fifty shades darker novel in Hindi
fifty shades darker novel in Hindi

fifty shades darker novel in Hindi: सुध लौटी तो मैंने उस चेहरे को निहारा, जिसे मैं दिल से चाहती हूं। क्रिस्टियन के चेहरे पर भी कितने मुलायम और प्यारे से भाव हैं। उसने अपनी नाक से मेरी नाक टकराई और मेरे हाथों को सिर के पीछे ले जाते हुए थाम लिया। यह सोचकर मन उदास हो आया कि उसने खुद को मेरी छुअन से बचाने के लिए ऐसा किया होगा।

“मैं यह सब बहुत याद कर रहा था।” वह बोला

“मैं भी!”

उसने मेरी चिबुक थामकर गहरा सा चुंबन लिया। एक आवेग से भरा चुंबन। मैं नहीं जानती कि वह कहना क्या चाहता है। उसने मुझे बेदम कर दिया है।

“मुझे छोड़कर मत जाना।” अब उसके चेहरे पर फिर से गंभीरता दिख रही है।

“अच्छा!” मैं हौले से बोल कर मुस्कुराई।

उसके चहरे पर बड़े ही सुकून और राहत से भरी मुस्कान पसर गई। उसने ऐसी नज़र से देखा जो किसी पत्थरदिल को भी पिघलाने की ताकत रखती थी। “आईपैड के लिए धन्यवाद!”

“एनेस्टेसिया! तुम्हारा हमेशा स्वागत है।”

“उसमें तुम्हारे मनपसंद गाने कौन से हैं?” मैंने पूछा

“अब तुम्हें गाने पूछने हैं। भई पहले कुछ खिलाओ। भूख से जान जा रही है।”

“… जी हां! मैडम जान जा रही है।”

मैंने बत्तीसी दिखाई और बोली।

“सर! आप इतने प्यार से कह रहे हैं तो खिलाना ही होगा”

मैंने बिस्तर से उतरते हुए तकिया हटाया तो उसे वह चार्ली टैंगो वाला गुब्बारा दिख गया। क्रिस्टियन बड़ी उलझन के साथ उसे देखने लगा।

“ये मेरा है।” मैंने अपना गाउन पहनते हुए कहा। हे भगवान! क्या ये इसके हाथ लगना जरूरी था?

“तुम्हारे बिस्तर में क्या कर रहा है……?”

“हां… ये मेरा साथी बना हुआ था”

“लकी चार्ली टैंगो।” वह हैरानी से बोला

हां ग्रे! मैं ऐसी ही भावुक हूं क्योंकि मैं तुमसे प्यार करती हूं।

“मेरा गुब्बारा।” मैंने फिर से कहा और रसोई की ओर चल दी। वह वहीं बैठा खीसें निपोर रहा है।

क्रिस्टियन और मैं केट के पर्शियन कालीन पर बैठे स्टिर फ्राई चिकन के साथ नूडल्स खा रहे हैं। सफेद चाइना बाउल में चॉपस्टिक्स से खाने में मज़ा आता है और साथ में चिल्ड वाइन चल रही है। क्रिस्टियन काउच की टेक लगा कर बड़े ही बेपरवाह अंदाज में बैठा खा रहा है; बिखरे बाल, जींस और टी-शर्ट…… वह बड़े ही सहज भाव से टांगें पसारे हुए है और उसके आईपॉड से संगीत की मीठी धुन सुनाई दे रही है।

“ये अच्छा है।” उसने खाने का स्वाद लेते हुए कहा।

मैं भी वहीं आलथी-पालथी लगाए खाने और उसकी नज़रों का स्वाद ले रही हूं।

“मैं अक्सर खाना पकाती हूं। केट इस मामले में अनाड़ी है।”

“क्या मॉम ने तुम्हें सिखाया?”

“नहीं। जब तक मैं सीखने की उम्र में आती, मॉम अपने पति नंबर तीन के साथ टेक्सास में थीं। और रे, अगर मैं न होती तो वे बाजार के खाने और टोस्ट पर ही जिंदगी काट लेते।”

क्रिस्टियन ने पूछा- “तुम मॉम के साथ टेक्सॉस में क्यों नहीं रहीं?”

“उनके पति स्टीव और मेरी आपस में नहीं बनी… और मैं रे को भी बहुत याद करती थी। स्टीव से उनकी शादी ज्यादा नहीं चली। शायद उन्हें जल्दी ही होश आ गया। वे कभी उसकी बात नहीं करतीं।” मैंने झट से कहा।

“तो तुम वाशिंगटन में अपने सौतेले पिता के साथ रहती थीं?”

“मैं टेक्सास में थोड़ा वक्त ही रही और फिर रे के पास ही आ गई।”

“ऐसा लगता है कि तुम उनकी देखरेख करती थीं।” उसने कोमल स्वर में कहा

“शायद!” मैंने कंधे झटके।

“तुम लोगों की देखरेख करने की आदी हो।”

मैंने उसकी बात सुनकर चौंक कर देखा।

“क्या?” मैंने हैरानी से कहा

“मैं तुम्हारी देखरेख करना चाहता हूं।” उसकी आंखें एक अनकहे भाव से चमक उठीं।

मेरा दिल धड़क उठा।

“मैंने देखा है। तुम अक्सर अजीब तरीकों से ऐसा करते हो।”

उसकी भवें सिकुड़ीं- “मैं तो काम करने का यही तरीका जानता हूं।”

“मैं अब भी नाराज़ हूं कि तुमने एसआईपी को खरीद लिया।”

वह मुस्कुराया- “पता है पर बेबी तुम्हारा गुस्सा भी मुझे ऐसा करने से रोक नहीं सकता।”

“मैं अपने साथ काम करने वालों या जैक से क्या कहूंगी।”

उसने आंखें सिकोड़ीं- “बेहतर होगा कि वह कमीना अपने-आप को संभाले।”

“क्रिस्टियन! वह मेरा बॉस है।” मैंने फटकारा।

क्रिस्टियन का चेहरा बुरी तरह से भिंच गया। ऐसा लगा कि वह कोई ढीठ स्कूली लड़का हो।

“उन्हें मत बताना।” वह बोला।

“उन्हें क्या न बताऊं।”

“… कि मैं कंपनी का मालिक हूं। कल ही समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं। इस खबर को चार सप्ताह के लिए रोका जाएगा ताकि प्रबंधन एसआईपी में कुछ बदलाव ला सके।”

ओह… क्या मेरी नौकरी भी चली जाएगी?मैंने सतर्कता से पूछा।

“नहीं, मुझे तो नहीं लगता।” क्रिस्टियन ने चिढ़ाया।

“अच्छा! अगर मैं कोई दूसरी कंपनी में नौकरी कर लूं तो? क्या उसे भी खरीद लोगे?”

“तुम छोड़ने की तो नहीं सोच रहीं न?”

उसने सावधानी से पूछा।

“शायद क्योंकि तुमने मेरे पास कोई और विकल्प भी नहीं छोड़ा।”

“हां। मैं वह कंपनी भी खरीद लूंगा।” वह बड़ा ही हठी है।

मैंने उसे देखकर मुंह बनाया। यहां मैं उससे जीत नहीं सकती।

“क्या तुम्हें नहीं लगता कि तुम ज़रूरत से ज्यादा ही बचाव करना चाहते हो?”

“हां! मैं इस बारे में अच्छी तरह से जानता हूं।”

मैं कुछ कहती, इससे पहले वह अपना कटोरा ले कर उठ खड़ा हुआ। नहीं, मुझे इससे लड़ना नहीं है।

“क्या मीठे में कुछ लेना चाहोगे?”

अच्छा जी! तुम पूछ रही हो।” उसके चेहरे पर बड़ी-सी मुस्कान खेल गईं।

मैं नहीं? मैं क्यों नहीं? मेरे भीतर बैठी लड़की झट से कान खोल कर तैयार हो गई।

“हमारे पास वनीला आइसक्रीम है।” मैंने कहा।

“सच्ची!” क्रिस्टियन की मुस्कान और भी फैल गई।

“शायद हम उसके साथ कुछ कर सकते हैं।”

“क्या? वह उठा तो मैं हैरानी से उसे देखती रही। वह चाहता क्या है?”

“क्या मैं यहां रुक सकता हूं?” उसने पूछा।

“मतलब?”

“रात को।”

“मुझे तो लगा कि तुम रुक रहे थे।”

“बढ़िया! आइसक्रीम कहां है?”

“ओवन में।” मैं प्यार से मुस्कुराई।

उसने एक और गर्दन झुका कर कहा- “मिस स्टील! ऐसे तानेबाज़ी करना अच्छा नहीं होता।”

“ओह! इसके दिमाग में क्या चल रहा है?”

“मैं अब भी तुम्हें घुटनों के नीचे दबा कर दो लगा सकता था।”

मैंने कटोरे सिंक में रखे।

“क्या वे सिल्वर गोलियां भी लाए हो?”

उसने अपने कपड़ों की जांच करने का दिखावा किया और नकली आह भरी-“हाय!

मैं उनका अतिरिक्त सैट क्यों नहीं रखता? वैसे ऑफिस में उनकी ज़रूरत नहीं पड़ती न इसलिए…।”

“मुझे सुनकर खुशी हुई मि. ग्रे! अभी तो सुना था कि किसी को व्यंग्यबाण पसंद नहीं हैं।”

“ओह एनेस्टेसिया! मेरा तो यही मानना है कि अगर तुम उन्हें हरा नहीं सकते तो उनके दल में शामिल हो जाओ।”

मैंने उसे निहारा-यकीन नहीं आता। ये बात इसने कही और वह कितना खुश भी दिख रहा है। उसने फ्रिज में से बेन एंड जैरी वनीला का पिंट निकाला।

“ये बढ़िया रहेगा। बेन एंड जैरी एंड एना!” उसने एक-एक शब्द को मुंह से ऐसे निकाला मानो उनका स्वाद ले रहा हो।

ओह! मेरा क्रिस्टियन! मुझे लगा कि जबड़ा खुल कर नीचे ही गिर जाएगा। उसने चम्मच वाले दराज से एक चम्मच निकाला। उसने मेरी ओर देखा तो जीभ दांतों पर फिराने लगा। ओह! वह जीभ!

मैंने खुद को गहरे सुकून के बीच पाया। अचानक उसी सुकून के बीच एक गहरी चाह की हिलोर उठी और नसों का लहू उबाल खा गया। आज हम उस आइसक्रीम के साथ खेलने जा रहे थे।

“आओ! तुम्हें यह आइसक्रीम खिला कर शीतल कर दूं।” उसने अपना हाथ आगे कर दिया। उसने बेडरूम में जा कर कटोरा कोने में रखा और पलंग से कंबल व तकिए उतार कर नीचे रख दिए।

“तुम्हारे पास बदलने के लिए चादर होगी न?”

मैंने हामी भरी। उसने चार्ली टैंगो उठा लिया।

“मेरे गुब्बारे से पंगा मत लेना।” मैंने कहा।

“बेबी! मैं तो सपने में भी ऐसा करने की नहीं सोच सकता पर मैं तुमसे और इस चादर से पंगा लेना चाहूंगा।”

मेरी देह सिहर उठी।

“मैं तुम्हें बांधना चाहता हूं।”

“ओह! ठीक है।” मैं बुदबुदाई।

“बस तुम्हारे हाथ पलंग से बांधने हैं। मैं चाहता हूं कि तुम बिना हिले-डुले लेटी रहो।”

“अच्छा।” अब मैं कुछ और बोल नहीं पा रही।

“हम इसे इस्तेमाल करेंगे।” उसने मेरे चोंगे की कपड़े की बेल्ट को धीरे से निकाल लिया।

मेरा चोंगा खुल कर गिर गया और अब मैं उसके सामने निर्वस्त्र हूं। उसने हौले से चेहरे को छुआ पर उसकी सिरहन पूरे शरीर में दौड़ गई।

“पलंग पर मुंह ऊपर करके लेट जाओ।” वह जलती आंखों के साथ बुदबुदाया।

वैसे मेरे घर में एनर्जी बचाने के लिए कम पॉवर की लाइटें लगी हैं पर आज उसके सामने अपने-आप को पेश करते समय ये भी भली लग रही हैं। कम से कम अपने-आप को कुछ तो छिपा ही सकती हूं।

“एना! मैं तो तुम्हें इस रूप में सदियों तक देख सकता था।” वह मेरे पलंग के पास सरक आया।

अब उसने मेरे ही चोंगे और उसकी बेल्ट से मेरे हाथों को बांधने में देर नहीं की।

मुझे बांधने के बाद वह काफी निश्चिंत सा दिखा। उसे मुझे इसी रूप में रखना पसंद है। दरअसल इस तरह उसे कोई डर नहीं रहता कि कहीं मैं उसे छू न दूं। मुझे एहसास हुआ कि उसकी पिछली किसी सेक्स गुलाम को भी कभी उसे छूने का मौका नहीं मिला होगा और न ही कभी मिल सकेगा। वह हमेशा इसी तरह उन्हें भी काबू रखता होगा और उसे यही भाता है। इन नियमों में उसकी जान बसती है।

वह मेरे ऊपर आ गया और झट से होठों पर एक चुंबन दिया। फिर अपनी जींस और शर्ट उतार कर भी फर्श पर ढेर कर दी।

उसका यह रूप मेरे होश उड़ाने के लिए बहुत है। अन्दर बैठी लड़की को कुलांचे भरने का मौका मिल गया है। उसका गठा शरीर देखकर कहा जा सकता है कि वह ज़रूर कसरत करता होगा। उसने पलंग के कोने के पास जा कर मेरे पांव इस तरह खींचे कि मेरे बाजू सिर के परे चले गए और अब मैं अपनी मर्जी से हिल भी नहीं सकती

“ये ठीक रहेगा।” वह हौले से बोला

उसने धीरे से आइसक्रीम का पिंट खोला और उसमें चम्मच भरा

“ हम्म………अब भी काफी जमी हुई है। उसने एक चम्मच वनीला भर कर मुंह में डाल लिया। उसने होठों पर जीभ फिराई। वाह! वनीला भी कितनी स्वाद लग सकती है। उसने मुझे घूरा- और लोगी?”

वह कितना जवां, बेपरवाह और अनूठा लग रहा है। वह मुझ पर बैठा आइसक्रीम खा रहा है। उसके चेहरे की चमक देखते ही बन रही है। ओह! पता नहीं वह मेरे साथ करने क्या जा रहा है? मैं कुछ नहीं कह सकती।

उसने मुझे एक और चम्मच खिला दिया।

फिर एक और चम्मच मेरे पास लाया और अपने मुंह में डाल लिया।

“वाह! मिस स्टील! तुम्हारे साथ तो वनीला भी कितना स्वाद दे रही है।”

“मैं भी लूंगी।”

“अच्छा! आज तुमने मेरा दिल खुश कर दिया है इसलिए एक चम्मच पेश करता हूं।” इस बार उसने मुझे खिला ही दिया। फिर मैंने एक और चम्मच आइसक्रीम का स्वाद लिया। एक और…एक और! बस हो गया!!!

“हम्म! वैसे तुम्हें जबरन कुछ भी खिलाने का यह तरीका मस्त है।” वह बोला

इस बार वह चम्मच में आइसक्रीम भर कर लाया तो मैंने मुंह ही नहीं खोला। पिघली आइसक्रीम का चम्मच मेरे गले और वक्षस्थल पर बिखरता चला गया। उसने उसे अपने होठों से चाटा और मेरा पूरी देह तड़प उठी।

“मम्म! मिस स्टील, अब तो ये और भी स्वादिष्ट हो गई है।” मैंने हाथ-पैर हिलाने चाहा पर ऐसा नहीं कर सकी। वासना से पूरा शरीर सुलग उठा है। इस बार उसने चम्मच में आइसक्रीम भर कर वक्षस्थल पर डाल दी और उसे फैला दिया। ओह… ये कितनी ठंडी लग रही है। वनीला के ठंडे स्पर्श से वक्षस्थल संवेदनशील हो उठे।

“ठंडी है?” उसने पूछा और फिर उसे अपने होठों से चाट लिया। आइसक्रीम के मुकाबले उसका मुंह कहीं गरमाहट से भरा है।

ये तो अजीब सी यातना है।

“और खाना चाहोगी?”

इससे पहले कि मैं कोई जवाब देती। उसकी जीभ मेरे मुंह में थी। उसका स्वाद और आइसक्रीम का स्वाद मिलकर गजब ढ़ा रहे हैं कितनी मदमस्त कर देने वाली खुशबू है।

अचानक वह उठा और नया ही खेल शुरू कर दिया। उसने मेरी नाभि में आइसक्रीम भर दी। ठंडी आइसक्रीम का स्पर्श भी जलन पैदा कर रहा है।

“अब तुम्हें बिना हिले-डुले लेटना होगा वरना यह सारे पलंग पर बिखर जाएगी।” वह वक्षस्थल व निप्पलों को चूमते हुए नाभि तक जा पहुंचा और वहां से आइसक्रीम चाटने लगा।

मैंने इस गर्म और सर्द स्पर्श के बीच शांत रहना चाहा पर मेरा पूरा शरीर इस लय पर थिरकना चाह रहा है। अब वह नाभि के निचले हिस्
से पर चम्मच से आइसक्रीम डाल कर वही खेल खेल रहा है। वह तो कहीं रुक ही नहीं रहा। मैं बेदम हो रही हूं। मेरे शरीर का रोम-रोम उसकी इस छुअन के लिए तड़प रहा है।

मैंने जोर से आह भरी तो उसने चुप करा दिया। वह इतना जालिम क्यों है? प्रतिक्रिया तक नहीं देने देता। अब उसका मुंह मेरे पूरे शरीर को चूम रहा है, चाट रहा है और अंगुलियां दूसरे अंगों को सता रही हैं। मानो मेरे सांस लेने के लिए भी गुुुंजाईश नहीं है।

मैं सुलग रही हूं। अचानक ही मैं चरम सुख तक पहुंची और अपनी इस प्रतिक्रिया को छिपा नहीं पाई।

फिर उसने अपना जिरहबख्तर पहना और मैदान में आ पहुंचा। हमारे चारों ओर पिघली आइसक्रीम की चिपचिपाहट और मदहोश कर देने वाली गंध है। अचानक ही उसने खुद को बाहर खींचा और मुझ पलट दिया।

“आज ऐसे करेंगे। ओह इसके नए-नए तरीके!

उसने आगे आकर मेरे हाथ खोले और इस तरह खींचा कि अब मैं उसके ऊपर बैठी हूं। उसके हाथ मेरी छातियों और निप्पलों से खेल रहे हैं। मैं अपने आनंद से भीगे सुरों को थाम नहीं पा रही। यह सब इतना आनंददायक क्यों है?

“क्या तुम जानती हो कि तुम मेरे लिए क्या मायने रखती हो?” वह हौले से बोला।

“हां… मैं जानती हूं”

वह मुस्कुराया और गर्दन पर एक चुंबन दिया।

“मैं तुम्हें अपने से दूर नहीं जाने दूंगा। एना… तुम… मेरी… हो”

“हां, मैं तुम्हारी हूं।”

“मैं अपनी हर चीज़ का ध्यान रखता हूं।” उसने मेरे कान पर हौले से काटा और मेरे मुंह से आह निकली।

“बेबी! मैं तुम्हारी आवाज़ सुनना चाहता हूं।”

इस बार उसने पूरी लय के साथ सहवास आरंभ किया और मैंने खुल कर अपनी भावनाएं प्रकट कीं। उसकी इजाज़त जो मिल गई थी। उसकी सांसें उथली होती जा रही हैं। मैं अपने अन्दर वही जानी-पहचानी ऐंठन महसूस कर रही हूं।

ओह! यह किस तरह मेरे पूरे शरीर को जगा कर उसे अपने बस में कर लेता है। मुझे उसके नशे और जादू के सिवा कुछ सूझता ही नहीं। मानो मैं उसके जाल में फंसी कोई तितली हूं। मैं उसकी हूं… पूरी तरह से उसकी…।

ओह बेबी! हम दोनों एक साथ ही उस चरम आनंद की सीमा तक पहुंचे।

मैं चिपचिपी चादर पर उसकी बांहों में लिपटी हुई हूं पर अब भी मेरा मुंह आगे की ओर है। मैं चाह कर भी उसकी छाती से लिपट नहीं सकती। उसने अचानक मुझे चूम कर कहा।

“एना! तुम्हारे जाने के बाद मैंने जो महसूस किया, ऐसा तो कभी महसूस नहीं हुआ था। मैं कभी नहीं चाहूंगा कि जिंदगी में फिर कभी ऐसे एहसास से जूझना पड़े।”

मैंने उसे फिर से चूमा। क्रिस्टियन ने ही माहौल को हल्का कर दिया।

“क्या तुम आज मेरे साथ पापा की समर पार्टी में चलोगी। मैं उन्हें हामी दे चुका हूं।”

मैंने शरमाते हुए मुस्कान दी।

हां, मैं तुम्हारे साथ चलूंगी। पर मेरे पास पहनने के लिए अच्छे कपड़े नहीं हैं।”

“क्या”

“कुछ नहीं है?”

“नहीं!”

क्रिस्टियन पल भर के लिए बेचैन दिखा।

“चिंता मत करो। तुम्हारे लिए घर में वे कपड़े वैसे ही धरे हैं। उनमें से कुछ पहन सकती हो।”

वैसे अब मैं लड़ने के मूड में नहीं हूं। मैं नहाने जाना चाहती हूं।

मेरे जैसी दिखने वाली लड़की ने मुझे घेरा हुआ है। अरे ये तो मैं ही हूं। बिखरे गंदे बाल, मुरझाया चेहरा। उसने मेरे कपड़े पहने हैं और दमक रही है। मैं उसे किसी गरीब भिखारिन की तरह देख रही हूं।

तुम्हारे पास क्या है, जो मेरे पास नहीं है।

“तुम कौन हो? मैं कोई नहीं हूं”

“मैं भी कोई नहीं हूं… क्या तुम भी कोई नहीं हो?”

“तभी तो हम दोनों एक सी हैं… वे हमें सज़ा देंगे। वह मुस्कुराई और उसकी उस ठंडी मुस्कान को देख मेरे हाथ-पैर जाम हो गए। मैं चिल्लाने लगी…।

“बेबी, तुम ठीक तो हो? कोई बुरा सपना देख रही थीं?”

“ओह”

उसने लैंप जलाया तो हम हल्की-सी रोशनी में नहा गए। उसने मुझे घूरा। चेहरे पर चिंता झलक रही है।

“वह लड़की।” मैं हौले से बोली।

“ये क्या है? कौन-सी लड़की?” उसने मुझे शांत करते हुए पूछा।

“आज शाम जब मैं ऑफिस से निकली तो वहां एक लड़की मिली। वह काफी हद तक दिखने में मेरी जैसी थी… ।”

क्रिस्टियन पूरे मन से मेरी बात सुन रहा था। अचानक ऐसा लगा कि उसका चेहरा राख हो गया हो।

“ये कब की बात है?” वह हौले से बोला और बैठकर मुझे ही ताकने लगा।

“मैं आज शाम काम से लौट रही थी। मैंने दोहराया। क्या तुम जानते हो कि वह कौन थी?”

“हां।” उसने बालों में हाथ फिराया।

“कौन?” मैंने दवाब दिया।

“वह लीला है।”

मैंने थूक निगला। कोई पुरानी सेक्स गुलाम! मुझे याद आया कि क्रिस्टियन ने ग्लाइडिंग पर जाने से पहले उसके बारे में मुझसे बात की थी। उसके चेहरे पर तनाव की रेखाएं दिखने लगीं। कुछ तो बात है।

“वही लड़की जिसने तुम्हारे आई पॉड में ‘टॉक्सिक’ डाला था?”

उसने मुझे बेताबी से देखा।

“हां। क्या उसने कुछ कहा?”

अतः उसने कहा तुम्हारे पास क्या है, जो मेरे पास नहीं है। और जब मैंने उससे पूछा कि तुम कौन हो तो उसने कहा कि मैं कोई नहीं हूं।”

क्रिस्टियन ने ऐसे आंखें बंद कर लीं मानो गहरी पीड़ा से गुज़र रहा हो। क्या हुआ? वह उसके लिए क्या मायने रखती है?

मेरी खोपड़ी चकराने लगी। अगर वह उसके लिए इतने मायने रखती है तो इसका मतलब होगा कि वह उसे अब भी याद करता है। मैं उसके अतीत के बारे में कितना कम जानती हूं। ..उसके संबंधों के बारे में कितना कम जानती हूं। उसने भी अनुबंध पर हस्ताक्षर किए होंगे, वही किया होगा जो वह चाहता होगा और वही दिया होगा, जिसकी उसे हमेशा ज़रूरत रहती है।

अरे नहीं- जबकि मैं नहीं दे सकती। इसी ख़याल से मेरा जी मितलाने लगा।

क्रिस्टियन ने पलंग से उतरते ही अपनी जींस पहनते हुए दूसरे कमरे का रुख किया। मेरी अलार्म घड़ी में सुबह के पांच बज रहे थे। मैं पलंग से उतरी और उसकी सफेद कमीज़ पहन कर पीछे चल दी।

ओह! वह तो फोन पर बात कर रहा है।

“हां। एसआईपी के बाहर। कल… शाम को। उसने चुपचाप कहा और मुड़कर मुझसे पूछा- “उस समय वक्त क्या रहा होगा?”

“करीब पौने छह।” मैं बुदबुदाई।

वह इस समय किसे फोन कर रहा है? लीला ने क्या किया है? वह मुझे पर नज़रें गड़ाए-गड़ाए किसी को सारी जानकारी दे रहा है।

“पता लगाओ… खोजो उसे… हां। मैं ऐसा नहीं कहता पर मुझे पता नहीं था कि वह ऐसा भी कर सकती है। उसने आंखें बंद कर लीं मानो गहरी पीड़ा में हो। समझ नहीं आता कि यह मामला कैसे निपटेगा। हां, मैं उससे बात करूंगा… हां… मुझे पता है। पता लगा कर मुझे ख़बर दो। उसे खोजो, वेल्क! वह मुश्किल में है।” उसने फोन रख दिया।

“क्या चाय लोगे?” मैंने पूछा।

चाय। रे के हिसाब से हर मुश्किल का हल और रसोई में वह इसी चीज़ के माहिर हैं। मैंने केतली में पानी चढ़ा दिया।

“दरअसल मैं सोना चाहूंगा।” उसकी नज़रें कह रही हैं कि बात सिर्फ़ सोने की नहीं है।

“खैर। मैं चाय लेना चाहती हूं। तुम एक कप से साथ देना चाहोगे।” मैं सब जानना चाहती हूं और वह केवल सेक्स के साथ इस बात को दरकिनार नहीं कर सकता।

उसने परेशानी के साथ बालों में हाथ फिराए, “हां प्लीज़…!”

पर उसकी शक्ल बता रही है कि वह खीझ गया है।

मैंने खुद को चाय के कप और बर्तन धोने के काम में व्यस्त कर लिया। कौतूहल बढ़ता जा रहा है। क्या वह मुझे अपनी मुश्किल के बारे में बताएगा या मुझे ही खोजबीन करनी होगी?

मैंने देखा कि उसकी आंखें मुझ पर ही थीं।

मैंने प्यार से पूछ ही लिया- “क्या चल रहा है?”

उसने गर्दन हिलाई।

“तुम बताने नहीं जा रहे?”

उसने आंखें बंद कर कहा- “नहीं।”

“क्यों?”

“क्योंकि मैं नहीं चाहता कि तुम इस बात से परेशान हो। मैं नहीं चाहता कि तुम इस उलझन में पड़ो।”

“मुझे इससे चिंता नहीं होनी चाहिए पर हो रही है। उसने मुझे ऑफिस के बाहर घेरा। उसे मेरा पता कैसे चला? शायद मुझे यह सब जानने का अधिकार तो होना चाहिए।”

उसने बालों में हाथ फिराए जैसे मन ही मन किसी फ़ैसले से जूझ रहा हो।

“प्लीज़!” मैं कोमलता से कहा।

उसके चेहरे पर कड़ी रेखाएं खिंच गईं और उसने मुझे देखकर आंखें नचाईं।

“अच्छा। उसने हथियार डाल दिए। मैं नहीं जानता कि उसने तुम्हारा पता कहां से लगाया? हो सकता है कि हमारे पोर्टलैंड वाले फोटो से कुछ सुराग मिला हो। मैं नहीं जानता।” उसने आह भरी।

मैं बड़े ही धीरज से आगे की बात जानने का इंतज़ार कर रही थी और साथ ही केतली में चाय का पानी खदबदा रहा था।

“जब मैं तुम्हारे साथ जार्जिया में था तो लीला अचानक ही बिना बताए मेरे घर में घुस गई और गैल के सामने तमाशा कर दिया।”

“गैल?”

“मिसेज जोंस”

“तुम कहना क्या चाहते हो, तमाशा कर दिया?”

उसने मुझे ताका।

“बताओ! क्या छिपा रहे हो?” मेरी आवाज़ का डर छिप नहीं पा रहा था।

उसने मुझे देखकर हैरानी से पलकें झपकाईं-“एना मैं…”

“बोलो न”

“उसने अपनी कलाई की नस काटने की कोशिश की।”

“अरे नहीं। तभी उसकी कलाई पर पट्टी बंधी थी।”

“गैल उसे अस्पाल ले गई पर लीला ने मेरे वहां से पहुंचने से पहले ही छुट्टी ले ली और गायब हो गई।”

“ओह! इसका क्या मतलब है? आत्महत्या? पर क्यों?”

“उसकी देखरेख करने वाले का कहना है कि यह सही मायनों में खुदकुशी नहीं बल्कि मेरा ध्यान अपनी ओर खींचने का एक तरीका था। पर मुझे यकीन नहीं आया और मैं तभी से उसे तलाश रहा हूं ताकि उसकी मदद कर सकूं।”

“क्या उसने मिसेज जोंस से कुछ कहा?”

“नहीं, कुछ खास नहीं।” वह धीरे से बोला पर मैं समझ गई कि वह मुझे हर बात नहीं बता रहा।

मैंने चाय के प्याले भरे। तो लीला क्रिस्टियन की जिंदगी में वापिस आना चाहती है और उसने उसका ध्यान बंटाने के लिए आत्महत्या का सहारा लिया। क्रिस्टियन उसके लिए जार्जिया से भागा आया पर वह उससे पहले ही गायब हो गई। कितनी अजीब बात है?

“तुम उसका पता नहीं लगा सकते? उसका परिवार कहां है?”

“वे नहीं जानते कि वह कहां है। उसका पति तक नहीं जानता।”

“पति?”

“हां, वह दो साल से शादीशुदा जिंदगी जी रही थी।”

“क्या? वह शादी के बाद भी तुम्हारे साथ थी?”

हाय! इसकी तो हद है।

“ओह! हे जीसस! नहीं, वह तो मेरे साथ तीन साल पहले थी। फिर मुझसे अलग होने के बाद उसने शादी कर ली।”

“तो अब वह तुमसे क्या चाहती है?”

उसने उदासी से गर्दन हिलाई। “पता नहीं। बस यही पता लगा कि वह चार महीने पहले अपने पति से भी अलग हो गई।”

“सीधी बात पर आओ। वह तीन साल से तुम्हारी सेक्स गुलाम नहीं है।”

“करीब ढाई साल से।”

“और वह तुमसे कुछ और, कुछ ज्यादा चाहती थी?”

“हां”

“पर तुमने नहीं दिया?”

“तुम ये जानती हो।”

“इसलिए उसने तुम्हें छोड़ दिया।”

“हां”

“तो अब वह क्या करने आई है?”

“यही तो पता नहीं।” पर उसकी आवाज़ से लग रहा है कि वह कुछ तो जानता ही है।

“पर तुम्हें शक है…”

“हां, मुझे शक है कि इसका तुमसे कुछ लेन-देन है।”

मैं? वह मुझसे क्या चाहती है? तुम्हारे पास ऐसा क्या है, जो मेरे पास नहीं है?

मैंने अपने फिफ्टी को ताका जो अपने शरीर के ऊपरी हिस्से में कुछ नहीं पहने हुए था। मेरे पास वह है। वह मेरा है। मेरे पास यही है और वह मेरे जैसी भी दिखती है- वैसे ही बाल और वही चेहरा-मोहरा। हां… मेरे पास ऐसा क्या है, जो उसके पास नहीं है?

“तुमने मुझे कल क्यों नहीं बताया?” उसने कोमलता से पूछा।

“मैं इस बारे में भूल गई थी। तुम्हें तो पता ही है। काम के बाद बार चली गई और फिर वहां तुम आ गए… जैक से तुम्हारी होड़ और फिर हम यहां आ गए। बात दिमाग से निकल गई। तुम अक्सर मुझे बातें भुला देते हो।”

“अच्छा जी, मुझे देखकर सब भूल गईं और वह जैक से होड़?”

“जी हां।”

“मैं तुम्हें अभी दिखाता हूं कि सब भूलना किसे कहते हैं।”

ओह! उसकी आंखें वासना से जलने लगी हैं। वह मुझे उन नज़रों से देख रहा है, जो चीख-चीख कर कह रही हैं- मैं तुम्हें चाहता हूं, अभी और यहीं…।

उसे भूल जाओ। आओ मेरे साथ। उसने अपना हाथ आगे कर दिया।

मेरे भीतर बैठी लड़की ने जिम के फ़र्श पर तीन गुलाटियां मारीं… बेशक यहां जीत मेरी होती है।

मैं उठी तो खुद को निर्वस्त्र क्रिस्टियन की बांहों में आराम से लिपटा पाया। गहरी नींद के बावजूद उसने मुझे कस कर थामा हुआ है और पर्दे से छन कर हल्की रोशनी अन्दर आ रही है। मेरा सिर उसकी छाती पर है, टांगें आपस में गुंथी हैं और बांहें पेट पर टिकी हैं।

मैंने हौले से सिर उठाया, कहीं उसकी नींद ही न खुल जाए। वह अपनी नींद में कितना जवान और सुकून से भरा दिख रहा है। वह मेरा है।

हम्म……मैंने धीरे से अंगुलियों की मदद से उसकी छाती के बाल सहलाए और वह नहीं हिला। मैं यकीन नहीं कर सकती। वह सचमुच मेरा है- इन बेशकीमती पलों में वह मेरा है। मैं झुकी और प्यार से उसकी छाती पर दिख रहे एक दाग को चूम लिया। वह हौले से कराहा पर उठा नहीं और मैं मुस्कुराई। मैंने एक और बार चूमा पर इस बार उसकी आंख खुल गई।

“हाय!” मैं थोड़ी शर्मिंदगी के साथ मुस्कुराई।

“हाय!” उसने जवाब दिया। तुम कर क्या रही हो?

“तुम्हें देख रही हूं।” उसने मेरा हाथ थामा और आंखें सिकोड़ीं। फिर चेहरे पर सुकून से भरी मुस्कान आ गई। मैंने भी चैन की सांस ली। मेरा उसे छूने का राज़ खुलने से बच गया।

“ओह…तुम मुझे अपने-आप को छूने क्यों नहीं देते?”

अचानक ही उसने करवट बदली और मेरे ऊपर आ गया। वह मेरे हाथों को अपने नीचे दबा कर चेतावनी सी दे रहा था। फिर अपनी नाक से मेरी नाक सहलाई।

“मिस स्टील! तुम किसी काम की नहीं हो।” उसने इल्ज़ाम लगाया और साथ ही मुस्कुराता भी रहा।

“मुझे अच्छा लगता था कि जब तुम आसपास हो तो मैं यूं ही नाकारा हो जाऊं।”

“ऐसा है?” उसने पूछा और होठों पर हल्का सा चुंबन जड़ दिया। सेक्स या नाश्ता?”

उसकी आंखों में मज़ाक हिलोरें ले रहा है। उसके शरीर के उस हिस्से की चुभन महसूस की जा सकती है। मैंने भी शरीर के निचले हिस्से को ऊपर उठाते हुए अपना स्पर्श दिया।

“ओह, चुनाव तो अच्छा है।” वह हौले से बोला और मेरी छाती तक चुंबन बरसाता चला गया।

मैं अपनी अलमारी के पास खड़ी, शीशे में देख रही हूं ताकि बालों को किसी तरह सलीके से संवारा जा सके। सच्ची, ये ज्यादा ही लंबे हैं। मैंने एक जींस और टी-शर्ट पहने हैं और क्रिस्टियन भी नहा-धो कर कपड़े पहन रहा है। मैंने उसके शरीर को प्यासी नज़रों से देखा।

“तुम अक्सर कितनी देर तक कसरत करते हो?” मैंने पूछा

“हर रोज़।” उसने पैंट के बटन बंद करते हुए कहा

“तुम करते क्या हो?”

“दौड़, भार उठाना, किक बॉक्सिंग।” उसने कंधे झटके।

“किक बॉक्सिंग?”

“हां, मेरे पास एक निजी ट्रेनर है, एक भूतपूर्व ओलंपिक प्रतियोगी, वही मुझे सिखाता है। उसका नाम क्लॉड है। वह बहुत अच्छा है। तुम्हें पसंद आएगा।”

वह सफेद शर्ट के बटन बंद करने लगा तो मैं उसे देखने के लिए मुड़ी।

“तुम कहना क्या चाहते हो कि वह मुझे पसंद आएगा?”

“तुम उसे एक ट्रेनर के तौर पर पसंद करोगी।”

“मुझे एक निजी ट्रेनर की ज़रूरत क्यों पड़ने लगी? मुझे फिट रखने के लिए तुम जो हो।”

उसने अचानक ही मुझे बांहों के घेरे में ले कर अपनी गहरी वासना से भरी आंखों से घूरा।

“पर बेबी! मेरे दिमाग में तुम्हारे लिए जो है, उसके लिए तुम्हारा पूरी तरह से फिट होना ज़रूरी है।”

मैं प्लेरूम की उन यादों को सोचकर खिसिया गई। हां… उस कमरे में जा कर मुझे कितनी थकान हो जाती है। क्या वह मुझे फिर से वहां ले जाना चाहता है? क्या मैं फिर से वहां जाना चाहती हूं?

बेशक तुम जाना चाहती हो। मेरे भीतर बैठी लड़की चिल्लाई।

मैंने उसकी सम्मोहक जादुई आंखों में निहारा।

तुम जानती हो कि तुम क्या चाहती हो?

मैंने होंठ भींचे और अचानक ही मेरी आंखों के आगे लीला का चेहरा नाच उठा। मन कसैला सा हो आया।

क्रिस्टियन ने लगाव से पूछा- “क्या हुआ?”

“कुछ नहीं मैं ठीक हूं। मैं क्लॉड से मिल लूंगी।”

“तुम मिलोगी।” क्रिस्टियन के चेहरे की हैरानी और खुशी देखने लायक थी। उसे देखकर मेरे चेहरे पर मुस्कान खेल गई। ऐसा लगा कि उसकी लॉटरी निकल आई हो हालांकि उस जैसे बंदे को तो कभी लॉटरी का टिकट तक खरीदने की ज़रूरत महसूस नहीं हुई होगी।

“हां। अगर तुम्हें इससे ख़ुशी मिलती है तो?”

उसने बांहों का घेरा और भी कस कर मुझे चूम लिया और बोला।

“आज क्या करना चाहोगी?”

“मुझे बाल कटवाने हैं… चेक भुना कर अपने लिए कार लेनी है।

“ओह!” उसने झट से अपनी जींस की जेब से मेरी ऑडी की चाबी निकाल ली।

“ये लो।” उसके चेहरे पर अनिश्चित से भाव थे।

“तुम कहना क्या चाहते हो। कार यहां है? ओह!” मैंने गुस्सा दिखाया। मैं गुस्से में हूं। उसने हिम्मत कैसे की?

“टेलर कल इसे वापिस ले आया था।”

मैंने मुंह खोला और फिर से यह प्रक्रिया दोहराई। मुंह से शब्द ही नहीं निकले । वह मेरी कार वापिस दे रहा है। हो गया कचरा! यह बात मेरे दिमाग में पहले क्यों नहीं आई? मैंने जींस की जेब से उसके चेक वाला लिफाफ़ा निकाल लिया।

“ये तुम्हारे हैं।”

क्रिस्टियन ने मुझे हैरानी से देखा फिर लिफाफ़ा पहचान कर दोनों हाथ उठा कर पीछे हट गया।

“अरे नहीं। ये तो तुम्हारे पैसे हैं।”

“नहीं। ये नहीं हैं। मैं तुमसे कार खरीदना चाहूंगी।”

उसके चेहरे के भाव एकदम बदल गए। चेहरे पर एकदम गुस्सा छलक उठा।

“नहीं, एनेस्टेसिया कार और पैसे दोनों तुम्हारे हैं।”

“वह तो तुम्हारी ग्रेजुएशन का उपहार थी।”

“अगर उपहार में एक पेन दिया होता तो वह जायज़ माना जाता। तुमने मुझे उपहार में ऑडी दी।”

“अब तुम इस बारे में भी बहस करना चाहती हो?”

“नहीं।”

“ठीक है, ये लो चाबियां।” उसने उन्हें दराज पर रख दिया।

“एनेस्टेसिया बहस ख़त्म। मेरा दिमाग मत खाओ।”

मैंने उसे देखकर मुंह बनाया और अचानक ही एक आइडिया आ गया। मैंने लिफाफ़ा लिया और उसके दो-तीन टुकड़े कर कूड़ेदान में डाल दिए। ओह! कितना बेहतर महसूस हो रहा है।

क्रिस्टियन ने चुपचाप देखा लेकिन मैं समझ सकती हूं कि मैंने आग में घी डाल दिया है और अब तन कर खड़े रहना होगा। वह खड़ा चिबुक सहलाता रहा।

“मिस स्टील तुम हमेशा की तरह अड़ियल और किसी चुनौती से कम नहीं हो।” वह सीधा दूसरे कमरे में चल दिया। मैंने ऐसी प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं की थी। मुझे तो जंग होने के पूरे आसार लग रहे थे। मैंने खुद को शीशे में देखकर कंधे झटके और यही तय किया बालों की पोनीटेल बांध ली जाए।

मेरा कौतूहल बढ़ रहा है। फिफ्टी कर क्या रहा है? मैं कमरे में उसके पीछे गई तो वह फ़ोन पर व्यस्त दिखा।

“हां। चौबीस हजार डॉलर। बिल्कुल!”

उसने मुझे बेलाग नज़रों से ताका।

“अच्छा… सोमवार… बढ़िया… नहीं, हो गया आंद्रिया।”

उसने झट से फोन बंद कर दिया।

“सोमवार को तुम्हारे बैंक खाते में जमा हो जाएंगे। मेरे साथ खेल मत खेलो।” वह बुरी तरह से उबल रहा है पर मुझे परवाह नहीं है।

चौबीस हजार डॉलर। मैं लगभग चिल्लाई- “तुम्हें मेरे खाते का नंबर कैसे पता चला?”

“एनेस्टेसिया! मैं तुम्हारे बारे में सब कुछ जानता हूं।” उसने चुपके से कहा।

“मेरी कार किसी भी हाल में इतनी महंगी नहीं बिकी होगी।”

“मैं भी मान लेता पर तुम्हें पता होना चाहिए कि किसी पागल ने मौत के उस जाल के लिए इतना पैसा दिया क्योंकि वह क्लासिक चीज़ थी। अगर यकीन न हो तो टेलर से पूछ लेना।”

मैंने उसे घूरा। दो जिद्दी और गुस्सैल एक-दूसरे को घूर रहे हैं।

और मैं इसे महसूस कर सकती हूं… हमारे बीच का वह खिंचाव… अचानक ही वह मुझे बुरी तरह से अपनी जकड़ में ले कर चूमने लगा। मेरी अंगुलियां उसके बालों में हैं और मैं उसे लगातार अपनी ओर खींच रही हूं। उसने अपने पूरे शरीर का भार मुझ पर डाल दिया है मानो मुझे अपने भीतर बसा लेना चाहता हो। मैं से महसूस कर सकती हूं। मैं महसूस कर सकती हूं कि वह मेरे लिए कितना उत्तेजित हो रहा है। मैं उसे उत्तेजित करने की ताकत रखती हूं।

“तुम… तुम हमेशा मुझे नीचा क्यों दिखाती हो?” वह गर्मागर्म चुंबनों के बीच बोला।

मेरी नसों में खून उबलने लगा। क्या वह हमेशा मुझे इसी तरह बस में करता रहेगा। और क्या मैं भी… ?

“क्योंकि मैं ऐसा कर सकती हूं।” मैं बेदम हो गई हूं। उसने मुस्कुरा कर मेरे माथे के साथ अपना माथा जोड़ दिया।

“हे भगवान! मैं तुम्हारे साथ अभी संबंध बनाना चाहता हूं कंडोम खत्म हो गए हैं। पता नहीं तुमसे मेरा मन कभी भरेगा भी या नहीं? तुम एक दीवानी लड़की हो।”

“और तुम दीवाना बनाते हो। हर तरह से…”

उसने गर्दन हिलाई। “चलो नाश्ते के लिए चलें। मुझे एक जगह पता है जहां तुम अपने बाल भी कटवा सकती हो।”

“अच्छा।” मैं उठी और हमारी लड़ाई वहीं खत्म हो गई।

“मैं इसे भरूंगी”। मैंने झट से नाश्ते का बिल उठा लिया।

क्रिस्टियन ने मुंह बनाया।

“मि. ग्रे! यहां आपको फ़ुर्ती दिखानी चाहिए थी।”

“हां, वह तो तुमने ठीक कहा।”

“वैसे तुम्हें पता होना चाहिए कि आज मेरे पास कल के मुकाबले कितना ज्यादा पैसा है। मैं अमीर हो गई हूं।”

मैंने बिल पर नज़र डाली- नाश्ते के लिए बाईस डॉलर और सिक्सटी सेवन सेंट्स।

“धन्यवाद।” उसने खीझ के साथ कहा। चिड़चिड़ा स्कूली छोकरा लौट आया है।

“अब कहां चलें?”

तुम सचमुच बाल कटाना चाहती हो?”

“हां। देखो तो सही इन्हें।”

“तुम तो मुझे हर हाल में प्यारी लगती हो।”

मैं शरमा कर अपनी गोद में गुंथी अंगुलियों को देखने लगी। “आज तो तुम्हारे पिता का वह समारोह भी है।”

“याद रखना, ये आलीशान होगा।”

“कहां है?”

“मेरे माता-पिता के घर में। वहां वे भारी शमियाना लगवा रहे हैं।”

“यह चैरिटी या दानराशि किनके लिए है?”

क्रिस्टियन ने बेचैनी से जांघों पर हाथ रगड़े।

“यह छोटे बच्चों वाले मां-बाप के लिए ड्रग रीहैब कार्यक्रम है। इसका नाम है ‘कोपिंग टुगेदर’।”

“लगता है कि कोई भला काज है।”

“आओ। चलें।” उसने बात को वहीं रोक मेरा हाथ थाम लिया। मैंने हाथ आगे किया तो उसने कस कर अंगुली थाम ली।

कितनी अजीब बात है। कई बार कितनी तानाशाही दिखाता है और कई बार कितने अपनेपन का एहसास दिलाता है। वह मुझे रेस्तरां के बाहर ले गया और हम सड़क पर चलने लगे। बहुत प्यारी और हसीन सुबह है। सूरज चमक रहा है और हर तरफ से कॉफ़ी व ताजी बेक की गई ब्रेड की गंध आ रही है।

“हम कहां जा रहे हैं?”

“सरप्राइज़।”

“ओह ठीक। पर सच कहूं तो मुझे सरप्राइज़ इतने पसंद नहीं आते।”

हम दो ब्लॉक और आगे गए तो अनेक स्टोर दिखायी दिए। हमें अभी तक इस इलाके में अच्छी तरह घूमने का मौका ही कहां मिला था। केट बड़ी खुश होगी। उसके फैशन की दीवानेपन को पूरा करने के लिए यहां कई स्टोर हैं। दरअसल मुझे भी ऑफिस में पहनने के लिए एक-दो स्कर्ट लेने हैं।

क्रिस्टियन एक बड़े से ब्यूटी सैलून के बाहर रुका और मेरे लिए दरवाजा खोला। इसका नाम एस्कलावा था। सारा इंटीरियर सफेद है और इसकी बनावट में चमड़े का प्रयोग किया गया है। सफेद रंग के रिसेप्शन मेज पर लाल बालों वाली युवती सफेद वर्दी में बैठी है। हमारे अन्दर आते ही उसने झांका।

गुडमोर्निंग मि. ग्रे। उसके गालों के गुलाब खिल गए और उसने पलकें झपकाईं। क्या ये ग्रे का असर है? पर वह उसे जानती है पर… कैसे?

“हैलो ग्रेटा!”

और वह भी उसे जानता है। यह क्या हो रहा है?

“सर! क्या ये आम विजिट है?” गुलाबी लिपस्टिक वाली ग्रेटा ने पूछा।

“नहीं।” उसने झट से कहा और घबरा कर मुझे देखा।

“आम विजिट?” मुझे कुछ समझ नहीं आया।

ओह! यह तो नियम नंबर छह वाला ब्यूटी सैलून है। वही वैक्सिंग-शैक्सिंग वाली बकवास! ….शिट! वह अपनी सारी गुलामों को यहीं लाता है। शायद लीला को भी लाया होगा। मैं यहां क्या भाड़ झोंक रही हूं?

“मिस स्टील बताएंगीं कि वे क्या चाहती हैं?”

मैंने उसे घूरा। वह चोरी से सारे नियम लागू कर रहा है। मैंने पहले निजी ट्रेनर की हामी दे दी और अब यह?

“हम यहां क्यों आए हैं।” मैंने गुस्से से कहा।

“मैं इस और इसके जैसी तीन और जगहों का मालिक हूं।”

“तुम इसके मालिक हो।” मैंने हैरानी से पूछा। ओह, मैंने यह सुनने की उम्मीद नहीं की थी।

“हां! साइड बिज़नेस कह सकते हैं। तुम जो जी में आए करवा सकती हो। किसी भीतर की मालिश; स्वीडिश, शिआत्सू, गर्म पत्थर, रिफ्लैक्सोलॉजी, सीवीड बाथ, कई तरह के फेशियल और वही सब जो औरतें पसंद करती हैं- सब कुछ। यहां सब कुछ होता है।” उसने अपनी लंबी अंगुलियां लहराईं।

“वैक्सिंग?”

वह हंसा- “हां वैक्सिंग भी, सब कुछ।” वह हौले से बोला और मेरी बेचैनी का मज़ा लेने लगा।

मैंने शरमा कर ग्रेटा को देखा जो मुझे उम्मीद भरी निगाहों से ताक रही थी।

“मैं बाल कटवाना चाहूंगी। प्लीज़!”

“क्यों नहीं मिस स्टील!”

ग्रेटा ने बड़ी तत्परता से कंप्यूटर का स्क्रीन देखा।

“फ्रेंकों पांच मिनट में आ रहा है।”

“फ्रेंकों ठीक रहेगा।” क्रिस्टियन ने मुझे दिलासा दिया। मैं इस जानकारी को हजम करने की कोशिश में हूं। क्रिस्टियन ग्रे, सीईओ; ब्यूटी सैलून शृंखला चलाता है।।

मैंने उसे देखा और पता नहीं क्यों अचानक ही उसका रंग पीला पड़ गया। मैंने देखा कि दरवाजे के पास एक अधेड़ सुनहरे बालों वाली युवती प्रकट हुई और वहां आकर एक हेयर स्टाइलिस्ट से बात करने लगी।

वह लंबी, पतली लेकिन बहुत प्यारी है। मुश्किल से चालीस के करीब होगी-कह नहीं सकते। उसने भी ग्रेटा जैसे कपड़े पहने हैं पर उसकी वर्दी काली है। वह ज़बरदस्त दिख रही है। उसके बाल चमक रहे हैं। जैसे ही वह मुड़ी तो क्रिस्टियन को देखकर मुस्कुराई, प्यार और अपनेपन से भरी मुस्कान।

“मैं अभी आया।” क्रिस्टियन बाहर निकल गया।

वह जल्दी से कदम रखता हुआ उसी ओर चल दिया और वहां के स्टाफ और हेयर स्टाइलिस्ट को पार करते हुए सीधा उसके पास पहुंच गया। वे मुझसे इतनी दूरी पर थे कि मैं बातचीत नहीं सुन सकती थी। उस महिला ने बड़े ही प्यार से स्वागत किया, उसके दोनों गाल चूमे और बांहों के ऊपरी हिस्से पर हाथ टिका दिए और वे आपस में घुल-मिलकर बातें करने लगे।

“मिस स्टील?”

ग्रेटा ने मेरा ध्यान अपनी ओर खींचना चाहा।

“एक मिनट प्लीज़।” मैं मंत्रमुग्ध भाव से क्रिस्टियन को ताक रही हूं।

उस महिला ने मेरी ओर देखा और वैसी ही प्यार और अपनेपन से भरी मुस्कान दी मानो मुझे जानती हो। मैंने भी उसी विनम्रता से मुस्कान लौटा दी।

क्रिस्टियन किसी बात से उखड़ा हुआ लगा। वह उससे बहस रहा है और वह उस पर बाहें उठा कर कुछ कह रही है। बेशक… दोनों के बीच गहरी जान-पहचान दिखती है। हो सकता है कि वे लंबे अरसे से एक साथ काम करते आए हों। शायद वह इस जगह को चलाती हो, दिखने में तो मालकिन ही लगती है।

तभी अचानक ही दिमाग में एक ख़याल कौंध गया और मैं अन्दर ही अन्दर जान गई कि वह महिला कौन है। मैं उसे जानती हूं। यह तो वही है….. ज़बरदस्त खूबसूरत और अधेड़ महिला।

मिसेज रॉबिन्सन!