proper tim and rules to remove rakhi after raksha bandhan
proper tim and rules to remove rakhi after raksha bandhan

Overview:रक्षाबंधन के बाद कब, कैसे और क्यों उतारें राखी — जानें परंपराएं, धार्मिक मान्यताएं और सही विधि

राखी उतारना सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि यह भाई-बहन के रिश्ते में पवित्रता और आस्था बनाए रखने का हिस्सा है। सही समय और विधि अपनाकर न केवल आप परंपरा का सम्मान करते हैं, बल्कि इस बंधन की शुभता को भी लंबे समय तक कायम रखते हैं।

Proper Time And Rules to Remove Rakhi: रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के रिश्ते की मिठास और एक-दूसरे के प्रति स्नेह का प्रतीक है। राखी बांधने की रस्म जितनी महत्वपूर्ण है, इसे उतारने का सही समय और तरीका भी उतना ही मायने रखता है। कई लोग इसे त्योहार के अगले दिन हटा देते हैं, जबकि कुछ इसे कई दिनों तक पहनकर रखते हैं। असल में, राखी उतारने से जुड़ी परंपराएं और धार्मिक मान्यताएं सदियों पुरानी हैं, जो शुभता और आशीर्वाद से जुड़ी हुई हैं। आइए जानें रक्षाबंधन 2025 में राखी उतारने का उचित समय और नियम।

राखी का महत्व

राखी सिर्फ धागा नहीं, बल्कि भाई की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और सुरक्षा की कामना का पवित्र प्रतीक है। इसलिए इसे पूरे सम्मान और श्रद्धा से बांधा और पहना जाता है।

कितने दिन पहनें राखी

Rules to Remove Rakhi-how many days to wear rakhi
how many days to wear rakhi

मान्यता है कि राखी को कम से कम तीन दिन तक रखा जाए। कई परिवार इसे आठ से दस दिन तक पहनने की परंपरा निभाते हैं, जो उनकी धार्मिक मान्यता पर निर्भर करता है।

शुभ समय पर उतारें राखी

राखी उतारने का सबसे शुभ समय सुबह का माना जाता है, जब वातावरण शांत और सकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है। उतारते समय मन में आभार और शुभकामना रखें।

राखी उतारने की सही विधि

राखी उतारकर सीधे जमीन पर न रखें। इसे किसी साफ कपड़े में लपेटकर सुरक्षित जगह पर रखें या किसी पवित्र स्थल पर चढ़ाएं।

विसर्जन की परंपरा

राखी को पीपल के पेड़ के नीचे रखना, बहते जल में प्रवाहित करना या मंदिर में अर्पित करना शुभ माना जाता है। इससे पवित्रता और आशीर्वाद बना रहता है।

अशुभ तरीकों से बचें

राखी को फेंकना या जलाना अशुभ माना जाता है, क्योंकि यह भाई-बहन के रिश्ते और आशीर्वाद का प्रतीक है। इसे हमेशा सम्मानपूर्वक विसर्जित करें।

पर्यावरण का ध्यान रखें

अगर राखी प्लास्टिक या सिंथेटिक मटेरियल से बनी हो, तो उसे बहाने के बजाय घर में सहेज कर रखें या रीसायकल करें, ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।

मेरा नाम श्वेता गोयल है। मैंने वाणिज्य (Commerce) में स्नातक किया है और पिछले तीन वर्षों से गृहलक्ष्मी डिजिटल प्लेटफॉर्म से बतौर कंटेंट राइटर जुड़ी हूं। यहां मैं महिलाओं से जुड़े विषयों जैसे गृहस्थ जीवन, फैमिली वेलनेस, किचन से लेकर करियर...