पर्यावरण प्रदूषण की बढ़ती समस्या और इससे होने वाले दुष्प्रभावों पर विचार विमर्श के लिए सन् 1972 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने स्टॉकहोम (स्वीडन) में विश्व भर के देशों का पहला पर्यावरण सम्मेलन आयोजित किया। इसमें भारत सहित कुल 119 देशों ने भाग लिया। यहीं से संयुक्त राष्ट्र की महासभा ने विश्व पर्यावरण दिवस की शुरुआत 1972 में की। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। इस साल विश्व पर्यावरण दिवस की भारत वैश्विक मेजबानी कर रहा है।
 
संयुक्त राष्ट्र के इस अभियान से लोगों को पर्यावरण में बढ़ते प्रदूषण और उसको रोकने के उपायों के बारे में जानकारी मिलती है और सबके सामने पर्यावरण के मुद्दों का एक वास्तविक चेहरा नज़र आता है। पूरे विश्वभर में बड़ी संख्या में लोगों को बढ़ावा देने के लिये संयुक्त राष्ट्र के द्वारा निर्धारित खास थीम पर हर वर्ष का विश्व पर्यावरण दिवस आधारित होता है। विश्व पर्यावरण दिवस 2018 का थीम है “Beat Plastic Pollution”. “प्लास्टिक” को वैश्विक स्तर पर गंभीर खतरा बताते हुए संयुक्त राष्ट्र ने साल 2018 के World Environment Day में प्लास्टिक प्रदूषण की समाप्ति का थीम रखा है।
 
 
शुरू से लेकर इस वर्ष 2018 तक विभिन्न वर्षों में, विश्व पर्यावरण दिवस पर संयुक्त राष्ट्र के द्वारा निर्धारित खास थीम और नारे इस प्रकार हैं –
 
  • वर्ष 2018 का थीम है “बीट प्लास्टिक पलूशन”
  • वर्ष 2017 का थीम है “‘लोगों को प्रकृति से जोड़ना’”।
  • वर्ष 2016 का थीम है “दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने के लिए दौड़ में शामिल हों”।
  • वर्ष 2015 का थीम था “एक विश्व, एक पर्यावरण।”
  • वर्ष 2014 का थीम था “छोटे द्वीप विकसित राज्य होते है” या “एसआइडीएस” और “अपनी आवाज उठाओ, ना कि समुद्र स्तर।”
  • वर्ष 2013 का थीम था “सोचो, खाओ, बचाओ” और नारा था “अपने फूडप्रिंट को घटाओ।”
  • वर्ष 2012 का थीम था “हरित अर्थव्यवस्था: क्यो इसने आपको शामिल किया है?”
  • वर्ष 2011 का थीम था “जंगल: प्रकृति आपकी सेवा में।”
  • वर्ष 2010 का थीम था “बहुत सारी प्रजाति। एक ग्रह। एक भविष्य।”
  • वर्ष 2009 का थीम था “आपके ग्रह को आपकी जरुरत है- जलवायु परिवर्तन का विरोध करने के लिये एक होना।”
  • वर्ष 2008 का थीम था “CO2, आदत को लात मारो- एक निम्न कार्बन अर्थव्यवस्था की ओर।”
  • वर्ष 2007 का थीम था “बर्फ का पिघलना- एक गंभीर विषय है?”
  • वर्ष 2006 का थीम था “रेगिस्तान और मरुस्थलीकरण” और नारा था “शुष्क भूमि पर रेगिस्तान मत बनाओ।”
  • वर्ष 2005 का थीम था “हरित शहर” और नारा था “ग्रह के लिये योजना बनाये।”
  • वर्ष 2004 का थीम था “चाहते हैं! समुद्र और महासागर” और नारा था “मृत्यु या जीवित?”
  • वर्ष 2003 का थीम था “जल” और नारा था “2 बिलीयन लोग इसके लिये मर रहें हैं।”
  • वर्ष 2002 का थीम था “पृथ्वी को एक मौका दो।”
  • वर्ष 2001 का थीम था “जीवन की वर्ल्ड वाइड वेब।”
  • वर्ष 2000 का थीम था “पर्यावरण शताब्दी” और नारा था “काम करने का समय।”
  • वर्ष 1999 का थीम था “हमारी पृथ्वी- हमारा भविष्य” और नारा था “इसे बचायें।”
  • वर्ष 1998 का थीम था “पृथ्वी पर जीवन के लिये” और नारा था “अपने सागर को बचायें।”
  • वर्ष 1997 का थीम था “पृथ्वी पर जीवन के लिये।”
  • वर्ष 1996 का थीम था “हमारी पृथ्वी, हमारा आवास, हमारा घर।”
  • वर्ष 1995 का थीम था “हम लोग: वैश्विक पर्यावरण के लिये एक हो।”
  • वर्ष 1994 का थीम था “एक पृथ्वी एक परिवार।”
  • वर्ष 1993 का थीम था “गरीबी और पर्यावरण” और नारा था “दुष्चक्र को तोड़ो।”
  • वर्ष 1992 का थीम था “केवल एक पृथ्वी, ध्यान दें और बाँटें।”
  • वर्ष 1991 का थीम था “जलवायु परिवर्तन। वैश्विक सहयोग के लिये जरुरत।”
  • वर्ष 1990 का थीम था “बच्चे और पर्यावरण।”
  • वर्ष 1989 का थीम था “ग्लोबल वार्मिंग; ग्लोबल वार्मिंग।”
  • वर्ष 1988 का थीम था “जब लोग पर्यावरण को प्रथम स्थान पर रखेंगे, विकास अंत में आयेगा।”
  • वर्ष 1987 का थीम था “पर्यावरण और छत: एक छत से ज्यादा।”
  • वर्ष 1986 का थीम था “शांति के लिये एक पौधा।”
  • वर्ष 1985 का थीम था “युवा: जनसंख्या और पर्यावरण।”
  • वर्ष 1984 का थीम था “मरुस्थलीकरण।”
  • वर्ष 1983 का थीम था “खतरनाक गंदगी को निपटाना और प्रबंधन करना: एसिड की बारिश और ऊर्जा।”
  • वर्ष 1982 का थीम था “स्टॉकहोम (पर्यावरण चिंताओं का पुन:स्थापन) के 10 वर्ष बाद।”
  • वर्ष 1981 का थीम था “जमीन का पानी; मानव खाद्य श्रृंखला में जहरीला रसायन।”
  • वर्ष 1980 का थीम था “नये दशक के लिये एक नयी चुनौती: बिना विनाश के विकास।”
  • वर्ष 1979 का थीम था “हमारे बच्चों के लिये केवल एक भविष्य” और नारा था “बिना विनाश के विकास।”
  • वर्ष 1978 का थीम था “बिना विनाश के विकास।”
  • वर्ष 1977 का थीम था “ओजोन परत पर्यावरण चिंता; भूमि की हानि और मिट्टी का निम्निकरण।”
  • वर्ष 1976 का थीम था “जल: जीवन के लिये एक बड़ा स्रोत।”
  • वर्ष 1975 का थीम था “मानव समझौता।”
  • वर्ष 1974 का थीम था ” ’74’ के प्रदर्शन के दौरान केवल एक पृथ्वी।”
  • वर्ष 1973 का थीम था “केवल एक पृथ्वी।”
ये भी पढ़ें
 
 
आप हमें फेसबुकट्विटरगूगल प्लस और यू ट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकते हैं।