fifty shades freed novel in Hindi
fifty shades freed novel in Hindi

fifty shades freed novel in Hindi: जब मैं अगली सुबह अलार्म से पहले उठी तो देखा कि क्रिस्टियन मुझसे किसी लता की तरह लिपटा था। उसका सिर मेरी छाती पर था, बाजुओं ने कमर घेरी हुई थी और टांगें टांगों में लिपटी थीं। वह मेरे साथ वाले पलंग पर था। हमेशा ऐसा ही होता था। हम एक रात पहले बहस करते और अगली सुबह वह मुझे अपने साथ लिपटा हुआ दिखाई देता। कितना हॉट!

किसने सोचा था कि इस इंसान को भी किसी की जरूरत हो सकती है। मैंने उसके बाल सहलाए और उसने अधनींदी आंखों से मुझे देखा।

“हाय।”

“हाय”

उसने मेरी छातियों पर अपनी नाक सहलाई और बोला

“कैसा नशा भरा है तुम्हारे भीतर! ”

“पर मुझे तो उठना ही होगा”

मैं वहीं लेट कर नज़ारा देखने लगी। वह नहाने जाने की तैयारी में है। उसने अपने कपड़े उतारकर मुझ पर दे मारे।

“अच्छा जी! तो नजारा लिया जा रहा है?”

“जी हां! अच्छा शो है।”

उसे भी मस्ती सूझी और सब भूल कर मेरे पास आ गया। फिर वह पूरे बदन पर मीठे चुंबनों की बरसात करता चला गया। कैसा अभूतपूर्व आनंद था। मैं तो पूरी तरह से रस से सराबोर हो गई।

“मिसेज ग्रे! शुभ प्रभात!” बाहर निकली तो मिसेज जोंस मिल गईं। मुझे कल रात वाली घटना याद आ गई।

उन्होंने मुझे चाय दी। मेरा पति अपनी सफेद कमीज और मेरी प्यारी टाई में तैयार था।
वह भीगे बालों में और भी खूबसूरत दिखता है।

“मिसेज ग्रे! आप कैसी हैं?”

“मुझे लगा कि आप जानते हैं।”

“जी हां! मैं जानता हूं। पहले आप कुछ खाएं। आपने कल भी कुछ नहीं खाया था।”

ओह बॉसी फिफ्टी!!

क्योंकि आप दिमाग खा रहे थे।

अचानक ही रसोई में कुछ गिरने की आहट हुई तो मैं चौंक गई।

क्रिस्टियन ने परवाह नहीं की। “चाहे जो भी हो। तुम्हें खाने पर ध्यान देना चाहिए।”

“अच्छा!” मैंने चम्मच उठाया और नाश्ता करने लगी। मैंने अपने सीरियल पर थोड़ा दही व स्ट्राबेरी डाल दीं। मिसेज जोंस ने मेरे हनीमून के दिनों में मुझे यह नाश्ता दिया था। मुझे बेहद पसंद आया।

“मुझे अगले सप्ताह न्यूयार्क जाना होगा।” वह बोला।

“ओह”

“मतलब एक रात का काम है। मैं चाहता हूं कि तुम भी साथ चलो।”

“क्रिस्टियन! मुझे तो टाइम नहीं मिलेगा”

उसने मुझे बॉस की निगाहों से देखा

“मुझे पता है कि तुम कंपनी के मालिक हो पर ये भी तो देखा कि हम पिछले तीन सप्ताह से बाहर थे और मेरा कितना काम इकट्ठा हो गया है। तुम टेलर को ले जाओ। स्वेयर और रेयॉन हमारे पास रहेंगे… क्या हुआ, हंस क्यों रहे हो?”

“कुछ नहीं! बस तुम्हें देख रहा था।”

“क्या वह मेरा मजाक उड़ा रहा है?”

“क्या तुम कंपनी के जेट से जा रहे हो?”

“क्यों पूछा?”

“बस यही जानना चाहती थी क्या तुम चार्ली टैंगो में जाओगे।” मेरी आवाज कांप रही थी। पिछली यादें ताजा हो गईं। मिसेज जोंस भी वहीं थम गई थीं। मैंने बात बदलनी चाही।

“नहीं। वह तो अभी सही नहीं हुआ। मैं दूसरे जेट से जा रहा हूं।”

“शुक्र है! ”

मुझे न चाहने पर भी उसे बताना ही पड़ा कि उसके जेट में जाने की बात सुनकर मुझे डर लग रहा था। उसने मुझे तसल्ली दी कि उसने ऑफिस में पांच लोगों को निकाल दिया था ताकि ऐसे हालात दोबारा न हों।

बातों-बातों में मेरे मुंह से यह भी निकल गया कि मैंने उसके दराज में एक गन देखी थी। उसने पहले तो अजीब-सा मुंह बनाया और फिर ऑमलेट खाते-खाते बोला

“वह तो लीला की गन है।”

“लीला की गन… ?”

मैं हैरान रह गई। वह अब भी हमारे जीवन में कोई मायने रखती है। “क्या तुम गन नहीं रखते?”

“नहीं! मैं इसके खिलाफ हूं।”

“टेलर रखता है?”

“हां, कभी-कभी”

हम कार की ओर बढ़े तो मैंने रास्ते में उसे यह समझाने की कोशिश की कि उसे भी गन चलाना सीखना चाहिए।

“क्रिस्टियन! तुम्हें गन चलाना सीखना चाहिए।”

“नहीं, मैं नहीं सीखना चाहता।”

“तुम्हें इसकी जरूरत पड़ सकती है।”

“मेरे पास इस काम के लिए लोग हैं। वैसे भी मेरी मां डॉक्टर हैं। मैंने उन्हें गन से घायल लोगों की जान बचाते देखा है। मेरे पापा गन को पसंद नहीं करते। मैं उन्हीं संस्कारों में पला हूं। मैं ऐसी दो संस्थाओं को अपना सहयोग दे रहा हूं जो गन के इस्तेमाल के खिलाफ हैं इसलिए इस बारे में बात न ही करो तो बेहतर होगा।”

“तुमने लीला से बात की थी?” क्या तुम्हें लगता है कि वही उस दिन कार में हमारा पीछा कर रही थी?

“नहीं, वह तो अपने माता-पिता के साथ है। इन दिनों उसने किसी आर्ट कॉलेज में दाखिला ले लिया है।”

“क्या तुम्हारी उससे बात होती रहती है?”

उसने कोई जवाब नहीं दिया। मैं जान गई कि उसे जो सही लग रहा था। वह वही कर रहा था। वह उसकी मदद करना चाहता था। शायद उसकी कक्षाओं के पैसे और इलाज का खर्च भी वही दे रहा था।

“एनेस्टेसिया! इन बातों पर अधिक गौर मत करो। मुझे जो ठीक लगा मैंने किया।” उसने मेरा हाथ दबा दिया।

उस दिन ऑफिस में बहुत-सी मीटिंग थीं। ब्रेक के दौरान क्रिस्टियन के मेल पर नज़र गई। ,

फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे

सब्जेक्ट: चापलूसी

डेट: 23 अगस्त 2011 09:54

टू: एनेस्टेसिया ग्रे

मिसेज ग्रे!

मुझे अपने नए हेयर कट पर तीन तारीफें मिलीं। ऐसा पहली बार हुआ है। कल रात के बारे में सोचते ही चेहरे पर अजीब सी मुस्कान आ जाती है। तुम तो सचमुच एक अद्भुत प्रतिभाशाली और सुंदर औरत हो।

और पूरी तरह से मेरी हो!

क्रिस्टियन ग्रे

सीईओ

ग्रे इंटरप्राइजिस होल्डिंग्स, इंक

मैं तो ये पंक्तियां पढ़ते ही पिघल गई।

फ्रॉम: एनेस्टेसिया स्टील

सब्जेक्ट: काम पर ध्यान देने की कोशिश

डेट: 23 अगस्त 2011 10:48

टू: क्रिस्टियन ग्रे

मि. ग्रे,

मैं काम पर हूं और नहीं चाहती कि कोई मीठी यादों से मेरा ध्यान भंग करे।

क्या अब यह बताने का वक्त आ गया है कि मैं नियमित रूप से रे के बाल काटती थी? मुझे नहीं पता था कि ये प्रशिक्षण इतना उपयोगी होगा।

और हां, जान मैं पूरी तरह से तुम्हारी हूं। जो हथियार रखने के अपने संवैधानिक अधिकार के प्रयोग से भी इंकार करता है पर कोई बात नहीं। मैं हमेशा तुम्हारी रक्षा करूंगी।

एनेस्टेसिया ग्रे

संपादक, एसआईपी

फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे

सब्जेक्ट: एनी ओकले

डेट: 23 अगस्त 2011 10:53

टू: एनेस्टेसिया ग्रे

मिसेज ग्रे!

मुझे खुशी हुई कि तुमने आई टी विभाग से बात करके अपना नाम बदल लिया।

मैं अपने बिस्तर में आराम से नींद लूंगा क्योंकि मैं जानता हूं कि मेरी गन चलाने वाली बीबी मेरे साथ है।

क्रिस्टियन ग्रे

सीईओ

ग्रे इंटरप्राइजिस होल्डिंग्स, इंक

इसी तरह कुछ देर और मेल के माध्यम से गुदगुदाने वाली बातों का आदान-प्रदान होता रहा। क्रिस्टियन जब अपने आनंदी स्वभाव में होता है तो इससे पार पाना मुश्किल हो जाता है।

वह अपने काम से न्यूयार्क चला गया तो मन बड़ा उदास सा हो गया। अभी उसे गए कुछ ही घंटे हुए हैं और मैं उसे अभी से याद करने लगी हूं। मैंने कंप्यूटर चालू किया तो उसका मेल मेरे इंतज़ार में था।

फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे

सब्जेक्ट: तुम्हारी याद में

डेट: 25 अगस्त 2011 04:32

टू: एनेस्टेसिया ग्रे

मिसेज ग्रे!

आज सुबह बड़ी प्यारी लग रहीं थीं।

मेरे पीछे से, ध्यान से रहना

तुमसे बहुत प्यार करने वाला…

क्रिस्टियन ग्रे

सीईओ ग्रे इंटरप्राइजिस होल्डिंग्स, इंक

शादी के बाद पहली रात होगी कि हम साथ नहीं होंगे। मुझे केट के साथ कुछ कॉकटेल लेने होंगे ताकि रात को नींद आ जाए। मैंने भी मेल का जवाब दिया हालांकि मुझे पता था कि वह अभी उड़ान में ही होगा।

फ्रॉम: एनेस्टेसिया ग्रे

सब्जैक्ट: तुम संभल कर रहो

डेट: 23 अगस्त 2011 09:03

टू: क्रिस्टियन ग्रे

मि. ग्रे,

मुझे बताओ कि कब तक पहुंचोगे वरना मुझे चिंता लगी रहेगी।

और मैं संभल कर रहूंगी। मतलब केट के साथ मुझे क्या दिक्कत हो सकती है?

एनेस्टेसिया ग्रे

संपादक, एसआईपी

मैंने अपनी लाते का घूंट भरा। कौन जानता था कि मुझे कॉफी इतनी अच्छी लगने लग जाएगी। पता नहीं क्यों, वह मेरे पास नहीं है। मैं बेचैनी महसूस कर रही हूं। ये तो बड़ा ही अजीब-सा एहसास है।

दोपहर को मेल और फोन चेक किया। वह कहां है? क्या वह सुरक्षित रूप से पहुंच गया? हैना ने लंच के लिए पूछा पर मैंने उसे इशारे से भगा दिया। क्या करूं, क्रिस्टियन की खबर मिले बिना चैन नहीं आने वाला।

अचानक ही ऑफिस के फोन की घंटी बजी

क्रिस्टियन की आवाज़ सुनते ही तन और मन में सुकून की लहर दौड़ गई।

“हाय ”

“केट के साथ क्या कर रही हो?”

“कुछ नहीं। बस आज ड्रिंक के लिए जा रहे हैं।”

वह कुछ नहीं बोला।

“स्वेयर और और वह नई औरत प्रेस्कॉट हमारे साथ होंगे।” मैंने बात को संभालना चाहा।

“मुझे लगा कि केट घर आ रही है।”

“नहीं, उसके पास ज्यादा वक्त नहीं है। प्लीज मुझे बाहर जाने दो।”

“तुमने पहले क्यों नहीं बताया?” उसका सुर गंभीर था।

“क्रिस्टियन! हमें कुछ नहीं होगा। सारी सिक्योरिटी साथ जा रही है।”

वह कुछ नहीं बोला। मुझे पता है कि वह नाराज हो गया है।

“जब से हम मिले हैं तब से उससे मिलने का समय ही नहीं मिल पाता। वह मेरी पक्की सहेली है। मुझे जाने दो।”

“एना। मैं तुम्हें दोस्तों से दूर नहीं रखना चाहता पर मुझे लगा कि वह हमारे घर आएगी।”

“अच्छा। हम अंदर ही रहेंगे।”

इस आदमी को बहलाना भी आसान नहीं है। उसका मूड संभला तो कुछ मीठी बातें हुईं और उसने कहा कि वह कल शाम को लौटेगा। उसने वहां पहुंचते ही मुझे कॉल किया था क्योंकि मैंने ऐसा करने को कहा था। देखा! वह मेरी बातों का कितना ध्यान रखता है।

फोन रखते ही मेल आ गया।

फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे

सब्जेक्ट: तुम्हारी याद मे

डेट: 25 अगस्त 2011 13:42

टू: एनेस्टेसिया ग्रे

मिसेज ग्रे!

तुम हमेशा की तरह फोन पर रोचक बातें करती हो

मैंने जो कहा है, वैसे ही करना।

मैं तुम्हें सुरक्षित रखना चाहता हूं

लव यू

क्रिस्टियन ग्रे

सीईओ

ग्रे इंटरप्राइजिस होल्डिंग्स, इंक

ओह! वह ठीक पहुंच गया और पहले की तरह मुझ पर अपना रोब जमा रहा है। मुझे तसल्ली हो गई।

मैं ऑफिस से बाहर आई तो सफेद जींस व लाल टॉप में गजब की दिलकश लग रही केट को रिसेप्शन पर बतियाते देखा। हम दोनों कसकर गले मिली। वह मेरी पोशाक देख कर दंग रह गई और बोली।

“देखो तो! कौन कहेगा कि ये मेरी एना स्टील थी। वाह! मिसेज ग्रे! क्या शान है।”

“क्रिस्टियन चाहता है कि हम हमारे अंपार्टमेंट में ही रहें।”

“कोई बात नहीं। हम जिग-जैग में कुछ समय बिता कर चलते हैं। मैंने वहां टेबल बुक करवा लिया है।”

“मेरे कुछ बोलने से पहले ही केट प्लीज-प्लीज करने लगी।

“मुझे भी वहां जाना पसंद है। वह जगह केट के घर के पास पड़ती है। उसके साथ कहीं बाहर गए कितने दिन हो गए हैं।”

बाहर निकले तो स्वेयर और वह सिक्योटी वाली महिला दिखी। अभी उसके साथ इतना अपनापन नहीं बना। वह बहुत ही व्यवसायिक रवैया रखती है। हम चलने लगे तो स्वेयर ने इशारा किया। शायद उसे आदेश मिल गए थे कि मुझे घर ही ले जाना है।

“जी मैम! सर ने आपको घर ले जाने को कहा है।”

“सर यहां नहीं हैं। तुम मेरा हुक्म मानोगे। जिग-जैग चलो”

केट को तो मेरा सुर सुन कर इतनी हैरानी हुई कि क्या कहूं। मैं तो बहुत बदल गई हूं

“तुम्हें पता है कि इस अतिरिक्त सुरक्षा के कारण ग्रेस और ईया परेशान हैं।”

मैंने चकराकर उसकी ओर देखा।

“तुम नहीं जानतीं। पूरे ग्रे परिवार की सुरक्षा तिगुनी कर दी गई है।”

“अच्छा”

“उसने तुम्हें नहीं बताया?”

“नहीं। तुम्हें पता है क्यों?”

“हां! जैक हाइड के कारण”

“पर वह तो केवल क्रिस्टियन के पीछे पड़ा है?” केट ने कहा

“हमने जैक को पहचान लिया पर बाकी ग्रे सदस्यों को क्या परेशानी हो सकती है?”

उसने मुझे क्यों नहीं बताया?

केट ने अपने तरीके से मुझपर वार कर दिया था।

“इलियट ने कहा है कि यह सारा चक्कर उसके कंप्यूटर में रखी जानकारी से संबंध रखता है।” वह बोली

“अब छोड़ो भी!”

मैंने देखा कि स्वेयर शीशे से मेरे चेहरे के भाव देख रहा था।

मैंने बात बदल दी। “इलियट कैसा है?”

केट अपनी कहानी सुनाने लगी।

मेरी महिला सुरक्षाकर्मी का चेहरा स्याह पड़ा है। ये लोग समझते क्यों नहीं। हमें यहां कोई डर नहीं है।

केट की सोहबत में कितना अच्छा लग रहा है। कितनी बातें पता चल रही हैं। मुझे

उसका साथ शुरू से ही पसंद रहा है। बेशक क्रिस्टियन का मूड बिगड़ जाएगा पर मुझे भी तो थोड़ी आजादी चाहिए।

मैंने जैसे ही जिआ का नाम लिया तो केट के चेहरे पर गुस्सा आ गया

“उस कमीनी की बात मत कर”

“अच्छा जी! वह इलियट के साथ भी….”

“वह क्रिस्टियन को भी नहीं छोड़ती।” मैंने हंस कर कहा

“लगता है कि उसका काम ही यही है।” केट ने कहा

“मैंने तो धमका दिया है कि अपने काम से काम रखे वरना काम से निकाल दूंगी”

केट ने अपना जाम टकराया और बोली

“वाह! मिसेज ग्रे! आपकी बात में दम है। लगी रहो! तुम्हें बहुत आगे तक जाना है।”

“अच्छा! एक बात बता। क्या इलियट गन रखता है?”

“नहीं, वह तो इसके खिलाफ है।”

“मेरा पति भी नहीं रखता। शायद उनके माता-पिता का असर है।”

“कैरिक अच्छे इंसान हैं।”

“हां! पर उन्होंने मुझ पर शक किया

“नहीं, वे बस अपने बेटे की भलाई चाहते है। वे नहीं चाहते थे कि कोई शादी की आड़ में उनके बेटे का उल्लू सीधा करे। एक दिन तुम भी अपने बेटे की भलाई के लिए ऐसा ही चाहोगी”

ओह! मैंने तो कभी सोचा ही नहीं। मेरे बच्चे भी तो अमीर होंगे। फिर मैं कैरिक की जगह ले लूंगी। मैंने आसपास नज़र मारी तो अपनी सिक्योरिटी को वहीं बैठे पाया

“कुछ खाएं क्या?”

“नहीं, हमें और पीना चाहिए।” केट बोली

“क्या बात है आज?”

“क्योंकि तुमसे मिलना नहीं हो पाता। समझ नहीं आया कि जिंदगी में पहला लड़का मिला और तुमने शादी कर ली। मुझे तो लगा कि तुम गर्भवती थीं इसलिए सब जल्दी से कर लिया।”

“मैं हंसने लगी। सबको यही लगा था। खैर, इस बात को छोड़। मुझे वाशरूम जाना है।”

प्रेस्कोट मेरे साथ गई। उसने कुछ नहीं कहा। उसे ज्यादा बोलना पसंद नहीं है।

“मैं शादी के बाद पहली बार अकेले बाहर आई हूं।” मैंने उसे सुनाया।

“केट देर हो गई। हमें चलना चाहिए।”

“अभी सवा दस हुए हैं। मैं चार कॉकटेल ले चुकी हूं और हमें अब चलना चाहिए। कहीं सिर को न चढ़ जाए।”

“हां एना। तुम से मिल कर अच्छा लगा। शादी के बाद तुम और भी प्यारी हो गई हो।”

वाह! मिस केट कावना की तारीफ सुन कर तो मजा आ गया।

मेरी आंखें भर आईं। “मैं शादी करके बहुत खुश हूं। चाहे वह जैसा भी है पर मुझे बहुत प्यार करता है।”

आज शाम बहुत मजा आया। हम गले मिले और मैं उसके कान में बोली।

“मुझे यकीन है कि इन लोगों ने मेरे पति तक खबर पहुंचा दी होगी कि हम घर में नहीं हैं और वह गुस्से में होगा।”

मैं मन ही मन सोचने लगी कि वह मुझे सजा देने का कोई प्यारा-सा तरीका खोज लेगा

“एना! तू क्या सोच कर मुस्कुरा रही है।”

“नहीं कुछ नहीं। बस कभी-कभी मेरा पति ज्यादा ही झक्की हो जाता है।”

“हां, मैंने भी देखा है।”

हम केट के घर के बाहर मिले। उसने मुझे गले से लगाया।

मैं उसे बहुत पसंद करती हूं। माना कि अपने पति के साथ उसके बुलबुले में कैद हो कर रहना अच्छा लगता है पर कभी-कभी दोस्तों के साथ समय भी बिताना चाहिए। मन कितना हल्का हो जाता है। बेशक उसकी दावतें कितनी बोरिंग होती हैं। यहां केट से मिल कर लगा कि मैं कितनी तरोताजा हो गई।

मेरे पेट में ऐंठन होने लगी। मैंने अभी तक कुछ नहीं खाया। ओह क्रिस्टियन! फोन पर पांच मिस्ड कॉल थे! फिर एक मैसेज था

आखिर तुम किस जहन्नुम में हो?

और एक ई-मेल!

फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे

सब्जेक्ट: गुस्से में, तुमने मेरा गुस्सा देखा नहीं

डेट: 26 अगस्त 2011 00:42

टू: एनेस्टेसिया ग्रे

एनेस्टेसिया

स्वेयर ने कहा कि तुम एक बार में कॉकटेल ले रही हो जबकि तुमने कहा था कि तुम नहीं जाओगी?

क्या तुम जानती हो कि मैं इस समय कितने गुस्से में हूं?

तुमसे तो कल बात करता हूं।

क्रिस्टियन ग्रे

सीईओ

ग्रे इंटरप्राइजिस होल्डिंग्स, इंक

ओह शिट! मेरा कलेजा मुंह को आ गया। मैं तो पक्का मुसीबत में हूं। भीतर बैठी लड़की ने भी मुंह बनाया। मैंने तो खुद अपने लिए मुसीबत मोल ली थी। उसे फोन करने की सोची पर शायद कहीं सो न गया हो। मैंने झट से मैसेज किया।

मैं अब भी साबुत हूं। बहुत अच्छा वक्त बीता। तुम्हारी याद आ रही है- प्लीज नाराज मत हो!

मैंने फोन को देखा पर कोई जवाब नहीं आया।

हम एस्काला पहुंचे तो मुझे स्वेयर से बात करने का मौका मिला।

“मेरे पति ने कितने बजे फोन किया था?”

“करीब साढ़े नौ बजे मैम”

“तुमने केट के साथ मेरी बात रोककर, मुझसे बात क्यों नहीं करवाई?”

“मि. ग्रे ने मना कर दिया था”

मैंने होंठ भींच लिए। वह दूसरे देश में है। मुझे उसकी याद आ रही है और वह मुझसे गुस्सा है।

ज्यों ही बरामदे में लिफ्ट का दरवाजा खुला तो मैं चौंकी।

“इस तस्वीर को क्या हुआ?”

फूलदान टूटा हुआ था और उसका कांच बिखरा हुआ था। स्वेयर ने झट से मुझे लिफ्ट में खींच लिया।

मैंने वहीं से झांका

स्वयेर ने मुझे वापिस अंदर खींच लिया ।

मैंने अंदर से रेयान का स्वर सुना और वे आपस में कोड वर्ल्ड में बात करने लगे। वह थोड़ी जांच-पड़ताल करने अंदर गया। मैं बुरी तरह से कांप रही थी। यहां हो क्या रहा था। उसने लौट कर मुझे तसल्ली दी कि हालात काबू में थे और हम अंदर जा सकते थे।

उसने मुझे थाम लिया वरना मैं वहीं गिर जाती। रेयान दरवाजे के पास खड़ा था और आंख के पास लगे घाव से खून बह रहा था। उसके कपड़े भी अस्त-व्यस्त थे जैसे किसी से हाथापाई हुई हो। इसके बाद दिखाई दिया कि वहां जैक हाइड चारों खाने चित्त पड़ा था।