शॉपिंग करना हर किसी की आदत में शुमार होता है। मगर ये ज़रूरी नहीं कि आपका पार्टनर हर समय, हर जगह शॉपिंग यां फिर आउटिग के दौरान आपके संग रहे। कई बार महिलाओं को अपने बच्चों के साथ ही शॉपिंग करने का प्लान बनाना पड़ता है। इससे न सिर्फ बच्चों में शॉपिंग की समझ बढ़ती है बल्कि वे बाहर निकलकर किसी से बात करने ने हिचकिचाहट महसूस नहीं करते हैं। अगर आप भी बच्चों के साथ शॉपिंग की योजना बना रही हैं, तो इन बातों का ध्यान ज़रूर रखें।

 

बच्चों को सामान की जानकारी दें

अगर आप शॉपिंग के लिए बच्चों के संग निकल चुकी हैं, तो बच्चे आपसे कई तरह के सवाल करते हैं। ऐसे में उन्हें चुप रहने की नसीहत देने की बजाय उन्हें इस बात की जानकारी दें कि आप किस चीज़ की खरीददारी करने निकले हैं और हम उस सामान का इस्तेमाल कहां कहां कर सकते हैं ऐसे में बच्चे आपसे बेवजह चीजों की डिमांड नहीं करेंगे और वे इस बात को भी भलीभांति समझ जाएंगे कि हर बार सिर्फ उनके लिए ही शॉपिंग नहीं की जा सकती।

 

आपके साथ साथ चलें

बच्चों को इस बात से अवगत ज़रूर कराएं कि बाहर निकलते ही हमारा सामना कई तरह के अजनबियों से होता है। ऐसे में उनसे बात करना और उनके साथ चल देना खतरनाक साबित हो सकता है। बच्चों को प्यार से अगर आप कोई बात समझाएंगे, तो वे आपके साथ ही चलेंगे और बच्चों के खोने का डर भी नहीं रहेगा।

 

बेवजह चीजें न छूने दें

बच्चों को इस बारे में भी बताएं कि घर से बाहर निकलते ही किसी भी वस्तु को छूने से बचें। इसके अलावा बाज़ार यां मॉल में जाते ही अगर आप कोई सामान टच करते हैं, तो उसके टूटने यां खराब होने का खतरा बना रहात है। ऐसे में अगर आपको काई सामान खरीदना है, तो दुकानदार की मदद से आप उस सामान को देख सकते हैं। अन्यथा आपको दण्ड के तौर पर उस सामान की कीमत चुकानी पड़ती है।

 

 बच्चे को शॉपिंग लिस्ट थमाएं

अगर आपका बच्चा बढ़ रहा है और हर काम के प्रति गंभीर रहता हैं, तो उसे दुकानदारी की समझ देना बेहद ज़रूरी है। ऐसे में आप जब भी बाज़ार का रूख करें, तो सदैव ही बच्चें को सामान की सूची पकड़ाएं और लिस्ट में लिखे सामान की उन्हें जानकारी दें। कोई सामान छूटने से बचे नही, इसके लिए आप बार बार उन्हें सामान याद दिलाते रहे। इससे बच्चे के अंदर आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और वो अपनी जिम्मेदारी समझने लगेगा। साथ ही आपके उपर उसकी निर्भरता धीरे धीरे कम होने लगेगी।

 

खाली पेट न निकलें

इस बात की हमेशा ध्यान रखें कि आप जब भी बाज़ार के लिए बच्चों के साथ निकलें, तो उन्हें खाना खिलाकर और पानी की बोलत साथ में ज़रूर रखें। दरअसल, बच्चे हमेशा घर से बाहर निकलते ही पानी पीने की डिमांड करते थे यां फिर वे कुछ बाहर का खाना चाहते हैं। आप उन्हें  हेल्दी फूड दिलवा सकते हैं। मगर खालीपेट बाहर निकलने से बच्चों को चक्क्र आना और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती है।

  

बच्चा अगर करने लगे ज़िद्द

बहुत बार ऐसा देखा गया है कि बच्चे बाज़ार में निकलते ही मनमानी करने लगते हैं। किसी पसंदीदा चीज़ को लेने के लिए न सिर्फ जिद्द करने लगते हैं, बल्कि चिल्लाना तक शुरू हो जाते हैं। यकीनन आप में से बहुत से लोग इस तरह की समस्या से दो चार हो चुके हैं। अगर आप भी ऐसी परिस्थ्ति को संभालने का प्रयास करते हैं और वो संभव नहीं हो पाता, तो ऐसे हालत में यां तो आप बच्चे को लेकर फौरन दुकान यां शोरूम से बाहर आ जाएं यां फिर उन्हें वहीं पर खड़े होकर प्यार से समझाएं और अगली बार उससे बेहतर तोहफा लेकर देने का वादा करें। अगर आप बच्चे को डांट डपट करेंगें, तो इससे बच्चे की मानसिक स्थ्ति खराब होती है और वो जिद्दी और अड़ियल स्वभाव का हो जाता है। 

 

बच्चे को बेवजह मत घुमाएं

अगर आप बच्चों के साथ बाहर निकले हैं, तो वक्त का ख्याल ज़रूर रखें। दरअसल, बच्चे कुछ समय तक तो खूब मस्ती करते हैं, मगर धीरे धीरे उनका एनर्जी लेवल कम होने लगता है, जिसके चलते वे थकान महसूस करने लगते हैं। ऐसे में उन्हें वक्त पर घर लेकर आना आपकी जिम्मेदारी है। अन्यथा आपकी शापिंग का खुमार बच्चे के लिए परेशानी का सबब साबित हो सकता है। 

 

बच्चे को धन्यवाद दें

अगर आपका बच्चा आपके साथ शॉपिंग पर जा रहा है, तो उसके साथ नर्म व्यवहार रखें। उसे न सिर्फ खुश रखने की ज़िम्मेदारी आपकी है, बल्कि उसकी हौंसला अफज़ाई भी करें और उसे धन्यवाद कहें। अगर आप बच्चे को सम्मान देंगे] तो वो आपके बेहद करीब आ जाएगा। उसे हमेशा खुश रखें, ताकि वो धीरे धीरे शॉपिंग करने में आपकी मदद करने लगे। 

 

बच्चे हमारी पूंजी है, वो जीवन में अगर आगे बढ़ते हैं यां फिर कुछ नया सीखते हैं, तो उसकी सबसे ज्यादा खुशी माता पिता को ही होती है। ऐसे में अगर हम शॉपिंग की बात करें, तो बच्चों को अपने साथ ज़रूर ले जाएं और उनके साथ को परेशानी की बजाय मस्ती समझे। उन्हें आप अपने साथ समय बिताने का मौका दें, ताकि वे आपसे शॉपिंग के मैनर्स भली भांति सीख पाएं। इसके अलावा वो आपसे अच्छा बान्ड भी शेयर करने लगेंगे। साथ ही साथ शॉपिंग के दौरान उन्हें कई नई चीजों की जानकारी भी मिलेगी, जिनसे वे अनभिज्ञ थे। बच्चों को घुमाना और फिराना माता पिता की ही ज़िम्मेदारी है। ऐसे में शॉपिंग बच्चों के लिए बे बेस्ट आपॅशन साबित हो सकता है।

 

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