fifty shades darker novel in Hindi: क्रिस्टियन ने बड़े ही प्यार से सफेद बॉल पर निशाना लगाया जिसने एक अदा से, काली गेंद को चूमा और वह बिलियर्ड टेबल के पॉकेट में जा गिरी।
हद हो गई!
वह उठा और चेहरे पर विजयी मुस्कान खेल गई। उसने क्यू नीचे रखा और मेरी ओर आया। वह बिखरे बालों, जींस और सफेद टी-शर्ट में कोई सीईओ लगने की बजाए बिगड़ैल छोकरा दिख रहा है। हाय! ये इतना सेक्सी क्यों है।
“बेशक तुम हारोगी और तुम्हारे पिछवाड़े पर मार के निशान होंगे। तुम्हें क्या लगता है?” वह अपनी मुस्कान रोक नहीं पा रहा।
“हां, वह तो इस बात पर निर्भर करता है कि तुम मुझे कितने धौल जमाओगे।” मैंने अपनी छड़ी के सहारे खड़े होते हुए कहा। उसने मेरी शर्ट में एक अंगुली फंसाई और मुझे अपने पास खींच लिया।
“ खैर! मिस स्टील, आपकी बदतमीजियां गिना देता हूं। तुमने मुझे मेरे ही स्टाफ से जलन पैदा करने की वजह दी, काम के मामले में मुझसे बहस की और तीसरे तुम पिछले बीस मिनट से मेरे सामने जान-जान कर कमर मटका रही हो।”
उसने अपनी नाक से मेरी नाक रगड़ी।
“मैं चाहता हूं कि तुम इसी वक्त इस शर्ट और जींस से बाहर आ जाओ।” उसने मेरे होठों पर मीठा-सा चुंबन जड़ दिया और खुद जाकर दरवाजा बंद कर आया
जब वह मुड़ा तो उसकी आंखों में वासना की हिलोरें उठ रही थीं। मैं जैसे वहीं जम सी गई, दिल तेजी से धड़कने लगा और नसों में लहू उबाले मार रहा था, मैं अपने हाथ-पांव तक नहीं हिला पा रही।
यह सब इसके लिए है….यह सब इसके लिए है……मैं एक मंत्र की तरह रटती जा रही हूं।
“कपड़े एना- तुमने अभी तक पहन रखे हैं। तुम उतारोगी या मुझे उतारने होंगे?”
“तुम उतारो।” मैंने हौले से कहा।
अचानक ही मैं उत्तेजित हो उठी। क्रिस्टियन तो अपनी एक नज़र और फुट्टे की झलक से ही मुझे दीवाना बनाने की ताकत रखता है। उसने उसे जींस में रखा और एक भी शब्द कहे बिना मेरे आगे घुटनों के बल बैठ गया। उसने मेरे जूते और जुराबें उतार दिए। मैं मेज का सहारा ले कर झुकी रही। मैं उस इंसान के लिए अपने मन की भावनाओं को तौलते हुए मुग्ध हो उठी। इसके लिए तो मैं कुछ भी कर सकती हूं।
“एना! आज तुम्हारे साथ थोड़ा रूखाई से पेश आने वाला हूं। अगर तुम्हें लगे कि बात हद से ज्यादा बाहर जा रही है तो तुम्हें मुझे बताना होगा।” उसने सांस ली।
ओह… उसने मुझे उस जगह…चूम लिया।
“सुरक्षित शब्द।” मैं हौले से बोली
“नहीं, कोई सेफवर्ड नहीं होगा। तुम जब रुकने को कहोगी, मैं तभी रुक जाऊंगा। बोलो?”
“हां, मैं तुम्हारी बात समझ गई।”
“एना! तुम सुबह से ही मुझे मिले-जुले संकेत देती आ रही हो। तुमने कहा कि कहीं मैं अपना हुनर न भूल जाऊं और मैं कह नहीं सकता कि तुमने यह सब किस भाव से कहा पर हम वही सब करने जा रहे हैं। मैं प्लेरूम में नहीं जाना चाहता इसलिए हम यहीं इसे करेंगे पर अगर तुम इसे पसंद न करो तो वादा करो कि उसी समय बता दोगी।” उसके जवाब से मेरे भीतर भी कोई आग सी सुलग उठी।
वाह! क्रिस्टियन तुम निश्चिंत रहो। “मुझे अगर सही नहीं लगा तो मैं उसी वक्त बोल दूंगी। हमें कोई सेफवर्ड नहीं चाहिए।”
“हां, एनेस्टेसिया! हम प्रेमी हैं और प्रेमियों को इन चीज़ों की जरूरत नहीं होती। वे एक-दूसरे के मन को समझते हैं।”
मैं अभी कहां समझती हूं पर मैंने हामी भरी।
वह मुझे प्यार करता है और यह जानने के बाद मैं उसके लिए खुशी से कुछ भी करने को तैयार हूं। मेरे लिए ये बड़ी बात नहीं और मैं इस बारे में ज्यादा माथापच्ची भी नहीं करना चाहती।
उसके चेहरे पर भीनी सी मुस्कान खेल गई और वह मेरी शर्ट के बटन खोलने लगा। हालांकि उसने उसे उतारा नहीं और फिर क्यू उठा लिया।
ओह अब ये क्या करने जा रहा है। मेरे शरीर में डर की लहर सी दौड़ गई।
“मानना पड़ेगा मिस स्टील! आप गजब खेलती हैं। मैं तो हैरान ही रह गया। आप उस काली गेंद को क्यों नहीं लेतीं।” मैं समझ गई कि ये सेक्सी कमीना चाहता क्या है। अन्दर बैठी लड़की ने दो कलाबाजियां खाईं और हंसते-हंसते बेदम हो गई।
मैंने सफेद गेंद की पोजीशन ली। जैसे ही मैं शॉट लेने झुकी तो वह मेरे पीछे आ गया। उसने मेरी पीठ पर अपना हाथ रखा और शरीर के अंगों को हौले से सहलाने और थपथपाने लगा।
“अगर तुम ऐसा करोगे तो मैं निशाना चूक जाउंगी।” मैंने आंखें बंद कीं और उसकी छुअन का एहसास लेते हुए कहा।
“मुझे तुम्हारे हिट या मिस की परवाह नहीं है बेबी! मैं तो बस तुम्हें इन आधे-अधूरे कपड़ों के साथ मेरे बिलियर्ड मेज पर झुके देखना चाहता था। क्या तुम्हें पता भी है कि तुम इस समय कितनी हॉट दिख रही हो?”
मैं शरमा गई और अन्दर बैठी लड़की दांतों में गुलाब के फूल की टहनी दबाए नृत्य कर रही है। मैंने एक गहरी सांस ली और सब भुला कर एक शॉट लगाया। ये तो मुश्किल है। वह लगातार मेरे नितंबों को सहला रहा है।
“ऊपर वाली बाईं पॉकेट!” मैंने हौले से कहा और सफेद गेंद पर निशाना लगाया। उसने अचानक ही मुझे पिछले हिस्से पर चुटकी काट दी।
यह इतना अचानक हुआ कि मेरे मुंह से चीख निकली और मेरी काली गेंद मेज से नीचे जा गिरी।
“ओह! तुम फिर से कोशिश कर सकती हो। एनेस्टेसिया! खेल पर पूरा ध्यान दो।”
मैं इस खेल से उत्तेजित हो कर हांफ रही हूं। वह मेज के कोने पर आया और काली गेंद उठा ली। उसे जगह पर रखा और सफेद गेंद मेरी ओर लुढ़का दी। मैं उसकी गहरी चाह से भरी मुस्कान को देखे जा रही हूं। क्या इसे देख-देखकर कभी मेरा दिल भरेगा? शायद नहीं! मैंने गेंद को सही जगह पर रखा।
“ओह! जरा ठहरो।” वह मेरे पास आया और पीछे खड़ा हो गया। जैसे ही उसने मेरे पिछले हिस्से को छुआ मैंने अपनी आंखें बंद कर लीं।
“निशाना लगाओ।” वह बोला।
उसने पीछे से अपने शरीर का भार मुझ पर डाला तो मैं आह भरे बिना नहीं रह पाई। मैंने ये सोचने की कोशिश की कि गेंद को कहां से निशाना लगाऊं। मेरे निशाना लगाते ही उसने अपनी हरकत फिर से दोहराई और निशाना चूक गया।
ओह बेबी! तुम फिर से कोशिश क्यों नहीं करतीं?”
एक बार फिर से सारी तैयारी की गई।
“तुम कर सकती हो।” उसने फुसलाया।
ओह- ऐसे हालात में तो बिलकुल भी नहीं। मैंने अपने को उसकी ओर धकेला और उसने मुझे फिर से एक चुटकी भरी।
“मिस स्टील! बड़ी बेचैनी हो रही है।”
हां, मैं तुम्हारे पास आना चाहती हूं।
ये उपन्यास ‘फिफ्टी शेड्स डार्कर’ किताब से ली गई है, इसकी और उपन्यास पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाएं – fifty shades darker (फिफ्टी शेड्स डार्कर)
“खैर चलो इन्हें भी उतारो।” उसने जल्दी से मुझे निर्वस्त्र कर दिया।
मुझे पता था कि अब तो निशाना लगने का सवाल ही नहीं पैदा होता और वही हुआ। मैं इस बार भी चूकी और उसने मुझे पेट के बल मेज पर ही लिटा दिया। फिर मेरे हाथ से छड़ी ले कर कोने में रख दी और बोला
“अपने हाथ ऊपर कर लो। तुम हार गईं।” मैंने वही किया, जो उसने कहा था।
उसने मुझे लिटाकर एक हाथ कमर पर रखा और दूसरे हाथ से नितंबों पर रूलर लहरा दिया। दर्द इतना तीखा नहीं था। क्रिस्टियन तेज़ और गहरी सांसें भर रहा है। उसने मुझे बार-बार मारा और मैं कराहती रही। पता नहीं कि उसने ऐसा कितनी बार किया होगा पर मैं ये सब सह सकती हूं। उसे यह सब करने दे सकती हूं क्योंकि मैं जानती हूं कि इससे हम दोनों कितने उत्तेजित हो रहे हैं। बेशक मैं उसके प्लेरूम में भी एक बार यही सब अनुभव कर चुकी हूं।
अचानक ही मेरे मुंह से स्टॉप निकला और क्रिस्टियन ने रूलर फेंककर मुझे छोड़ दिया।
“बहुत हुआ?”
“हां”
“अब मैं चाहता हूं तुम्हारे भीतर समा जाऊं।” मैं जानती हूं, उसने पहले ही बता दिया था कि आज वह मुझसे कड़ाई से पेश आने वाला है। बेशक उसके अजीब से बर्ताव का एक अंग है पर वह ऐसा ही है। वह धीरे से मेरे पास आया और हम दोनों अपनी जानी-पहचानी दुनिया की आनंददायक सागर में खो गए। जब दोनों एक साथ, उस दुनिया से बाहर आए तो दोनों ही फर्श पर लेट गए और उसने मुझे बांहों में भर लिया
“थैंक्स बेबी!” उसने मेरे मुंह पर मीठे चुंबनों की बौछार कर दी। मैंने आंखें खोल कर उसे देखा और उसे अपनी बांहों में कैद कर लिया।
“तुम्हारे गाल लाल हो गए हैं। कैसा रहा?”
“बहुत अच्छा क्रिस्टियन! मुझे तो तुम्हारे साथ हर तरह से, सब कुछ अच्छा लगता है। भले ही वह नरमी से हो या कड़ाई से…।”
उसने आंखें बंद कीं और मुझे कस कर गले से लगा लिया।
ओह! मैं तो थकान से अधमरी हुई पड़ी हूं।
“एना! तुम कभी किसी मौके पर पीछे नहीं हटतीं। तुम बहुत ही सुंदर, प्यारी, होनहार, मजेदार, चुनौतीपूर्ण, बहादुर और बिंदास हो। शुक्र है कि उस दिन इंटरव्यू के लिए कैथरीन की बजाए तुम आईं।” उसने मेरे बाल चूम लिए। मैंने उसकी छाती के पास मुंह ले जाकर जंभाई ली तो वह बोला, “तुम थक गई हो। चलो नहा कर सोने चलें।”
हम दोनों एक दूसरे की ओर मुंह किए, क्रिस्टियन के बाथ में, झाग में डूबे बैठे हैं और हमारे आसपास जैस्मीन की भीनी गंध छाई हुई है। क्रिस्टियन एक-एक कर मेरे पांवों की मालिश कर रहा है। ये सब इतना अच्छा लग रहा है। मैंने अपने आप से पूछा यह सब जायज नहीं हो सकता।
“क्या मैं कुछ पूछ सकती हूं।” मैंने हौले से कहा।
“बेशक एना! तुम जानती हो। तुम कुछ भी पूछ सकती हो।”
मैंने गहरी सांस ली और थोड़ा संभलकर बैठ गई।
“कल- जब मैं काम पर जाउंगी तो क्या हो सकता है कि स्वेयर मुझे केवल गेट तक छोड़े और वापसी पर ऑफिस के गेट से ही ले? प्लीज़ क्रिस्टियन प्लीज़!”
उसके हाथ थम गए और भवें सिकुड़ गईं। “मैंने सोचा था कि बात पहले तय हो गई थी।”
“प्लीज़ मैंने विनती की”
“लंच में क्या होगा?”
“मैं घर से ही कुछ बनाकर रख लूंगी ताकि मुझे बाहर न जाना पड़े।”
उसने मेरे पांव चूम लिए। “तुम्हें इंकार करना बड़ा मुश्किल है। तुम बाहर नहीं जाओगी?”
“पक्का! मैं बाहर नहीं जाऊंगी।”
“ठीक है।”
“धन्यवाद! मैं दमकी।”
“मिस स्टील! आपका स्वागत है। वैसे पिछवाड़े का क्या हाल है?”
“सूजन है पर इतनी बुरी भी नहीं। पानी से आराम आ रहा है।”
“मुझे खुशी है कि तुमने मुझे रुकने को कहा।” उसने मुझे ताकते हुए कहा।
“हां, पिछला हिस्सा भी इस बात से खुश है।”
वह हंसने लगा।
मैंने बिस्तर में अंगड़ाई ली। बहुत थक गई हूं। अभी रात के साढ़े दस बजे हैं और लगता है कि रात के तीन बजे हैं। यह मेरी जिंदगी के सबसे थका देने वाले सप्ताहांतों में से एक था।
“क्या मिस एक्टन ने कोई नाइटवियर नहीं दिया?” क्रिस्टियन ने मुझे घूरते हुए पूछा।
“पता नहीं। मुझे तुम्हारे टी-शर्ट पहनना पसंद है।” मैंने उनींदी थी।
उसका चेहरा मुलायम हो आया और उसने मेरा माथा चूम लिया।
“मुझे काम करना है पर तुम्हें अकेला भी नहीं छोड़ना चाहता। क्या मैं तुम्हारे लैपटॉप पर ऑफिस में लॉग इन कर सकता हूं? अगर मैं यहां काम करूं तो तुम्हें परेशानी तो नहीं होगी?”
“नहीं, कोई परेशानी नहीं होगी।”
“नहीं!”
अचानक ही अलार्म की आवाज़ से आंख खुली। क्रिस्टियन मेरे पास ही सो रहा है। मैंने आंखें मल कर टाइम देखा। घड़ी में साढ़े छह बजे हैं।
बाहर बारिश हो रही है और रोशनी हल्की व धुुंधली दिख रही है। मैं क्रिस्टियन के साथ आराम से बिस्तर में हल्की गुनगुनाहट के बीच लेटी हूं। मैंने अंगड़ाई ली और अपने साथ लेटे उस प्यारे से इंसान की ओर मुंह घुमा लिया। उसकी आंखें अचानक खुल गईं और उसने नींद में पलकें झपकाईं।
“गुडमोर्निंग।” मैं मुस्कुराई और झुककर उसे चूम लिया।
“गुडमोर्निंग बेबी! अक्सर तो मैं अलार्म बजने से पहले ही उठ जाता हूं।” वह हैरानी से बोला।
“ये जल्दी का लगा हुआ था।”
“हां मिस स्टील! मुझे जल्दी उठना था।” वह झट से उठ बैठा और मैंने करवट बदल ली क्रिस्टियन के साथ सुबह अलार्म के साथ उठने का भी अपना ही मज़ा है। यह सब कैसे हो गया? मुझे अचानक ही झपकी आ गई।
“आओ! चलो जल्दी करो। नींद की शहजादी!” क्रिस्टियन मुझ पर झुका है। उसके चेहरेे से ताजी शेव की गंध आ रही है। सफेद कमीज और काले सूट पर टाई नहीं पहनी।
सीईओ लौट आया है।
“क्या?” उसने पूछा।
“काश तुम भी पलंग में आ जाते।”
वह मेरी बात सुनकर हैरान रह गया और शरमाते हुए मुस्कुराया।
“मिस स्टील! आप तो कभी नहीं अघातीं। पर क्या करूं, साढ़े आठ बजे मीटिंग है। मुझे तो निकलना ही होगा।”
“ओह! मैं एक घंटे से सो रही थी। मैं भी पलंग से उछलकर उतरी और क्रिस्टियन दंग रह गया।
मैंने नहा कर झट से वे कपड़े पहने जो कल ही निकालकर रख लिए थे। एक पूरी तरह से फिट ग्रे पेंसिल स्कर्ट, हल्की ग्रे सिल्क शर्ट तथा काले रंग के पंप जूते! ये सब मेरी नई अलमारी की देन है। मैंने बालों में ब्रश फेरा और उन्हें बांध लिया। मैं बड़े कमरे की ओर चल दी। समझ नहीं आ रहा कि आज काम संभालूंगी कैसे?
क्रिस्टियन नाश्ते की मेज के पास बैठा कॉफी पी रहा है। मिसेज जोंस रसोई में पैनकेक और बेकन बना रही हैं।
“एना! तुम प्यारी लग रही हो।” क्रिस्टियन ने मुझे एक बांह से घेरा और हौले से बोलते हुए चूम लिया मैंने कनखियों से मिसेज जोंस को मुस्कुराते देख लिया था। मैं शरमा गई।
“गुडमोर्निंग मिस स्टील!” उन्होंने मेरे आगे पैनकेक और बेकन रखते हुए कहा।
“ओह थैंक्स! गुडमोर्निंग।” मैं हौले से यही कह सकी।
“मि. ग्रे ने कहा कि आप लंच ले जाना चाहती हैं। क्या खाना चाहेगी?”
मैंने कनखियों से क्रिस्टियन को देखा जो किसी तरह अपनी मुस्कान रोकने की कोशिश में है। मैंने उसे देखकर आंखें सिकोड़ीं।
“कोई सैंडविच… सलाद। कुछ भी चलेगा।” मैंने कहा।
“मैम! मैं झट से कुछ पैक कर देती हूं।”
“प्लीज़ मिसेज जोंस! मुझे एना कहें।”
“एना!” उन्होंने मुस्कुराकर मुझे चाय थमा दी।
वाह… ये ठीक है।
मैंने मुड़कर क्रिस्टियन को चुनौती दी- “अब मुझ पर मिसेज जोंस के साथ अ लर्ट करने का इल्ज़ाम लगाओ।”
“बेबी! मैं चलता हूं। टेलर आकर तुम्हें स्वेयर के साथ छोड़ आएगा।”
“दरवाजे तक।”
“हां, दरवाजे तक।”
मैंने झांका तो टेलर को बाहर खड़े पाया। क्रिस्टियन ने मेरी चिबुक थामकर चूम लिया।
“मिलते हैं फिर!”
“डियर! हैव ए गुड डे इन ऑफिस!” मैंने पीछे से कहा। वह मुड़ा और मीठी-सी मुस्कान देकर चल दिया। मिसेज जोंस के साथ मैं खुद को अकेले में पाकर अटपटा महसूस करने लगी। “क्रिस्टियन के लिए कब से काम कर रही हैं?” मैंने बात शुरू करने के लिहाज़ से कहा।
“चार साल हो गए।” उन्होंने लंच पैक करते हुए खुशी-खुशी कहा।
“ये मैं कर सकती हूं।” मैंने अपने काम को उनके हाथों होते देखकर कहा।
“एना! आप नाश्ता करो। ये मेरा काम है। वैसे भी यहां मि. ग्रे और टेलर के लिए काम करने के अलावा किसी तीसरे के लिए कुछ करने का मौका ही कब मिलता है।” वह प्यार से मुस्कुराईं।
मेरे गाल लाल हो गए और दिल में आया कि उन पर सवालों की बौछार कर दूं। वे फिफ्टी के बारे में बहुत कुछ जानती होंगी। अपनेपन और प्यार के बावजूद वह काफी प्रोफेशनल किस्म की लगती हैं। अगर वे न बता पाईं तो बेशक हम दोनों को ही शर्मिंदगी का सामना करना होगा। मैंने उसी चुप्पी के बीच अपना नाश्ता निबटाया और खाने के बारे में आम बातचीत ही हुई।
पच्चीस मिनट बाद स्वेयर दाखिल हुआ। मैंने ब्रश कर लिया है जाने के इंतज़ार में हूं। मैंने अपना लंच हाथ में ले लिया। याद नहीं आता कि कभी मॉम ने भी ऐसे लंच दिया होगा- मैं स्वेयर के साथ अपार्टमेंट से निकल पड़ी। ऑडी में टेलर इंतज़ार कर रहा है और मैं स्वेयर के दरवाजा खोलते ही पिछली सीट पर जा बैठी।
“गुडमोर्निंग टेलर!” मैंने कहा।
“मिस स्टील!”
“टेलर! कल के लिए सॉरी। उम्मीद करती हूं कि मैंने तुम्हारे लिए परेशानी खड़ी नहीं की होगी।”
टेलर ने अपनी भवें सिकोड़ी और मुस्कुरा दी। फिर वह बोला।
“मिस स्टील! मैं कभी मुश्किल में नहीं पड़ता।”
“शायद क्रिस्टियन ने इसे न कहा हो। बस मुझसे कहा हो।” ओह मन में खटास सी आ गई।
“टेलर, सुनकर खुशी हुई।” मैं मुस्कुराई।
मैं अपने डेस्क की ओर बढ़ी तो जैक दिख गया।
“हैलो एना? वीकएंड अच्छा रहा?”
“हां, थैंक्स और आपका?”
“अच्छा था। मेरे पास तुम्हारे लिए काम है।”
मैंने सिर हिलाया और अपने कंप्यूटर पर जा बैठी। लगता है कि काम किए सालों बीत गए। मैंने कंप्यूटर चलाकर, ई-मेल खोल लिया और बेशक वहां क्रिस्टियन का मेल इंतज़ार में था।
फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे
सब्जेक्ट: बॉस
डेट: जून 13 2011 08:24
टू: एनेस्टेसिया स्टील
गुडमार्निंग, मिस स्टील।
मैं सारे नाटक के बावजूद इस अद्भुत सप्ताहांत के लिए धन्यवाद देना चाहता था।
उम्मीद करता हूं कि तुम कभी छोड़कर नहीं जाओगी।
मैं तुम्हें याद दिलाना चाहता था कि एसआईपी वाली खबर अभी लोगों से छिपाई गई है इसलिए इस ई-मेल को पढ़ते ही मिटा देना।
तुम्हारा
क्रिस्टियन ग्रे
सीईओ, ग्रे इंटरप्राइजिस होल्डिंग्स, इंक और तुम्हारे बॉस के बॉस का भी बॉस
ओह समझ नहीं आता कि इसके मन में इतनी असुरक्षा का भाव क्यों है। मैंने यही सोचते हुए झट से डिलीट बटन दबा दिया।
फ्रॉम: एनेस्टेसिया स्टील
सब्जेक्ट: तानाशाही रवैया!
डेट: 13 जून 2011 09:03
टू: क्रिस्टियन ग्रे
डियर मि. ग्रे,
आप मुझसे किस बारे में बात करना चाह रहे हैं। क्या आप साथ रहने के लिए कह रहे हैं? हां, मुझे याद है कि यह बात अभी किसी को नहीं बतानी है। क्या मैं आपके डैड को कोपिंग टुगेदर वाला चेक भेज दूं? इस ई-मेल को मिटाना मत और मुझे जवाब देना।
एनेस्टेसिया स्टील
एसआईपी संपादक, जैक हाइड की सहायिका।
“एना!” जैक की आवाज़ सुनते ही मैं एकदम उछल पड़ी।
“हां।” जैक ने मुझे देखकर त्यौरी चढ़ाई।
“सब ठीक है?”
“जी।” मैंने अपनी नोटबुक ली और उसके ऑफिस की ओर चल दी।
“गुड। जैसा कि तुम्हें याद होगा कि मैं वीरवार को न्यूयार्क में हो रहे फिक्शन सिंपोजियम में भाग लेने जा रहा हूं। मेरा टिकट और आरक्षण हो चुका है पर मैं चाहूंगा कि तुम भी साथ चलो।”
“न्यूयार्क?”
“हां, हम बुधवार जाकर वहीं रहेंगे और तुम्हारे लिए भी यह अच्छा अनुभव रहेगा।” यह कहते हुए उसके चेहरे के भाव गहरा गए पर भीनी सी मुस्कान बनी रही। “क्या तुम सारे जरूरी इंतजाम कर लोगी। उसी होटल में एक और कमरा बुक कर दो, जहां मैं ठहरने वाला हूं। शायद मेरी पुरानी पी ए सबरीना ने सारी जानकारी कहीं रखी होगी।”
“अच्छा।” मैंने उसे देखकर मुस्कराई।
हो गया कचरा! मैं अपने डेस्क पर वापिस आ गई। फिफ्टी इसे बर्दाश्त नहीं करने वाला पर हकीकत यह है कि मैं भी जाना चाहती हूं यह एक अच्छा मौका है और मुझे पक्का यकीन है कि जैक ने बदनीयती दिखाई तो उसे परे रखना मुझे आता है। वहां मुझे ई-मेल का जवाब पढ़ने को मिला।
फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे
सब्जेक्ट: तानाशाही रवैया?
डेट: जून 13 2011 09:07
टू: एनेस्टेसिया स्टील
हां, प्लीज।
क्रिस्टियन ग्रे
सीईओ, ग्रे इंटरप्राइजिस होल्डिंग्स, इंक।
वह मुझे अपने साथ फिर से चाहता है। अभी तो मैं पिछली घटनाओं को ही पूरी तरह से हजम नहीं कर सकी। मुझे एक पल के लिए भी अकेले बैठकर उन पर विचार करने का समय नहीं मिला।
फ्रॉम: एनेस्टेसिया स्टील
सब्जेक्ट: डॉक्टर फिल्न से मिलना होगा
डेट: 13 जून 2011 09:20
टू: क्रिस्टियन ग्रे
डियर मि. ग्रे,
दौड़ने से पहले चलने वाले वादे का क्या हुआ?
क्या हम आज रात बात कर सकते हैं, प्लीज़।
मुझे वीरवार को न्यूयार्क में हो रही कांफ्रेंस में जाने के लिए कहा गया है। जहां मुझे एक रात रहना होगा।
बस सोचा कि तुम्हें बता दूं।
एनेस्टेसिया स्टील
एसआईपी संपादक, जैक हाइड की सहायिका
फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे
सब्जेक्ट: क्या?
डेट: जून 13 2011 09:21
टू: एनेस्टेसिया स्टील
हां, शाम को बात करते हैं।
क्या तुम अकेली जा रही हो?
क्रिस्टियन ग्रे
सीईओ, ग्रे इंटरप्राइजिस होल्डिंग्स, इंक
फ्रॉम: एनेस्टेसिया स्टील
सब्जैक्ट: सोमवार सुबह चीख-चिल्लाहट न करें
डेट: 13 जून 2011 09:30
टू: क्रिस्टियन ग्रे
क्या हम आज शाम को बात कर सकते हैं?
एनेस्टेसिया स्टील
एसआईपी संपादक, जैक हाइड की सहायिका
फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे
सब्जैक्ट: तुमने अभी चीख-चिल्लाहट देखी कहां है?
डेट: जून 13 2011 09:35
टू: एनेस्टेसिया स्टील
मुझे बताओ।
अगर तुम्हें अपने बॉस के साथ जाना है तो मेरी तरफ से इंकार है। तुम्हें मेरी लाश होकर जाना होगा।
क्रिस्टियन ग्रे
सीईओ, ग्रे इंटरप्राइजि़स होल्डिंग्स, इंक
मेरा दिल डूब गया। हे भगवान- ये इंसान तो मेरे डैड जैसा है!
फ्रॉम: एनेस्टेसिया स्टील
सब्जेक्ट: नहीं, तुमने अभी चीख-चिल्लाहट देखी कहां है?
डेट: 13 जून 2011 09:46
टू: क्रिस्टियन ग्रे
हां, जैक के साथ ही जाना है।
मैं जाना चाहती हूं। मुझे बहुत कुछ सीखने का मौका मिलेगा।
तुम बीच में पंगा मत डालो।
एनेस्टेसिया स्टील
एसआईपी संपादक, जैक हाइड की सहायिका
फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे
सब्जैक्ट: नहीं, तुमने अभी चीख-चिल्लाहट देखी कहां है?
डेट: जून 13 2011 09:50
टू: एनेस्टेसिया स्टील,
एनेस्टेसिया
मैं कोई पंगा नहीं डाल रहा।
मेरा जवाब है ‘नहीं’
क्रिस्टियन ग्रे
सीईओ, ग्रे इंटरप्राइजिस होल्डिंग्स, इंक
नहीं! मैं कंप्यूटर को देखकर चिल्लाई और सारा ऑफिस घूर-घूरकर मुझे ही देखने लगा। जैक ने अपने ऑफिस से झांका।
“एना! सब ठीक तो है?”
“हां सॉरी……मैं इतना ही कह सकी एक डॉक्यूमेंट सेव नहीं किया था इसलिए…. ।”
मैं शर्मिंदगी से मरी जा रही हूं। वह देखकर मुस्कराया पर चेहरे पर उलझन थी मैंने बहुत से गहरी सांसें लेने के बाद जवाब टाइप किया। मैं भी अजीब दीवानी हूं।
फ्रॉम: एनेस्टेसिया स्टील
सब्जेक्ट: फिफ्टी शेड्स
डेट: 13 जून 2011 09:55
टू: क्रिस्टियन ग्रे
क्रिस्टियन
तुम्हें ये बात समझनी होगी।
चाहे दुनिया की सारी दौलत भी क्यों न मिल जाए। मैं जैक का बिस्तर नहीं गर्म करने वाली।
मैं तुमसे प्यार करती हूं। जब लोग एक-दूसरे को प्यार करते हैं तो अक्सर ऐसा ही होता है।
वे एक-दूसरे पर भरोसा रखते हैं।
मैं भी यही मानकर चलती हूं कि अब तुम किसी दूसरी के साथ अपनी बेहूदी हरकतों वाला सेक्स नहीं करोगे। मैं तुम पर पूरा विश्वास रखती हूं। तुम भी रखो।
मैं तुमसे यही उम्मीद रखती हूं।
एना
एनेस्टेसिया स्टील
एसआईपी संपादक, जैक हाइड की सहायिका
मैं बैठी उसके जवाब की राह देखती रही पर कोई जवाब नहीं आया। मैंने एयरलाइन को फोन किया और अपने लिए टिकट बुक कर ली। यह भी देख लिया था कि मैं जैक वाली उड़ान में ही चलूं। मुझे एक ई-मेल आने का स्वर सुनाई दिया
फ्रॉम: लिंकन, एलीना
सब्जेक्ट: लंच डेट
डेट: 13 जून 2011 10:15
टू: एनेस्टेसिया स्टील
डियर एनेस्टेसिया,
मैं तुम्हारे साथ लंच करना चाहूंगी। शायद हमारे बीच की कड़वाहट कुछ कम हो सके। क्या तुम इस सप्ताह में कभी समय निकाल सकोगी?
एलीना लिंकन
ओह- इस बार मिसेज रॉबिन्सन नहीं लिखा। उसे मेरा ई-मेल पता कहां से मिला? मैंने अपना सिर हाथों में थाम लिया। क्या यह दिन इससे भी बुरा हो सकता था? मेरे फोन की घंटी बजी तो मैंने मुंह उठाया। अभी दस बजकर बीस मिनट हुए हैं और मुझे लग रहा है कि क्रिस्टियन के पलंग से उठकर आना ही नहीं चाहिए था।
“जैक हाइड ऑफिस।” एना स्टील बोल रही हूं।
एक अजीब-सी दर्द भरी आवाज़ ने मुझे घेर लिया, “क्या तुम मुझे भेजा हुआ आखिरी ई-मेल डिलीट कर दोगी और कोशिश करोगी कि मुझे ऑफिस की मेल से इस भाषा के मेल न भेजो? मैंने कहा था कि मेल पर नज़र रखी जाती है। कुछ भी गड़बड़ हो सकती है।” उसने फोन रख दिया।
हाय… मैं बैठी फोन को घूरती रही। क्रिस्टियन ने मुझ पर फोन पटक दिया। ये बंदा मेरी पूरी जिंदगी काबू करता जा रहा है। मेरे कैरियर को बिगाड़ देना चाहता है और मुझ पर फोन पटका? मैंने बेजान रिसीवर को घूरा। मैं जानती हूं कि मेरे गुस्से से ये भी कांप उठेगा।
मैंने ई-मेल खोले और उसे भेजे गए मेल डिलीट कर दिए ये इतना बुरा भी नहीं है। मैंने उसके बारे में कुछ खास तो नहीं लिखा था। अगर उसे अपनी हरकतों पर शर्म आती है तो ऐसे काम करता ही क्यों है? मैंने अपना ब्लैकबेरी उठाकर उसे फोन लगाया।
“क्या?” वह झपटा।
“मैं न्यूयार्क जा रही हूं। भले ही तुम चाहो या न चाहो।”
“तुम न…”
मैंने झट से फोन रख दिया। पूरे शरीर में गुस्से की लहर दौड़ रही है।
मैंने गहरी सांस ली और खुद को शांत करना चाहा। मैंने आंखें बंद करके कल्पना की कि मैं किसी खुशनुमा जगह पर हूं… उसके साथ बोट के केबिन में! ओह उसी पर गुस्सा और उसी के साथ खुशी भी? मैंने आंखें खोलीं और किए जाने वाले काम पर नजर मारी। अपने-आप को सहज किया।
“एना।” जैक की आवाज़ ने मुझे चौंका दिया।
“वह फ्लाइट बुक मत करना।”
“ओह! वह तो मैंने कर दी।” वह ऑफिस निकल कर आया तो मैंने बताया। वह गुस्से में था।
“देखो, यह हो क्या रहा है। पता नहीं, अचानक यह क्या तय हुआ कि स्टाफ के सारे होटल और यात्रा व्यय, वरिष्ठ प्रबंधन से पास होंगे। ये आदेश ऊपर से आया है। मैं रॉक से मिलने जा रहा हूं। अचानक ये क्यों किया गया? मैं समझ नहीं पा रहा।” जैक ने अपनी नाक खुजलाई और पल भर के लिए आंखें मूंद लीं।
“मेरे फोन ले लेना। देखता हूं कि रॉक क्या कहता है।” उसने आंख दबाई और अपने बॉस के ऑफिस की ओर चल दिया। -बॉस के बॉस के ऑफिस की ओर नहीं!
हद हो गई। क्रिस्टियन ग्रे! मेरे खून में उबाल आने लगा।
फ्रॉम: एनेस्टेसिया स्टील
सब्जेक्ट: ये तुमने क्या किया?
डेट: 13 जून 2011 10:43
टू: क्रिस्टियन ग्रे
प्लीज, मुझे कहो कि तुम मेरे काम में दखल नहीं दोगे।
मैं वहां जाना चाहती हूं। मुझे बहुत कुछ सीखने का मौका मिलेगा।
मुझे तुमसे पूछना ही नहीं चाहिए था। मैंने वे ई-मेल हटा दिए हैं।
एनेस्टेसिया स्टील एसआईपी संपादक, जैक हाइड की सहायिका
फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे
सब्जेक्ट: तुमने क्या किया?
डेट: जून 13 2011 10:46
टू: एनेस्टेसिया स्टील
मैं तो बस अपनी चीज की हिफाजत कर रहा हूं।
मैंने तुम्हारे और मेरे भेजे गए सारे मेल अभी सर्वर से हटा दिए हैं।
वैसे बता दूं कि मैं तुम पर पूरा भरोसा रखता हूं पर मुझे उस पर भरोसा नहीं है।
क्रिस्टियन ग्रे
सीईओ, ग्रे इंटरप्राइजिस होल्डिंग्स, इंक
मैंने मेल देखे तो हैरान रह गई। सिस्टम में उसका कोई मेल नहीं था। ये बंदा कितना असरदार है। उसने ये कैसे किया? वह किसे जानता है जिसने एसआईपी के सर्वर में घुसकर मेल ही डिलीट कर दिए? मैं तो खुद को बड़ा असहज पा रही हूं।
फ्रॉम: एनेस्टेसिया स्टील
सब्जेक्ट: जरा बड़े हो जाओ
डेट: 13 जून 2011 10:48
टू: क्रिस्टियन ग्रे
क्रिस्टियन
मुझे अपने ही बॉस से सुरक्षा की जरूरत नहीं है।
वह अगर कुछ कहेगा भी तो मैं साफ मना कर दूंगी।
तुम दखल नहीं दे सकते। ये गलत है और किसी को कई तरह से काबू करने की चाल है।
एनेस्टेसिया स्टील
एसआईपी संपादक, जैक हाइड की सहायिका
फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे
सब्जेक्ट: मेरा जवाब है नहीं!
डेट: जून 13 2011 10:50
टू: एनेस्टेसिया स्टील
मैंने देखा है कि तुम अनचाहे लोगों को दूर हटाने में कितनी तेज हो। मुझे याद है कि मुझे तुम्हारे साथ पहली रात किस रूप में बिताने का मौका मिला था। उस फोटोग्राफर के मन में तुम्हारे लिए कुछ भावनाएं तो थीं पर यह कमीना तो औरतों का रसिया है और तुम्हें लुभाने की कोई कोशिश नहीं छोड़ेगा। उससे पूछो कि उसकी पिछली और उससे भी पिछली पी ए के साथ क्या हुआ था।
मैं इस बारे में लड़ाई नहीं चाहता।
अगर तुम न्यूयार्क जाना चाहती हो तो मैं ले जाऊंगा। हम इस सप्ताह के अंत में जा सकते हैं। वहां मेरी एक मीटिंग भी है।
क्रिस्टियन ग्रे
सीईओ, ग्रे इंटरप्राइजि़स होल्डिंग्स, इंक
ओह क्रिस्टियन! बात ये नहीं है। हां, हो सकता है कि उसकी वहां कोई मीटिंग हो पर ये समझ नहीं आता कि इसकी जायदाद कहां-कहां है। वह जोंस वाली बात को वह कभी भूल सकेगा? उस दिन मैं नशे में थी पर मैं जैक के साथ शराब नहीं लूंगी।
मैंने स्क्रीन को देखकर गर्दन हिलाई पर उससे मेल पर बहस नहीं कर सकी। मुझे आज शाम का इंतज़ार करना होगा। मैंने दरवाजा देखा। जैक अभी लौटा नहीं था और मुझे एलीना से भी निबटना है। मैंने उसका मेल फिर से पढ़ा और तय किया कि उसे सीधा क्रिस्टियन को भेज दिया जाए। इस तरह उसका ध्यान भी बंट जाएगा।
फ्रॉम: एनेस्टेसिया स्टील
सब्जेक्ट: लंच डेट या बेकार की सिरदर्दी
डेट: 13 जून 2011 11:15
टू: क्रिस्टियन ग्रे
क्रिस्टियन
जब तुम बड़े ही दिल से मेरे करियर में अपनी टांग अड़ा रहे थे तो उस दौरान मुझे यह मेल मिला। मैं उससे नहीं मिलना चाहती- अगर चाहती भी तो भी, मुझे तो यहां से कहीं जाने की इजाजत ही नहीं है। उसे मेरा ई-मेल पता कहां से मिला? तुम्हारे हिसाब से क्या करना चाहिए। उसका मेल भी भेज रही हूं।
डियर एनेस्टेसिया,
मैं तुम्हारे साथ लंच करना चाहूंगी। शायद हमारे बीच की कड़वाहट कुछ कम हो सके। क्या तुम इस सप्ताह में कभी समय निकाल सकोगी?
एलीना लिंकन
एनेस्टेसिया स्टील
एसआईपी संपादक, जैक हाइड की सहायिका
फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे
सब्जेक्ट: बेकार की सिरदर्दी
डेट: जून 13 2011 11:23
टू: एनेस्टेसिया स्टील मुझसे नाराज मत हो।
मैं तो हमेशा तुम्हारा भला ही चाहता हूं।
अगर तुम्हें कुछ हो गया तो मैं कभी खुद को माफ नहीं कर सकूंगा।
मैं मिसेज लिंकन से निपट लूंगा। क्रिस्टियन ग्रे
सीईओ, ग्रे इंटरप्राइजिस होल्डिंग्स, इंक
फ्रॉम: एनेस्टेसिया स्टील
सब्जेक्ट: ठीक है, बाद में देखते हैं
डेट: 13 जून 2011 11:32
टू: क्रिस्टियन ग्रे
क्रिस्टियन
क्या हम आज रात इस बारे में बात कर सकते हैं?
मैं काम करने की कोशिश कर रही हूं और तुम्हारी दखलंदाजी से काम में रुकावट आ रही है।
एनेस्टेसिया स्टील
एसआईपी संपादक, जैक हाइड की सहायिका
जैक दोपहर के बाद लौट आया और मुझे बताया कि मैं न्यूयार्क नहीं जा सकती हालांकि वह अब भी जा रहा था और वह इस नीति को बदलने के लिए कुछ नहीं कर सकता। उसने अपने ऑफिस का दरवाजा पटककर मारा। वह इतने गुस्से में क्यों है?
अन्दर ही अन्दर मैं जानती हूं कि उसकी नीयत ठीक नहीं है पर मुझे यकीन है कि मैं उससे निपट सकती हूं और हैरानी तो इस बात की है कि क्रिस्टियन उसकी पुरानी पी ए के बारे में क्या जानता है। मैंने काम में मन लगाया पर साथ ही यह भी तय किया कि क्रिस्टियन की सोच को बदलने की कोशिश करनी होगी।
एक बजे के करीब जैक ने ऑफिस से गर्दन बाहर निकाली।
“एना! प्लीज़ मेरे लिए लंच में कुछ ला सकती हो?”
“जी। क्या लेना चाहेंगे?”
“पास्त्रामी! उसमें मस्टर्ड मत डलवाना। तुम आओगी तो पैसे दे दूंगा।”
“कुछ पीने के लिए लाऊं?”
“कोक चलेगी। थैंक्स एना।” वह ऑफिस में चला गया और मैंने पर्स उठाया।
ओह तेरे की! मैंने तो क्रिस्टियन से वादा किया था कि लंच टाइम में बाहर नहीं जाऊंगी। खैर, उसे क्या पता चलेगा। मैं अभी गई और अभी आई।
मैंने रिसेप्शन से छतरी ले ली क्योंकि अब भी बारिश हो रही थी। मैंने बाहर निकल कर जैकेट पहनी और आसपास नज़र दौड़ाई। उस भूतिया लड़की के कोई दर्शन नहीं हुए।
मैं तेजी से डेल की ओर चल दी। पता नहीं क्यों, ऐसा लग रहा था कि किसी ने मुझ पर नज़र रखी हुई है। कहीं लीला गन लेकर न खड़ी हो।
यह तेरी कल्पना है। तुझे कौन मारना चाहेगा?
पंद्रह मिनट में मैं सही-सलामत वापिस थी और मैंने मन ही मन क्रिस्टियन को कोसा कि उसने बेकार में इतनी पहरेदारी लगा रखी है।
मैं जैक का लंच देने गई तो वह फोन से झांका।
“एना थैंक्स। तुम मेरे साथ नहीं आ रहीं इसलिए आज देर रात तक काम करना होगा। कुछ जरूरी काम हैं। उम्मीद करता हूं कि तुम रुक सकती हो।”
“नहीं, ऐसा कुछ नहीं है।” मैंने एक मुस्कान और डूबते दिल के साथ कहा।
ये बात नहीं बनेगी। मैं जानती हूं कि क्रिस्टियन भन्ना जाएगा।
मैंने सोचा कि उसे अभी नहीं बताती वरना उसे दखल देने का मौका मिल जाएगा। मैं अपने लंच से चिकन सलाद सैंडविच खाने लगी। ये स्वादिष्ट है। वे अच्छे सैंडविच बनाती हैं।
बेशक! अगर मैं क्रिस्टियन के साथ रहने आ गई तो वे रोज़ ऐसे ही लंच देंगी। मैंने तो ऐसी जिंदगी के बारे में कभी सोचा ही नहीं था। मैं तो बस प्यार चाहती थी-सिर्फ प्यार! कोई ऐसा जो प्यार तो दे पर मेरी आजादी में बाधा न दे। तभी बेल बजी।
“जैक हाइड ऑफिस”
“तुमने तसल्ली दी थी कि तुम बाहर नहीं जाओगी।” क्रिस्टियन ठंडे और ठहरे सुर में कहा।
मेरा दिल आज के दिन में करोड़ वीं बार बैठ गया। इसे कैसे पता चला?
“जैक ने लंच लाने भेजा था। मना कैसे करती? क्या मुझ पर नज़र रखी हुई है?” मेरी खोपड़ी चकरा गई। तभी कहूं, ऐसा क्यों लग रहा था कि कोई मुझे देख रहा था।
“यही वजह है कि मैं तुम्हें काम पर नहीं जाने देना चाहता था।” क्रिस्टियन गुस्से से बोला।
“क्रिस्टियन प्लीज़! मेरा दम मत घोंटो।”
“मैं तुम्हारा दम घोंट रहा हूं।” उसने हैरानी से कहा।
“हां। तुम्हें ये सब बंद करना होगा। मैं शाम को बात करती हूं। आज मुझे देर तक काम करना होगा क्योंकि मैं जैक के साथ न्यूयार्क नहीं जा सकती।”
“एना! मैं तुम्हारा दम नहीं घोंटना चाहता। मुझे भी काम करना है। बाद में बात करते हैं।” उसने कहकर फोन रख दिया।
इतना अच्छा वक्त एक साथ बिताने के बाद नंगी हकीकत आंखों के सामने खड़ी है। ऐसा लग रहा है कि मैं जिंदगी में तेजी से दौड़ रही हूं। अगर मैं थोड़ा चल पाती तो इस इंसान के बारे में आराम से कुछ सोचने का मौका तो मिल जाता। एक स्तर पर मैं यह जानती हूं कि वह बुरी तरह से बिखरा हुआ है और मैं साफ तरह से देख सकती हूं कि यह सब दिल को तोड़ देने वाला रहा होगा। उसने मुझे अपनी जिंदगी के जो छोटे टुकड़े दिए हैं, उन्हें जानकर तो लगता है कि मैं उसे समझती हूं। एक ऐसा बच्चा जिसे प्यार नहीं मिला; एक बहुत ही बुरा माहौल; एक मां जो उसकी रक्षा न कर सकी; जिसकी वह रक्षा न कर सका और उसने बेटे के सामने ही दम तोड़ दिया।
मैंने कंधे झटके। बेचारा फिफ्टी! मैं उसकी हूं पर वह मुझे सलाखों में कैद नहीं रख सकता। मैं यह सब कैसे सह सकती हूं।
मैंने भारी दिल से जैक की भेजी पांडुलिपि उठाई और उसे पढ़कर सारांश तैयार करने लगी इस समय तो मुझे क्रिस्टियन के इस काबू करने वाले बर्ताव का कोई उपाय नहीं दिख रहा। मुझे उससे आमने-सामने बैठकर बात करनी होगी।
आधे घंटे बाद, जैक ने मुझे एक डॉक्यूमेंट भेजा जिसे निखारकर उसकी कांफ्रेंस के लिए तैयार करना था। इस काम में सारी दोपहर और शाम लग गई। मैंने सब निपटा दिया। मुंह उठाया तो सात बजे थे और ऑफिस वीरान था। जैक के ऑफिस की लाइट जल रही थी। मैंने देखा ही नहीं कि सभी पर जा चुके थे पर मेरा काम भी बस खत्म ही है। मैंने जैक को काम भेजा और उसकी मंजूरी के लिए अपना इनबॉक्स देखने लगी। क्रिस्टियन की ओर से कुछ नहीं आया। मैंने ब्लैकबैरी पर नज़र मारी तो उसका फोन आ गया।
“हाय!” मैंने हौले से कहा।
“हाय। तुम्हारा काम कब खत्म होगा?”
“शायद साढ़े सात तक।”
“मैं बाहर ही मिलूंगा।”
“ठीक है।”
वह थोड़ा घबराया हुआ लगा। क्यों? मेरी प्रतिक्रिया को ले कर चिंता में है।
“मैं तुमसे अब भी नाराज़ हूं। समझे? हमें बहुत सी बातें करनी हैं।”
“मुझे पता है। थोड़ी देर में मिलते हैं।”
जैक ऑफिस से बाहर आ गया।
“मैं रखती हूं।” मैंने फोन बंद कर दिया।
मैंने देखा कि जैक इसी ओर आ रहा था।
“मुझे कुछ सुधार करवाने हैं। ई-मेल तुम्हें वापस भेजा है।”
मैं डॉक्यूमेंट देखने लगी तो वह मेरे ऊपर झुक गया। उसकी बाजू मेरी बाजू से टकरा रही है। मैं सिकुड़ गई पर उसने ऐसे दिखाया मानो उसे पता ही न चला हो। उसकी दूसरी बाजू मेरी कुर्सी की पीठ पर टिकी है और मेरी पीठ को छू रही है। मैं थोड़ा सीधा होकर बैठ गई।
“पेज सोलह और तेईस, इन्हें ऐसे कर दो।” वह मेरे कान के पास अपना मुंह लाकर हौले से बोला।
मेरा पूरा शरीर विद्रोह कर रहा है पर मैंने अनदेखा करने की कोशिश की और कांपते हाथों से पन्नों पर बदलाव करने लगी। वह अब भी मुझ पर झुका है और मेरी सारी इंद्रियां सचेत हो गई हैं। अन्दर ही अन्दर मैं डर गई हूं और जोर से चिल्लाने को जी कर रहा है- पीछे हट जाओ!
“यह हो जाए तो प्रिंट में डाल देना। तुम इसे कल संभाल देना। एना! आज देर तक रुक कर काम करने के लिए थैंक्स!” उसने इतने प्यार से कहा जैसे किसी घायल पशु को सहला रहा हो। मेरे पेट में खलबली सी होने लगी।
“मुझे तो लगता है कि तुम्हें इनाम में एक ड्रिंक पिलाना चाहिए। तुम इसकी हकदार हो।” उसने अचानक ही मेरे बालों की खुली लट पीछे सहेज दी। मैंने अपने दांत पीसे और सिर झटक दिया। शिट! क्रिस्टियन सही कह रहा था। मुझे हाथ मत लगा!
“दरअसल आज नहीं हो सकता! जैक, फिर कभी चलेंगे।”
“बस देर नहीं होगी। फटाफट।” उसने फुसलाया।
“नहीं। मैं नहीं जा सकती। थैंक्स।”
जैक मेरी डेस्क के कोने पर बैठा और त्यौरियां चढ़ा लीं। मेरे दिमाग में खतरे की घंटी बजने लगी। मैं ऑफिस में अकेली हूं। मैं जा नहीं सकती। मैंने घबराकर घड़ी को देखा। बस क्रिस्टियन के आने में पांच मिनट रह गए हैं।
“एना। मुझे तो लगता है कि हम एक अच्छी टीम बनाते। सॉरी! यह न्यूयार्क वाला दौरा जमा नहीं। यह तुम्हारे बिना अधूरा रहेगा।”
“बेशक! सही कह रहे हो!” मैं हौले से मुस्कुराई क्योंकि कुछ कहने के लिए सूझा ही नहीं। पूरे दिन में पहली बार मन को सूकून-सा आया कि मैं नहीं जा रही।
“तो वीकएंड कैसा रहा?” उसने सहज भाव से पूछा।
“हां थैंक्स, अच्छा था। यह कहना क्या चाहता है।?”
अपने ब्वायफ्रेंड से मिलीं?”
“हां।”
“वह क्या करता है?”
अपने काम से मतबल रख गधे!
“वह बिजनेस में है।”
“वाह! कैसा बिजनेस?”
“ओह! उसने तो कई जगह पांव पसारे हुए हैं।”
जैक ने एक ओर गदर्न झुकाई और मेरे पास झुक आया।
“एना! तुम बहुत शर्मीली हो।”
“वह टेलीकम्युनिकेशन, निर्माण व कृषि के क्षेत्र से जुड़ा है।”
जैक ने भौं नचाई।
“इतने काम। वह किसके लिए काम करता है?”
“वह अपने लिए काम करता है। ….अगर आपका काम हो गया तो मैं जाना चाहूंगी।”
वह पीछे झुक गया और मैंने खुद को सुरक्षित महसूस किया।
“बेशक सॉरी! मैं तुम्हें फालतू रोकना नहीं चाहता था।” उसने कहा।
“ये इमारत कब तक खुली रहती है?”
“सिक्योरिटी ग्यारह बजे तक होती है।”
मैंने कंप्यूटर बंद करते हुए चैन की सांस ली। हम इस इमारत में अकेले नहीं हैं। मैंने पर्स उठाया और जाने के लिए तैयार हो गई।
“तुम अपने ब्वायफ्रेंड को पसंद करती हो?”
“मैं उससे प्यार करती हूं।” मैंने जैक की आंखों में आंखें डालकर कहा।
“अच्छा। उसका सरनेम क्या है?”
मैं खिसिया गई।
फिर हौले से बोली, “ग्रे, क्रिस्टियन ग्रे”
जैक का मुंह खुला का खुला रह गया। “सिएटल का सबसे अमीर कुंआरा। वही क्रिस्टियन ग्रे?”
“हां, वही।”
हां, वही क्रिस्टियन ग्रे! जो तुम्हारा होने वाला बॉस है और अगर उसे पता चल गया कि तुमने मुझ पर हाथ डालने की कोशिश की तो वह तुम्हें अपने नाश्ते में कच्चा खा जाएगा।
“मैं भी सोच रहा था कि उसे कहीं देखा लग रहा था।” जैक ने अपनी भवें सिकोड़ी, बड़ा किस्मतवाला है।
मैंने पलकें झपकाईं। और कहती भी क्या।
“एना गुड ईवनिंग।” जैक मुस्कराया पर ये मुस्कान खोखली थी। वह पीछे देखे बिना, सीधा ऑफिस की ओर चल दिया।
मैंने चैन की सांस ली। शायद समस्या हल हो गई है। फिफ्टी ने फिर से अपना जादू दिखा दिया है। उसका नाम ही मेरे लिए किसी जादुई मंत्र से कम नहीं है और वह बंदा अपनी दुम दबाए कैसा भागा! मैंने एक विजयी मुस्कान दी। देखा क्रिस्टियन ग्रे! तुम्हारा नाम ही मेरा बचाव करने के लिए बहुत है। तुम्हें बार-बार मेरे बचाव के लिए सामने आने की जरूरत नहीं है। मैंने मेज संभालकर घड़ी देखी। क्रिस्टियन बाहर आ गया होगा।
ऑडी बाहर कोने में खड़ी दिखी। टेलर ने झट से आकर दरवाजा खोला। मैं उसे देखकर खुश हुई और पिछली सीट पर लपकी।
क्रिस्टियन पिछली सीट पर बैठा, मुझे ही घूर रहा है। वह अपने तने जबड़े के साथ मेरा गुस्सा झेलने के लिए तैयार है।
“हाय!” मैंने हौले से कहा।
“हाय।” उसने सावधानी से कहा। उसने मेरा हाथ थामकर हौले से दबा दिया। मैंने तो अभी सोचा भी नहीं कि उससे बात क्या करनी है।
“क्या अब भी नाराज़ हो।” उसने पूछा।
“पता नहीं।” मैंने कहा। उसने हौले से मेरे हाथ को चूम लिया।
“आज का दिन बड़ा ही बकवास रहा।”
“हां। सो तो है।” सुबह से पहली बार मैंने अपने-आप को आरामदेह महसूस किया। शायद उसकी संगति का असर था। मैं जैक की सारी बातें, ई-मेल की झड़पें और एलीनाका पंगा भी भूल गई। बस कार के पिछले हिस्से में मैं और मेरा फिफ्टी!
हम दोनों खामोशी के बीच बैठे हैं और लग रहा है कि उसे भी बेहतर महसूस हो रहा है।
टेलर ने हमें अपार्टमेंट की इमारत के बाहर उतारा और हम बारिश से बचते हुए अन्दर लपके। क्रिस्टियन ने लिफ्ट के बाहर खड़े कर मेरा हाथ थाम लिया और उसकी आंखें इमारत के बाहरी हिस्से की तलाशी ले रही हैं।
“लगता है कि तुम्हें अभी तक लीला का पता नहीं मिला।”
“नहीं। वेल्क अब भी खोज रहा है।”
लिफ्ट आते ही हम भीतर चले गए। क्रिस्टियन ने मुझे अजीब ही नज़रों से ताका। वह कितना प्यारा दिख रहा है। बिखरे बाल, सफेद कमीज, काले रंग का सूट और अचानक जाने कहां से हमारे बीच वासना की लहर दौड़ गई। अगर वह दिखाई देती तो बेशक हम दोनों के बीच नीले रंग की आभा सी दिखती। यह बड़ी मजबूत है। मुझे ताकते हुए उसके होंठ खुल गए।
“क्या तुम इसे महसूस कर सकती हो?” उसने पूछा।
“हां।”
“ओह एना!” उसने झट से मुझे बांहों में भर लिया। उसका एक हाथ मेरी गर्दन पर था और होंठ मेरे होठों से जा जुड़े थे। मेरी अंगुलियां उसके बालों में घूमते हुए, गालों को सहला रही हैं और उसने मुझे लिफ्ट की दीवार के साथ सटा दिया है।
“मुझे तुम्हारे साथ बहस करना सख्त नापसंद है।” वह मेरे मुंह के पास अपना मुंह ले आया। मेरे पूरे शरीर में वासना की हिलोरें उठने लगीं और ऐसा लगा मानो सारे दिन के तनाव को बाहर निकलने का रास्ता मिल रहा हो। हमारी जीभें आपस में मिलीं, सांसें गुंथ गईं और हम पसीने से भीग गए। उसके हाथ मेरी स्कर्ट के पास हैं और वह उसे ऊपर उठाने की कोशिश कर रहा है।
“ओह! तुमने स्टॉकिंग्स पहनी हैं।” उसने उन्हें प्यार से छुआ और बोला।
“मैं इन्हें देखना चाहता हूं।”
मैंने स्कर्ट ऊंची की और उसने लिफ्ट का स्टॉप बटन दबाकर उसे वहीं रोक दिया। इस वक्त हम बाइस और तेइसवीं मंजिल के बीच हैं। हम दोनों बुरी तरह से हांफ रहे हैं। शुक्र है कि मुझे पीछे से टेक मिल गई है और मैं उसे उसके इस अनूठे रूप के बीच देख सकती हूं।
“अपने बाल खोल दो।” उसने भारी सुर में कहा। मैंने बाल खोले तो वे काले बादलों की तरह मेरे वक्षस्थल और कंधों पर बिखर गए।
“अपनी शर्ट के पहले दो बटन खोलो।” वह हौले से बोला।
वह मुझे बिल्कुल ही सेक्सी बना देता है। मैंने धीरे-धीरे बटन खोले तो मेरे उभार झांकने लगे।
उसने थूक निगला। “तुम नहीं जानतीं कि इस समय तुम्हें देखकर मुझे कैसा महसूस हो रहा है।”
मैंने जान-बूझकर अपना होंठ काटा और इंकार में सिर हिला दिया। उसने मेरे आसपास लिफ्ट की दीवार के दोनों ओर अपने हाथ रख दिए। वह मुझे छुए बिना भी, मेरे कितना नजदीक है।
मैंने उसे घूरा और उसने अपनी नाक से मेरी नाक रगड़ी। हम दोनों के बीच यही संपर्क है। मैं इस समय अपने-आप को हॉट महसूस कर रही हूं। मैं उसे अभी और यहीं चाहती हूं।
“मिस स्टील! तुम मुझे असभ्य और दीवाना बना देती हो।”
“क्या मैं ऐसा करती हूं?” मैंने पूछा।
“एनेस्टेसिया! तुम प्रेम की देवी हो।” अचानक ही उसने आगे आकर मेरी एक टांग को अपनी कमर के आसपास लपेट दिया और इस तरह अब मैं एक टांग के बल खड़ी हूं। मैं उसकी ओर झुकी हुई हूं और हम दोनों ही एक-दूसरे की जरूरत को महसूस कर सकते हैं। उसने मेरी गर्दन पर अपने होंठ फिराए। मैं कराही और उसकी गर्दन के आसपास हाथों का घेरा कस दिया।
“मैं अभी तुम्हारे साथ यौन संबंध बनाना चाहता हूं।” उसने कहा और अपने-आप को भी इसके लिए तैयार कर लिया। फिर जाने कहां से एक फॉयल पैकेट निकालकर मेरे मुंह के पास ले आया। मैंने उसे दांतों में पकड़ा और उसके खींचते ही वह बीच में से फट गया।
“गुड गर्ल।” उसने कंडोम पहनते हुए कहा। “ओह! मैं अगले छह दिनों का इंतजार नहीं कर सकता। उम्मीद करता हूं कि तुम इन्हें उतारने से बुरा नहीं मानोगी।” उसने मेरे अंतर्वस्त्रों की ओर संकेत किया। उसने एक झटके से उन्हें उतार दिया। मैं बुरी तरह से हांफ रही हूं।
उसके शब्द जैसे मेरे लिए किसी नशे का काम करते हैं। मैं अपने सारे दिन का तनाव भूल गई हूं। उसकी आंखें लगातार मेरे चेहरे पर बनी हैं। मेरा शरीर सहज भाव से उसकी ओर झुका है और मैं उसकी निकटता के इस एहसास को हौले-हौले पी रही हूं।
“एनेस्टेसिया! तुम मेरी हो।” वह मेरी गर्दन के पास मुंह लाकर बोला। “हां, मैं तुम्हारी हूं। तुम्हें इस बात का यकीन कब आएगा?” मैं हांफने लगी। मैंने खुद को पूरी तरह से उसके हवाले कर दिया है
इस तरह मैं खुद को ताकतवर और मजबूत पा रही हूं। मैं हैरान हूं कि ये दिलकश और मोहक छवि वाला इंसान मुझे चाहता है और मैं भी इसे उतनी ही शिद्दत से चाहती हूं। अचानक उसने मेरा नाम लिया और धावा बोल दिया….।
जब तूफान थमा तो उसने शांत होकर मुझे चूमा। अब उसकी सांसें संभल गई हैं। उसने मुझे अपने हाथों से थाम रखा है।
“ओह एना! मैं तुम्हारे बिना जी नहीं सकता।” उसने मेरा माथा चूम लिया।
मैंने भी धीरे से यही शब्द कहे।
मैं थकान से बेदम हूं। उसने मुझे संभलने में मदद की और लिफ्ट ऑन कर दी। लिफ्ट चलने के झटके से मैं अचानक उसकी बांहों में आ गिरी।
“टेलर सोच रहा होगा कि हम कहां गए।” उसने दुष्टता से भरी मुस्कान दी।
ओह! हो गया कचरा! मैंने अपने बिखरे बाल हाथों से सहेजने की कोशिश की। फिर उन्हें पोनीटेल में बांध लिया।
क्रिस्टियन ने भी सब कुछ सहेज लिया और वह फिर से अपने उद्यमी अवतार में आ गया। बाल तो उसके हमेशा से ही ऐसे दिखते हैं। बस उतर इतना है कि अब उसके चेहरे पर एक मुस्कान खेल रही है। क्या सभी मर्द इस अनुभव के बाद ऐसा ही महसूस करते हैं?
टेलर वहीं इंतजार करता मिला।
“लिफ्ट में दिक्कत हो गई थी।” क्रिस्टियन ने कहा और मैं उन दोनों के चेहरे देखने की हिम्मत नहीं जुटा सकी। मैं झट से क्रिस्टियन के बेडरूम की ओर लपकी ताकि साफ कपड़े पहन सकूं।
जब मैं लौटी तो क्रिस्टियन नाश्ते की मेज पर बैठा मिसेज जोंस बात कर रहा था वे मुझे देखकर मुस्कुराईं और हम दोनों के आगे गर्म खाने की दो प्लेटें रख दीं। वाह! क्या खुशबू है। मुझे तो कस कर भूख लगी है।
“खाने का आनंद लें। मि. ग्रे व एना।” वह बोलकर चली गईं।
क्रिस्टियन ने फ्रिज से सफेद वाइन की बोतल निकाल ली और खाते समय बताने लगा कि वह जल्दी ही सोलर पावर से चलने वाले मोबाइल तैयार करवा लेगा। वह पूरी योजना के बारे में उत्साहित है और मैं जानती हूं उसका दिन बुरा नहीं गया।
उसकी जायदाद के बारे में पूछने पर पता चला कि उसके पास केवल न्यूयार्क, एस्पेन और एस्काला में ही अपार्टमेंट हैं। और कहीं नहीं हैं। मैं खाने के बाद अपनी प्लेटें सिंक में ले गई।
“वहीं छोड़ दो। गेल देख लेगी।” उसने कहा और मुझे गहराई से ताकने लगा। क्या मैं कभी इन बातों की आदी हो सकूंगी कि कोई मेरे लिए काम करे।
“मिस स्टील! अब आप थोड़ी घरेलू हो गई हैं तो आज के बारे में बात कर सकते हैं?”
“मैंने तो सोचा था कि तुम ज्यादा घरेलू हो और मैं तुम्हें पालतू बनाने के काम में होशियार हूं।”
“मैं और पालतू?” मैंने सिर हिलाया तो उसने ऐसे पलके सिकोड़ीं मानो मेरे ही शब्दों को प्रतिबिंबित कर रहा हो।
“हां, हो सकता है एना।”
तुमने जैक के बारे में सही कहा था।” मैंने आगे झुककर कहा। उसका चेहरा सुनते ही राख हो गया।
“क्या उसने कोई बेज़ा हरकत की?”
मैंने इंकार करते हुए कहा। “नहीं, मैंने उसे बता दिया कि मैं तुम्हारी गर्लफ्रेंड हूं और वह पीछे हट गया।”
“पक्का। नहीं तो मैं एक मिनट में उसे निकाल दूंगा।”
मैंने अपना गिलास थामकर कहा। “क्रिस्टियन मुझे अपनी समस्याओं से खुद निपटने दो। तुम हमेशा मेरे बचाव के लिए पीछे नहीं रह सकते। मैं तुम्हारे इस दखल के साथ कभी तरक्की नहीं कर सकती। मुझे कुछ आजादी चाहिए। मैं तो तुम्हारे मामलों में टांग अड़ाने के बारे में सोचूंगी भी नहीं।”
उसने पलकें झपकाईं- “एना! मैं तो बस तुम्हारी सलामती चाहता हूं। अगर तुम्हें कुछ हो गया तो मैं….”- वह थम गया।
“मैं जानती हूं कि तुम मेरी सलामती के लिए इतना आग्रह क्यों रखते हो? मेरे मन का एक हिस्सा इस बात को पसंद भी करता है। मैं जानती हूं कि मुझे कोई जरूरत पड़ने पर तुम हमेशा मेरे पास रहोगे जैसे कि मैं तुम्हारे लिए हूं। पर अगर हमें आने वाले कल के लिए कोई उम्मीद रखनी है तो तुम्हें मुझ पर और मेरे फैसलों पर भरोसा रखना सीखना होगा। हां, कई बार मैं गलत होती हूं पर मैं अपनी गलतियों से सीखना चाहूंगी।”
वह मुझे घूरता रहा और मैं उसकी टांगों के बीच जा खड़ा हुई। वह स्टूल पर बैठा था। मैंने उसके हाथ उठाकर अपनी कमर के आसपास रख दिए और अपने हाथ उसके कंधों पर रख दिए।
“तुम मेरी नौकरी में दखल नहीं दे सकते। ये अच्छी बात नहीं है। मैं नहीं चाहती कि तुम हर जगह मेरा बचाव करने आते रहो। मैं जानती हूं कि तुम्हें हर चीज पर काबू पाना पसंद है और ये भी जानती हूं कि ऐसा क्यों है पर मैं नहीं चाहती कि तुम ऐसा करो। ऐसा कभी नहीं हो सकता…. तुम्हें भी दूसरों को आजादी देना सीखना होगा।” मैंने उसका चेहरा हाथों में भर लिया।
“अगर तुम ऐसा कर सके। ये आजादी दे सको तो मैं तुम्हारे साथ रहने आ सकती हूं।”
उसने हैरानी से गहरी सांस ली, “तुम ऐसा करोगी?”
“हां।”
“पर तुम मुझे नहीं जानतीं।” अचानक उसका गला भर्रा गया। फिफ्टी तो ऐसा नहीं था।
“क्रिस्टियन मैं तुम्हें बहुत अच्छी तरह जानती हूं। तुम्हारे बारे में कोई भी बात मुझे तुमसे दूर नहीं ले जा सकती। पर तुम्हें मेरे साथ नरमी का बर्ताव रखना होगा।”
“एनेस्टेसिया! मैं कोशिश कर रहा हूं। मैं कभी नहीं देख सकता कि तुम उस हरामी के साथ न्यूयार्क चली जाओ। उसके बारे में सब जानते हैं। उसकी कोई पी ए तीन माह से ज्यादा नहीं टिकती और कंपनी उन्हें दोबारा कभी काम पर नहीं लेती। बेबी! मैं नहीं चाहता कि तुम्हारे साथ भी ऐसा हो। मैं नहीं चाहता कि तुम्हारे साथ कभी भी, कुछ भी बुरा हो। तुम्हें चोट पहुंचने के ख्याल से ही मेरे दिल में कचोट उठती है। मैं ये वादा नहीं कर सकता कि तुम्हारे काम में दखल नहीं दूंगा। अगर कहीं तुम्हारे लिए डर की बात होगी तो मैं दखल दिए बिना नहीं रह सकूंगा।” वह रुका और एक गहरी सांस ले कर बोला।
“एनेस्टेसिया! मैं तुमसे प्यार करता हूं। मैं अपनी ओर से तुम्हारी सलामती के लिए कोई कसर नहीं उठा रखूंगा। मैं तुम्हारे बिना अपनी जिंदगी की कल्पना तक नहीं कर सकता।”
ओह! मेरे भीतर बैठी लड़की और सयानी लड़की दोनों ही दीदे फाड़-फाड़कर अपने फिफ्टी को देख रही हैं।
उसने कहा-“आई लव यू!” मेरी दुनिया स्थिर हुई, एक ओर झुकी और फिर एक नई धुरी पर घूमने लगी। मैं उसकी सुंदर भूरी आंखों को ताकते हुए इन पलों को जी रही हूं।
“क्रिस्टियन मैं भी तुमसे प्यार करती हूं”। मैंने आगे झुककर उसे चूमा और फिर चुंबन गहरा होता चला गया ।
अचानक टेलर ने गला खंखारा। क्रिस्टियन ने मुझे पीछे किया और कमर में बांह डालकर टेलर पर झपटा।
“हां बोलो।”
“मिसेज लिंकन आई हैं, सर।”
“क्या?”
टेलर ने माफी मांगने के अंदाज में कंधे झटके। क्रिस्टियन ने गहरी सांस लेकर सिर हिलाया।
“खैर! देखते हैं।” उसने मुझे देखकर शरारती मुस्कान दी।
हाय! ये औरत हमें अकेला क्यों नहीं छोड़ देती।
