how to talk to anyone
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Overview:

आपके साथ भी अक्सर ऐसा होता है कि आपकी सही बात भी लोगों को हमेशा गलत लगती है। आप अपनी बातें सही से लोगों को समझा नहीं पाते हैं। दरअसल, ऐसा आपकी कम्युनिकेशन में गड़बड़ के कारण होता है।

Improve Communication Skill: बोलना एक कला है, जिसे ये आती है, मानो उसने दुनिया जीत ली। लेकिन क्या आप इस मामले में हमेशा पीछे रह जाते हैं। आपके साथ भी अक्सर ऐसा होता है कि आपकी सही बात भी लोगों को हमेशा गलत लगती है। आप अपनी बातें सही से लोगों को समझा नहीं पाते हैं। दरअसल, ऐसा आपकी कम्युनिकेशन में गड़बड़ के कारण होता है। इससे आपकी पर्सनल ही नहीं प्रोफेशनल ग्रोथ पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में आपको इसे सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। 

People often make many mistakes while talking to others.
People often make many mistakes while talking to others.

दूसरों से बात करते समय अक्सर लोग कई गलतियां करते हैं। चिंता की बात यह है कि अधिकांश लोग इन्हें खुद पहचान नहीं पाते हैं। 

1. अगर आप दूसरों को लेकर अक्सर गॉसिप करते हैं तो यह आपके लिए कुछ देर का मनोरंजन जरूर हो सकता है। लेकिन दूसरों के सामने इससे आपका खुद का इंप्रेशन भी खराब हो सकता है। 

2. कुछ लोग हमेशा दूसरों में कमियां ही निकालते रहते हैं। वे अपने नजरिए से सोचते हैं और दूसरों के लिए अपने फैसले भी खुद ही सुनाने लगते हैं। ऐसा करने से आप नेगेटिव नजर आएंगे। 

3. अगर आप हर समय सिर्फ शिकायतें ही करते रहते हैं तो भी लोग आपसे दूरी बनाने लगेंगे। आप अपने आप को परिस्थितियों के अनुसार ढालना सीखें और हमेशा सकारात्मक बात करें। 

4. बात-बात पर झूठ बोलने वाले कभी किसी को पसंद नहीं आते। ऐसे लोगों से सभी दूर रहना चाहते हैं। यह आपकी पर्सनालिटी के लिए भी घातक है।  

अपनी आदतों में थोड़े से बदलाव करके आप बहुत बड़ा परिवर्तन खुद में ला सकते हैं। 

1. लोग आपकी बात सुनें, इसके लिए सबसे जरूरी है कि आप भी उनकी बात सुनें। यानी एक अच्छा वक्ता होने के साथ-साथ आपको एक अच्छा श्रोता भी होना चाहिए। जब सामने वाला अपनी बात बोले तो आप उसे पूरे ध्यान से सुनें। ऐसा करने पर वो भी आपकी बात को पूरे सम्मान के साथ सुनेगा। 

2. किसी से बात करते समय माहौल पर भी ध्यान दें। ऐसा न हो कि कोई टीवी देखने या डिनर में बिजी हो और आप अपनी जरूरी बात बोलने लगें। या कोई पार्टी कर रहा हो और आप अपनी तनाव भरी बातें शुरू कर दें। इसलिए बातचीत हमेशा सही माहौल और समय देखकर करें। 

3. बातचीत करने के दौरान मोबाइल फोन या अन्य गैजेट से दूर रहें। अगर आप लगातार मोबाइल चलाते हुए अपनी बात बोलेंगे तो जाहिर है कि आपकी बात को महत्व कम मिलेगा। 

4. अपनी बातें हमेशा कम शब्दों में और सही लहजे में करें। आज के समय में लंबी बातें कोई नहीं सुनना चाहता। इसलिए मुद्दे की बात करें। कई बार लंबी बातों के चक्कर में मुख्य बातें पीछे रह जाती हैं, इसलिए बातचीत के शुरुआती 30 से 40 सेकंड में ही मुख्य बात बोल दें। 

5. बात करने के दौरान बॉडी लैंग्वेज भी बहुत मायने रखती है। बॉडी लैंग्वेज पॉजिटिव रखें। सामने वाले से आई कॉन्टेक्ट बनाकर रखें। हाथ या पैर न हिलाएं। इससे आपका कॉन्फिडेंस कम नजर आता है। 

6. अपनी बातों में नेगेटिव की जगह पॉजिटिव बातें करें। अपनी बात फैक्ट्स के साथ रखें। सुनी सुनाई बातों को आगे पास ऑन न करें। 

अपनी बात को इंप्रेसिव बनाना चाहते हैं तो कुछ बातें गांठ बांध लेनी चाहिए। जैसे किसी से भी बात करते समय अपनी आवाज उंची न करें। कई बार उंची आवाज में कही गई सही बात भी गलत लगती है। इसलिए बात हमेशा सही लहजे में करने की कोशिश करें। साथ ही शब्दों का सही चयन करना भी जरूरी है। बातचीत के दौरान अपनी भावनाओं पर भी कंट्रोल रखें। कुछ लोग अपनी बात बोलते बोलते रोने लगते हैं, लेकिन इससे वे कमजोर नजर आते हैं। इसलिए आप हर किसी के सामने न रोएं।

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...