Navratri Fasting: नवरात्रि व्रत शरीर को डिटॉक्स करने और रीसेट करने का एक शानदार तरीका है। अगर इन दिनों आप समझदारी से खाना खाते हैं तो ऐसे में बॉडी को डिटॉक्स करना काफी आसान हो जाता है। हालांकि, अगर आप व्रत में इंटरमिटेंट फास्टिंग को शामिल करते हैं तो इससे आपको डबल फायदा मिल सकता है। इन दोनों को मिलाकर आप अपने मेटाबॉलिज्म को तेज़ कर सकते हैं, पाचन को सुधार सकते हैं और कुछ अतिरिक्त किलो वजन भी घटा सकते हैं। इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि आपको अपने पारंपरिक व्रत के नियमों को तोड़ने की भी कोई जरूरत नहीं है।
बस आपको यह ध्यान यह रखना है कि आप अपनी ईटिंग विंडो में पोषण से भरपूर और नवरात्रि व्रत में मान्य चीज़ों को खाएं, ताकि शरीर को ज़रूरी ऊर्जा मिलती रहे और आप दिनभर एक्टिव बने रहें। आप इंटरमिटेंट फास्टिंग को अपनी सुविधा के अनुसार 14 घंटे या 16 घंटे का फास्टिंग पीरियड चुन सकते हैं। जब खाने का समय हो, तब आप स्वादिष्ट और सेहतमंद चीज़ें जैसे साबूदाना खिचड़ी, पनीर, मखाने, नारियल पानी और फ्रूट बाउल खा सकते हैं, ताकि आपके शरीर को सही पोषण मिल सके और आप अधिक लाइट व हेल्दी रहें। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि नवरात्रि व्रत के दौरान भी आप इंटरमिटेंट फास्टिंग को किस तरह बनाए रख सकते हैं-
चुनें इंटरमिटेंट फास्टिंग विंडो
नवरात्रि व्रत में पहले से ही एक निश्चित समय पर भोजन किया जाता है, इसलिए इसे इंटरमिटेंट फास्टिंग के साथ आसानी से जोड़ा जा सकता है। बस आप अपनी दिनचर्या के अनुसार सही विंडो चुनें। मसलन, आप 16 घंटे उपवास और 8 घंटे के भीतर खाना खा सकते हैं। इसमें आप दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक खाना ले सकते हैं और फिर अगले दिन दोपहर 12 बजे तक उपवास करें। अगर आपको यह मुश्किल लग रहा है तो आप 14 घंटे उपवास और 10 घंटे के भीतर भोजन करें। इसमें आप सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक खाना खा सकते हैं।
मील की करें प्लानिंग
नवरात्रि व्रत में केवल कुछ विशेष चीज़ें खाई जाती हैं, इसलिए आपको ऐसा भोजन लेना चाहिए जो पोषण से भरपूर हो और जिससे आपका पेट भरा रहे। आपके दिन का पहला मील हल्का लेकिन पेट भरने वाला होना चाहिए। ऐसे में आप फ्रूट बाउल ले सकते हैं। साथ में, मुट्ठी भुने हुए मखाने, बादाम व अखरोट लें। शरीर को हाइड्रेट करने और इलेक्ट्रोलाइट्स बढ़ाने के लिए नारियल पानी का सेवन करें।
अब दोपहर के मील को 2-3 बजे लिया जा सकता है, जो प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होना चाहिए। इसके लिए आप समा चावल या कुट्टू की रोटी, साबूदाना खिचड़ी, दही, पनीर व लौकी, कद्दू, पालक, टमाटर व खीरा जैसी सब्जियों को मिलाएं। इस समय खाने में थोड़ा घी मिलाएं, इससे एनर्जी और हेल्दी फैट मिलेगा। अगर भूख लगे तो 5-6 बजे इवनिंग स्नैक लिया जा सकता है। जिसमें भुनी मूंगफली, मेवे, लस्सी या छाछ, शकरकंद चाट आदि लें। दिन का आखिरी भोजन रात 7-8 बजे लें, जो हल्का और जल्दी पचने वाला होना चाहिए। मसलन, आप हल्दी या दालचीनी वाला गुनगुना दूध लें। इसके अलावा, फल व मेवे या फिर थोड़ा पनीर सेंधा नमक के साथ लिया जा सकता है।
रहें हाइड्रेटेड
अक्सर इंटरमिटेंट फास्टिंग करते हुए लोग एक गलती कर बैठते हैं कि फास्टिंग पीरियड में वे कुछ पीते भी नहीं है। लेकिन उपवास के दौरान शरीर में पानी की कमी न हो, इसलिए कुछ चीजों का सेवन किया जा सकता है। मसलन, आप पानी अच्छी मात्रा में लें। इसके अलावा, हर्बल टी जैसे तुलसी, अदरक, दालचीनी, नींबू की चाय का सेवन करें। अगर आपको कमजोरी महसूस हो रही है तो आप नारियल पानी का सेवन भी कर सकते हैं। कभी भी फास्टिंग पीरियड में पैक्ड जूस, चीनी वाली चाय व कॉफी आदि ना लें। ये ना केवल आपके उपवास को तोड़ सकते हैं, बल्कि आपकी एनर्जी भी डाउन कर सकते हैं।
