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अच्छे जीवन की चाह में घर छोड़कर दूसरे शहर में रह रहे लोग, सबसे ज्यादा किसी बात की कमी महसूस करते हैं तो वो है 'घर'। काम के बीच अब जेन जेड इसी घर की तलाश में जुटे हैं। यही से जन्म हुआ है 'सपर क्लब' कल्चर का।
Supper Clubs Trend India: जिंदगी की दौड़ ने लोगों को थका दिया है। अच्छे जीवन की चाह में घर छोड़कर दूसरे शहर में रह रहे लोग, सबसे ज्यादा किसी बात की कमी महसूस करते हैं तो वो है ‘घर’। काम के बीच अब जेन जेड इसी घर की तलाश में जुटे हैं। यही से जन्म हुआ है ‘सपर क्लब’ कल्चर का। कैफे, रेस्टोरेंट से अलग ये क्लब क्यों जेन जेड की पसंद बन रहे हैं, आइए जानते हैं।
ये है सपर क्लब की सोच

सपर क्लब अब मेट्रो सिटीज में लोगों की पसंद बन रहे हैं। ये ऐसे क्लब हैं, जहां लोग ऑनलाइन से कहीं ज्यादा ऑफलाइन दोस्ती यानी सीधे लोगों से मिलना पसंद करते हैं। खास बात यह है कि ये सभी लोग अनजान होते हैं। यानी कोई किसी को नहीं जानता है। वे आपस में मिलते हैं, बातें करते हैं, खाना खाते हैं, अपनी हॉबीज शेयर करते हैं, अनुभव बांटते हैं और एक अच्छा समय साथ में बिताते हैं। इन क्लब्स के जरिए लोग आपस में एक दूसरे से जुड़ने की कोशिश करते हैं। आमतौर पर ऐसे क्लब्स में 8 से 12 लोग शामिल होते हैं।
कई तरीकों से चलते हैं सपर क्लब
सपर क्लब कई तरीकों से चल रहे हैं। कुछ लोग इसे स्टार्टअप के रूप में घरों से भी चला रहे हैं। जहां सपर क्लब का न्यौता दिया जाता है और लोग अपने टिकट खरीदकर इसमें हिस्सा लेते हैं। मेजबान ही यहां खाने आदि की व्यवस्था करते हैं। वहीं कई बार यह पॉटलक स्टाइल में किया जाता है। जहां एक थीम के अनुसार सभी अपना फूड साथ लाते हैं और फिर इसे आपस में शेयर करके अच्छा समय बिताते हैं। परिवार से दूर रह रहे लोगों के लिए ये क्लब सेकंड फैमिली जैसे हो जाते हैं।
सोशल मीडिया का अहम रोल
सोशल मीडिया इन क्लब्स को पॉपुलर करने में बड़ा रोल निभा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इन क्लब्स की पूर्व सूचनाएं, फोटोज, थीम और वीडियोज शेयर किए जाते हैं, जिनसे लोग आपस में जुड़ते हैं। इन्हीं के आधार पर आगे लोग इन क्लब्स में शामिल होते हैं।
इसलिए ज्वाइन कर रहे हैं ये क्लब
जेन जेड को एंजॉय के नाम पर दोस्तों के साथ सिर्फ रेस्टोरेंट, कैफ या पब में जाना भी बोरिंग लगने लगता है। वही लोग, वही बातें, कई बार उबाऊ लगने लगती हैं। ऐसे में सपर क्लब कई मायनों में आपके काम आ सकता है।
आरामदायक, सामाजिक माहौल
शोर शराबे से दूर सपर क्लब्स में आरामदायक और सामाजिक माहौल होता है। यहां लोग दूसरे अनजान लोगों को जानने की कोशिश करते हैं। ऐसे में कोविड के बाद से लोगों को जो अकेलापन महसूस हो रहा है, उससे कहीं न कहीं राहत मिलती है।
कई व्यंजनों का स्वाद
सपर क्लब्स में आमतौर पर पॉटलक स्टाइल अपनाई जाती है। जहां हर कोई अपने हाथ से बनाई एक डिश थीम के अनुसार लाता है। ऐसे में आपको कई स्वाद और व्यंजनों का स्वाद मिल जाता है। खाने के शौकीन लोगों के लिए यह एक अच्छा विकल्प है।
सीमाओं के बिना महसूस करें आजादी
आमतौर पर जब आप रेस्टोरेंट, कैफे या पब में जाते हैं तो वहां कई सीमाओं में रहना पड़ता है। लेकिन सपर क्लब में ऐसा नहीं होता। यहां आपको परिवार जैसा माहौल मिलता है। आप बिना किसी झिझक के खुलकर घंटों बातें कर सकते हैं। जिससे अकेलापन दिल से दूर होता है। आप नए लोगों से मिल पाते हैं।
घर से दूर एक ‘घर’
अपने परिवार से दूर पढ़ाई या नौकरी के लिए आए लोगों के लिए सपर क्लब एक ‘घर’ जैसा है। यहां आप नए दोस्त और रिश्ते बना सकते हैं। साथ ही जो लोग आपको पसंद आते हैं, उनसे दोस्ती आगे बढ़ा सकते हैं।
