fifty shades darker novel in Hindi
fifty shades darker novel in Hindi

fifty shades darker novel in Hindi: स्वेयर फिर से अपनी बाजू में मुंह सटाते हुए बोला,

“टेलर! मि. ग्रे अपार्टमेंट में गए हैं।” अचानक ही उसने अपने कान से ईयरपीस निकाल दिया। शायद टेलर की ओर से गहरी लताड़ मिली है।

अरे नहीं-टेलर चिंता में है इसका मतलब?

“प्लीज! मुझे भी अन्दर जाने दो।” मैंने विनती की। “सॉरी! मिस स्टील। ज्यादा वक्त नहीं लगेगा।” स्वेयर ने दोनों हाथ खड़े कर दिए। टेलर और बाकी लोग अपार्टमेंट में आ ही रहे हैं।

मैं खुद को असहाय पा रही हूं। मैं वहीं पत्थरों की तरह खड़ी हर आवाज, हर आहट पर कान लगाने लगी। अपनी सांसों के सिवा कुछ नहीं सुन पा रही। मेरा दिमाग चकरा रहा है। मुंह सूख गया है और लगता है कि मैं बेहोश हो जाउंगी। प्लीज! भगवान क्रिस्टियन को सही-सलामत रखना। मैंने मन ही मन प्रार्थना की।

पता नहीं कितनी देर हो गई और हमें कोई आवाज सुनाई नहीं दी। मैं अपना दिमाग दूसरी ओर लगाने के लिए वहां लगी तस्वीरें देखने लगी।

मैंने आज से पहले उन पर नज़र तक नहीं मारी थी। मैडोना और बच्चे, सोलह के सोलह, धार्मिक तस्वीरें। क्रिस्टियन तो धार्मिक नहीं है, क्या वह है? अन्दर वाली तस्वीरें तो अलग हैं पर ये ऐसी क्यों हैं? वैसे अभी क्रिस्टियन कहां है?

मैंने स्वेयर को देखा। वह मुझे बेलाग नजरों से ताक रहा है।

“क्या हो रहा है?”

“कोई खबर नहीं है। मिस स्टील।”

अचानक ही दरवाजा हिला और स्वेयर ने तेजी से घूमते हुए अपने हॉलस्टर से बंदूक निकाल ली। मैं तो वहीं जम गई। दरवाजे पर क्रिस्टियन दिखाई दिया। “सब ठीक है।” उसने कहा और स्वेयर ने अपनी बंदूक पीछे करते हुए, मुझे आगे जाने दिया।

“टेलर ज्यादा ही परेशान हो रहा है।” वह बड़बड़ाया। और अपना हाथ आगे किया। मैं बिना हिले-डुले उसे ताक रही हूं: उसके बिखरे बाल, आंखों के आसपास का कसाव, कसे हुए जबड़े, शर्ट के पहले दो खुले बटन। शायद मेरी उम्र दस साल बढ़ गई है। क्रिस्टियन ने मुझे चिंता से निहारा।

“बेबी ! सब ठीक है।” वह मेरे पास आया और बांहों में भर कर माथा चूम लिया। आओ! तुम थकी हुई हो। सोने चलें।

“मुझे बहुत चिंता हो रही थी।” मैं उसकी छाती से लगी, बदन से आती भीनी-भीनी महक का आनंद ले रही हूं।

“जानता हूं। हम सभी परेशान हो गए थे।”

स्वेयर कहीं अपार्टमेंट में ही ओझल हो गया है।

“सच्ची! मि. ग्रे, आपकी एक्स तो किसी सिरदर्द से कम नहीं हैं।” मैंने माहौल को हल्का करना चाहा।

“हां, सो तो है।”

वह मुझे बड़े कमरे में ले गया।

टेलर और उसके आदमी सारी अलमारियां देख रहे हैं। उन्हें लगता है कि वह यहीं-कहीं छिपी है।

“वह यहां क्यों होने लगी? मुझे तो कोई तुक समझ नहीं आती।”

“सही कहा।”

“वह अन्दर आ सकती थी?”

“मुझे तो नहीं लगता पर पता नहीं टेलर कई बार जरूरत से ज्यादा सावधान क्यों हो जाता है?”

“क्या तुमने प्लेरूम में देखा?” मैं हौले से बोली।

क्रिस्टियन ने मुझे घूरते हुए कहा- “उसमें ताला था पर मैंने और टेलर ने वहां भी देखा है।”

मैंने एक गहरी सांस ली।

“कुछ पीना चाहोगी?” क्रिस्टियन ने पूछा

“नहीं। मैं सोना चाहूंगी।” पूरे शरीर में थकान पसर गई है।

“आओ। मैं तुम्हें लिटा देता हूं। तुम थकी दिख रही हो।” क्रिस्टियन के भाव मुलायम हो उठे।

मैंने त्यौरी चढ़ाई। क्या वह नहीं आ रहा? क्या वह अकेले सोना चाहता है?

जब वह मुझे अपने कमरे में ले गया तो मुझे चैन आया। मैंने अपना पर्स वहीं दराज के कोने में खाली किया तो मिसेज रॉबिन्सन का नोट दिखाई दिया।

“ये लो! मैंने उसे क्रिस्टियन को सौंप दिया। मुझे नहीं पता कि तुम इसे पढ़ना चाहोगे या नहीं। मेरे लिए तो ये बकवास है।”

क्रिस्टियन ने उसे एक बार देखा और उसके जबड़े सख्त हो आए।

“मुझे समझ नहीं आ रहा कि वह कौन से खाली कोने भरना चाहती है। मैं टेलर से बात करने जा रहा हूं। लाओ, पहले तुम्हारी ड्रिंक्स खोल दूं।”

“क्या तुम कार के लिए पुलिस को बुलाओगे।” मैंने मुड़ते हुए कहा

उसने मेरे बाल पीछे हटाए और गर्दन को नंगा करते हुए, गाउन की जिप खोल दी।

“नहीं, मैं पुलिस को बीच में नहीं डालना चाहता। लीला को पुलिस की नहीं मदद की जरूरत है। मैं नहीं चाहता कि पुलिस यहां आए। बस हमें उसे तलाशने की कोशिश को दुगना करना होगा।” वह आगे की ओर झुका और मेरे कंधों पर मीठा सा चुंबन दे दिया।

“सोने जाओ।” उसने कहा और कमरे से बाहर चला गया।

मैं लेटी छत को घूरती रही और उसके आने का इंतजार करती रही। आज कितना कुछ घटा है। कितनी बातें हुई हैं। कहां से शुरूआत करूं?

मैं एक झटके से उठ बैठी। क्या मैं सो गई थी? मैंने हल्की रोशनी के बीच थोड़ा-सा खुला दरवाजा देखा। तो क्या क्रिस्टियन बिस्तर पर नहीं है? वह कहां है? मैं उसे देखने के लिए उठने लगी तो मुझे बिस्तर के पास एक साया दिखाई दिया। एक औरत? हो सकता है। काले कपड़ों में? पक्का नहीं कह सकते।

हो सकता है कि मैं नींद में हूं। मैंने आगे आकर लाइट जलाई और मुड़कर देखा तो वहां कोई नहीं था। क्या यह मेरी कल्पना थी? क्या मैं कोई सपना देख रही थी?

मैंने पूरे कमरे में नजर मारी और पता नहीं क्यों, पूरे शरीर में एक अजीब-सा डर और बेचैनी पसर गए।

मैंने अपना चेहरा मला। वक्त कितना हुआ है। क्रिस्टियन कहां है? घड़ी में तो रात के सवा दो बजे हैं।

मैं लड़खड़ाते कदमों से उठी और उसे खोजने चल दी। पता नहीं अभी क्या देख लिया था। शायद आज की नाटकीय घटनाओं का असर रहा होगा।

बड़ा कमरा खाली है। बस नाश्ते की मेज पर हल्की रोशनी आ रही है। उसका स्टडी रूम खुला है और फोन पर बात करने की आवाज आ रही है।

“मुझे समझ नहीं आता कि तुम इस वक्त फोन क्यों कर रही हो? मुझे तुमसे कुछ नहीं कहना.. खैर अब तुम बताओ। तुम्हें मैसेज छोड़ने की क्या पड़ी थी?

मैं वहीं बुत बनी खड़ी हूं। वह किससे बात कर रहा है?

“नहीं, तुम सुनो। मैंने कहा न कि पहले तुम मेरी सुनो। उसे अकेला छोड़ दो। उसका तुमसे कोई लेन-देन नहीं है। समझी कि नहीं?”

वह काफी गुस्से में दिखा। मेरी दरवाजा खटखटाने की हिम्मत नहीं हुई।

“मैं जानता हूं कि तुम करती हो पर एलीना मेरी बात का भी कोई मतलब है। उसे अकेला छोड़ दो। मैं ये बात कितनी बार कहूंगा? क्या तुम सुन रही हो? गुड… गुड नाइट।” उसने डेस्क पर फोन पटक दिया।

ओ शिट! मैं दरवाजे पर आहट की।

कौन है?

वह हाथों में सिर दिए डेस्क पर बैठा है। मुझे देखते ही उसके चेहरे के भाव नरम हो आए। उसकी आंखें गुस्से सेे सुलग रही हैं। अचानक ही वह कितना थका हुआ दिख रहा है। मेर दिल कचोट उठा।

उसने पलकें झपकाईं और उसकी आंखें मेरी खुली टांगों व पीठ पर रेंगती चली गईं। मैं उसकी ही एक टी-शर्ट में हूं।

“एना! तुम्हें तो सिल्क या साटिन में होना चाहिए पर तुम मेरी टी-शर्ट में भी प्यारी लगती हो।”

ओह! अचानक ही तारीफ मिल गई। “मैं तुम्हें याद कर रही थी। आओ, सोने चलें।”

वह कुर्सी से उठा। वह अब भी रात वाले कपड़ों में है। आंखों में चमक लौट आई है पर चेहरे पर अभी भी उदासी के साए हैं। वह मेरे आगे खड़ा है पर मुझे छू नहीं रहा।

“क्या तुम जानती हो कि तुम मेरे लिए क्या मायने रखती हो?” वह हौले से बोला

“अगर मेरी वजह से तुम्हें कुछ हो गया तो….” उसका सुर कांप गया और चेहरे पर दर्द की रेखाएं तैर गईं। उसका डर छिपाए नहीं छिप रहा।

“मुझे कुछ नहीं होगा।” मैंने उसे दिलासा दिया। मैंने उसके चेहरे पर अपनी अंगुलियां फेरी। वह कितना नरम है। “तुम्हारी दाढ़ी कितनी जल्दी उग जाती है।” मैंने उसका ध्यान बंटाने के लिए हौले से कहा।

मैं गर्दन तक उस हिस्से को छूती चली गई, जिसे छूने की इजाजत थी। वह मुझे हाथ लगाए बिना ही घूरता रहा। मैंने उस लाइन के पास छूना चाहा तो उसने अपनी आंखें मूंद लीं। उसकी सांसें तेज होती चली गईं। मेरा हाथ उसकी कमीज के बटन पर चला गया।

“मैं तुम्हारा स्पर्श नहीं करूंगी। बस ये बटन खोल रही हूं।”

वह चुपचाप खड़ा रहा और मुझे ऐसा करने से रोका भी नहीं मैं धीरे-धीरे एक -एक कर सारे बटन खोले।

मैं उसे छूना नहीं चाहती। मैं उसे छूना चाहती हूं पर हाथ नहीं लगाऊंगी! चौथे बटन के बाद लिपस्टिक की हल्की-सी रेखा दिखी तो मेरे चेहरे पर शर्मीली सी मुस्कान आ गई। फिर मैंने एक-एक कर कफलिंक्स खोले।

“क्या मैं ये शर्ट उतार सकती हूं?”

उसने हामी दी और मैंने शर्ट कंधो से नीचे उतार दी। अब वह मेरे सामने केवल पैंट में खड़ा है।

“मेरी पैंट का क्या करना है, मिस स्टील?” उसने चुटकी ली।

“बैडरूम में चल कर देखेंगे। मैं तुम्हें अभी और इसी वक्त बिस्तर में चाहती हूं।”

“क्या अभी? मिस स्टील! क्या आपका मन नहीं भरता?”

मैं इस समय कुछ नहीं सोच सकती। मैंने उसका हाथ थामा और सोने के कमरे की ओर ले चली। कमरे में ठंडक है।

“क्या तुमने बालकनी का दरवाजा खोला था?” उसने मुझसे पूछा।

“नहीं! मैंने तो नहीं खोला। मुझे याद आया कि जब मैं उठी तो मैंने कमरे में नजर मारी थी। तब तो दरवाजा बंद था।”

ओह शिट…मेरे बदन का सारा लहू जैसे चेहरे पर आ गया। मैं खुले मुंह से क्रिस्टियन को ताकने लगी।

“क्या हुआ?” वह झपटा।

जब मैं उठी… तो वहां कोई था।” मैंने हौले से कहा।

मुझे लगा था कि मेरी कल्पना थी।

“क्या?” वह डरा हुआ दिखा और बालकनी के दरवाजे की ओर लपका। फिर वह अन्दर आया और दरवाजा बंद कर दिया।

“क्या तुम्हें पक्का यकीन है। वहां कौन था?”

“एक औरत। शायद!” उस समय अंधेरा था और मैं उनींदी थी।

“कपड़े पहनो। जल्दी करो!”

“मेरे कपड़े ऊपर हैं।”

उसने झट से अपने दराज से एक पैंट निकाली।

“इसे पहनो।”

वह काफी बड़ी है पर अभी बहस की गुजाईश नहीं है। उसने भी टी-शर्ट निकाली और फोन के दो बटन दबाए।

“वह अब भी यहीं है।” वह फोन पर बोला।

करीब तीन सेकेंड बाद टेलर और उसके बंदे वहीं आ गए। क्रिस्टियन ने उन्हें कम शब्दों में बता दिया, जैसा मैंने देखा था।

“कितनी देर पहले।” टेलर ने व्यावसायिक लहजे में पूछा। वह अब भी जैकेट में है। क्या ये बंदा कभी सोता नहीं है?

“बस दस मिनट?” पता नहीं क्यों पर मैं शर्मिंदगी महसूस कर रही हूं।

“वह इस अपार्टमेंट को अच्छी तरह जानती है। मैं एना को यहां से ले जा रहा हूं। वह यहीं कहीं छिपी है।। उसे खोजो। क्या गेल आ गया?”

“कल शाम को आएगा, सर।”

“जब तक यह जगह सुरक्षित नहीं हो जाती। एना यहां नहीं आएगी। समझे?”

क्रिस्टियन ने गुस्से से कहा।

“जी सर! क्या आप बैलूवे जाएंगे?”

“नहीं, मैं ये परेशानी अपने मां-बाप पर नहीं लादना चाहता। मेरे लिए कहीं कमरा बुक कर दो।”

“हां, मैं तुम्हें फोन करूंगा।”

“क्या हम जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं दे रहे?”

क्रिस्टियन ने मुझे घूरा, “उसके पास बंदूक हो सकती है।”

“क्रिस्टियन वह पलंग के पास ही थी। अगर वह मुझे मारना चाहती तो उसी समय मार सकती थी।” क्रिस्टियन ने किसी तरह अपने को संयत किया और प्यार से बोला। “एनेस्टेसिया! मैं किसी तरह का खतरा मोल नहीं ले सकता। टेलर! एना के लिए जूते लाओ।”

क्रिस्टियन अपनी अलमारी में से सामान निकालने लगा और वह सिक्योरिटी वाला मुझे ताक रहा है। उसका नाम भूल रही हूं… शायद रेयान था। वह बार-बार नीचे की खिड़कियों व बालकनी में देख रहा है। क्रिस्टियन थोड़ी देर में बाहर आया तो अपनी जींस और बारीक धारियों वाले कोट में था। उसने एक डेनिम की जैकेट मेरे कंधों के आसपास लपेट दी।

“आओ।” उसने मेरा हाथ कस कर थाम लिया और मुझे लगभग भागते हुए उसके लंबे कदमों के साथ ताल मिलानी पड़ी।

“मैं तो यकीन नहीं कर सकती कि वह यहीं छिपी होगी।” मैंने बालकनी के दरवाजों को देखते हुए कहा

“ये एक बड़ी जगह है और तुमने अभी सारी देखी भी नहीं है।”

“तुम उसे फोन क्यों नहीं करते? उससे कहो कि तुम बात करना चाहते हो।”

“एनेस्टेसिया! इस समय उसका दिमाग घूमा हुआ है। और उसके पास हथियार भी हो सकता है।” उसने खीझकर कहा।

“तो क्या हम भाग रहे हैं?”

अभी के लिए तो कहूंगा-“हां।”

“अगर उसने टेलर को गोली मारनी चाही तो?”

“टेलर को सब संभालना आता है। वह उससे ज्यादा फुर्ती दिखा सकता है।”

“रे सेना में थे। उन्होंने मुझे शूट करना सिखाया है।”

क्रिस्टियन ने एक पल के लिए भौं ऊंची की और हैरानी से बोला “तुम और बंदूक?”

“जी हां। मैं गोली चला सकती हूं। मि. ग्रे आप बचकर रहना। आपको केवल पागल सेक्स गुलामों की चिंता नहीं करनी है।”

“जी मिस स्टील! मैं याद रखूंगा।” उसने शुष्क सुर में कहा पर साथ ही चेहरे पर मुस्कान भी आ गई। मुझे अच्छा लगा कि इतने तनावपूर्ण माहौल में भी मैं उसके चेहरे पर मुस्कान लाने में सफल रही।

टेलर हमें बरामदे में मिला और मेरे हाथ में मेरा छोटा सूटकेस और काले कन्वर्स स्नीकर पकड़ा दिए। मैं देखकर दंग हूं कि उसने मेरे कुछ कपड़े भी पैक कर दिए हैं। मैंने कृतज्ञता से भरी मुस्कान दी तो उसने दिलासा से भरी मुस्कान पेश कर दी। इससे पहले कि मैं खुद को रोक पाती। मैंने उसे कसकर गले से लगा लिया। वह तो हैरान रह गया। जब मैंने उसे छोड़ा तो उसके दोनों गाल गुलाबी हो गए थे।

“संभलकर रहना।” मैंने हौले से कहा।

“जी, मिस स्टील!” उसने शर्मिंदगी से कहा।

क्रिस्टियन ने मुझे देखकर भौं नचाई और टेलर को सवालिया निगाहों से देखा जो हल्के से मुस्कुराकर अपनी टाई ठीक करने लगा।

“मुझे बताओ कि मैं कहां जा रहा हूं।” वह बोला।

टेलर ने अपने पर्स से एक क्रेडिट कार्ड निकाला और क्रिस्टियन को थमा दिया।

“आप वहां जा कर इसे इस्तेमाल कर सकते हैं।”

“अच्छी सोच है।” क्रिस्टियन ने कार्ड संभाल लिया।

रेयान भी वहीं आ गया। उसने टेलर से कहा स्वेयर और रेनॉल्डस को कुछ नहीं मिला।

“मिस स्टील और मि. ग्रे को गैराज तक छोड़ आओ। टेलर ने हुक्म दिया।

गैराज सूना पड़ा है। सुबह के तीन बजे हैं। क्रिस्टियन ने मुझे अपनी आर 8 की सीट पर बैठाते ही सारा सामान अन्दर रखा। मेरी गाड़ी के टायर पंक्चर हैं, सारी गाड़ी पर सफेद पेंट बिखरा है और उसकी हालत खराब हुई पड़ी है। देखकर ही डर लग रहा है। शुक्र है कि क्रिस्टियन मुझे कहीं और ले जा रहा है।

“इसकी जगह सोमवार को दूसरी गाड़ी आ जाएगी।” उसने अपनी सीट पर बैठते हुए मेरे अनकहे सवाल का जवाब दे दिया।

“उसे कैसे पता चला कि यह मेरी गाड़ी थी?”

उसने मुझे देखकर आह भरी। उसके पास भी ऑडी 3 थी। मैं अपनी सभी सेक्स गुलामों को यही गाड़ी ले कर देता हूं क्योंकि ये अपने-आप में सुरक्षित मानी जाती है। “ओह, तो ये ग्रेजुएशन का तोहफा नहीं था?” “एनेस्टेसिया! चाहे मैंने जो भी उम्मीद की हो पर तुम कभी मेरी सेक्स गुलाम नहीं रहीं इसलिए तकनीकी रूप से देखा जाए तो वह ग्रेजुएशन का ही तोेहफा था।” उसने पार्किंग स्पेस से गाड़ी निकालकर भगा दी। उसकी उम्मीद के बावजूद… सयानी लड़की ने मुंह बनाया। “ओह! हमारी बात हमेशा घूम-फिर कर यहीं क्यों आ जाती है?”

“क्या तुम अब भी उम्मीद कर रहे हो?” मैंने हौले से कहा।

तभी कार का फोन बजा। ग्रे!

“फेयरमान्ट ओलंपिक! मेरे नाम से।”

“धन्यवाद टेलर। अपना ख्याल रखना।” टेलर ने कहा।

“जी सर” और क्रिस्टियन ने फोन रख दिया।

सिएटल की सड़कें वीरान पड़ी हैं। वह तेजी से अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहा है और गाड़ी की गति काफी तेज है।

मैंने उसे झांका। वह अपनी ही सोच में गुम है। उसने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया। उसने पिछले शीशे में झांका और मैं समझ गई- वह जांच रहा था कि कहीं कोई हमारा पीछा तो नहीं कर रहा।

मैंने खिड़की से बाहर देखते हुए अपने थके और बेचैन दिमाग को राहत देनी चाही। गर वह मुझे चोट पहुंचाना चाहती तो आज उसके पास भरपूर मौका था। “नहीं। मैं अब इन चीजों की और उम्मीद नहीं रख सकता। मुझे लगा कि तुम्हें समझ आ गया था।” तभी क्रिस्टियन की आवाज से मेरा ध्यान टूटा। मैंने उसे देखकर पलकें झपकाईं और अपने आसपास जैकेट को कसकर लपेट लिया। पता नहीं मुझे ठंड लग रही है या भीतर से डर की झुरझुरी पैदा हो रही है।

“मुझे चिंता है कि… मैं तुम्हारे लिए काफी नहीं हूं”

“तुम मेरे लिए जरूरत से भी ज्यादा हो। एना! मुझे तुम्हें इस बात का यकीन दिलाने के लिए क्या करना होगा।”

मुझे अपने बारे में बताओ। मुझसे कहो कि तुम मुझे प्यार करते हो।

“तुम्हें ऐसा क्यों लगा कि डॉ. फिल्न की बातें सुनने के बाद मैं तुम्हें छोड़ दूंगी।” उसने आह भरते हुए एक पल के लिए आंखें मूंदीं और बोला “एना। तुम मेरी जिंदगी की कमियों की गहराईयों को नहीं समझ सकतीं और मैं तुम्हें इसमें हिस्सेदार बनाना भी नहीं चाहता।

“तुम्हें लगता है कि मैं जान लेती तो तुम्हें छोड़ जाती?” मैंने जोर से कहा। वह समझता क्यों नहीं कि मैं उससे प्यार करती हूं। क्या मेरे बारे में यही राय रखते हो?

“मैं जानता हूं कि तुम चली जाओगी।” उसने उदासी से कहा।

“क्रिस्टियन.. ऐसा नहीं है। मैं तो तुम्हारे बिना जीने की कल्पना… तक नहीं कर सकती।”

“तुम मुझे एक बार छोड़ गई थीं…। मैं वह सब दोबारा नहीं चाहता।

“एलीना ने कहा कि तुम पिछले शनिवार उससे मिले थे।” मैंने हौले से कहा।

“वह तो नहीं मिली।”

“तुम मेरे आने के बाद उससे मिलने नहीं गए थे।”

“मैंने कहा न कि मैं नहीं गया था और मुझे बिल्कुल पसंद नहीं कि कोई मुझे पर शक करे। मैं पिछले सप्ताह कहीं नहीं गया और घर में बैठा ग्लाईडर बनाता रहा जो तुम मेरे लिए छोड़ गई थीं

मेरा दिल कचोट उठा। मिसेज रॉबिन्सन कह रही थी कि वह उससे मिली थी।

क्या वह मिली थी या नहीं ? क्या वह झूठ बोल रही थी? क्यों?

“एलीना जो भी सोचती रहे पर मैं अपनी हर परेशानी के लिए दूसरों के पास भागने का आदी नहीं हूं। तुम्हें पता कि मैं इतनी आसानी से दूसरों के आगे अपना दिल नहीं खोलता।” उसने स्टीयिरिंग व्हील पर अपने अंगुलियों की पकड़ कस दी।

“कैरिक ने बताया कि तुम पूरे दो साल तक बोले नहीं थे।”

“क्या उन्होेंने आज बताया?” क्रिस्टियन के चेहरे पर गंभीर रेखाएं खिंच गईं।

“मैंने ही किसी तरह घुमा-फिराकर उनसे बातें निकलवाई थीं।” मैंने शर्मिंदा होते हुए कहा।

“तो डैडी ने और क्या कहा?”

“उन्होंने कहा कि जब तुम्हें तुम्हारे अपार्टमेंट से अस्पताल लाया गया तो तुम्हारी मॉम ही वह डॉक्टर थीं जिन्होंने तुम्हारा परीक्षण किया था।”

क्रिस्टियन सूनी नज़रों से ताकता रहा… पर चौकन्ना भी दिखा।

“उन्होंने कहा कि पियानो सीखने और ईया के आने से तुम्हारे बर्ताव में उतर आया।”

उसके होठों पर बहन का नाम आते ही मुस्कान आ गई।

“हां, जब वह आई तो करीब छह माह की थी। इलियट को तो मेरा साथ मिल गया था पर मेरे लिए ईया का आना एक खुशी की बात थी। वह बहुत प्यारी थी। वैसे अब इतनी नहीं रही।” मैं समझ गई कि आज ईया ने बार-बार उसके और मेरे मिलन की राह में बाधा दी थी शायद वह उसी बात को याद करके कह रहा होगा। मैं हंसने लगी।

क्रिस्टियन ने मुझे घूरा- “मिस स्टील! तुम्हें ये बात मज़ाकिया लगी?”

“आज तो जैसे उसने हमें अलग रखने की ही ठान ली थी।”

वह भी हंस दिया। “हां। वह काफी हद तक कामयाब भी रही। पर हमने अपनी मंजिल पा ही ली।”

उसने पीछे नजर मारी। “उम्मीद करता हूं कि कोई हमारा पीछा नहीं कर रहा होगा।”

लाल बत्ती पर ठहरते ही मैंने कहा- “क्या मैं एलीना के बारे में कुछ पूछ सकती हूं?”

“हां, अगर इतना ही जरूरी है तो पूछ लो।” उसने खीझकर कहा।

मैंने अपनी हिम्मत टूटने नहीं दी।

“तुमने मुझे बहुत पहले बताया था कि वह तुम्हें जिस तरह प्यार करती थी, वह तरीका तुम्हें पसंद था। उसका क्या मतलब था?”

“ये तो साफ नहीं है?”

“मुझे समझ नहीं आया।” मैंने कहा।

“मैं नियंत्रण के बाहर था। मैं किसी का स्पर्श सह नहीं सकता था। मैं अब भी नहीं सह सकता। चौदह-पंद्रह साल के लड़के लिए ये एक मुश्किल वक्त था। उसने मुझे अपनी भड़ास निकालने का तरीका दिखाया।”

“ओह! ईया ने बताया कि तुम किसी से भी झड़प कर लेते थे?”

“ओह! मेरा परिवार इतना बातूनी कब से हो गया? दरअसल ये सब तुम्हारी वजह से हो रहा है। तुम अक्सर लोगों से बातें निकलवा लेती हो।”

“ईया ने अपने-आप बताया था। दरअसल उसे लग रहा था कि अगर तुमने नीलामी में मुझे न जीता तो तुम किसी से लड़ बैठोगे।” मैंने लगाव से कहा

“ओह बेबी! इसका तो कोई सवाल ही नहीं पैदा होता। मैं ऐसे कैसे किसी और को तुम्हारे साथ नाचने देता।”

“पर तुमने डॉक्टर को तो नहीं रोका।”

क्रिस्टियन ने पत्थर के फव्वारे के पास, फेयर मौन्ट ओलंपिक होटल की ड्राईव-वे में गाड़ी रोक दी।

“आओ।” उसने गाड़ी से बाहर आकर हमारा सामान निकाला। एक दरबान भागता आया-बेशक उसे इस बेवक्त के मेहमानों को देखकर हैरानी हो रही थी। क्रिस्टियन ने कार की चाबियां उसकी ओर उछाल दीं।

“टेलर का नाम लिखो।” उसने कहा। दरबान ने हामी दी और आर 8 में बैठ पाने के खुशी को छिपा नहीं सका। हम हाथ थामकर लॉबी की ओर चल दिए।

मैं रिसेप्शन डेस्क पर उसके साथ खड़ी बिल्कुल जाहिल दिख रही हूं। मैं सिएटल के सबसे महंगे और नामी होटल में, इस शानदार ग्रीक देवता जैसे इंसान के साथ एक बड़े साइज की डेनिम जैकेट, खुली पैंट और पुरानी टी-शर्ट में खड़ी हूं। बेशक रिसेप्शनिस्ट को भी यह बेमेल जोड़ा देखकर हैरानी हुई। वह भी क्रिस्टियन के आकर्षण से बच नहीं सकी। मैंने उसे लाल पड़ते देख आंखें नचाईं। उसके तो हाथ भी कांप रहे हैं।

“क्या आपको… बैग उठाने के लिए मदद चाहिए? मि. टेलर?” उसने लाल पड़ते चेहरे के साथ पूछा “नहीं! मिसेज टेलर और मैं ले जाएंगे।”

मिसेज टेलर! पर मैंने तो अंगूठी भी नहीं पहनी। मैंने अपने हाथ पीछे कर लिए।

“मि. टेलर! आप ग्यारहवीं मंजिल पर कैसकेड सुईट में हैं। हमारा लड़का सामान छोड़ देगा।”

“नहीं, हम चले जाएंगे। लिफ्ट कहां है?”

लाल चेहरे वाली ने संकेत किया और हम आगे चल दिए। एक काले बालों वाली औरत सोफे पर बैठी, अपने पालतू को कुछ खिलाती दिखी। तो क्या यहां पालतू जानवर ला सकते है? इतने बड़े होटल में इसकी इजाजत होती होगी। वह हमें देखकर मुस्कुराई।

सुईट में दो बेडरूम, एक औपचारिक ड्राइंग रूम और बड़ा-सा पियानो है। बड़े कमरे में आग जल रही है। यह तो मेरे अपार्टमेंट से भी बड़ा है।

“मिसेज टेलर! आपका तो पता नहीं पर मैं एक ड्रिंक लेना चाहूंगा।” क्रिस्टियन ने दरवाजे को बंद करते हुए कहा।

उसने बेडरूम में सामान रखा और हम बड़े कमरे में चले गए। मैं आग के पास हाथ सेंकने लगी और वह बार के पास चला गया।

“आरमैन्यक?”

“प्लीज”

उसने मुझे क्रिस्टल ब्रांडी गिलास थमा दिया।

“आज का दिन तो बहुत ही व्यस्त रहा। ओह!”

मैंने हामी भरी और उसकी आंखों में चिंता दिखी।

“मैं ठीक हूं। तुम अपनी कहो।” मैंने दिलासा दिया।

“अभी तो यही चाहता हूं कि पहले इसे खत्म करूं। हम बिस्तर पर चलें और अगर तुम ज्यादा थकी नहीं हो तो मैं खुद को तुम्हारे भीतर डूबो देना चाहूंगा।”

“मि. टेलर! शायद ये इंतजाम हो सकता है।” मैं उसे देखकर मुस्कुराई और उसने अपने जूते और जुराबें उतार दिए।

“मिसेज टेलर! अपना होंठ काटना बंद करें।” वह बुदबुदाया।

मैं शरमा गई। ब्रांडी ने मेरे गले को तर कर दिया है। जब मैं क्रिस्टियन को देखा तो वह अपनी ब्रांडी पीते हुए भूखी नज़रों से मुझे ही ताक रहा था।

“एनेस्टेसिया! मैं तो तुम्हें देखकर हैरान हूं। कल और आज की इतनी घटनाओं के बाद भी तुम कितनी बहादुरी से डटी हुई हो। कोई और होती तो कब की भाग गई होती। सचमुच तुम मुझे हैरत में डाल देती हो। तुम बड़ी दिलेर हो।”

“तुम ही तो मेरे यहां होने का कारण है और वह अपने-आप में काफी मजबूत है। क्रिस्टियन! मैंने तुमसे कहा न कि मैं कहीं नहीं जा रही और चाहे तुम जो भी करो। मैं तुम्हारे साथ हूं। तुम जानते हो कि मैं तुम्हारे बारे में क्या महसूस करती हूं।”

उसकी भवें सिकुड़ गईं मानो उसे ये शब्द सुनने भी भारी पड़ रहे थे। ओह! “क्रिस्टियन मैं तुम्हें अपनी भावनाओं का एहसास दिलाने के लिए क्या करूं?”

उसे इजाजत दे कि वह तुझे पीटे। सयानी लड़की ने अन्दर से आवाज निकाली और मैंने उसे देखकर मुंह बना दिया।

“तुम मेरे जोंस वाले पोट्रेट कहां लगाने वाले हो?” मैंने माहौल को हल्का बनाना चाहा।

“यह तो निर्भर करता है।”

“किस पर?”

“हालात पर। उसका शो खत्म नहीं हुआ इसलिए ये बात बाद में भी तय हो सकती है।”

मैंने अपनी गर्दन एक ओर ले जाते हुए आंखें सिकोड़ी।

“मिसेज टेलर! तुम चाहे जितनी मर्जी सख्ती दिखा लो, मैं कुछ नहीं कहने वाला।” उसने चिढ़ाया।

“मैं तुम्हें सता कर सच निकलवा सकती हूं।”

उसने भौं नचाई। “अच्छा एना! तुम्हें ऐसे वादे नहीं करने चाहिए जो तुम पूरे न कर सको।”

ओह! मैंने अपना गिलास मेज पर रखा और उसका गिलास अपने आगे रखते हुए उसे हैरानी में डाल दिया।

“हम देखेंगे।” ब्रांडी के असर से बहादुरी आ गई थी। मैं उसका हाथ थामकर बेडरूम की ओर चल दी। फिर मैं पलंग के पास जा कर रुकी और क्रिस्टियन विमुग्ध भाव से देख रहा है।

“एना! तुम मुझे यहां ले तो आईं पर तुम मेरे साथ क्या करना चाहती हो।” उसने हौले से पूछा।

“मैं तुम्हारे कपड़े उतारने से शुरूआत करूंगी। जो काम पहले शुरू किया था, उसे अब निपटाना चाहती हूं।” मैंने अपने हाथ उसके जैकेट पर रखे और कोशिश की कि उसे छुए बिना ही जैकेट उतार दूं। इस बार उसने बदन तो नहीं सिकोड़ा पर सांस थामे खड़ा है।

मैंने जैकेट उतारी और उसकी जलती निगाहें मुझे घूर रही हैं… मेरे लिए चाह दिख रही है। इसकी नज़रें भी हर बार अलग मायने रखती हैं। पता नहीं वह सोच क्या रहा है? मैंने जैकेट उतार कर वहीं रख दी।

“अब तुम्हारी टी-शर्ट।” मैंने धीरे से कहा और उसने अपने हाथ ऊपर करते हुए, उसे उतारने में मदद की। वह लगातार मुझे ही ताक रहा है और जींस उसकी कमर से झूल रही है। उसके बॉक्सर ब्रीफ का बैंड दिख रहा है।

मेरी आंखें उसके पेट पर लगे हल्के लिपस्टिक के निशानों पर रेंग रही हैं। मैं तो बस यही चाहती हूं कि उसकी छाती के बालों पर जीभ फिराते हुए, उसका दैवीय स्वाद चख लूं।

“अब क्या करोगी?”

उसने हौले से पूछा।

“मैं तुम्हें यहां से यहां तक चूमना चाहती हूं।” मैंने उसके पेट पर अंगुली फिराते हुए कहा।

“मैं तुम्हें नहीं रोकने वाला। जो जी में आए करो।”

“तो तुम लेट जाओ।” मैंने उसका हाथ थामकर कहा। वह हैरान है और मुझे समझ आ रहा है कि आज तक उसके साथ किसी ने भी इस तरह प्यार ही नहीं किया। उसने भी नहीं? ओह इस वक्त उसकी बात मत कर।

वह कंबल हटाकर कोने में बैठ गया और गंभीर भाव से मुझे ही देखने लगा। मैंने उसके सामने ही अपने जैकेट और पैंट उतार दिए।

उसने अपनी अंगुलियों के छोरों से अंगूठे मले। बेशक वह मुझे छूने की इच्छा को दबा रहा है। मैंने गहरी सांस ली और हिम्मत बटोरते हुए अपनी टी-शर्ट भी उतार दी। अब मैं उसके सामने निर्वस्त्र हूं। उसने गहरी सांस भरी और होंठ खुल गए।

“एना! तुमसे पार पाना मुश्किल है। तुम तो शोला हो शोला…”

मैंने उसका चेहरा अपने हाथों में लिया और उसे चूमने के लिए झुकी। उसके मुंह से एक हल्की-सी आह निकली।

उसने अचानक मुझे नितंबों से थामा और… और मैं पता नहीं कैसे, अगले ही पल पलंग पर उसके नीचे दबी हुई थी। वह मुझे दीवानों की तरह चूम रहा है। उसके हाथ शरीर के सभी अंगों पर रेंग रहे हैं। वे मेरे पेट से होते हुए छातियों तक आ पहुंचे और मैं उनके स्पर्श में मग्न हो गई।

मैंने सिसकारी भरी और उसके शरीर के उभार को अपने अंग पर महसूस किया। उसने मुझे चूमना बंद किया और बेदम होकर ताकने लगा। उसका उभार मेरे शरीर को बिल्कुल सही जगह पर छू रहा है। हां-हां, बिल्कुल ठीक!

मैं आंखें बंद कर कराही और उसने दोबारा ऐसा किया। उसने एक बार और चूमा और धीरे-धीरे मुझे अपने शरीर से सहलाता रहा। एक ही पल में मैं अपनी सारी चिंताएं और परेशानियां भूल गईं जैसे उसके नशे ने सराबोर कर दिया हो। नसों में खून उबाले ले रहा है। मेरे कानों में हम दोनों की बेदम सांसों के सुर गूंज रहे हैं। मैंने उसे बालों से पकड़ा और अपने मुंह के पास ले आई। फिर जाने कैसे मेरी अंगुलियां उसकी जींस के भीतर खिसकती चली गईं और हम दोनों को और कुछ याद नहीं रहा।

“एना! तुम तो मुझे जंगली बना दोगी।” वह हौले से बोला और अचानक अपने-आप को अलग करते हुए घुटनों के बल बैठ गया उने झट से अपनी जींस उतारी और कंडोम का पैकेट मुझे थमा दिया।

“बेबी! तुम मुझे चाहती हो और मैं तुम्हें चाहता हूं। तुम्हें पता है कि अब तुम्हें करना क्या है?”

मैंने अपना काम किया और उसने अपना काम करने में देर नहीं की। मैं उसके एहसास को अपने भीतर महसूस कर रही हूं। वह धीरे-धीरे मेरे बदन के हर अंग को अपनी अंगुलियों की छुअन से तरसा रहा है, जगा रहा है। बड़ा ही मीठा सा एहसास है।

“तुम मुझे सब कुछ भुला देती हो। तुमसे इच्छा इलाज तो कोई हो ही नहीं सकता।” वह बहुत हौले से मेरे बदन के भीतर खलबली पैदा कर रहा है।

आज उसे कोई जल्दी नहीं है। आज वह मेरे शरीर का पूरा रस पी लेना चाहता है। उसने एक बार फिर मेरे होठों से अपने होंठ जोड़ दिए। हल्की सिसकारियों के बीच हमारा मिलन पूरा हुआ और उसने मेरा नाम लेते हुए एक गहरा चुंबन दे दिया।

ओह मेरी एना!

उसका सिर मेरे पेट पर टिका है। बाजुएं आसपास लिपटी हैं। मेरी अंगुलियां उसके बिखरे बालों में घूम रही हैं और मैं क्रिस्टियन ग्रे के साथ प्यार में भीगे पल बिताने के बाद आराम से लेटी हूं। चेहरे की उजास बता रही है कि आज हम दोनों ने शायद सेक्स नहीं किया, शायद ये प्यार का ही एक रूप था!

वह भी मेरी तरह, थोड़े से ही वक्त में बहुत दूर निकल आया है। सब कुछ इतनी तेजी से होता जा रहा है कि मैं उसके साथ अपने इस ईमानदार और सादे सफ़र के बारे में भी नहीं सोच सकी।

“तुम्हें प्यार करके तो दिल नहीं भरता। मुझे कभी छोड़कर मत जाना।” उसने हौले से कहा और मेरे पेट को चूम लिया।

“क्रिस्टियन! मैं कहीं नहीं जाने वाली और याद दिला दूं कि मुझे तुम्हारे पेट पर चूमना था।” मैंने उनींदे सुर में कहा।

वह हंसकर बोला “तो तुम्हें कौन रोक रहा है?”

“पर मैं तो हिल भी नहीं सकती… बहुत थक गई हूं।”

वह मेरे पास खिसक आया और कंबल ओढ़ा दिया।

“अब सो जाओ, बेबी!” उसने मेरे बाल चूमे और मुझे बांहों के घेरे में सुला लिया।

जब आंखें खुलीं तो कमरे में हल्की रोशनी के बीच मेरी पलकें झपक गईं। मेरा सिर नींद की कमी से चकरा रहा है। मैं कहां हूं? ओह! ये तो होटल है।

“हाय।” क्रिस्टियन बड़े प्यार से बोला। वह मेरे साथ लेटा है और सारे कपड़े पहन रखे हैं। वह यहां कब से है? क्या वह मुझे ताक रहा था? अचानक ही मुझे उसकी उन नज़रों से शर्म आने लगी।

“हाय। तुम मुझे कब से ताक रहे थे?”

“एनेस्टेसिया! मैं तो तुम्हें इस तरह सोते हुए घंटों देख सकता हूं पर अभी यहां आए पांच मिनट ही हुए हैं।” वह आगे झुककर बोला।

“डॉ. ग्रीन किसी भी समय आने वाली होगी।

ओह! मैं तो क्रिस्टियन की इस घुसपैठिया किस्म की बेजा हरकत के बारे में भूल ही गई थी।

“नींद अच्छी आई? खर्राटे तो खूब ले रही थीं।”

ओह! मेरा आनंदी क्रिस्टियन लौट आया!

“मैं खर्राटे नहीं मारती।” मैंने मुंह बिचकाया।

“नहीं। तुम नहीं लेती।” वह हंसकर बोला और उसकी गर्दन के पास लिपिस्टक का हल्का सा निशान अब भी दिख रहा है।

“क्या तुम नहा लिए?”

“तुम्हारा इंतजार कर रहा था।”

“ओह… अच्छा”

“अभी क्या वक्त है?”

“दस बजकर पंद्रह मिनट! तुम्हें नींद से जगाने को मन नहीं हुआ।”

“तुमने कहा था कि तुम्हारे पास मन है ही नहीं।”

वह उदासी से मुस्कुराया पर कोई जवाब नहीं दिया। नाश्ता आ गया है। पैनकेक और बेकन तुम्हारे लिए। आओ। मैं यहां अकेला पड़ गया हूं। उसने मेरे पिछवाड़े पर एक धौल जमाई। मैं उछल कर बैठ गई।

हम्म… क्रिस्टियन का प्यार जताने का तरीका!

अंगड़ाई लेते समय पता लगा कि पूरा बदन दुख रहा है। ..बेशक ये नाच, सेक्स और ऊंची एड़ी के सैंडिल का कमाल है। मैं पलंग से उतरकर बाथरूम की ओर चली तो कल की सारी घटनाएं एक-एक कर आंखों के आगे कौंध गईं। बाहर आई तो मैंने खुद को वहां टंगे एक चोगे में लपेट लिया।

लीला- मेरे जैसी दिखने वाली लीला? वह क्रिस्टियन कमरे में क्या कर रही थी? वह चाहती क्या है? क्रिस्टियन को? मुझे? किस लिए? उसने मेरी कार तहस-नहस क्यों की?

क्रिस्टियन ने कहा कि मुझे एक और ऑडी मिलेगी जैसे उसकी सब सेक्स गुलामों के पास थी। यह सोच ही मन दुखाने के लिए काफी है। मैंने पहले ही उसके पैसे से इतनी उदारता दिखा दी है कि अब कुछ कर भी तो नहीं सकती।

मैं सुइट के बड़े कमरे में पहुंची तो वहां क्रिस्टियन नहीं दिखा। आखिर में, डाईनिंग रूम में दिखा। मेरे आगे स्वादिष्ट नाश्ता तैयार है। क्रिस्टियन कॉफी पीते हुए अखबार देख रहा है। उसका नाश्ता हो चुका है। वह मुझे देखकर मुस्कुराया।

“ खाओ। आज तुम्हें बहुत ताकत की जरूरत होगी।” उसने चिढ़ाया।

“और क्यों? क्या तुम मुझे कमरे में बंद करने वाले हो?”

भीतर बैठी सयानी लड़की एक झटके से मुंह के बल औंधी जा पड़ी।

“आइडिया तो मस्त है पर आज नहीं। आज तो हम ताजी हवा खाने बाहर चलेंगे।”

“क्या ये सुरक्षित रहेगा?” मैंने बड़े भोलेपन से पूछा

क्रिस्टियन के चेहरे पर कड़ी रेखाएं खिंच गईं- “ये इस बात पर निर्भर करता है कि हम कहां जा रहे हैं। मैं किसी ऐसी जगह जाने के बारे में सोच भी नहीं सकता, जहां तुम सुरक्षित न हो।”

मैं चुपचाप नाश्ते को देखती रही और फिर बिना कुछ कहे नाश्ता करने लगी। अब तक तो मुझे समझ जाना चाहिए था कि वह मेरी सुरक्षा के बारे में किसी तरह का मजाक भी नहीं सह सकता। यह मसला उसके लिए बहुत मायने रखता है।

अच्छा! मैं तो कल की थकान से अधमरी हुई पड़ी हूं। ये फूल की तरह तरोताजा क्यों दिख रहा है? ये तो कोई बात न हुई।

तभी दरवाजे पर आहट हुई।

“ओह! ये डॉक्टर होगी।”

“क्या हमारी सुबह शांत और सहज नहीं हो सकती।” मैं नाश्ता बीच में छोड़कर डॉक्टर से मिलने चल दी।

डॉ. ग्रीन मेरे साथ बैडरूम में हैं और मुझे अपने खुले मुंह से लगातार घूर रही हैं। आज वह ज्यादा औपचारिक कपड़ों में नहीं आईं। काली पैंट के साथ गुलाबी टॉप पहना है और बाल भी खुले हैं।

“और तुमने उन्हें अचानक लेना बंद कर दिया? बस यूं ही?”

मैं खिसिया गई। मैं खुद को अहमक महसूस कर रही हूं।

“हां।” क्या मैं इससे धीमा सुर निकाल सकती थी।

“तुम गर्भवती हो सकती थीं।”

“क्या!” इन शब्दों ने अचानक मुझ पर वार किया। मेरे भीतर बैठी सयानी लड़की तो धड़ाम से गिर पड़ी और मुझे लगता है कि शायद मैं भी बीमार पड़ने वाली हूं। नहीं! “ये लो, इसमें बाथरूम करके लाओ।” आज वह पूरे बिजनेस टाइप मूड में है। मैंने उसके हाथ से प्लास्टिक की छोटी सी बोतल ली और वाशरूम की ओर चल दी। नहीं, नहीं, नहीं, ये नहीं हो सकता।

मेरा फिफ्टी क्या कहेगा? मेरा रंग पीला पड़ गया। वह तो भन्ना जाएगा।

नहीं प्लीज! मैंने मन ही ईश्वर को याद किया।

मैंने डॉ. को अपना सैंपल दिया और उन्होंने उसमें सफेद रंग की स्टिक डाली।

“तुम्हारे पीरियड कब आए थे?”

इस सफेद स्टिक को लगातार घूरते हुए, ऐसी बातें याद भी कैसे रखी जा सकती हैं? “ओह.. बुधवार! इससे पहले वाले बुधवार। जून के पहले सप्ताह में..

“तुमने गोलियां लेना कब बंद किया?”

“रविवार। पिछले रविवार।”

उसने होंठ भींचे।

“तब तो ठीक ही होना चाहिए। तुम्हें देखकर तो लग रहा है कि अनचाही गर्भावस्था तुम्हारे लिए कोई अच्छी खबर नहीं होने वाली। तो अगर तुम रोज गोली लेना याद नहीं रख सकतीं तो मैडरॉक्सीप्रोजेस्टेरॉन एक अच्छा उपाय है।” उसने मुझे सख्त निगाहों से घूरते हुए राय दी। सफेद स्टिक को बोतल से निकाला गया।

“बिल्कुल ठीक। अभी तुम गर्भ से नहीं हो। अगर आगे से ध्यान रखोगी तो ये नौबत नहीं आएगी। अब मैं तुम्हें इस बारे में थोड़ा-सा समझा दूं। पिछली बार हमने इसके साइड इफेक्टस की वजह से इसे छोड़ दिया था पर अनचाहा बच्चा पाना कहीं बड़ी परेशानी बन सकता है।” वह अपने ही चुटकुले पर मुस्कुराई पर मैं जवाब नहीं दे सकती। मैं सुन्न पड़ी हुई हूं।

डॉ. ग्रीन ने मुझे आधे घंटे का लेक्चर पिलाया पर मैं तो एक भी शब्द नहीं सुन रही। मैं अपने बिस्तर के आसपास बहुत सी अजीब औरतों को खड़ा देखना तो सह सकती हूं पर क्रिस्टियन को यह बताने की हिम्मत नहीं रखती कि मैं गर्भवती हो सकती थी।

“एना! चलो इसे निपटा लें।” डॉ. ने कहा और मैंने अपनी बांह आगे कर दी।

क्रिस्टियन ने डॉ. को विदा करते ही मुझसे पूछा।

“सब ठीक है न?”

मैंने हौले से हामी दी और उसने अपना सिर एक ओर झुका लिया। उसका चेहरा चिंता से तनावग्रस्त हो आया।

“एनेस्टेसिया! ये क्या है? डॉ. ने क्या कहा?”

मैंने अपना सिर हिलाया। “सात दिन में ठीक हो जाएगा।”

“सात दिन?”

“हां”

“एना, क्या हुआ?”

मैंने थूक निगला। “क्रिस्टियन चिंता की कोई बात नहीं है। छोड़ो इसे।”

क्रिस्टियन मेरे आगे झुक आया। उसने मेरी चिबुक थामी और आंखों में आंखें डालते हुए, मेरे डर को घटाने की कोशिश की।

“मुझे बताओ।” वह बोला

“बताने लायक कुछ नहीं है। मैं कपड़े बदलने जा रही हूं।”

उसने आह भरी और मेरे बालों में हाथ फिराकर बोला।

“आओ नहाते हैं।”

“बेशक!” मैंने किसी तरह हिम्मत बटोरकर कहा।

“आओ।” उसने मेरा हाथ कस कर थाम लिया वह बेडरूम की ओर चला और मैं पीछे-पीछे चल दी। केवल मेरा ही मूड उखड़ा हुआ नहीं है। क्रिस्टियन ने शॉवर ऑन करते ही कपड़े उतारने में देर नहीं की और मेरा गाउन उतारते हुए बोला।

“पता नहीं तुम इतनी परेशान क्यों हो या फिर नींद की कमी से ऐसा हो रहा है पर मैं चाहता हूं कि तुम मुझसे इस बारे में बात करो। मैं अपनी अटकलें नहीं लगाना चाहता।”

मैंने अपनी आंखें नचाईं और उसने अपनी आंखें सिकोड़ लीं। “ओ के… तो सुनो”

“डॉ. ने मुझे गोली न लेने के लिए फटकारा। उन्होंने कहा कि मैं गर्भवती हो सकती थी।”

“क्या?” उसका रंग पीला पड़ गया और हाथ अचानक वहीं जम गए।

“पर ऐसा नहीं है। उन्होंने टेस्ट करके देखा है। बस मैं इसी सदमे में थी। मैं तो यकीन नहीं कर सकती कि मैंने इतनी बड़ी गलती की थी।”

उसका तनाव थोड़ा हल्का हो आया।

“बेशक तुम ऐसी नहीं हो।”

“हां”

उसने गहरी सांस ली। “चलो, मैं समझ सकता हूं कि यह सुनकर तुम्हारी क्या हालत हुई होगी।”

“मुझे तो इस बात की ज्यादा चिंता थी कि तुम क्या कहोगे?”

“मैं क्या कहता? भई मेरी ओर से तो ये लापरवाही की हद और अभद्रता कहलाती है।”

“तो हमें इससे दूर रहना चाहिए।” मैंने गुस्से से कहा।

“ओह! आज तो तुम्हारा मूड ज्यादा ही खराब है।”

“बस सदमे से उबरने की कोशिश में हूं।”

उसने मुझे अपनी बांहों में भर लिया, मेरे बाल चूमे और मेरा मुंह अपनी छाती से सटा लिया। मेरे गालों पर उसकी छाती के बाल चुभ रहे हैं। ओह! काश मैं उनमें अपना मुंह छिपा पाती।

“एना! मैं इन चीजों का आदी नहीं हूं। शायद मैं तुम पर सख्ती से पेश आता।”

“ओह! नहीं, मैं तुम्हारी सख्ती की आदी नहीं हूं।” मैंने उसे और भी कसकर थाम लिया और हम जाने कब तक यूं ही खड़े रहे। वह कपड़ों के बिना था और मैंने गाउन पहना हुआ है। मैं आज एक बार फिर उसकी ईमानदारी की कायल हो गई हूं। उसे रिश्तों के बारे में कुछ नहीं पता और मैं भी बस वही जानती हूं, जो उससे सीखा है। खैर, उसने मुझसे भरोसे और धीरज की मांग की है और मुझे उसी को ध्यान में रखना चाहिए।

“आओ, नहा लेते हैं।” क्रिस्टियन ने मुझे अपने से अलग करते हुए कहा। उसने मुझे मेरे गाउन से बाहर निकाला और मैं उसके साथ बौछार के रूप में गिरते पानी के नीचे आ गई। उसने शैंपू से अपने बाल धोए और शैंपू मुझे दे दिया। मैंने भी ऐसा ही किया।

ओह! कितना अच्छा लग रहा है। मैंने आंखें बंद कीं और बालों से शैंपू धोने लगी। तभी मुझे अपनी पीठ पर उसके हाथों का स्पर्श महसूस हुआ। वह मेरे कंधों, बाजुओं, बाजुओं के नीचे, छाती और पीछे साबुन मल रहा है। फिर अपनी ओर मेरी पीठ घुमाते हुए शरीर के दूसरे अंगों पर भी साबुन लगाने लगा। मैं इस भींने से एहसास में खो गई हूं। फिर उसने मेरा मुंह अपनी ओर किया और बॉडीवाश देकर बोला।

“मैं चाहता हूं कि तुम मेरे शरीर पर लगे लिपिस्टक के निशान साफ कर दो।”

“प्लीज! उन लाइनों से आगे मत जाना।” उसने कहा।

“अच्छा।” मैं हौले से बोली और इस बात को सोचने लगी कि उसने मुझे शरीर के उन हिस्सों के कोने छूने की इजाजत दी है, जिन पर उसे कोई छुअन बर्दाश्त नहीं होती।

मैंने हाथों में थोड़ा-साबुन लेकर मला और कंधों पर हाथ ले जाते हुए, दोनों ओर से लिपिस्टक का निशान हटाने लगी। वह बिना हिले-डुले खड़ा रहा और अपनी आंखें बंद कर लीं। वह तेजी से गहरी सांसें ले रहा है और मैं जानती हूं कि ये वासना के कारण नहीं बल्कि भय से हो रहा है। मेरा मन कचोट उठा।

मैंने कांपती अंगुलियों से बाकी निशान हटाने शुरू किए। उसके जबड़े कस कर भिंचे हुए हैं। ओह मेरा दम घुट रहा है। अरे नहीं! मुझे रोना आ रहा है। मैंने अपने हाथ रोक दिए ताकि वह चैन की सांस ले सके। मैं उससे नजरें नहीं मिला सकती। मैं उसे ऐसा दर्द सहते नहीं देख सकती। ये तो हद है।

“तैयार?” मैंने हौले से कहा।

“हां।” उसकी आवाज में छिपा भय मुझसे छिपा नहीं है।

मैंने धीरे से उसकी छाती के दोनों ओर हाथ रखे और वह फिर से जैसे पत्थर हो गया।

मैं अपने पर उसके भरोसे को देख भावुक हो उठी हूं। मैं उसके भय को देख भावुक हो उठी हूं। उसके इस खूबसूरत जिस्म की किसी ने कैसी दशा की है। मेरी आंखों से आंसू छलक उठे और पानी में मिलने लगे। ओह क्रिस्टियन! तुम्हारे साथ ऐसा किसने किया?

उसका शरीर उथली सांसों के बीच शिथिल है और मैं उन निशानों को धीरे-धीरे हटा रही हूं। काश मैं उसके इस दर्द को घटाने के लिए कुछ कर पाती- मैं किसी भी हद तक चली जाती। वैसे तो मैं बस इतना चाहती हूं कि मुझे उन निशानों को एक-एक कर चूमने की इजाजत मिल जाए। मैं बीते जमाने की उपेक्षा के उस दंश को धो-पोंछकर बहा दूं। पर मैं जानती हूं कि मैं ऐसा नहीं कर सकती और मेरे आंसू गालों पर लुढ़कते जा रहे हैं।

“नहीं, प्लीज़ तुम रोओ मत।” उसने मुझे अपनी बांहों में भरते हुए कहा। मैं जोर-जोर से सुबकियां लेने लगी। मैंने अपना सिर उसकी गर्दन पर टिका दिया और आंखों के आगे एक नन्हें लड़के का चित्र उभर आया जो दर्द और तकलीफ के समुद्र में खोया है, डरा हुआ है, उपेक्षित है और दुनिया का सताया हुआ है- ये सारे दर्द उसकी हदों के बाहर हैं ।

उसने मुझे पीछे करते हुए, दोनों हाथों से मेरे सिर को पीछे करते हुए माथा चूम लिया।

“एना! प्लीज़ रोना बंद करो। मैं भी जाने कब से तुम्हारा स्पर्श पाने को तरस रहा हूं पर मैं इसे सह नहीं सकता प्लीज! तुम रोना बंद करो।”

“क्रिस्टियन तुम नहीं जानते कि मैं तुम्हें छूने के लिए किस कदर तरसती हूं… क्रिस्टियन! मैं तुम्हें इस तरह डरा हुआ और बेचैन नहीं देख सकती… इससे मेरे दिल को चोट लगती है।… मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं।”

उसने मेरे निचले होंठ पर ऊंगूठा फिराया। “मैं जानता हूं। मैं जानता हूं।”

“तुम्हें प्यार करना कितना आसान है। तुम समझते क्यों नहीं।”

“नहीं बेबी! मुझे कोई प्यार नहीं कर सकता।”

“नहीं, तुम गलत सोचते हो। मैं और तुम्हारा परिवार तुमसे कितना प्यार करते हैं। एलीना और लिली भी करती हैं पर उनका प्यार जताने का तरीका थोड़ा अलग है। तुम सबके प्यार के लायक हो।”

“बस करो। मैं यह सब नहीं सुन सकता। एनेस्टेसिया! मैं कुछ नहीं हूं। मैं तो बेजान पुतला हूं। मेरे पास दिल नहीं है।”

“हां, तुम्हारे पास दिल है। मैं बस तुमसे वही चाहती हूं। क्रिस्टियन तुम एक अच्छे इंसान हो और इस बारे में कभी संदेह मत करना। देखो तुमने क्या किया है? देखो तुमने क्या पाया है? तुमने मेरे लिए क्या किया है? तुमने मेरे आगे अपना दिल खोल दिया है। मैं जानती हूं कि तुम मेरे बारे में कैसा महसूस करते हो। वह विस्फारित नेत्रों से मुझे ही देख रहा है और हम बहते पानी के स्वर के सिवा कुछ नहीं सुन पा रहे।

“तुम मुझसे प्यार करते हो।” मैंने हौले से कहा।

उसकी आंखें और भी फैल गईं और मुंह खुला रह गया। उसने एक गहरी सांस ली।

और वह हौले से बोला- “हां, मैं तुमसे प्यार करता हूं।”