Tilak Importance: सनातन धर्म में सभी शुभ कार्यों में तिलक लगाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। सभी तरह की पूजा-पाठ भगवान को तिलक लगाकर ही शुरू की जाती है। साथ ही किसी शुभ कार्य में शामिल होने वाले लोगों को भी तिलक लगाकर सम्मान दिया जाता है। उंगलियों से माथे पर दोनों भौंहों के बीच तिलक लगाने से हमें वंशवृद्धि, मान सम्मान, संतान सुख, आत्मविश्वास और बुद्धिमत्ता का आशीर्वाद मिलता है। शास्त्रों के अनुसार, अंगूठे और मध्यमा उंगली से तिलक करने के अपने फायदे हैं, लेकिन अनामिका उंगली से तिलक करना बेहद लाभकारी होता है। क्योंकि, अनामिका का अर्थ है बिना नाम के, बिना अहंकार के। इसी कारण इस उंगली को सबसे अधिक पवित्र माना जाता है। जिस उंगली से तिलक किया जाता है, उसका असर भी वैसा ही होता है। इसलिए तिलक लगाते समय उंगलियों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। आज हम आपको इस लेख में बताएंगे कि माथे पर हाथ की अलग-अलग उंगली से तिलक लगाने का क्या महत्व है।
मध्यमा उंगली से मजबूत होता है शनिग्रह
धार्मिक कथाओं के अनुसार, व्यक्ति के हाथ की मध्यमा उंगली के मूल में शनिदेव रहते हैं, जो हमारे जीवन रक्षक के रूप में जाने जाते हैं। इसलिए किसी भी व्यक्ति का मध्यमा उंगली से तिलक करने पर उस व्यक्ति को लंबी आयु का वरदान मिलता है। साथ ही शनिग्रह भी मजबूत होता है। जिन व्यक्तियों को शनि ग्रह से संबंधित परेशानी हो, उन्हें मध्यमा उंगली से तिलक कर शनिदेव की पूजा अर्चना करनी चाहिए।
अनामिका उंगली से बढ़ता है मनोबल

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अनामिका उंगली से तिलक करने पर व्यक्ति का भाग्य खुलता है और मानसिक शांति मिलती है। इस उंगली के मूल में सूर्य पर्वत होता है तो इसका सीधा संबंध सूर्य ग्रह से होता है। इसलिए इस उंगली से तिलक करने पर व्यक्ति को साहस मिलता है। जिसके कारण उसके मनोबल और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। साथ ही, व्यक्ति के चेहरे पर सूर्य के समान तेज आता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान को तिलक लगाने के लिए और स्वास्तिक बनाने के लिए अनामिका उंगली का ही उपयोग करना चाहिए।
अंगूठे से तिलक करने पर होता है स्वास्थ्य लाभ

ज्योतिषशास्त्र में बताया गया है कि अंगूठे से तिलक करना व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। क्योंकि हमारे हाथ के अंगूठे का स्वामी शुक्र ग्रह होता है, जो धन- वैभव, सुख- संपत्ति के साथ व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए भी फलदायी है। शक्ति और बल बढ़ाने के लिए पुरुषों को अंगूठे से ही तिलक करना चाहिए।
तर्जनी उंगली से तिलक करने की मनाही

शास्त्रों में किसी भी जिंदा व्यक्ति को तर्जनी उंगली से तिलक करने की मनाही है क्योंकि तर्जनी उंगली के नीचे बृहस्पति ग्रह होता है जो अमरता का प्रतीक है। इसलिए मरे हुए व्यक्तियों को ही तर्जनी उंगली से तिलक किया जाता है ताकि उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हो।
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