तीन चट्टानें करती हैं इस झरने की रखवाली, केरल के वट्टाथाई से देखें सूर्यास्त का अद्भुत नजारा : Kerala Waterfalls
इस जगह का वट्टाटिलर नाम ऊपर से बहने वाले पानी की वजह से रखा गया है।
केरल को दुनिया भर में अपनी ख़ूबसूरती के लिए जाना जाता है। इस जगह के पर्यटक स्थल और प्राकृतिक वातावरण दोनों ही लाजवाब हैं। इसी राज्य में वट्टाथाई झरना है जोकि छोटी चट्टानों के बीच से एक सर्कल में बहता है। इस जगह पर एक नदी भी है जिसके दोनों किनारों पर खूबसूरत पहाड़ियां और पर्वत हैं। वट्टाथाई झरने को कुछ लोग वट्टाटिलर के नाम से भी जानते हैं। यह प्रसिद्ध जदायु पारा से महज़ पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस जगह का वट्टाटिलर नाम ऊपर से बहने वाले पानी की वजह से रखा गया है जो एक घेरे में घूमता है और फिर नीचे की ओर बहता है।
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इथिक्कारा पर्वत श्रृंखला

वट्टाटिलर केरल के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। इस जगह को जिला पर्यटन संवर्धन परिषद ने भी सूचीबद्ध कर रखा है। जिसकी वजह से इस क्षेत्र का महत्व बहुत ही ज़्यादा बढ़ जाता है। यह झरना तिरुवनंतपुरम जिले के पल्लीकल ग्राम पंचायत में स्थित है और इससे चदयामंगलम ग्राम पंचायत की सीमा भी लगती है जोकि कोल्लम जिले में आता है। वट्टाटिलर मदत्तारा पर्वत से 56 किमी की दूरी पर स्थित है और इथिक्कारा पर्वत श्रृंखला के अंतर्गत आता है। जिसकी वजह से इसका अपना एक ख़ास भौगोलिक महत्व भी है।
वट्टाथाई का प्राकृतिक नज़ारा

वट्टाथाई झरना तीन पहाड़ियों के बीच में स्थित है जिसकी वजह से इस जगह की ख़ूबसूरती देखते ही बनती है। आसपास हरे भरे पेड़ पौधे स्थित हैं जो यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता को और भी ज़्यादा बढ़ा देते हैं। इसलिए, इस जगह पर आने वाले सैलानियों को इस झरने की ख़ूबसूरती के साथ इस जगह की सुंदरता का भी दीदार होता है और एक बार इस जगह पर पहुंचने के बाद वट्टाथाई के आकर्षण में वह कई-कई दिनों तक खो जाते हैं। जब वापस लौटते हैं तो यह जगह उनके यात्रा के सुखद अनुभवों में शामिल होकर हमेशा के लिए रह जाती है।
खूबसूरत सूर्यास्त का नजारा
वट्टाताल की विशेषता माईलाडतुम पारा, पोडियन चट्टा पारा और अज़हमलापा वट्टम तीन चट्टानी पहाड़ियां हैं। ऐसा कहा जाता है कि यह पहाड़ियाँ इस जगह पर स्थित झरने की रखवाली करती हैं। इन चट्टानों की ख़ूबसूरती और ढलान इस झरने को एक अनोखे सौंदर्य से भर देता है। इस जगह पर शाम के समय लोग सूर्यास्त का खूबसूरत नज़ारा देखने के लिए आते हैं जो अपने आपमें अद्भुत होता है। इस जगह से आप जदायु पारा और कोल्लम जिले के अन्य पर्यटन स्थलों की यात्रा आसानी से कर सकते हैं।
कैसे पहुंचें तिरुवनंतपुरम पल्लीकल

यह झरना तिरुवनंतपुरम के पल्लीकल से महज़ चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस छोटी सी दूरी को तय करके कोई भी इस जगह पर पहुंच सकता है। यह झरना बाकी झरनों से बहुत ही अलग है। सामान्य झरनों की तरह इस झरने में ऊपर से पानी नहीं गिरता है। इस झरने का पानी छोटी-छोटी चट्टानों से होकर गिरता है जो देखने में बहुत ही ख़ूबसूरत जान पड़ता है। यह इस जगह की सुंदरता को और भी ज़्यादा बढ़ा देता है।
