digital fasting meaning in hindi
digital fasting meaning in hindi

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आप मानें या न मानें, लेकिन ये सच्चाई है कि मोबाइल और सोशल मीडिया की ऑनलाइन दुनिया ने हमें अपने परिवार-दोस्तों और असली जिंदगी से दूर कर दिया है। एक साथ बैठकर भी लोग आपस में बात करने की जगह मोबाइल पर समय बिताना पसंद करते हैं।

Digital Fasting Meaning in hindi : मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैब, कंप्यूटर और सोशल मीडिया के बिना क्या आप अपनी जिंदगी के बारे में सोच सकते हैं। शायद नहीं! सच कहें तो कहीं न कहीं हम सब गैजेट्स के गुलाम हो चुके हैं। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक हमारी जिंदगी इनके ​इर्द गिर्द ही घूमती है। लेकिन क्या हो अगर कुछ दिनों या महीनों के लिए हम इन सबसे दूर हो जाएं यानी ‘डिजिटल फास्टिंग’ करें। हाल ही में जी 5 की आगामी ​ओरिजिनल सीरीज ‘थोड़े दूर थोड़े पास’ ने इस मुद्दे को उठाया है। आइए जानते हैं आखिर क्या है डिजिटल फास्टिंग।

पंकज कपूर का बेहतरीन काम

आप मानें या न मानें, लेकिन ये सच्चाई है कि मोबाइल और सोशल मीडिया की ऑनलाइन दुनिया ने हमें अपने परिवार-दोस्तों और असली जिंदगी से दूर कर दिया है। एक साथ बैठकर भी लोग आपस में बात करने की जगह मोबाइल पर समय बिताना पसंद करते हैं। मनीष त्रेहान, शैलेश सांघवी और नाइलेश गडा की ओर से निर्मित और अजय भुयान द्वारा निर्देशित ‘थोड़े दूर थोड़े पास’ में इसी बात को समझाने की कोशिश की गई है। ​सीरिज में पंकज कपूर, मोना सिंह और कुणाल रॉय कपूर जैसे शानदार कलाकार हैं।

जानिए क्या है डिजिटल फास्टिंग

आज के समय में अधिकांश लोग डिजिटल लत के शिकार हैं।
Nowadays most of the people are victims of digital addiction.

आज के समय में अधिकांश लोग डिजिटल लत के शिकार हैं। फोन, कंप्यूटर जैसे डिजिटल उपकरणों पर उनकी निर्भरता लगातार बढ़ रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2020 में डिजिटल तकनीक की लत को औपचारिक रूप से एक समस्या के रूप में मान्यता दी है। डिजिटल फास्टिंग में कुछ समय के लिए, अक्सर कई हफ्तों या महीनों के लिए डिजिटल उपकरणों से दूर रहा जाता है। इसके जरिए लोग अपनी आसपास की दुनिया से फिर से जुड़ पाते हैं और डिजिटल उपकरणों पर उनकी निर्भरता कम होती है।

ढेरों फायदे हैं डिजिटल फास्टिंग के

डिजिटल फास्टिंग के ढेरों फायदे हैं। यह मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। इससे नींद में सुधार होता है। साथ ही आप अपने परिवार और दोस्तों से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं। आभासी दुनिया से हटके आप आज को जीने लगते हैं, जिससे जिंदगी में सकारात्मकता आती है।

कितने समय के लिए करें इसे

डिजिटल फास्टिंग के लिए कोई मानक अवधि तय नहीं की गई है। लेकिन विशेषज्ञ 30 दिन के फास्टिंग की सलाह देते हैं। क्योंकि इस दौरान लोगों को नई आदतें अपनाने का पर्याप्त समय मिल पाता है। साल 2023 में हुए एक अध्ययन के अनुसार दो हफ्तों का डिजिटल फास्टिंग भी फायदेमंद हो सकता है। इसमें हर दिन सिर्फ 30 मिनट सोशल मीडिया का उपयोग करना होता है। ​शोधकर्ताओं के अनुसार इससे स्मार्टफोन और सोशल मीडिया की लत से छुटकारा पाने में काफी मदद मिल सकती है।

आखिर कैसे करें डिजिटल फास्टिंग

डिजिटल फास्टिंग करने का कोई एक तरीका नहीं है। आप अपने अनुसार इसे चुन सकते हैं। सबसे जरूरी है अपना लक्ष्य स्पष्ट रखें। ऐसे में आप समझ पाएंगे कि आखिर आप डिजिटल फास्टिंग क्यों कर रहे हैं। जैसे सोशल मीडिया का उपयोग कम करना या फिर बार-बार मोबाइल फोन देखने की आदत छोड़ना। ध्यान रखें डिजिटल फास्टिंग की शुरुआत हमेशा छोटी अवधि से करें। एक साथ बड़ा टारगेट न रखें, इससे परेशानी हो सकती है। अपनी जरूरत और काम को ध्यान में रखते हुए ही डिजिटल फास्टिंग अपनाएं।

टूल्स की लें मदद

डिजिटल फास्टिंग के लिए आप कुछ ऐप्स का सहारा भी ले सकते हैं। इन टाइम ट्रैकिंग ऐप्स की मदद से आप निश्चित समय तक ही इन उपकरणों का उपयोग कर पाएंगे। आप इनमें नोटिफिकेशन भी सेट कर सकते हैं। स्क्रीन टाइम मॉनिटरिंग टूल भी आपके लिए मददगार साबित हो सकता है। आप जब भी डिजिटल फास्टिंग पर जाएं तो अपने परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों को इसकी जानकारी जरूर दें। साथ में कोई न कोई मनपसंद की एक्टिविटी ज्वॉइन करें, जिससे आपका मन लगा रहेगा।

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...