NEET Preparation: नीट का रिजल्ट आने के बाद जहां सफल हुए स्टूडेंट्स आगे की तैयारी में जुट गए हैं। वहीं जिन स्टूडेंट्स के लिए इस बार रिजल्ट अनुकूल नहीं रहा उनमें से कुछ तो साल बर्बाद किए बिना किसी अन्य सब्जेक्ट के चुनाव के बारे में सोच रहे हैं तो कुछ दोबारा नीट की तैयारी के लिए कमर कस चुके हैं। ये स्टूडेंट्स भले ही एक बार फिर से परीक्षा देने का मन बना रहे हैं लेकिन इस बार इनके साथ एक बोझ है। पिछले रिजर्ट का बोझ। तो अगर आप नीट या किसी भी अन्य प्रतियोगी परीक्षा की दोबारा तैयारी करने जा रहे हैं। तो इस बार क्या करें और कैसे तैयारी करें इस बारे में काउंसलर आधुनिता नथानी की इन बातों को ध्यान में रखने से आप एक नई शुरूआत की तरह तैयारी कर सकते हैं। क्योंकि जो बीत गया उसके बारे में सोचते रहेंगे तो आने वाले समय पर पूरी तरह फोकस नहीं कर पाएंगे। आधुनिता के मुताबिक दोबारा एग्जाम की तैयारी करने के लिए आस पास के दबाव और पिछले रिजल्ट की निगेटिविटी को हटा कर तैयारी की शुरूआत करना चाहिए। इस बार की तैयारी करते समय इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
पिछले रिजल्ट का बोझ लेकर तैयारी न करें

आधुनिता कहती हैं कि सबसे पहले तो रिजल्ट अगर फेवर में नहीं आया है तो निराश न हों। क्योंकि आप अभी हारे नहीं है, हर किसी को सफलता आसानी से नहीं मिलती। अगर आप पिछले रिजल्ट के बारे में सोचते हुए तैयारी करेंगे तो एक प्रेशर हमेशा रहेगा और इससे आपकी तैयारी पर असर पड सकता है। पॉजिटिव अप्रोच के साथ तैयारी करें। इसमें परिवार की भूमिका भी अहम है क्योंकि आस पास के पियर प्रेशर से स्टूडेंट को निकालने के लिए परिवार का साथ जरूरी होता है। माता पिता बच्चे को सपोर्ट करें कि वो उसके साथ हैं।
कोई हॉबी फॉलो करें
आधुनिता के मुताबिक पॉजिटिविटी बनाए रखने के लिए और प्रेशर को कम करने के लिए कोई हॉबी फॉलो करें। क्योंकि पढाई करने के बाद जब भी फ्री होंगे तो हो सकता है कि रिजल्ट को लेकर स्ट्रेस और एंग्जाइटी हो। ऐसे में अगर आप कोई ऐसा काम करें जिससे आपको खुशी मिले तो आपके शरीर में हैप्पी हॉर्मोन सीक्रेट होंगे। इससे आप निराशा से दूर रह पाएंगे। यही नहीं वे कहती हैं कि कोई जरूरी नहीं है कि तैयारी में तुरंत जुट जाएं। आप कुछ समय का ब्रेक लें फिर से अपने आपको एनर्जाइज करें और फिर तैयारी करें।
अपने वीक प्वाइंट पर काम करें
इस बार आपके पास पहले की तुलना में एक्स्पीरियंस है और नोट्स भी पहले से तैयार हैं। तो आप तैयारी से पहले अपने वीक प्वाइंट को समझने की कोशिश करें। किस सब्जैक्ट या टॉपिक में आपको ज्यादा परेशानी होती है। इसके लिए आप अपने गाइड या मेंटर की मदद भी ले सकते हैं। हो सकता है उन्हें आपके वीक पॉइंट का अंदाजा हो या फिर आपके वीक पॉइंट को ढूंढने और समझने में वे मदद कर सकें। आधुनिता कहती हैं क्योंकि नोट्स आपके पास हैं तो इस बार इन्हें कुछ ऐसे तैयार कर लें जिससे समझने या रिकॉल करने में आसानी हो। वे कहती हैं हर किसी का अपना अलग तरीका होता है। तो उस हिसाब से फ्लो चार्ट या कोई पैटर्न जिससे आसानी से एग्जाम के समय रिवाइज कर सकें वो अपनाएं।
