Girls to Play Importance
Sports Is Beneficial Credit: Istock

Girls to Play Importance: खेलने की कोई उम्र नहीं होती। बच्‍चा बड़ा हो या छोटा, उसके लिए खेलकूद बेहद जरूरी होता है। खेल केवल मनोरंजन का साधन मात्र ही नहीं है बल्कि ये एक बेहतरीन फिजिकल एक्टिविटी है जो बच्‍चे की ओवरऑल हेल्‍थ के लिए फायदेमंद होती है। खासकर लड़कियों को खेल के प्रति प्रोत्‍साहन की अधिक आवश्‍यकता होती है। माना जाता है कि 5-12 वर्ष की आयु की लड़कियों में तेजी से मानसिक और शारीरिक विकास होता है, ऐसे में उनका हर दिन 60 मिनट के लिए खेलना-कूदना हर लिहाज से लाभकारी हो सकता है। लड़कियों का खेलना क्यों जरूरी है चलिए जानते हैं इसके बारे में।

हेल्‍थ बेनिफिट्स

health benefits
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लड़कियों का खेलों में भाग लेना हर लिहाज से लाभदायक होता है। खासकर फिटनेस की दृष्टि से ये बेहद जरूरी है। नियमित शारीरिक गतिविधि से हार्ट हेल्‍थ में सुधार, मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूती और संतुलन को बढ़ावा मिलता है। इससे मोटापे, हार्ट डिजीज और डायबिटीज जैसी बीमारियों से भी बचाव हो सकता है। खेलने से लड़कियों की हाइट बढ़ती है और पीरियड्स की शुरुआत देर में होती है।

मेंटल हेल्‍थ

खेल बच्‍चों की मेंटल हेल्‍थ पर गहरा प्रभाव डालते हैं। खेल के दौरान की गई एक्टिविटी तनाव, चिंता और अवसाद से लड़ने में मदद करती है। लड़कियों और महिलाओं के लिए खेल लचीलापन और मानसिक मजबूती बनाने का एक शक्तिशाली उपकरण हो सकता है। इसके अलावा खेलने से लड़कियां चुनौतियों का सामना करना सीखती हैं साथ ही एकाग्रता में विकास होता है।

चुनौतियों का सामना

लड़कियों को फिजिकल एक्टिविटी के नाम पर अक्‍सर डांस क्‍लास में डाल दिया जाता है। हालांकि डांस भी एक बेहतरीन एक्टिविटी है लेकिन यदि लड़कियों को टैनिस, क्रिकेट, फुटबॉल और बॉलीबॉल खेलने के लिए प्रोत्‍साहित किया जाए जो वह जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना दृढ़ता से करना सीख सकती हैं। इसलिए लड़कियों के रुटीन में किसी खेल को शामिल करना बेहद जरूरी होता है।

क्षमता में विकास

development in capacity

कोई भी खेल खेलने से लड़कियों की स्‍किल डेवलेपमेंट में मदद मिलती है। इससे न सिर्फ बौद्धिक क्षमता का विकास होता है बल्कि इससे लड़कियां मानसिक रूप से भी खुश और उत्‍साहित रहती हैं। लड़कियों में टीम वर्क, लीडरशिप क्‍वालिटी और पेशेंस डेवलप होता है जिसका पढ़ाई पर भी सकारात्‍मक प्रभाव पड़ता है। नियमित रूप से खेलने से लड़कियों की कार्य करने की क्षमता भी मजबूत हो सकती है।

सोशल स्किल

लड़कियां लड़कों की अपेक्षा अधिक शांत और नर्म स्‍वभाव की होती हैं। वह आसानी से किसी से बात और दोस्‍ती नहीं करतीं। यदि लड़कियां लडकों के साथ खेलती हैं तो उनमें सामाजिक कौशल का विकास हो सकता है। इससे वह लड़कों से बात करना सीखती हैं। एक टीम में काम करना सीख सकती हैं इसलिए लड़कियों का खेलना बेहद जरूरी माना जाता है।

खेल के प्रति कैसे करें लड़कियों को प्रोत्‍साहित

– यदि पेरेंट्स किसी एक्टिविटी में भाग लेते हैं तो बेटियों को भी खेल के प्रति प्रोत्‍साहित किया जा सकता है।

– खेल को लड़कियों के रुटीन का हिस्‍सा बनाएं।

– बेटी को गिफ्ट के तौर पर डॉल या किचन सेट देने की बजाये स्‍केट्स, फुटबॉल या रैकेट दें।

– बच्‍चे के साथ पेरेंट्स खुद भी साइकलिंग करें।

– लड़कियों को खेल की बारीकियों से रुबरू कराएं।

– लड़कियों को मुख्‍य रूप से कराटे और तायकांडो सिखाएं।