हर व्यक्ति के अपने जीवन में कुछ निर्णायक कर्तव्य होते हैं जिसके लिए सिर्फ वही जवाबदेह होता है। यदि चाहते हो कि आपकी वित्तीय स्थिति अच्छी हो तो अपने वित्तीय प्रबंध के लिए कुछ हद तक आप ही जिम्मेदार हो। दूसरे शब्दों में, यदि आप आवश्यक तथा प्रमुख मामलों की तरफ ध्यान नहीं देंगे तो वह विचाराधीन रह जाएंगे। आखिरकार, यह आपके जीवन को प्रभावित करने वाले प्रमुख क्षेत्रों जैसे- स्वास्थ्य, व्यवसाय तथा परिवार संबंधी निर्णयों की विशेषता है।
अपने आपको उस श्रेणी में रखें जहां निर्णय लेने के फैसले में अपने आपको पाते हैं तथा अपनी एकाग्रता के परिणामस्वरूप सर्वोत्तम अथवा बुरे परिणाम प्राप्त करते हैं। क्षमतानुसार कार्य न करना हानिकारक है किंतु उसे बढ़ाया जा सकता है। हमारा सबसे कमजोर पक्ष हमें गिराता है, जिसका प्रभाव हमारी योग्यता और सामथ्र्य पर पड़ता है।

 आप छह रणनीतिक क्षेत्रों में से पांच में निपुण हो सकते हैं परंतु छठे में कमजोर भी होंगे। आपकी छठी कमजोरी आपको पीछे धकेल सकती है। यह कई बार निर्णय कर सकता है कि आप अपनी अन्य निपुणता से कितना प्राप्त कर सकेंगे। यह कमजोरी आपकी प्रभावोत्पादकता के लिए अड़चन का कार्य करेगी जो आपकी निराशा और चिड़चिड़ेपन का स्थायी साधन बन सकती है।

सच्चाई यह है कि प्रत्येक व्यक्ति में कमजोरियां तथा शक्तियां दोनों होती हैं। आपको अपनी कमजोरियों की घोषणा करने की बजाय उनको पहचानने की आवश्यकता है। जिन क्षेत्रों में आप अच्छे हो उनका चुनाव करके उनमें श्रेष्ठता हासिल करने की कोशिश करो ताकि अन्य क्षेत्रों की आपकी कमजोरियों की क्षतिपूर्ति हो सके। अपना उद्देश्य निश्चित करो तथा अपने लाभांश कार्य क्षेत्रों में अधिक प्रसिद्धि प्राप्त करने की योजना बनाओ। दूसरों से अधिक प्रसिद्धि प्राप्त करने से आपको पहचान प्राप्त होगी। अपनी विशिष्ट योग्यता का प्रयोग करना आपको उच्च स्थान पर पहुंचा देगा।

 किसी एक हुनर का विकास करके उसमें उच्चतम श्रेणी तक महारथ हासिल करने की कोशिश करो। सिर्फ यही एक मार्ग है जिससे आप अपने व्यवसाय (कैरियर) को चोटी पर पहुंचा सकते हो। किसी भी व्यक्ति के पास सारी योग्यताएं नहीं हो सकती है परंतु हमारे पास कम से कम एक हुनर तो अवश्य हैं। जिसके द्वारा हम किसी विशेष क्षेत्र में दूसरों से अधिक प्रसिद्धि प्राप्त कर सकते हैं। ऐसी एक विशेषता हमारे कैरियर पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। हमें अपने आप से पूछना चाहिए कि हम सबसे बढिय़ा क्या करें जिससे हम दूसरों से अधिक बढिय़ा प्रदर्शन कर सकें। अपने जीवन के प्रमुख क्षेत्रों तथा दूसरों के जीवन में सर्वोत्तम योगदान डालने के लिए अपनी ओर से उत्तर प्राप्त करके आगे बढ़ें। यही कुछ है जो हम कर सकते हैं। कोई दूसरा आपको उतना नहीं जानता जितना आप अपने आपको जानते हो, अगर हम इस प्रश्न का उत्तर ढूंढ़ें तो हम आसानी से ढूंढ़ सकते हैं।

सफलता की कुंजी प्रतिबल तथा प्रेरणा-शक्ति में है, जो एक बार निगमित होने पर आपको जीवन में बहुत आगे ले जाएगी। अपने जीवन तथा कैरियर में आपकी स्थिति क्या है इसकी ओर ध्यान दिए बिना ही, प्रतिबल तथा प्रेरणा-शक्ति आपके जीवन की यात्रा को सरल, दर्द रहित, समस्या रहित तथा सुंदर बना देगी। यह करने के लिए आपको रोचक तथा सही व्यक्तियों के साथ जुडऩा चाहिए तथा अपने जीवन से गलत व्यक्तियों को निकाल बाहर करना चाहिए। जो लोग हमारी जीवन यात्रा की गाड़ी की गति कम कर रहे हैं तथा तबाही का कारण बन रहे हैं हमें उन लोगों से पीछा छुड़ाना चाहिए।

डर तथा तनाव, दलदल व कीचड़ की तरह है जिसको यदि विकसित होने दिया जाए तो यह हमारी जीवन यात्रा के आवेग तथा प्रगति को नाकारा कर देगी। जहां हम पहुंचना चाहते हैं वहां पहुंचने के लिए हमें हर समय अपने जीवन में शक्ति तथा जोश की आवश्यकता है। अगर हम में शक्ति तथा जोश है, तो हमारी मंजिल में आने वाली अड़चनें, गड्ढे तथा नाकाबंदी हमारे लिए कोई समस्या नहीं बनेंगी, हम उसका प्रबंध कर लेंगे। अपने कार्य के परिणाम के उत्तर के लिए आपको उसके अंदर ही झांकना होगा। यही उत्तर आपको यह निश्चय करने में मदद करेंगे कि आप सही मार्ग पर हो अथवा आपको रास्ते के मध्य में ही कुछ सुधार करने की आवश्यकता है। अपने आपसे लगातार पूछो कि क्या आप परिणाम से संतुष्ट हो, यदि आप संतुष्ट हो तो पहचान करो कि किस योग्यता ने आपको आपके उद्देश्य तक पहुंचाने में सबसे अधिक मदद की है। इस प्रकार की पहचान आपको भविष्य में अन्य समरूप कार्यों के लिए मददगार सिद्ध होगी। नियमित रूप से तथा भविष्य में भी इस प्रकार का निर्धारण करना एक बढिय़ा प्रक्रिया होगी ताकि आपको अपनी शक्तियों के प्रति पूरी जानकारी रहे।