googlenews
नन्हे को स्नान के वक्त दें सुकूनभरा अहसास: Baby Bath Procedure
Baby Bath Procedure

Baby Bath Procedure: अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडिएट्रिक्स बच्चे को नहलाने के लिए ऐसी पद्धति की सलाह देती है, जो बच्चे की विभिन्न इंद्रियों के विकास में भी सहयोग करे। एकेडमी के दिशा-निर्देशों के अनुसार नन्हे बच्चे के लिए स्नान को आरामदायक और सुकूनभरा अहसास बनाने की कोशिश की जानी चाहिए। साथ ही नहलाने के दौरान बच्चे से ज्यादा से ज्यादा बातचीत की जानी चाहिए और बेबी शैंपू से उसके सिर की त्वचा की बेहद कोमलता से हल्की मालिश करनी चाहिए।

टब स्नान

नवजात शिशुओं को स्पॉन्ज स्नान की तुलना में टब में नहलाने पर ज्यादा आनंद मिलता है और वे ताजगी और चुस्ती-फुर्ती महसूस करते हैं। यानी स्पॉन्ज स्नान की तुलना में सुरक्षा का समुचित ध्यान रखते हुए टब में नहलाना अधिक फायदेमंद है। बच्चों के साथ ही माता-पिता के लिए भी इसके मनौवैज्ञानिक लाभ हैं। बच्चे को खुशबूदार स्नान करवाते समय मां भी सुकून और एक अलग तरह की खुशी महसूस करती है। बच्चे के स्पर्श को महसूस करते हुए अति आनंदित भी होती है।

स्पर्श का एहसास

स्नान का समय बच्चे और मां दोनों के लिए दिन का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। यही वह समय है जब केवल वे ही दोनों साथ होते हैं इसलिए इस समय का भरपूर लाभ उठाएं। बच्चे की आंखों में देखें, उसे निहारें, दुलारें, उसकी नन्ही नाजुक उंगलियों को छुएं, उससे बातें करें। आपके स्पर्श से बच्चे और आपके बीच का संबंध और मजबूत होगा। 

सीखने का समय

मानें या न मानें, स्नान को आप अपने बच्चे के लिए बहुत सी बातें सीखने का समय बना सकती हैं। बच्चे को नहलाते समय उसके साथ खेलें और साथ ही उसे बताएं कि आप क्या कर रहे हैं। टब में आप उसके पसंदीदा खिलौने डाल दें। खिलौनों को छूकर, हाथ में लेकर वह नई चीजों की समझ विकसित करेगा।  उसकी प्यारी सी डक, झुनझुना या कोई और खिलौना टब में डालें। उसे बताएं कि देखो यह कैसे तैर रही है। अलग-अलग रंगों और आकारों के प्लास्टिक के छोटेछोटे ब्लॉक या कप उसे दें। आपके लाडले को इनमें पानी भरने, एक कप से दूसरे कप में पानी डालने और निकालने जैसे खेलों में बेहद मजा आएगा। इस प्रकार जल्दी ही वह डूबना, तैरना, भरना, खली करना जैसी कई बातें आसानी से सीख जाएगा।

बच्चे से संवाद

मां की आवाज का बच्चे की शुरुआती सीख, समझ और भाषा के विकास में बेहद महत्वपूर्ण योगदान होता है। मां की आवाज और लोरी बच्चे के आहार संबंधी व्यवहार में भी बेहद सुधार करती है। ऐसे नवजात शिशु जो अपनी मां की आवाज ज्यादा सुनते हैं, उनके दिमाग के उस हिस्से में अधिक सक्रियता देखी गई जहां भाषा का विकास होता है। नहलाते समय अपनी मीठी आवाज से बच्चे को लोरी सुनाइए, विभिन्न खिलौनों के साथ उसे खेल में शामिल करते हुए ‘ट्विंकल- ट्विंकल लिटिल स्टार जैसी कोई राइम सुनाइए, बच्चा आपकी आवाज के साथ लगातार प्रतिक्रिया करने और आपसे बात करने की कोशिश करेगा जो उसके विकास में बेहद सहायक होगा।

अंगों का ज्ञान

स्नान के समय बच्चे के नाजुक हाथों, पैरों, पेट आदि पर साबुन लगाते हुए उसे अपने शरीर के इन हिस्सों के बारे में बताएं। पानी को उछालें फिर उसे भी ऐसा ही करने को कहें। पानी में बने बुलबुलों को फोड़ें और उससे भी यही कराएं। इस प्रकार बच्चे को उसके हाथ और किस प्रकार के काम के लिए इनका उपयोग कैसे किया जाए, आप आसानी से सिखा पाएंगी। इसी प्रकार उसके पैरों से पानी में छपाके लगवाएं और पैरों के बारे में बताएं। इससे वह अपने मस्तिष्क और पैरों का समन्वय कायम करने लगेगा।

मनोरंजक और मजेदार

बच्चे को नहलाने के समय को मनोरंजक और खेल ही खेल में सीखने के समय के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए पानी में खेले जाने वाले कई तरह के खिलौनों का प्रयोग कर सकती हैं जैसे कि रबर की बतख, रबर की नाव आदि। बच्चा हर रोज अपने स्नान का तभी भरपूर लाभ उठा पाएगा जब यह समय उसके लिए ज्यादा मजेदार होगा। इसलिए उसे नई गतिविधियों के द्वारा पूरी तरह अपने साथ जोड़ें। उसे टब पर बाथ स्टिकर्स लगाना सिखाएं, खिलौनों को पानी में डुबोना और तैराना सिखाएं, या फिर साबुन के बुलबुलों से खेलना सिखाएं। इस तरह वह पूरी रुचि से आपकी सिखाई चीजों को खेल-खेल में ही सीख जाएगा।

सुरक्षा और सावधानी

स्नान के समय को मजेदार बनाने के साथ ही बच्चे की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखें।  नहलाते समय बच्चे को एक पल के लिए भी अकेला न छोड़े। स्नान से पहले ही सभी जरूरी चीजें जैसे बच्चे को लपेटने के लिए तौलिया, साबुन आदि पास में रख लें। उसके बाद ही बच्चे को लेकर आएं। पानी के तापमान का भी पूरा घ्यान रखें कि वह ज्यादा गर्म या ठंडा न हो। नवजात बच्चों की आंखें साधारण शैंपू लगने से प्रतिक्रिया स्वरूप बंद नहीं होती इसलिए बच्चे को नहलाने के लिए उनके लिए बने खास बेबी सोप और बालों को धोने के लिए कोमल और खास बने बेबी शैंपू का ही प्रयोग करें ताकि उनकी आंखों में आंसू न आएं। नहलाने के बाद हल्के हाथों से थपथपाते हुए बच्चे के शरीर को पोंछें और नमी को बनाए रखने के लिए बच्चे के पूरे शरीर पर बेबी लोशन अवश्य लगाएं।

नहलाने के बाद

नहलाते समय ही नहीं उसके तुरंत बाद का समय भी बच्चे के साथ जुडऩे के लिए बेहद उपयोगी होता है। नहलाने के बाद बच्चे को अपने साथ चिपटाएं। उससे पूछें कि क्या उसे स्नान में मजा आया। उसकी खुशी को सराहें और उसे पुचकारें। इस प्रकार बच्चे के स्नान का यह नियमित रिचुअल केवल उसकी साफ-सफाई के लिए ही नहीं, उसके संपूर्ण विकास के लिए एक मजेदार और महत्वपूर्ण समय बन जाएगा। 

इन्हें भी पढ़ें- 

न्यू बॉर्न बेबी चेक लिस्ट

बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य के लिए ट्राई करें हैल्दी बेबी केयर एप्लायंसेज

हैल्पिंग हैंड एप्लाइंसेज : वर्किंग मॉम्स के लिए खास