Working Women
Working Women Hostels Credit: Istock

 Women Scheme: वर्किंग वुमेंस की सबसे बड़ी समस्‍या होती है सुरक्षित आवास की। ग्रामीण इलाकों और दूसरे क्षेत्रों से शहरों में नौकरी के लिए आई महिलाओं को अक्‍सर आवास यानी रहने के लिए घर या कमरा लेने में परेशानी आती है। महिलाओं की इस समस्‍या को सुलझाने के लिए केन्‍द्र सरकार द्वारा कामकाजी महिला छात्रावास योजना की शुरूआत की गई है। इस योजना का उद्देश्‍य ग्रामीण, शहरी और अर्ध शहरी कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास प्रदान करना है। इस योजना के तहत महिलाओं के बच्‍चों की देखभाल की सुविधा भी उपलब्‍ध कराई जाती है। वर्किंग वुमेंस इस योजना का लाभ कब और कैसे उठा सकती हैं चलिए जानते हैं इसके बारे में।

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कामकाजी महिला छात्रावास योजना

सरकारी योजनाएं करेंगी मदद
Working Women Hostel Scheme

इस योजना को केंद्र सरकार द्वारा 2020 में शुरू किया गया था। योजना के तहत जरूरजमंद कामकाजी महिला को छात्रावास की सुविधा उपलब्‍ध कराई जाती है। इन छात्रावासों में धर्म और जाति का भेदभाव नहीं किया जाता इसलिए यहां कोई भी महिला रह सकती है। कामकाजी महिला छात्रावास में नौकरीपेशा महिलाओं के साथ रोजगार के लिए प्रशिक्षण ले रही महिलाएं भी रह सकती हैं। हालांकि महिलाओं को कुछ मामूली रेंट देना पड़ता है।

कौन कर सकता है आवेदन

कामकाजी महिला छात्रावास योजना के तहत केवल वही महिलाएं आवेदन कर सकती हैं जिनकी आय 50 हजार या उससे कम है। 50 हजार के अधिक इनकम वाली महिलाएं इस योजना का लाभ नहीं उठा सकतीं। यहां रहने के लिए केवल 18 साल से अधिक उम्र की महिलाएं ही आवेदन कर सकती हैं। नौकरीपेशा महिलाएं, सिंगल, विधवा, अविवाहित, गैर सरकारी नौकरी, पढने वाली और तलाकशुदा महिलाएं योजना के तहत आवेदन कर सकती हैं। इस योजना के तहत समाज के वंचित वर्गों की महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाती है।

कामकाजी महिला छात्रावास योजना का लाभ

– इस योजना के अंतगर्त कामकाजी महिलाएं छात्रावास में तीन से अधिक वर्ष तक रह सकती हैं।
– केवल 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं ही छात्रावास में आवेदन कर सकती हैं।
– छात्रावास में 5 वर्ष तक के बालक जो अ‍पनी माताओं पर निर्भर हैं वह साथ में रह सकते हैं।
– इस योजना के तहत कामकाजी महिलाओं के बच्‍चों के लिए डे-केयर की सुविधा भी मुहैया कराई जाती है।
– छात्रावास में जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता।
– शारीरिक रूप से अक्षम महिलाओं को विशेष सुविधा या प्रावधान दिया जाता है।

कामकाजी महिला छात्रावास योजना के लिए दस्‍तावेज

– सरकार द्वारा पारित किया गया पहचान पत्र जैसे- आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, पैन कार्ड और पासपोर्ट।
– कार्यालय से जारी किया गया महिला का पहचान पत्र।
– आवास का पता।
– टेलीफोन या मोबाइल नंबर।

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कामकाजी महिला छात्रावास का किराया

सरकारी योजनाएं करेंगी मदद
Working Women Hostel Rent

– महिला को सिंगल बेडरूम के लिए कुल सकल आय का अधिकतम 15 प्रतिशत किराया देना होगा।
– वहीं डबल बेड रूम के लिए कुल सकल आय का लगभग 10 प्रतिशत जमा करना होगा।
– डे केयर सेंटर सुविधा का लाभ उठाने के लिए कुल सकल आय का अधिकतम 5 प्रतिशत जमा करना होगा।
– किराए में मेस का इस्‍तेमाल और वॉशिंग मशीन जैसे अन्‍य सुविधाएं शामिल नहीं होती।

महिलाएं कैसे करें अप्‍लाई

– महिलाएं सरकार द्वारा बनाई गई ऑफीशियल लिंक के माध्‍यम से हॉस्‍टल की सूची देख सकती हैं।
– छात्रावास का चुनाव अपनी पसंद अनुसार किया जा सकता है।
– छात्रावास में प्रवेश हेतु फॉर्म भरना होगा जिसमें सभी जरूरी दस्‍तावेजों, रोजगार और परिवार विवरण जैसे दस्‍तावेज संलग्‍न करने होंगे।