हर मिनट पर किसी और का हक है आपके पास अपने लिए बिल्कुल भी समय नहीं है। छरहरी काया बीते जमाने की बात  विवाह के बाद आपकी 26 इंच की कमर को 36 की होते देर नहीं लगने लगती। कहने का मतलब है कि एक बार विवाह हो जाने के बाद पति-पत्नी दोनों ही अपने फिगर को लेकर ज्यादा कांशस नहीं रह पाते। होटल में और फैमिली गेदरिंग में लज्जतदार खाना खाते-खाते कब आप फिगर मेंटेन करने की बात भूल जाती हैं, पता ही नहीं चलता है। शादी के बाद केवल बीवी ही नहीं मोटी होती है पति देव भी पत्नी के हाथ की मजेदार चीजें खाते-खाते स्लिम से गोल-मोल होने लगते हैं। शादी कर रहे हैं, तो फिर मोटापे के लिए तैयार हो जाएं क्योंकि ना-ना करते भी आपकी छरहरी काया गुम हो जायेगी और जब कभी आपके हाथ में कॉलेज के जमाने की कोई फोटो आ गई, तो मन में टीस उठेगी कभी हम ऐसे भी थे।

काम-काम और काम
विवाह से पहले आपने भले ही एक गिलास पानी ना पिया हो कॉलेज से या ऑफिस से आने के बाद मां आपका खाना आपके कमरे में ही पहुंचा देती थीं, लेकिन विवाह के बाद ऐसा सुख मिलना सपने की तरह है। ससुराल में यदि आपको एक कप चाय भी पीनी है, तो खुद ही बनानी पड़ेगी खाना बनाने से लेकर सब्जी की खरीदारी और गृहस्थी की जिम्मदारी आपको खुद ही निभानी है शायद ही घर के कामों में आपको अपने पति का सहयोग मिल पाएगा।

सपनों में मेड
पहले आपको अपने सपनों में राजकुमार नजर आता था, जहां आप खूबसूरत वादियों में उसके साथ हाथों में हाथ डाले घूम रही हैं या फिर आपने कॉलेज में टॉप किया है, नौकरी में प्रमोशन मिल गया है, लेकिन विवाह होने के बाद ये सारी बातें आपके सपनों की हद से निकल जाती है। शादी के बाद आपकी मेड नहीं आई है, यह बात ज्यादा सताएगी आपके ऑफिस में जरूरी मीटिंग है, लेकिन उसने बिन बताए छुट्टी ले ली है। घर और ऑफिस के कामों को कैसे करूं, जैसे डरावने सपने आने लगते हैं, जो आपकी रातों की नींद उड़ा देते हैं।

मम्मी की सुनें या बीवी की
शादी के बाद पति की हालत धोबी के ऐसे गधे की तरह हो जाती है, जो ना घर का रहता है ना घाट का। मां की सुने, तो बीवी से लड़ाई मोल ले और बीवी की बात मानें, तो बीवी का गुलाम कहलाए। संकट भरी स्थिति होती है। सच कहें, तो उसकी हालत ऐसे रेफरी की तरह हो जाती है, जिसका बहुत समय अपनी मां और बीवी के झगड़े को सुलझाने में ही निकल जाता है। समय-समय पर उसे तुम तो अपनी मां के कहे में ही रहते हो, ऐसा ही करना था, तो मुझसे शादी क्यों की या फिर अरे बेटा, तुम तो शादी के बाद बहुत बदल गये हो। अब अपनी बीवी के अलावा तुम्हें कुछ नजर ही नहीं आता। मां का सारा किया भूल गये, जैसे ताने आए  दिन सुनने का सौभाग्य भी मिल जाता है।

मुफ्त का ड्राइवर
शादी से पहले देर तक सोने की आदत थी। छुट्टी के दिन तो नहाने धोने की भी छुट्टी हो जाती थी दिनभर सोना और मम्मी के हाथ के लजीज पकवान खाना। लेकिन जनाब विवाह होने के बाद यह आरामतलबी नहीं चलेगी। छुट्टी के दिन तो आपका शेड्यूल और टाइट हो जायेगा। अरे भई, उस दिन तो आपको पूरे दिन अपनी बीवी का मुफ्त का ड्राइवर बनकर शॉपिग करने में उसकी मदद करनी है। उसे बढिय़ा डिनर करवाना है या फिर उसकी किसी सहेली के घर उसे छोडऩा और वहां से लाना है। अगर आपने ऐसा नहीं किया, तो फिर पूरे हफ्ते ताने सुनने को तैयार रहें। भले ही शादी के कितने ही साइड इफेक्ट क्यों ना हों, शादी के बाद आपका जीवन जिम्मेदारियों से भर जाता है। लेकिन सच तो यह भी है कि विवाह के बाद ही आपका जीवन पूरा होता है। आपको प्यार करने वाला जीवनसाथी मिलता है, जो हर मुश्किल में आपका साथ निभाता है। तो फिर लोगों की सुनी-सुनायी बातों में आने की बजाय मजे से विवाह के बंधन में बंधें और शादी के साइड इफेक्ट्स को इंज्वॉय करें। यकीन मानिए जिंदगी लय में आकर आपकी झोली खुशियों से भर देगी। लेक्चर ही लेक्चर शादी होने के बाद हर मामले में नया लेक्चर सुनने को तैयार हो जाओ। जैसे विवाह से पहले गीला तौलिया बेड पर फेंक कर निकल लेते थे, लेकिन शादी हो गई तो फिर ऐसा करके देखो, कितना लेक्चर सुनने को मिलता है। सारा दिन घर साफ करती रहती हूं, लेकिन मजाल है, जो रह पाए जहां देखो सामान बिखेरे रहते हो, कभी तो साफ-सफाई का ध्यान रखा करो। बच्चे भी तुमसे यही सीखेंगे। लेक्चर से बचना है, तो फिर शादी से पहले मम्मी से साफ –सफाई की कुछ क्लासेज ले लो। अपना सामान सही जगह रखना सीख लो नहीं, तो ऑफिस जाने से पहले बातें सुनने की आदत डाल लो।