व्यक्तित्व विकास
हम जो भी करें उसका मुख्य उद्देश्य हमारे दिमाग में होना चाहिए। यह पक्का कर लें कि आप अपने मुख्य उद्देश्य को टालें न तथा व्यर्थ की बातों में अपना समय बर्बाद न करें। आपको हमेशा नाजुक लक्ष्य तथा उद्देश्य निश्चित करने चाहिए और उनको हमेशा ध्यान में रखना चाहिए। इसके लिए आवश्यक रूप से कार्य सूची तैयार करनी चाहिए।
व्यक्तिगत तौर पर मैं यह आवश्यक समझता हूं कि डायरी पर यह लिखूं कि मैं क्या करना चाहता हूं। जब मुझे कुछ सूझता है तो मैं सचमुच ही पल-पल की बातें उसमें दर्ज करता हूं। यह दीर्घकालीन उद्देश्यों के अलावा है, जो मैंने अपने लिए निश्चित किए हुए हैं।

अगर आपको लगता है कि आपका समय बर्बाद तो हो रहा है परंतु कहां पर, यह पता नहीं लग पा रहा है। आप उतने रचनात्मक नहीं हो पा रहे हैं, जितना होना चाहिए, तो एक कार्य पंजिका तैयार करें। यह आपके अपनी समय योजना को बेहतर बनाने में मदद करेगा। कोशिश यह होनी चाहिए कि आप अपना ध्यान उस पर केंद्रित करें जो तुम्हारे लिए अति आवश्यक हो।
मैं दो घडिय़ां पहनता हूं, एक तो साधारण घड़ी है तथा दूसरी घड़ी डिजिटल है परंतु यह स्टॉप-वाच की तरह है। चाहे मैं किसी भी कार्यक्रम में जाऊं, पहले ही यह निर्णय लेना आवश्यक समझता हूं कि उस कार्यक्रम में मुझे कितना समय बिताना चाहिए। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही मैं अपनी स्टॉप वाच का समय निश्चित कर देता हूं। पूर्व निश्चित समय के करीब ही मैं मेजबान से कह कर वहां से चला जाता हूं। आपका समय कहां खर्च हो रहा है इसका रिकार्ड लिखें, यह तुम्हारी कमियों को दूर कर उन खूबियों को उभारने में सहायक हो सकेगा जिसको आपकी समूची कार्य कुशलता के हित में अनदेखा किया जा सकता है। आपको अपना समय किस प्रकार बिताना चाहिए इस बारे में आप सूचीकरण के अपने तरीकों को विकसित अथवा लागू कर सकते हैं। यह विचार सचेतता का विकास करने तथा यह जानकारी प्रदान करने के लिए है कि आपका समय कहां बर्बाद हो रहा है तथा आपके उद्देश्यों की पूॢत के लिए इसका किस प्रकार सदुपयोग किया जाए।
प्रभावी ढंग से समय प्रबंध के लिए सबसे बड़ी समस्या है जरूरत के समय सूचना का अभाव कम करने संबंधी सूची को जारी रखते हुए, उसमें अल्पकालीन तथा दीर्घकालीन उद्देश्यों को शामिल करना आवश्यक नहीं है। कोई भी योजनाकार रोजाना के मामलों को महत्वपूर्ण मामलों के साथ नहीं मिलाएगा।
दीर्घकालीन उद्देश्यों की सूची के साथ आप रोजाना की सूची तैयार कर अपने पास रख सकते हैं। आप जो कुछ भी करें उसे अपनी दीर्घकालीन उद्देश्य सूची में शामिल कर लें। अल्पकालीन कार्यों के लिए मैं अपने लैपटॉप समेत अपनी रोजाना की डायरी का प्रयोग करता हूं। मेरा लैपटॉप मेरा अपना विस्तार है। बेहतर होगा कि आप अपने उद्देश्य दर्ज करें ताकि स्पष्ट हो सके कि आपको अपना समय कैसे व्यतीत करना चाहिए। जैसे- समय व्यतीत होता है, आप अपने उद्देश्यों पर नजर मारना चाहेंगे कि बदली हुई परिस्थितियों पर निर्भर होते हुए भी वह अब भी कितने प्रासंगिक है।
अगर आप अपना कुछ समय अपनी कार्य पंजिका बनाने में व्यतीत करते हैं तो आप यह पहचान करने में समर्थ हो जाएंगे कि क्या आप अपने जीवन की अति महत्वपूर्ण चीजों के लिए अथवा अन्य साधारण मामलों के लिए अपना समय व्यतीत कर रहे हैं।
यह बुनियादी चीज है कि जब तक आपको पता है कि आप अपना समय कैसे व्यतीत कर रहे हैं तथा आप इसमें कैसे सुधार करेंगे। अपने दिनभर के कार्यक्रम को दर्शाने के लिए आप डायरी, कैलेंडर, कागज का पन्ना अथवा लाइनदार कागज का प्रयोग कर सकते हैं।
हमें अपने जीवन के पूर्व-निर्धारित उद्देश्य हमेशा अपने दिमाग में रखने चाहिए। जब तक आपको यह पता नहीं होगा कि आपके लिए क्या आवश्यक तथा महत्वपूर्ण है तो आप उन चीजों पर अपना समय केंद्रित करोगे अथवा व्यतीत करोगे जिनकी तुम्हारे जीवन में कोई महत्ता नहीं है अथवा बहुत कम महत्ता है। यह तकरीबन गलत मार्ग पर चलना है।
बेहतर यही है कि आप प्राथमिकता तय करें कि उपलब्ध समय में आप क्या-क्या करना चाहते हैं। हमेशा उद्देश्य, प्रभाव तथा प्रमाणों पर ध्यान केंद्रित करें, यह तुम्हारे लिए बहुत आवश्यक तथा निर्णयकारी है।
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