PLANT CARE

Plant Care: हर मौसम में पौधों को पर्याप्त पर्याप्त देना चाहिए। क्योंकि लंबे वक्त तक पानी की कमी के चलते पौधे सूखकर काले और पीले होने लगते है, साथ ही कुछ समय बाद वो मर जाते है और सबसे ज्यादा नुकसान होता है गर्मियों में, क्योंकि एक तो तेज धूप और ऊपर से गर्मियों की छुट्टियां, जिसमें हम कहीं चले जाते है और पीछे हमारे पौधे बिना पानी के रह जाते है।
तो अगर आप छुट्टियों पर जा रही हैं तो पौधों को पानी देने के लिए आप इन हैक्स की मदद ले सकती हैं।

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नमी रखने के लिए करें ये काम

छुट्टियों पर बाहर जाने से पहले पौधों को अच्छी तरह पानी देना चाहिए। ऐसा करने से कुछ दिनों तक मिट्टी में नमी बनी रहती है। इससे 2 से 4 दिनों तक पौधे की पानी की जरूरत पूरी हो सकती है। इसके अलावा आपको बाहर जाने से पहले अपने पौधों को सीधी धूप से दूर रखना चाहिए। गर्मियों में पौधों को छांव में रखें या आप अपने गार्डन में शेड नेट लगा सकती हैं। या अगर आप दो से तीन दिनों के लिए ही जा रहे है तो आप अपने पौधों के चारों तरफ मोटी गिली चादर को लपेट कर जा सकती है इससे पौधे धूप की चपेट में नहीं आयेगे और उन्हें हवा के जरिए नमी भी मिलती रहेगी।

Tip- ध्यान रखें कि जो पौधे ज्यादा पानी नहीं लेते है, उन्हें ज्यादा पानी ना दे, अन्यथा वो मर सकते है।

पास में रखे पानी

आप पानी से भरा मिट्टी का बर्तन पौधों के बगल में रख सकती हैं। इससे पौधों के आसपास का वातावरण ठंडा बना रहेगा और पौधे सूखेंगे नहीं। इसके अलावा आपको गमले की मिट्टी के ऊपर घास, सूखी लकड़ी की छाल, सूखे पत्ते आदि की एक परत बिछा देनी चाहिए और फिर पौधों को अच्छे से पानी देना चाहिए। मल्चिंग करने से पौधे की मिट्टी में ठंडक और नमी अधिक समय के लिए बनी रहती है।

वाटर बॅाल का करें इस्तेमाल

ऑनलाइन वेबसाइट पर आपको आसानी से वाटर स्टोरिंग क्रिस्टल नाम का प्रोडक्ट मिल जायगा। ये रंग विरंगी जेली होती हैं, अक्सर आपने इससे बच्चों को खेलते हुए देखा होगा, यह अपने वजन से कई गुना पानी अवशोषित करने की क्षमता रखती हैं। पानी में नमी बनाए रखने में इनको मिट्टी में मिलाया जा सकता है। पानी डालने पर ये पानी को अवशोषित कर लेती हैं और धीरे-धीरे करके मिट्टी में वो छोड़ती रहती हैं।

पौधों पर रखे नारियल के छिलके

पौधों की मिट्टी में नमी बनाए रखने में नारियल के छिलके या घर से बाहर जाते समय गमले की मिट्टी के ऊपर पुआल, घास, लकड़ी की छाल, सूखे पत्ते आदि की एक परत बिछा देनी चाहिए। और फिर पौधों को अच्छे से पानी देना चाहिए। य़ह अधिक समय तक मिट्टी में ठंडक और नमी बनाये रखती है। । 

बोतल से सेल्फ वाटरिंग सिस्टम बनाएं 

आजकल पौधों को अपने आप पानी देने के लिए वाटरिंग ग्लोब नाम का टूल आता है। इस टूल में एक ग्लास या प्लास्टिक का बल्ब होता है, जिसमें एक फनल लगी रहती है। फनल में से आप कांच के बल्ब में पानी भरते हैं और फिर उसे उल्टा करके फनल के सिरे को गमले की मिट्टी में गड़ा देते हैं। इस टूल से पानी धीरे-धीरे बाहर निकलता रहता है, जिससे आपका पौधा 2 सप्ताह तक हाइड्रेटेड रहता है।

आप प्लास्टिक या बीयर बोतल को पानी से भरकर, उसे अपने पौधे के बगल में मिट्टी में उल्टा गड़ा सकते हैं। इस तरह पौधों के लिए आप सेल्फ वॉटरिंग सिस्टम बना सकते हैं, इससे पानी धीरे-धीरे बाहर निकलता रहता है। इस तरीके से आप छुट्टियों के दौरान भी अपने पौधों की देखभाल और पानी की जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकते हैं। सेल्फ वाटरिंग सिस्टम के अंतर्गत आप ड्रिप इरीगेशन किट का गार्डन में उपयोग कर, अपनी गर्मियों की लम्बी छुट्टियों को पौधों की चिंता किये बगैर मजे से काट सकते हैं।

बनाने की विधि

पौधों को खुद ही पानी मिलता रहे, इसके लिए आप सुतली रस्सी, रुई या सूती धागे की मदद से भी पौधों के लिए एक बेहतरीन सेल्फ वाटरिंग सिस्टम बना सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले आपको एक बर्तन में पानी भरना होगा। फिर बर्तन को पौधे के नजदीक थोड़ी उंचाई पर सीधा लटकाकर, रस्सी या सूती धागे के एक सिरे को पानी में डालना होगा और दूसरे सिरे को पौधे की मिट्टी में। इतना करने के बाद सूती धागा धीरे-धीरे पानी को खींचते हुए मिट्टी में पहुँचाने लगता है।