fifty shades darker novel in Hindi
fifty shades darker novel in Hindi

fifty shades darker novel in Hindi: जब मैं और क्रिस्टियन मिसेज रॉबिन्सन के आने का इंतज़ार कर रहे थे तो मैंने उससे पूछा, “क्या आज तुमने उससे बात की थी?”

“हां।” “तुमने क्या कहा?”

“मैंने कहा कि तुम उससे नहीं मिलना चाहतीं और मैं समझता हूं कि इसकी क्या वजह है। मैंने उसे यह भी कहा कि मुझे उसका यह रवैया बिल्कुल नहीं भाया।”

ओह बहुत अच्छे! “उसने क्या कहा?”

उसने यह बात इस तरह हवा में उड़ा दी जो सिर्फ एलीना ही कर सकती है। उसका चेहरा एक टेढ़ी-सी मुस्कुान से सज गया।

“तुम्हें क्या लगता है, वह यहां क्यों आई है?”

“कुछ कह नहीं सकता।” उसने कंधे झटके।

टेलर ने बड़े कमरे में कदम रखा… “मिसेज लिंकन…” उसने ऐलान किया।

और वह आ गई… यह इतनी आकर्षक क्यों दिखती है? वह पूरी काली पोशाक में है। टाइट जींस और शर्ट जो उसकी गठन को पूरी तरह से उभारते हैं और साथ ही चमकीले बालों का असर भी दिखता है।

क्रिस्टियन ने मुझे अपने पास खींच लिया।

वह उलझे सुर में बोला, “एलीना?”

एलीना ने मुझे देखा और वहीं जड़ हो गई।

“सॉरी! क्रिस्टियन मुझे नहीं पता था कि तुम किसी के साथ हो पर आज तो सोमवार है।” उसने इस तरह कहा मानो अपने आने की सफाई दे रही हो।

“मैं अपनी गर्लफ्रेंड के साथ हूं।” क्रिस्टियन ने गर्दन तिरछी करते हुए एक मोहक मुस्कान के साथ कहा।

एलीना के चेहरे पर भी एक उजली-सी मुस्कान खेल गई पर मुझे अजीब-सा लगने लगा।

“बेशक! हेलो एनेस्टेसिया! मुझे नहीं पता था कि तुम यहां हो। मुझे पता है कि तुम मुझसे बात नहीं करना चाहतीं और मुझे यह बात मंजूर है।”

“अच्छा?” मेरे कड़े लहज़े ने अचानक ही सबको सकते में डाल दिया। भवों पर हल्का-सा बल डालते हुए वह कमरे में आ गई।

“हां, तुम्हारा संदेश मिल गया था। मैं तुमसे मिलने नहीं आई। क्रिस्टियन सप्ताह के बीच किसी से नहीं मिलता इसलिए मुझे लगा कि आज वह अकेला ही होगा। मुझे एक परेशानी है और इसी बारे में बात करना चाहती थी।”

“ओह? क्या तुम एक ड्रिंक लेना चाहोगी?” क्रिस्टियन ने पूछा।

“हां प्लीज!” उसने कहा।

क्रिस्टियन गिलास लाने चल दिया और हम दोनों एक अजीब-सी खामोशी के बीच हैं। वह अपने हाथ की अंगूठी से खेल रही है और मुझे समझ नहीं आ रहा कि कहां देखूं? अंत में मुझे एक भिंचे होठों की मुस्कान देने के बाद वह कोने के स्टूल पर जा कर बैठ गई। वह इस घर के कोने-कोने को जानती है।

क्या मैं यहीं ठहरूं? क्या मैं कमरे में जाऊं? ओह! ये सब कितना मुश्किल है! भीतर बैठी लड़की सामने वाली औरत को कड़वी नज़रों से ताक रही है।

मैं इसे कितना कुछ कहना चाहती हूं पर उसमें से कुछ भी शोभनीय नहीं है। पर मैं कर भी क्या सकती हूं। वह क्रिस्टियन की इकलौती दोस्त है। और मुझे अपनी कड़वाहट के बावजूद शांत बने रहना होगा। मैंने भी वहीं बैठने का फैसला लिया और क्रिस्टियन वाले स्टूल पर बैठ गई। क्रिस्टियन ने गिलासों में वाइन परोसी और हमारे बीच आ बैठा। क्या उसे ये सब अजीब नहीं लगता?

“क्या हुआ बोलो?” उसने पूछा।

एलीना ने घबराहट से मुझे देखा और क्रिस्टियन ने मेरा हाथ थाम लिया।

“एनेस्टेसिया अब मेरे साथ है।” उसने कहा और मेरा हाथ छोड़ दिया। मैं शरमा गई और भीतर बैठी लड़की भी अपनी कड़वाहट भुलाकर उसे देखकर दमकी।

एलीना का चेहरा मुलायम हो उठा मानो उसके लिए खुश हो गई हो। ओह! मैं तो सचमुच इस औरत को समझ नहीं सकी। मैं इसकी मौजूदगी में इतनी परेशान क्यों हो जाती हूं।

उसने गहरी सांस ली और परेशान दिखी। फिर बार-बार अपनी अंगूठी को अंगुली में घुमाने लगी।

इसे हुआ क्या? मेरे होने से परेशानी है? क्या मैं इस पर ऐसा असर डालती हूं? क्योंकि मैं भी ऐसा ही महसूस करती हूं और उसे यहां नहीं चाहती। उसने सिर उठाया और क्रिस्टियन की आंखों में झांक कर बोली।

“मुझे ब्लैकमेल किया जा रहा है।”

ओए ये क्या! मैंने उसके मुंह से यह सुनने की तो उम्मीद नहीं की थी। क्रिस्टियन का शरीर तन गया। क्या किसी को एलीना की करतूतों का पता चल गया? भीतर बैठी लड़की ने खुशी से हाथ मले। इसके साथ अच्छा हुआ!

“कैसे?” मैं क्रिस्टियन की आवाज में छिपा डर भी भांप सकती हूं।

उसने चमड़े के बड़े से डिजाईनर पर्स से एक नोट निकाला और उसे देने लगी।

“इसे वहां नीचे रखो।” क्रिस्टियन ने चिबुक से बारस्टूल की ओर संकेत किया।

“तुम इसे छूना नहीं चाहते?”

“हां, अंगुलियों के निशान हो सकते हैं।”

“क्रिस्टियन! तुम जानते हो कि मैं इसे ले कर पुलिस के पास नहीं जा सकती।”

मैं ये सब क्यों सुन रही हूं? क्या आजकल ये किसी और बेचारे लड़के को अपना निशाना बना रही है?

क्रिस्टियन झुककर कागज़ पढ़ने लगा।

“ये पांच हजार डॉलर मांग रहा है। कोई अंदाजा है कि कौन है? शायद कोई आसपास का बंदा?”

“नहीं।”

“लिंक।”

हैं! ये कौन है?

“क्या- नहीं। भला वह ऐसा क्यों करेगा?”

“क्या इसाक जानता है?”

“मैंने उसे नहीं बताया।”

इसाक कौन?

शायद उसे बता देना चाहिए। ओह! अब तो मैं यहां से जाना चाहती हूं। मैंने इन बातों से क्या लेना है।

अपना हाथ छुड़ाना चाहा तो क्रिस्टियन ने और भी कसकर थाम लिया और बोला

“क्या हुआ?”

“मैं थक गई हूं। सोने जाना चाहती हूं।”

उसकी आंखें मेरे भाव जानने के लिए बेचैन हैं।

“अच्छा। मैं थोड़ी देर में आया।” वह बोला।

उसने मुझे छोड़ा और एलीना अजीब से तरीके से देखने लगी। मैंने बिना कुछ कहे उसी सख्ती से उसकी ओर देखा।

“गुडनाइट एनेस्टेसिया!” उसने एक छोटी-सी मुस्कान दी।

“गुडनाइट!” मैंने ठंडे स्वर में कहा और जाने के लिए मुड़ी। ये तनाव अब सहा नहीं जा रहा। मैं कमरे से बाहर आई तो वे फिर से बातें करने लगे।

“एलीना! मुझे नहीं लगता कि मैं इसमें कुछ खास मदद कर सकता हूं। अगर सवाल पैसे का है…. मैं वेल्क से पता लगाने को कह सकता हूं।”

“नहीं क्रिस्टियन, मैं बस तुम्हें बताना चाहती थी।” वह बोली।

मैं कमरे से निकली तो उसे कहते सुना, “तुम बहुत खुश दिख रहे हो।”

“हां मैं खुश हूं।” क्रिस्टियन ने जवाब दिया।

“तुम्हें खुश होने का पूरा हक है।”

“काश ये सच होता।”

“क्रिस्टियन!” उसने फटकारा।

मैं वहीं खड़ी सुनती रही। सुने बिना नहीं रह सकती।”

“क्या वह जानती है कि तुम अपने बारे में कितनी नकारात्मक राय रखते हो, अपने मसलों के बारे में?”

“वह मुझे किसी भी दूसरे इंसान से ज्यादा जानती है।”

“आउच! सुनकर बुरा लगा।”

“यही सच है एलीना! मुझे उसके साथ कोई छल-छंद नहीं करने पड़ते और मेरी बात के कोई मायने हैं। उसे अकेला छोड़ दो।”

उसकी परेशानी क्या है?

“तुम… हम जो भी थे। हमने जो भी किया। वह नहीं समझती।”

“उसे समझाओ।”

“एलीना, वह बीता कल था। मैं उसे अपने उस कड़वे अतीत में क्यों शामिल करूं? वह बड़ी ही प्यारी, भोली और मासूम है। …और जाने कैसा चमत्कार है कि वह मुझसे प्यार भी करती है।”

“क्रिस्टियन यह कोई करिश्मा नहीं है। अपने पर भरोसा रखना सीखो। तुम सचमुच इस लायक हो। मैंने तुम्हें पहले भी कई बार कहा है और वह भी प्यारी लगती है। वह मजबूत है। कोई ऐसी, जो तुम्हारा सहारा बन सकती है।”

मैं क्रिस्टियन का जवाब नहीं सुन सकती। क्या मैं मजबूत हूं? मैं तो ऐसा महसूस नहीं करती।

“क्या तुम उसे याद नहीं करते?” एलीना ने पूछा।

“किसे?”

“अपने प्लेरूम।

मैंने अपनी सांस रोक ली।

“इस बात से तुम्हारा कोई लेना-देना नहीं है।” क्रिस्टियन गुस्से से बोला।

“ओह!”

“सॉरी!” एलीना ने कहा।

“शायद अब तुम्हें जाना चाहिए और आने से पहले एक फोन करना चाहिए।”

“क्रिस्टियन सॉरी! तुम इतने संवेदनशील कब से हो गए?”

“एलीना! हम दोनों व्यावसायिक संबंधों में हैं और उनसे हम दोनों को ही लाभ हुआ है। इन्हें इसी रूप में रहने दो। हमारे बीच जो भी था, वह बीता हुआ कल है। एना मेरा आने वाला कल है। मैं उसे बर्बाद नहीं करना चाहता इसलिए तुम बेकार की बकवास मत करो।”

मैं उसका आने वाला कल!

“अच्छा।”

“देखो! मैं तुम्हारी मुश्किल समझ रहा हूं। तुम्हें पुलिस को उनके बारे में बता देना चाहिए।” इस बार क्रिस्टियन का सुर थोड़ा नरम था।

“क्रिस्टियन! मैं तुम्हें खोना नहीं चाहती।”

“एलीना! मैं तुम्हारा नहीं हूं।”

“मैं यह नहीं कहना चाहती थी।”

“तो क्या कहना चाहती हो।” अबकी क्रिस्टियन आपे से बाहर हो गया।

“देखो। मैं तुमसे बहस नहीं करना चाहता। मेरे लिए तुम्हारी दोस्ती मायने रखती है। एना का पीछा छोड़ो। मेरी मदद की जरूरत हो तो मैं हाज़िर हूं। मैं हमेशा तुम्हारी मदद करूंगा।”

“एना को लगता है कि तुम पिछले शनिवार मुझसे मिली थीं। तुमने यह सब कहा? तुमने झूठ क्यों कहा?”

“मैं उसे जताना चाहती थी कि उसके जाने के बाद तुम्हारा क्या हाल हो गया था। मैं नहीं चाहती कि वह दोबारा तुम्हारे दिल को ठेस पहुंचाए।”

“वह जानती है। मैंने उसे बताया है। तुम दखल देना बंद करो। सच कह रहा हूं, तुम तो मुर्गी की तरह मुझे अपने डैनों में समेटने के लिए बेचैन हो रही हो।” एलीना हंसी। उसकी हंसी में जैसे उदासी घुली थी।

“मैं जानती हूं। सॉरी। मुझे तुम्हारी बहुत परवाह है पर क्रिस्टियन मैंने यह कभी नहीं सोचा था कि तुम भी किसी से प्यार कर सकते हो। ये देखना तो अच्छा लगता है पर वह तुम्हारा दिल दुखाए, इसे मैं सह नहीं सकती।”

“मैं अपने-आप देख लूंगा। अब तुम यह कहो कि वेल्क की मदद लेनी है या नहीं?”

उसने आह भरी, “इससे कोई नुकसान तो नहीं होगा।”

“अच्छा! मैं उसे कल बुला लेता हूं।”

वे दोनों पुराने दोस्तों की तरह बातें करते हैं। वह उसकी बहुत ज्यादा परवाह करती है। खैर ऐसा कौन होगा जो उसे जानने के बाद उसकी परवाह न करे?

“धन्यवाद क्रिस्टियन और अचानक आने के लिए सॉरी! आगे से फोन करके हीआऊंगी।”

“अच्छा।”

वह जा रही है। शिट! मैं झट से क्रिस्टियन के कमरे में पलंग पर जा बैठी कुछ ही पल में वह अन्दर आ गया।

“वह गई।” उसने मेरे भाव जानने चाहे।

मैंने उसे घूरा और पूछा, “क्या तुम मुझे उसके बारे में बताओगे? मैं यह समझने की कोशिश कर रही हूं कि तुम्हारे हिसाब से उसने तुम्हारी मदद कैसे की? मुझे लगता है कि उसने तो तुम्हें अंधाधुंध नुकसान पहुंचाया है। तुम्हारा कोई दोस्त नहीं था। क्या उसने तुम्हें उनसे दूर रखा?”

उसने आह भरी और बालों में हाथ फिराया।

“तुम उसके बारे में क्यों जानना चाहती हो? वह अक्सर मेरे साथ सख्ती से पेश आती थी और मैंने उसके साथ इतनी तरह से शारीरिक संबंध बनाए हैं कि तुम सोच भी नहीं सकतीं। बात खत्म।”

मैं घबरा गई। उसे गुस्सा आ गया था।

“तुम इतने गुस्से में क्यों हो?”

“क्योंकि वह जो कुछ भी था, सब खत्म हो चुका है।”

मैंने अपने दोनों हाथ गोद में रख लिए और उसकी बात का मतलब समझने की कोशिश करने लगी।

वह मेरे पास आ बैठा, “तुम क्या जानना चाहती हो?”

“तुम मत बताओ। मैं जबरदस्ती नहीं करना चाहती।”

“एनेस्टेसिया! यह बात नहीं है। मुझे इस बारे में बात करना पसंद नहीं है। मैं सालों से एक ऐसे बुलबुले में कैद रहा जहां मुझ पर किसी का कोई असर नहीं होता था और न ही मुझे कभी किसी को अपनी सफाई देनी पड़ी। वह हमेशा मेरी भरोसेमंद बनी रही और अब मेरा अतीत और भविष्य आपस में ऐसे टकरा रहे हैं, जैसा मैंने कभी सोचा भी नहीं था।”

“एना! मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मेरा भी किसी के साथ कोई भविष्य हो सकता है। तुमने मुझे उम्मीद दी और सारी संभावनाओं पर गौर करने का हौंसला भी दिया।”

“मैं सब सुन रही थी।” मैंने हौले से कहा।

“क्या?”

“तुम दोनों की बातचीत।”

“अच्छा।”

“वह तुम्हारी परवाह करती है।”

“हां, वह करती है। मैं भी अपने तरीके से करता हूं पर इसका मेरी भावना से कोई मतलब नहीं है।”

मैं जलनखोर नहीं हूं। मैंने खुद को समझाया।

“क्या तुम उससे प्यार नहीं करते, क्रिस्टियन?”

“मैं कभी, बहुत पहले उसे प्यार किया करता था।”

“ओह! जब हम जार्जिया में थे तो तुमने कहा था… तुमने कभी उसे प्यार नहीं किया।”

“वह भी ठीक था।”

मैंने त्यौरी चढ़ाई।

“एनेस्टेसिया! मैंने तुमसे प्यार किया है। तुम ही इकलौती इंसान हो जिससे मिलने के लिए मैं तीन हजार मील का सफर तय करके गया था।”

ओह! फिर भी यह मुझे अपनी सेक्स गुलाम की तरह क्यों चाहता है।

“मेरे मन में तुम्हारे लिए जो भाव हैं, वह एलीना के लिए कभी नहीं आए।”

“तुम्हें कब पता चला कि तुम मुझे चाहते हो।”

“मुझे इस बात का एहसास दिलाने वाली भी एलीना ही थी। उसने ही मुझे जार्जिया जाने को कहा था।”

मैं जानती थी। मैं सवाना में जानती थी।

अब मैं क्या करूं। वह मेरी ओर भी है और चिंता भी करती है कि मैं क्रिस्टियन के दिल को चोट न दूं। यह सोच ही दुखदायी है। मैं उसे कभी दुख क्यों देना चाहूंगी। वह ठीक कहती है- क्रिस्टियन पहले ही बहुत सताया हुआ है।

शायद वह इतनी बुरी भी नहीं है। मैंने अपनी गर्दन हिलाई। मैं दोनों का कोई नाता नहीं चाहती थी। जो भी हो, उसने एक किशोर से उसकी जवानी छीनी है, भले ही वह इस चीज़ को किसी भी रूप में पेश करे।

“तो जब तुम किशोर थे तो तुम उसकी चाहना रखते थे?”

“हां।”

“ओह!”

“उसने मुझे बहुत कुछ सिखाया। उसने मुझे खुद पर भरोसा रखना सिखाया।

“ओह, पर वह तुम्हारे साथ सख्ती से भी तो पेश आती थी।”

“हां, वह ऐसा भी करती थी।”

“तुम्हें ये पसंद था?”

“जब मैं करता हूं, तब अच्छा लगता है।”

“इतना पसंद है कि तुम दूसरों पर आजमाना चाहते हो।”

“हां।”

“क्या इस काम में उसने तुम्हारी मदद की?”

“हां।”

“क्या वह तुम्हारी गुलाम रही?”

“हां।”

“ओह! क्या तुम चाहते हो कि मैं भी उसे पसंद करूं।”

“जरूरी नहीं पर अगर ऐसा कर पातीं तो मेरी जिंदगी काफी हद तक आसान हो जाती। मैं तुम्हारी नफ़रत की वजह नहीं समझ पा रहा।”

“क्रिस्टियन! अगर वह तुम्हारा बेटा होता तो तुम्हें कैसा लगता?”

उसने ऐसे पलकें झपकाईं मानो सवाल ही समझ न आया हो। फिर माथे पर बल डाल कर बोला, “मुझे उसके साथ रहना नहीं पड़ा था। एनेस्टेसिया! यह मेरा अपना चुनाव था।”

“ये बात मुझे बिल्कुल समझ नहीं आ रही।”

“लिंक कौन है?”

“उसका पुराना पति।”

“लिंकन टिंबर?”

“हां, वही।”

“और इसाक?”

“उसका नया सेक्स गुलाम।”

“ओह नहीं।”

“वह पच्चीस के करीब होगा। एनेस्टेसिया! वह एक वयस्क है।”

“तुम्हारी उम्र का।” मैंने कहा।

“देखो एनेस्टेसिया, जैसा कि मैंने उसे भी बताया कि वह मेरे अतीत का एक हिस्सा है। तुम मेरा आने वाला कल हो। उसे हमारे बीच मत आने दो। वैसे इन बातों मन भर गया है। मैं कुछ काम करने जा रहा हूं। चलो उठो, प्लीज।”

मैं उसे घूरती रही।

“ओह, तुम्हें बताना ही भूल गया। कल तुम्हारी कार आ गई थी वह गैराज में है और चाबियां टेलर के पास हैं।”

“वाह… साब? क्या मैं कल चला सकती हूं।?”

“नहीं।”

“क्यों नहीं?”

“तुम जानती हो कि क्यों नहीं। इससे मुझे याद आ गया कि अगर तुम्हें ऑफिस से बाहर जाना हो तो मुझे बता देना। स्वेयर वहीं था और तुम पर नज़र रखे हुए था। ऐसा लगता है कि मैं तुम्हारी देखभाल के लिए तुम पर भरोसा नहीं कर सकता।” उसने मुझे ऐसे फटकारा मानो मैं कोई शरारती बच्चा हूं। वैसे तो मैं बहस कर सकती थी पर एलीना वाले मामले में आज काफी बहस हो चुकी थी इसलिए मैंने चुप रहने में ही भलाई समझी।

उसने पल भर के लिए आंखें बंद कीं और अपने पर काबू पाते हुए बोला।

“मुझे थोड़ा काम है।”

मैंने गहरी सांस छोड़ी। मुझे पता ही नहीं था कि मैं सांस रोके बैठी थी। मैं पलंग पर लेट कर छत को ताकने लगी।

क्या हम कभी बहस किए बिना, सामान्य बातचीत कर सकेंगे? इससे बहुत थकान हो जाती है।

हम तो एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते भी नहीं हैं। क्या मैं इसके साथ रहने आना चाहती हूं? मुझे तो यह भी नहीं पता कि ये काम के दौरान कोई चाय या कॉफी भी लेना पसंद करता है या नहीं? क्या मुझे उसे परेशान ही नहीं करना चाहिए? मुझे इसकी पसंद-नापसंद भी तो नहीं पता।

साफ है कि वह एलीना की राम कहानी से अब गया है। वह ठीक कहता है, मुझे भी इस बात को भुलाकर आगे बढ़ जाना चाहिए। खैर, उसे यह कोशिश तो नहीं करनी चाहिए कि मैं एलीना से दोस्ती कर लूं। उम्मीद करती हूं कि अब वह भी मुझे मीटिंग के लिए नहीं कहेगी।

मैं बिस्तर से उठकर खिड़की के पास गई। बालकनी का दरवाजा खोला और कांच की रेलिंग के पास टहलने लगी। उसकी पारदर्शिता मुझे बेचैन कर रही है। हवा में ठंडक है और मैं ऊंचाई पर हूं।

मैंने सिएटल के चमकते सितारों को देखा। वह सारी दुनिया से कटा, अपने दुर्ग में बंद है। उसे किसी को जवाब नहीं देना होता। उसने मुझसे अभी प्यार का इजहार किया और फिर औरत की वजह से यह हंगामा हो गया। मैंने आंखें नचाईं। इस आदमी की जिंदगी कितनी उलझी हुई है। यह आदमी कितना उलझा हुआ है।

मैंने भारी सांस के साथ देखा, सारा सिएटल शहर मेरे कदमो में बिछा है। मैंने रे को फोन करने की सोची। कितने दिनों से बात नहीं हुई है। चाहे थोड़ी देर के लिए ही बात होगी पर मुझे यकीन हो जाएगा कि वे ठीक-ठाक हैं और मैं उनके एक खास सॉकर मैच में दखलंदाजी कर रही हूं।

“उम्मीद करता हूं क्रिस्टियन के साथ सब ठीक चल रहा होगा।” उन्होंने कहा और मैं जानती हूं कि वे कोई बात निकलवाना चाह रहे हैं पर उन्हें उससे कोई उतर नहीं पड़ता।

“हां, हमारे बीच सब ठीक चल रहा है। मैं उसके साथ ही रहने आ रही हूं। हालांकि अभी बाकी बातें तय नहीं हुईं।”

“लव यू डैड।”

“लव यू एनी।”

मैंने फोन रखा और घड़ी देखी। अभी तो दस बजे हैं और आज की बहस के कारण मैं बेचैनी-सी महसूस कर रही हूं। मैं नहाई और एक्टोन द्वारा भेजी गई रात की पोशाकों में से कोई एक पहनने की सोची। क्रिस्टियन हमेशा मेरी टी-शर्टों के बारे में बिसूरता रहता है।

मैंने हल्की गुलाबी पोशाक चुनी और पहन ली। उसका कपड़ा मेरे शरीर से चिपक गया और आसपास बिखर-सा गया। ये कितना आलीशान और प्यारा लग रहा है। साटिन की बात ही कुछ और होती है। मैंने शीशे में देखा तो लगा कि तीस के दशक की कोई नायिका है। ये काफी लंबा और शानदार है पर मैं अक्सर ऐसी पोशाकें नहीं पहनती

मैंने मेल खाता चोगा लिया और लाईब्रेरी से कोई किताब खोजने चल दी। मैं आई-पैड पर भी पढ़ सकती थी पर इस समय मुझे किसी किताब के स्पर्श की सख्त जरूरत है। इस तरह अकेलेपन का एहसास घट जाएगा। क्रिस्टियन को अकेला छोड़ना ही ठीक है, उसका मूड भी संभल जाएगा और वह काम भी कर लेगा।

उसकी लाईब्रेरी में किताबों का ढेर लगा है। मैंने देखा कि तकरीबन किताबों के पहले संस्करण ही रखे हुए थे। तभी बिलियर्ड़ की मेज और रूलर पर नजर गई और मैं शरमा गई। मैंने अपने लिए रिबेका चुनी, वहीं आरामकुर्सी पर पढ़ने लगी।

अचानक ही क्रिस्टियन ने मुझे बांहों में उठाया तो मेरी आंख खुली।

“हे! तुम सो गई थीं। मैं तुम्हें वहां खोज रहा था।” मैंने नींद-नींद में ही उसके गले में बांहें डालीं और उसके बदन की गंध ने मुझे मदहोश कर दिया। वह मुझे सोने के कमरे में ले गया और पलंग पर लिटाकर चादर ओढ़ा दी।

“सो जाओ बेबी!” उसने मेरा माथा चूम लिया।

मैं एक सपने से अचकचाकर उठ बैठी। बिस्तर पर वह नहीं था। बड़े कमरे से पिआनो के स्वर सुनाई दिए।

क्या बजा है। घड़ी देखी तो रात के दो बजे थे। क्या क्रिस्टियन सोने ही नहीं आया? मैंने चोगे में उलझी टांगें निकालीं और पलंग से उतर गई।

बड़े कमरे में चारों ओर धुन गूंज रही है और क्रिस्टियन एक रोशनी के बुलबुले में कैद अपनी ही दुनिया में मग्न है। वह अक्सर अपने हुनर से मुझे हैरान क्यों कर देता है?

उसने मुझे देखा और अपनी आंखों से पीने लगा। उसके पास पहुंची तो उसने हाथ रोक दिए।

“तुमने बंद क्यों कर दिया? कितना अच्छा बजा रहे थे।”

“क्या तुम्हें पता भी है कि तुम इस समय कितनी दिलकश दिख रही हो।” उसने मुलायम स्वर में कहा।

“ओह! पलंग पर चलो।” मैंने कहा। उसने हाथ आगे किया और मुझे अपनी गोद में खींच लिया। वह मेरी गर्दन के पीछे अपनी नाक से गुदगुदी करने लगा।

“हम लड़ते क्यों हैं?” उसने दांतों से मेरा कान कुतरते हुए कहा।

मेरा दिल तो जैसे धड़कना ही भूल गया।

“क्योंकि हम एक-दूसरे को जानने की कोशिश कर रहे हैं और तुम ढीठ, अड़ियल, मूडी और कठोर किस्म के लोगों में से हो।”

“मिस स्टील! आपने सही कहा। हैरानी की बात है कि आप मेरे साथ कैसे टिकी हुई हैं।”

उसने अचानक ही मेरा चोगा उतार दिया और उसके हाथ मेरे बदन पर रेंगने लगे। उसकी छुअन से पूरा शरीर जाग उठा। वह लगातार मेरे शरीर को सहलाने लगा।

“तुम इन कपड़ों में कितनी सेक्सी दिख रही हो। मैं शरीर का एक-एक अंग देख सकता हूं।” उसने एक हाथ गर्दन के पीछे रखा और दूसरे हाथ से बाकी अंगों को छूने लगा। मैंने सिसकारी भरी और उसके चेहरे को चूम लिया। उसने मुझे एक गहरा चुंबन दिया और हाथों की सरगोशियां बढत़ी चली गईं।

उसने अचानक मुझे उठाकर पिआनो पर बिठा दिया। मेरे पांव पिआनो की कीज़ से टकराए, जिनसे बेमेल से सुर निकलने लगे। उसने हुक्म दिया, “पीठ के बल लेट जाओ।”

पिआनो के ढक्कन पर लेटने से बेचैनी सी महसूस हुई और पांव सुरों से खेलने लगे।

ओह! पता नहीं, ये क्या करने जा रहा है। उसकी चुंबनों की बौछार टांगों से होते हुए ऊपरी हिस्सों तक जाने लगी तो मैं कराही। मैंने अपनी टांगें पसार दीं।

“क्रिस्टियन ओह क्रिस्टियन! तुम ये सब क्या कर रहे हो।” उसने मेरी बात सुने बिना अपने ही तरीके से मेरे शरीर से खेलना जारी रखा।

“एना! ये मेरा बदला लेने का तरीका है। तुम मुझसे बहस करो और मैं तुम्हारे शरीर से खेलकर अपनी रंजिश निकाल लूंगा” उसने मेरे पेट, जांघों और टांगों पर चुंबनों की बरसात सी कर दी।

ओह! ये इसका कैसा मीठा-सा बदला है! मेरा पूरा शरीर पिआनो पर तिरछा हो आया। यह सब सहा नहीं जा रहा।

“क्रिस्टियन, क्रिस्टियन!” मैंने उसे अपने पास बुलाने के लिए सिसकारी भरी।

उसने मुझ पर तरस दिखाते हुए हाथ रोक दिया और अपना हथियार निकाल लिया। मैं वहीं लेटी, बेदम होकर उसे ताक रही हूं और वह मेरे पास आने के लिए जिरहबख्तर पहन रहा है। मुझे तो पता ही नहीं चला कि उसने कब अपने कपड़े उतारे।

उसकी आंखों में प्यार और वासना के मिले-जुले भाव हैं, जो उसे और भी सेक्सी बना रहे हैं।

“मैं तुम्हें दिल से चाहता हूं।” उसने कहा और..

मैं वहीं पिआनो पर पसरी हूं और सभी अंग शिथिल हुए पड़े हैं। मैंने सावधानी से अपने को उसकी छाती से दूर रखते हुए, अपना गाल टिका दिया और हम दोनों स्थिर पड़े रहे। सांसें धीरे-धीरे सामान्य हो गईं। उसने हौले से मेरे बाल सहलाए।

“तुम शाम को चाय या कॉफी में से क्या लेते हो?” मैंने नींद में पूछा।

“ये कैसा सवाल है?”

“मुझे लगा कि स्टडी में चाय लेकर आऊं पर यह नहीं पता था कि तुम शाम को क्या लेते हो।”

“ओह! एना, मैं शाम को वाइन या पानी लेता हूं। हालांकि मैं चाय लेने की कोशिश भी कर सकता हूं।”

उसके हाथ मेरी पीठ को लगातार सहलाने लगे।

“हम सचमुच एक दूसरे को कितना कम जानते हैं।” मैं बुदबुदाई।

“मुझे पता है।” उसने उदासी के साथ कहा। मैं उठ बैठी।

“क्या हुआ क्रिस्टियन!”

उसने गर्दन झटक दी। मानो किसी नापसंद सोच को अपने से दूर कर देना चाहता हो। उसने मेरे गाल सहलाए और बोला, “मैं तुमसे प्यार करता हूं, एना स्टील।”

सुबह छह का अलार्म बजा तो मैं चौंककर जाग गई।

मैं एक अजीब से सपने के असर से घिरी हूं। आंखें खुलीं तो पाया कि क्रिस्टियन मुझे जकड़े हुए है और गहरी नींद में सो रहा है। उसका चेहरा देखते ही मेरे मन में बेतरह प्यार उमड़ आया। जैसे ही उसके बालों में हाथ फिराने लगी। वह हिला और आंखें खोल लीं

“गुडमोर्निंग, जान।”

“गुडमोर्निंग, डियर।” उसने मुझे चूमा और कोहनी के बल लेट कर मुझे देखने लगा। “नींद अच्छी आई?”

“जी, कल रात की बाधा के बावजूद अच्छी नींद आई।

उसकी मुस्कान और भी चौड़ी हो गई। “हम्म, आप जब भी चाहें, ऐसी बाधा दे सकते हैं। अपने बारे में बताएं मि. ग्रे।”

“एनेस्टेसिया! मुझे तुम्हारे साथ सोने से अच्छी नींद आती है।”

“डरावने सपने तो नहीं आते?”

“बिल्कुल नहीं।”

“वैसे ये सपने किस बारे में होते हैं?”

उसकी भवें सिकुड़ गईं। आग लगे मेरे कौतूहल को।

“वे मेरे बचपन की परछाईयां हैं। डॉ. तो यही कहते हैं। कुछ बहुत साफ हैं और कुछ धुंधली हैं।” ऐसा लगा कि उसकी आवाज़ कहीं दूर से आ रही हो। वह अपनी अंगुली मेरी गर्दन के पास फिराने लगा और मेरा ध्यान बंट गया।

“क्या तुम कभी रोते या चिल्लाते हुए भी नींद से जगे हो?” मैंने मजाक करना चाहा।

उसने उलझन से देखा। “नहीं एनेस्टेसिया। मैं कभी नहीं रोया।”

ओह! मैं भी कैसी बेवक्त की बीन छेड़ देती हूं।

“क्या बचपन की कुछ खुशनुमा यादें भी हैं?”

“मुझे याद है कि वह केक बेक करती थी। मुझे उस बेक की खुशबू याद है। शायद मेरे जन्मदिन के लिए बेक हुआ था। फिर मॉम और डैड के साथ मिआ आई। मॉम को चिंता थी कि मैं कैसे पेश आऊंगा पर मैंने उसे दिल से अपनाया। मेरे मुंह का पहला शब्द ही मिआ था। मुझे अपना पहला पिआनो सबक याद है। मेरी टीचर मिस कैथी बहुत प्यारी थी। उसके पास घोड़े भी थे।”

“तुमने कहा कि मॉम ने तुम्हारी जान बचाई। वो कैसे?”

वह अपने सपने से जगा और बोला, “उन्होंने मुझे गोद लिया था। पहली बार मिलीं तो ऐसा लगा कि वे कोई एंजिल हैं। वे सफेद कपड़ों में थीं और उन्होंने बड़ी ही कोमलता से मेरा परीक्षण किया। अगर वे मुझे न अपनाती तो…।” उसने कंधे झटके और घड़ी देखी। “सुबह के हिसाब से ये बहुत ज्यादा हो गया।”

“मैंने भी तो तुम्हें बेहतर जानने की कसम खाई है।”

“अच्छा मिस स्टील! मेरे हिसाब से तो आप जानना चाहती थीं कि मैं चाय लेना पसंद करता हूं या कॉफी? वैसे मुझे जानने का एक और तरीका भी हो सकता है।” उसने अपने बदन को मेरे बदन से सटा दिया।

“वैसे उस तरीके से तो मैं तुम्हें बहुत बेहतर जान चुकी हूं।” मैंने कहा।

यह सुनकर उसका चेहरा और भी खिल गया।

“मुझे लगता है कि तुम्हें जानने के लिए, रोज सुबह तुम्हारे साथ सोकर उठने से बेहतर विकल्प हो ही नहीं सकता।” उसने अपने मादक सुर में कहा।

“क्या तुम्हें उठना नहीं है।”

“नहीं, मिस स्टील! इस समय तो मैं बस एक ही जगह रहना चाहता हूं।”

“क्रिस्टियन!”

अचानक ही वह पलटकर मेरे ऊपर आ गया और मेरे हाथ पलंग पर पीछे ले जा कर, गले को चूमने लगा।

“ओह मिस स्टील। मैं तुम्हारा क्या करूं।” उसके हाथ मेरी रेशमी पोशाक पर फिसलने लगे और मैं अपनी सुध खो बैठी।


मिसेज जोंस ने मेरे लिए बेकन और पैनकेक का नाश्ता लगा दिया है और क्रिस्टियन ऑमलेट व बेकन ले रहा है। हम दोनों प्यारी-सी खामोशी के बीच नाश्ता ले रहे हैं।

“मैं तुम्हारे ट्रेनर क्लॉड से कब मिल सकती हूं।” क्रिस्टियन ने सुना तो चेहरे पर बड़ी-सी मुस्कान खेल गई।

“यह तो तुम पर ही निर्भर करता है कि तुम इस वीकएंड न्यूयार्क जाना चाहती हो या नहीं? मैं एंडिन्न्रया से कहकर उसका शेड्यूल पता लगाता हूं।”

“एंर्डिया ?”

“मेरी पी ए!”

“ओह, हां। वही तुम्हारी सुनहरे बालों वाली गोरी।”

“वह मेरी नहीं है। वह मेरे लिए काम करती है। तुम मेरी हो।”

“मैं भी तुम्हारे लिए काम करती हूं।” मैंने कड़वाहट से कहा।

उसके चेहरे की हंसी मिट गई। “हां, तुम करती हो।” फिर उसने पहले से भी बड़ी मुस्कान दी और मुझे भी उसकी हंसी की छूत लग गई।

“शायद क्लॉड मुझे किक बॉक्सिंग सिखा दे।” मैंने चेतावनी दी।

“ओह हां! ताकि तुम मुझसे अपने बदले ले सको।”

क्रिस्टियन ने मजे से एक भौं ऊंची करके कहा, “तो हो जाए मिस स्टील।”

आज वह बहुत ही खिलंदड़े मूड में है। शायद सेक्स का कमाल है या… शायद यही चीज़ इसे इतना जिंदादिल बना देती है।

मैंने पिआनो को देखा तो रात की यादें ताजा हो गईं।

पिआनो और उसकी मस्ती!

मिसे जोंस ने अचानक ही लंच मेरे पास रखा तो मैं शर्मिंदा हो गई।

“एना! ट्यूना खा लोगी न?”

“ओह हां! थैंक्स मिस जोंस। मैंने एक शर्मीली-सी मुस्कान दी और वे शायद हमें एकांत में कुछ समय देने के लिहाज से बाहर चली गईं।

“क्या मैं कुछ पूछ सकती हूं।” मैंने मुड़कर क्रिस्टियन से पूछा।

“बेशक।”

“तुम गुस्सा तो नहीं करोगे?”

“एलीना की तो कोई बात नहीं है?”

“नहीं।”

“तब मैं गुस्सा नहीं करूंगा।”

“पर मेरे पास एक और सवाल है।”

“ओह? जो उसके बारे में है।”

उसने आंखें नचाईं, “क्या?” अब वह परेशान-सा दिखा।

“तुम उसकी बात करते ही भन्ना क्यों जाते हो?”

“सच्ची बताऊं?”

“मुझे तो लगता था कि तुम हमेशा सच ही बताते हो।” मैंने मुंह बनाया।

“कोशिश तो करता हूं।”

मैंने आंखें सिकोड़ीं, “जवाब उलझा हुआ है।”

“एना! मैं तुमसे सच ही कहता हूं और तुमसे किसी तरह के खेल नहीं खेलना चाहता।”

“तो तुम मुझसे किस तरह के खेल खेलना चाहते हो?”

वह अपना सिर एक ओर झुकाकर हंसा,”मिस स्टील! तुम्हारा ध्यान बंटाना बड़ा आसान है।”

मैं भी हंस दी। वह ठीक कह रहा है। “मि ग्रे! आपको तो लोगों को काबू करने की सारी अदाएं आती हैं।” मैं खिलखिलाने लगी।

“एना! मेरे लिए दुनिया में तुम्हारी खिलखिलाहट ही सबसे मीठा सुर है। वैसे तुम पूछ क्या रही थीं?”

मैं हंसोड़ क्रिस्टियन के स्वभाव का आनंद ले रही हूं। आप तो जानते ही हैं कि उसका मूड बदलते देर नहीं लगती।

“अच्छा! क्या तुम उन सेक्स गुलामों से केवल सप्ताह के अंत में ही मिलते थे?”

“हां, ये ठीक है।” उसने घबराहट से कहा।

मैं मुस्कुराईं, तो ठीक है, “सप्ताह के बीच में कुछ नहीं होगा।”

वह हंसा, “तो अच्छा यह बात इसलिए हो रही थी।”

“तुमने यह क्यों सोचा कि मैं हर रोज वर्कआउट करता हूं।”

अब तो वह सचमुच मेरा मज़ाक उड़ा रहा था पर मुझे परवाह नहीं है। मैं खुद को खुशी से लगे लगाना चाहती हूं। मेरे जीवन में एक और फर्स्ट जुड़ गया है।

“मिस स्टील! बड़ी खुश दिख रही हैं।”

“हां मि. ग्रे।”

“तुम्हें होना ही चाहिए। अब अपना नाश्ता करो।”

ओह तानाशाही बॉस!……वह हमेशा पास ही रहता है।

हम ऑडी में बैठे हैं। टेलर पहले मुझे ऑफिस छोड़ेगा और फिर क्रिस्टियन को ले जाएगा। स्वयेर के पास शॉटगन है।

“क्या आज तुम्हारी रूममेट का भाई नहीं आ रहा था?” क्रिस्टियन ने यूं ही पूछा

“ओह ईथन! हाय मैं तो भूल ही गई थी। क्रिस्टियन याद दिलाने के लिए थैंक्स। मुझे अपार्टमेंट जाना होगा।”

उसका मुंह उतर गया, “किस वक्त?”

“पता नहीं, वह कब आएगा।”

“मैं नहीं चाहता कि तुम अकेली वहां जाओ।”

“मुझे पता है। क्या आज भी स्वेयर जासूसी… मतलब निगरानी पर होगा?” मैंने बोलते-बोलते जीभ काट ली।

“हां।” क्रिस्टियन ने पलटवार किया।

“अगर मैं अपनी गाड़ी ले जाती तो आसानी होती।” मैंने हौले से कहा।

“स्वयेर के पास कार होगी और वह तुम्हें तुम्हारे बताए वक्त पर अपार्टमेंट छोड़ देगा।”

“ओ के! ईथन दिन में फोन करेगा ही। तब मैं तुम्हें आज के प्लान बता दूंगी।”

वह कुछ नहीं बोला। समझ नहीं आ रहा कि क्या सोच रहा है।

“अच्छा! याद रखना कि तुम अकेली कहीं नहीं जाओगी।” उसने मुझे अंगुली दिखाई।

“हां डियर!”

उसके चेहरे पर मुस्कान खेल गई, “अपना फोन लेकर मेल करना वरना मुझे आई टी वाले से दोबारा काम करवाना पड़ेगा।”

“हां क्रिस्टियन!” मैं खुद को आंखें नचाने से रोक नहीं सकी और वह दबी हंसी के साथ बोला, “मिस स्टील! तुम्हारी हरकतों से मेरी हथेली में खुजली होने लगती है।”

“और मि. ग्रे। अब हम आपकी इस हथेली का क्या करें!”

वह हंसा तभी अचानक ही उसका फोन आ गया। उसने कॉलर आई डी देखकर भवें सिकोड़ी। “क्या है?” उसने कहा और बात सुनने लगा।

“मजाक मत करो……बेकार का तमाशा……उसने तुम्हें कब बताया था?”

“नहीं, चिंता मत करो। खैर उसने पैसे तो कोई खास नहीं मांगे थे। बेशक तुमने भी बदला लेने के लिए कोई दुष्ट योजना बना ही ली होगी। बेचारा इसाक! गुडबाय।”

क्रिस्टियन के चेहरे पर थोड़ी सुकून-सा दिखाई दिया।

“कौन था?” मैंने पूछा।

“तुम जानना चाहती हो।” उसने पूछा।

मैंने इंकार किया और खिड़की से बाहर पसरे शहर को देखने लगी। वह उसे अकेला क्यों नहीं छोड़ देती?

“हे।” उसने मेरा हाथ चूम लिया और अचानक ही छोटी अंगुली चूसने लगा। फिर उसे हौले से काट लिया।

ओह! लगता है कि इसके पास मेरे दिल की हॉटलाइन है। मैंने टेलर और स्वेयर को कनखियों से देखा और क्रिस्टियन की आंखों का रंग बदलता दिखाई दिया।

“एनेस्टेसिया! इन बातों में सिर मत खपाओ। वह बीता कल थी।” उसने मेरी हथेली चूम ली और मैं सब कुछ भूल गई।

“मोर्निग, एना!” मुझे देखते ही जैक बोला, “ड्रिंक्स अच्छी है।”

मैं शरमा गई। आज भी मैंने अपनी नई अलमारी से कपड़े लिए थे। बेशक मेरी अमीर दोस्त की मेहरबानी है। यह एक बिना बांहों की हल्की नीली लिनन की कमीज है और मैंने क्रीम रंग के सैंडिल पहने हैं। क्रिस्टियन को हील पसंद है, यह याद आते ही चेहरे पर मुस्कान आ गई पर मैंने किसी तरह खुद को संभाल लिया।

“गुडमोर्निंग जैक!”

“मैंने ब्रोशर को प्रिंट होने भेज दिया।” वह अपने दरवाजे में से झांका।

“एना! एक कप कॉफी मिलेगी?”

“जरूर!”

मैं किचन में गई तो वहां क्लेयर मिल गई।

“हाय एना!”

“हाय क्लेयर!”

हमने उसके परिवार और उसके जश्न के बारे में बातें कीं। फिर मैंने उसे क्रिस्टियन के साथ सेलिंग के बारे में बताया।

“यार तेरा ब्वायफ्रेंड बड़ा ही जबरदस्त है।” उसने चमकीली आंखों के साथ बताया।

मैं आंखें मटकाते-मटकाते ठहर गई।

“हां, इतना बुरा भी नहीं है।” मैंने कहा और मैं दिल खोलकर हंसी।

“बड़ा टाइम लगा दिया।” जैक के ऑफिस में कदम रखते ही झिड़की मिल गई।

’’ओह सॉरी।’’ इस बंदे को हुआ क्या है? किस बात की परेशानी है?

उसने गर्दन हिलाई, “सॉरी एना! मैं तुम पर चिल्लाना नहीं चाहता था हनी।”

हनी!

“पता नहीं कुछ गड़बड़ चल रही है। सीनियर लेवल की बात है, कुछ समझ नहीं आ रहा। तुम अपने कान खुले रखो। कुछ पता चले- तुम तो जानती हो कि लड़कियों से बातों के सुराग मिल जाते हैं। अगर कुछ पता चले तो मुझे जरूर बताना।” वह मुस्कराया और मुझे अजीब-सा लगा। इसे क्या पता कि लड़कियां क्या बातें करती हैं। खैर, मुझे तो पहले से पता है कि क्या हो रहा है।

“बताओगी न?”

“जी, मैंने ब्रोशर प्रिंट होने भेज दिए हैं। दो बजे तक आ जाएंगे।”

“ठीक है। उसने पांडुलिपियां देते हुए कहा, इनके पहले चैप्टरों के सार लिखकर, इन्हें फाइल कर दो।”

“मैं कर दूंगी।”

मैंने अपने ऑफिस में आकर चैन की सांस ली। ओह! जब इसे ऑफिस की सच्चाई पता चलेगी तो इसका क्या हाल होगा। जैक की तो हालत खराब हो जाएगी। मैंने फोन में झांका तो क्रिस्टियन का मेल आया हुआ था।

फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे

सब्जेक्ट: उगता सूरज

डेट: जून 14 2011 09:23

टू: एनेस्टेसिया स्टील

मुझे सुबह तुम्हारे साथ सो कर उठना अच्छा लगता है।

क्रिस्टियन ग्रे

पूरी तरह से किसी के प्यार में खोया हुआ सीईओ, ग्रे इंटरप्राइजिस होल्डिंग्स, इंक

ओह शायद मेरे चेहरे पर एक बड़ी-सी मुस्कान खेल गई होगी

फ्रॉम: एनेस्टेसिया स्टील

सब्जेक्ट: सूर्यास्त

डेट: 14 जून 2011 09:35

टू: क्रिस्टियन ग्रे

पूरी तरह से दीवाने ग्रे

मुझे भी तुम्हारे साथ जागना बेहद पसंद है पर तुम्हारे साथ पलंग पर, लिफ्ट में, पिआनो पर, बिलियर्ड की मेज पर, बोट और डेस्क पर, शॉवर और बाथ टब में, अजीब सी हथकड़ियों और बेड़ियों वाले बड़े से पलंग पर और बचपन वाले कमरे होना उससे भी ज्यादा पसंद है।

तुम्हारी

सेक्स की दीवानी और

कभी तृप्त न होने वाली…

फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे

सब्जेक्ट: उअ फ ये अदा!

डेट: जून 14 2011 09:37

टू: एनेस्टेसिया स्टील

सेक्स की दीवानी और कभी तृप्त न होने वाली..अभी-अभी मेरे कीबोर्ड पर सारी कॉफी छलक गई। मुझे नहीं लगता कि आज से पहले मेरे साथ ऐसा हुआ है। मैं भूगोल पर ध्यान देने वाली औरतें पसंद करता हूं। क्या मैं मान लूं कि क्या तुम मुझे मेरे शरीर के लिए ही चाहती हो?

क्रिस्टियन ग्रे

पूरी तरह से सदमे में

सीईओ, ग्रे इंटरप्राइजिस होल्डिंग्स, इंक

फ्रॉम: एनेस्टेसिया स्टील

सब्जेक्ट: खिलखिलाहट और…

डेट: 14 जून 2011 09:42

टू: क्रिस्टियन ग्रे

पूरी तरह से सदमे में डूबे डियर

हमेशा

मुझे काम करना है।

तंग करना बंद करो।

तुम्हारी सेक्स की दीवानी और

कभी तृप्त न होने वाली..

फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे

सब्जेक्ट: क्या ऐसा करना ही होगा

डेट: जून 14 2011 09:50

टू: एनेस्टेसिया स्टील सेक्स की दीवानी

और कभी तृप्त न होने वाली डियर

तुम्हारा हुक्म सिर आंखों पर

मुझे खुशी है कि तुम्हारे चेहरे पर मुस्कान आई।

मिलते हैं!

क्रिस्टियन ग्रे

पूरी तरह से किसी के प्यार में खोया हुआ, सदमे से अधमरा और नशे में मदमस्त

सीईओ, ग्रे इंटरप्राइजिस होल्डिंग्स, इंक

मैंने ब्लैकबैरी नीचे रखा और काम में लग गई।

जैक ने लंच लेने दोबारा भेजा तो मैंने उसी समय क्रिस्टियन को फोन कर दिया।

“एनेस्टेसिया!” उसने इतने प्यारे सुर में कहा कि मैं तो वहीं पिघल गई।

“क्रिस्टियन! जैक ने मुझे लंच लाने भेजा है।”

“कमीना आलसी!” क्रिस्टियन खीझा।

मैंने अनुसना किया और बात जारी रखी, “मैं लेने जा रही हूं। तुम मुझे स्वेयर का नंबर दे दो ताकि जरूरत पड़ने पर मुझे तुम्हें परेशान न करना पड़े।”

“ऐसी क्या बात है बेबी?”

“क्या तुम अकेले हो?”

“नहीं, इस समय मुझे छह लोग घूर रहे हैं कि मैं किससे बात कर रहा हूं।”

“सच्ची?”

“हां, सच्ची!” उसने फोन से मुंह हटाकर लोगों के बीच ऐलान किया कि उसकी गर्लफ्रेंड का फोन है।

“हां, वे सब भी तुम्हें समलैंगिक ही मानते आए होंगे।” मैंने कहा।

“हां, हो सकता है।” वह मुस्कुराया।

“अच्छा रखती हूं।”

“मैं स्वेयर को बता देता हूं। तुम्हारे दोस्त का फोन आया?”

“नहीं मि. ग्रे! सबसे पहले आपको ही खबर दी जाएगी।”

“गुड! फिर मिलते हैं।”

“बाय क्रिस्टियन!” जब भी वह थोड़ा-सा रोमांस दिखाता है तो अजीब लगता है पर यही तो उसका स्वभाव है। जब मैं बाहर आई तो स्वेयर को इंतजार करते पाया। उसने औपचारिक अभिवादन किया। “स्वेयर!” मैं स्वेयर के साथ टेलर जितना आरामदेह महसूस नहीं करती। वह साथ-साथ चलते हुए सड़क पर भी नजर मारता जा रहा था और मैं भी घबराहट के मारे ऐसा ही करने लगी।

“क्या लीला बाहर है? क्या हम सभी क्रिस्टियन की तरह वहम के शिकार हो गए हैं? क्या उसके पचास रंगों में से एक है? काश डॉ. फिल्न से बात करने के लिए आधा घंटा मिल जाता!

सिएटल में लंच टाइम की गहमागहमी है। लोग लंच करने, दोस्तों से मिलने या खरीदारी करने के लिए भाग-छोड़कर रहे हैं। मैंने दो युवतियों को मिलते समय गले मिलते देखा।

मुझे केट की याद आने लगी। अभी उसे गए दो सप्ताह ही हुए हैं और ऐसा लगता है कि ये मेरी जिंदगी के सबसे बड़े दो सप्ताह रहे हैं। कितना कुछ घट गया है। उसे बताऊंगी तो शायद यकीन भी न करे। खैर, उसे कांट-छांट कर तो बता ही दूंगी पर पहले इस बारे में क्रिस्टियन से पूछना होगा। केट इन बातों का क्या मतलब निकालेगी। पता नहीं वह आज ईथन के साथ वापिस आएगी या वहीं इलियट के साथ कुछ और समय बिताना चाहेगी?

“बाहर कहां खड़े होकर इंतजार कर रहे थे?” मैंने लंच की लाइन में लगते हुए कहा। स्वेयर मेरे सामने है और दरवाजे से आने-जाने वालों को देख रहा है।

“मिस स्टील! मैं ऑफिस के सामने वाले कॉफी शॉप में था।”

“ये बोरिंग नहीं है।”

“नहीं मैम! यह तो मेरा काम है।”

“सॉरी! मेरा यह मतलब नहीं था।”

“मिस स्टील! आपकी सुरक्षा मेरा काम है और मैं वही कर रहा हूं।”

“तो लीला का कोई पता मिला?”

“नहीं मैम!”

“तुम्हें क्या पता कि वह कैसी दिखती है?”

“मैंने उसकी तस्वीर देखी है।”

“ओह, क्या तुम्हारे पास है?”

“नहीं मैम! दिमाग में बसी है।” उसने खोपड़ी पर हाथ मारा।

बेशक! मैं भी तस्वीर देखना चाहूंगी कि लीला भूतिया लड़की बनने से पहले कैसी दिखती थी। मैं सोचने लगी कि क्या क्रिस्टियन मुझे देखने के लिए तस्वीर देगा? शायद मेरी सुरक्षा के नाम पर देखने दे- मैंने मन ही मन योजना बना ली और भीतर बैठी लड़की ने भी सहमति दे दी।

ऑफिस में ब्रोशर आए तो मैंने चैन की सांस ली। दिखने में तो अच्छे ही लग रहे थे। जैक को दिखाए तो उसकी आंखें चमक उठीं। पता नहीं मुझे देखकर चमकी थीं या ब्रोशर को। वैसे मैं तो यही मानकर चलती हूं कि उसे ब्रोशर पसंद आए थे।

“एना! आज शाम अपने उस दोस्त से मिल रही हो।” उसने पूछा।

“हां! हम साथ ही रह रहे हैं।” यह सच ही तो था। जब मैंने इस बात के लिए क्रिस्टियन को स्वीकृति दी थी तो इसमें झूठ कहां था? मैंने उम्मीद की कि अब तो जैक की हिम्मत टूट जाएगी।

“क्या आज एक ड्रिंक के लिए चलोगी तो उसे बुरा लगेगा। मैं तुम्हारी मेहनत का जश्न मनाना चाहता था।”

“आज मेरा एक दोस्त आने वाला है और हम सब डिनर पर जा रहे हैं। आज तो मैं बहुत बिजी हूं, जैक।”

“ओह! चलो मेरे न्यूयार्क से आने के बाद देखेंगे।” उसने गहरी आंखों के साथ देखते हुए कहा।

अरे नहीं! इसकी अदा मुझे किसी की याद क्यों दिलाती है?

“कॉफी प्लीज़!” उसने नशीले सुर में कहा। हाय! ये बंदा आसानी से पीछे हटने वाला लग नहीं रहा। अब तो साफ दिख रहा है। मैं क्या करूं?

मैंने वहां से बाहर आकर चैन की सांस ली। यह मुझे तनावग्रस्त कर देता है। क्रिस्टियन ने इसके बारे में गलत राय नहीं दी थी।

ऑफिस में जाते ही ईथन का फोन आ गया।

“हाय स्टील।”

“ईथन कैसे हो।” मैं अपनी खुशी को छिपा नहीं सकी।

“लौट कर खुश हूं। मैं तो धूप और रम से उकता गया और मेरी बहन उस बंदे के प्यार में पगला गई है।”

“हां,
सही है सी-सैंड और रम। कब तक मजा किया जा सकता है?” मैंने भी चिढ़ाया।

“मैं सी-टैक पर बैग के इंतजार में हूं। तुम क्या कर रही हो?”

“मैं तो इस समय नौकरी बजा रही हूं। क्या तुम यहां से चाबियां ले सकते हो? हम शाम को अपार्टमेंट में मिलेंगे।”

“वाह! मैं पौन घंटे में आता हूं या शायद घंटा लग जाएगा। तुम पता दे दो।”

मैंने उसे ऑफिस का पता दे दिया।

“ओके ईथन, शीघ्र मिलते हैं।”

“ठीक है। बाद में मिलते हैं।” वह इलियट के साथ एक स्प्ताह बिताकर लौटा है। मैंने उससे बात करने के बाद क्रिस्टियन को मेल लिखा।

फ्रॉम: एनेस्टेसिया स्टील

सब्जेक्ट: मेहमान

डेट: 14 जून 2011 14:55

टू: क्रिस्टियन ग्रे

पूरी तरह से दीवाने ग्रे ईथन आ गया है और वह अपार्टमेंट की चाबियां लेने आ रहा है।

मैं देखना चाहती थी कि वह आराम से घर में टिक जाए।

तुम मुझे काम के बाद नहीं ले सकते?

हम पहले घर जाएंगे और वहां से शायद तीनों कहीं खाने के लिए चल सकते हैं।

मेरी ट्रीट?

तुम्हारी एना

अब भी

सेक्स की दीवानी

और कभी तृप्त न होने वाली..

एनेस्टेसिया स्टील

जैक हाइड की सहायिका, एसआईपी

फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे

सब्जेक्ट: बाहर डिनर

डेट: जून 14 2011 15:05

टू: एनेस्टेसिया स्टील

प्लान अच्छा है पर तुम पैसे दोगी, ये बात नहीं जमी।

मेरी ओर से

छह बजे लेेने आऊंगा।

तुम ब्लैकबेरी का इस्तेमाल क्यों नहीं कर रहीं?

क्रिस्टियन ग्रे

पूरी तरह से सदमे में और भन्नाया हुआ

सीईओ, ग्रे इंटरप्राइजिस होल्डिंग्स, इंक

फ्रॉम: एनेस्टेसिया स्टील

सब्जेक्ट: तानाशाही रवैया

डेट: 14 जून 2011 15:11 टू: क्रिस्टियन ग्रे

ओह अब इतनी हद मत करो। ये सब बातें कोड जैसी ही हैं। किसी को कुछ पता नहीं चलेगा।

तुम्हारी एना

अब भी

सेक्स की दीवानी

और कभी तृप्त न होने वाली..

एनेस्टेसिया स्टील जैक हाइडकी संपादिका, एसआईपी

उसका कोई जवाब नहीं आया और मैं उम्मीद भी नहीं करती। मैं कल्पना कर सकती हूं कि वह किस तरह मेरे इन मिक्स संकेतों से उलझन महसूस कर रहा होगा। मैं मन ही मन सोचने लगी कि वह मेरे साथ क्या करना चाहेगा। भीतर बैठी सयानी लड़की गोल चश्मों से झांक रही है-अपना काम करो।

कुछ ही देर बाद, मेरा फोन बजा। रिसेप्शन से क्लेयर बोल रही थी।

“रिसेप्शन पर तुमसे एक जबरदस्त लड़का मिलने आया है। शायद कभी इसके साथ बाहर जाने का मौका मिल जाए। एना! तुम तो कई प्यारे लड़कों को जानती हो यार।”

मैं पर्स से चाबियां लेकर गलियारे की ओर चल दी।

“हाय!” ईथन बड़े ही लगाव से मेरी ओर ताक रहा था। मुझे देखते ही खड़ा हो गया।

“वाह एना! तू कितनी प्यारी लग रही है।” उसने मुझे गले से लगाते हुए कहा।

“तुम इतना कैसे बदलीं। चाल-ढाल, कपड़े और शक्ल… सब बदल गया।”

“स्टील! लुकिंग हॉट।” उसने कहा और मैं शरमा गई।

ईथन ऐसा ही है। जो अच्छा लगे बस बोल देता है।

“बारबडोस कैसा रहा?”

“बढ़िया।”

“केट कब आ रही है?”

“केट और इलियट शुक्रवार आएंगे।”

“मुझे उसकी बड़ी याद आई।”

“अच्छा… और तेरी उसके साथ सही जम रही है?” उसने पूछा।

“हां, वह आज हमें डिनर पर ले जाना चाहता है।”

“अच्छा।”

मैंने चाबियां देकर पूछा, “घर का पता है?”

“हैं ना, ….बाद में मिलते हैं।”

अचानक आगे आया और मेरा गाल चूम लिया। ओह, यह लड़का भी!

उसने कंधे पर बैग लादा और इमारत से बाहर निकल गया।

पलटी तो जैक नजर आ गया। वह मेरी ओर ताक रहा था। मैंने उसे छोटी-सी मुस्कान दी और अपने ऑफिस में चली गई। ऐसा लग रहा था मानो उसकी नजरें मेरे बदन से चिपकी रह गई हों। मुझे केट के आने के बाद इससे निपटने के लिए कुछ करना होगा। वह अच्छी सलाह दे सकती है।

छह के करीब क्रिस्टियन ने फोन किया।

“मैं आ गया हूं।” उसने हंसोड़ अदांज में कहा और मेरा मन भी नाच उठा।

“मि. ग्रे! मैं अभी आई।”

“मिस स्टील! आपके इंतजार में बेकरार है कोई!”

मैंने कंप्यूटर बंद किया और पर्स के साथ अपना स्वेटर उठाया।

“जैक! मैं जा रही हूं।” मैंने वहीं से कहा।

“ओ के एना! हैव ए ग्रेट टाइम।”

“तुम्हें भी!”

यह हमेशा इस तरह नार्मल क्यों नहीं रह सकता?

ऑडी कोने में खड़ी थी। मेरे आते ही क्रिस्टियन बाहर निकल आया। उसने मेरी मनपसंद ग्रे पैंट पहनी है और जैकेट उतारी हुई है। यह ग्रीक देवता मेरे लिए बनाया गया है? कैसा करिश्मा है? मैंने भी खुद को चेहरे पर एक बड़ी-सी मुस्कान के साथ पाया।

आज उसने सारा दिन मुझसे इस तरह बातें की थीं मानो प्यार में दीवाना आशिक हो। यह प्यारा, दिलकश और मासूम सा दिखने वाला इंसान मुझसे प्यार करता है। मेरा दिल खुशी से झूम उठा। ऐसा लगा मानो मैंने दुनिया जीत ली हो।

“मिस स्टील! आज तो… आज गजब दिख रही हैं।” उसने मुझे बांहों में भरा और चूम लिया।

“मि. ग्रे! आप भी!”

“चलो, तुम्हारे दोस्त को ले लें।” वह मुस्कुराया और कार का दरवाजा खोल दिया।

उसने मुझे अपने दिनभर के काम के बारे में बताया। बेशक उसकी बातें मुझे समझ नहीं आ रहीं पर मैं उसके बोलने के अंदाज और जुनून पर मग्न हो रही हूं। शायद यह जीवन ऐसा ही होता है- कुछ अच्छे दिन और कुछ बुरे दिन। अगर हमारे खाते में अच्छे दिन आते हैं तो बेशक हम बुरे दिन भी एक साथ बिता सकते हैं।

“क्लॉड इस सप्ताह इस समय में मिल सकता है।” उसने एक कागज दिखाते हुए कहा।

ओह ट्रेनर!

हम मेरे अपार्टमेंट में पहुंचे तो उसका फोन आ गया।

“मैं अभी जाकर ईथन को ले आती हूं।” मैंने कहा और कार से उतर गई।

उसने सिर हिलाया। उसका ध्यान फोन पर था। मैं अन्दर की ओर लपकी।

मैंने एंटन्न्री फोन ऑन किया और चिल्लाई।

“हे ईथन, खोलो! मैं आ गई।”

दरवाजे को हाथ लगाया तो वह खुला ही मिला। ओह! कितने दिन बाद घर आई हूं। अन्दर गई तो पता नहीं क्यों अजीब-सा लगा। मुझ अचानक ही रसोई के पास एक औरत का साया दिखा। वह तो लीला है और उसने हाथों में गन थाम रखी है। वह मुझे लगातार घूरे जा रही है।