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सर्दियों में भी रखें वास्तु का ख्याल: Vastu Tips for Winter
Vastu Tips for Winter

Vastu Tips for Winter: सर्दी के इस मौसम में कुछ वास्तु उपाय करके आप सकारात्मक परिणाम प्राप्त कर सकते हैं कौन से है वो उपाय आइए लेख के माध्यम से जानें?

जैसे ही मौसम में परिवर्तन आता है तो मनुष्य की जीवनशैली में भी बदलाव आ जाता है। आमतौर पर यह बदलाव केवल मनुष्य के खान-पान व कपड़े पहनने के ढंग तक ही सीमित रह जाता है। लेकिन अगर आप इन बदलावों में वास्तु को भी जगह देंगे तो न सिऌर्फ आप मौसम का लुत्फ सही तरीके से ले पाएंगे, साथ ही आपके आसपास सकारात्मकता का संचार भी होगा। अगर बात शरद ऋतु की हो तो मनुष्य मौसम की मार से बचने के लिए तरह-तरह की व्यवस्था करने लगता है। ऐसे में वह ठंड से तो बच जाता है, लेकिन कहीं न कहीं वास्तु की उपेक्षा के चलते उसे लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अब जब आप मौसम बदलने के साथ खुद को बदलने को तैयार हैं तो अपने घर व ऑफिस में भी कुछ छोटे लेकिन कारगर बदलाव कर लीजिए। चलिए इस वर्ष शरद ऋतु का स्वागत वास्तु के हिसाब करते हैं और इस बदलाव का सकारात्मक प्रभाव आपको अपने निजी जीवन में अवश्य देखने को मिलेगा-

इंटीरियर पर दें ध्यान

Vastu Tips for Winter
Focus on the interior

घर में इंटीरियर का तात्पर्य यह नहीं है कि आप घर को महंगे-महंगे सजावटी सामानों से सुसज्जित कर दें। अगर आपका इंटीरियर मौसम व वास्तु अनुसार होगा तो इससे आपको तो सुविधा होगी ही, साथ ही आपके घर व घर के सदस्यों को भी काफी लाभ प्राप्त होगा। शरद काल में घर को वास्तु अनुसार बनाने के लिए सबसे पहले अपने घर की दिशाओं पर थोड़ा ध्यान दें। मसलन, ठंड से बचने के लिए घर की खिड़की-दरवाजों पर भारी-भरकम परदें लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बेहतर होगा कि आप इनकी दिशाओं को लेकर भी सतर्क रहें। उदाहरण के तौर पर, भारी परदों को दक्षिण व पश्चिम दिशाओं में लगाएं। वहीं पूर्व और उत्तर दिशाओं में अर्धपारदर्शी व हल्के परदे लगाना बेहतर रहता है। वहीं अगर आपके घर में पढ़ने वाले बच्चे हैं तो कोशिश करें कि आपके बच्चे सुबह के समय इस दिशा में बैठकर अध्ययन करें। ऐसा करने से बच्चों को सूर्य देव का तेज तो मिलता ही है, साथ ही शिक्षा की देवी सरस्वती की कृपा भी मिलती है। वास्तुशास्त्र में पूर्व दिशा को सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

सकारात्मकता का संचार

मौसम में बदलाव आने के बाद सिर्फ घर में ही सकारात्मकता का संचार करना पर्याप्त नहीं है, आपको अपने ऑफिस में भी उतना ही ध्यान देने की आवश्यकता है। आपका ऑफिस भी आपके जीवन में एक अहम् स्थान रखता है और आपके कार्यालय का वास्तु भी आपकी सफलता को काफी हद तक प्रभावित करता है। इसलिए यदि आपके कार्यालय की पूर्व, उत्तर और पूर्वोत्तर दिशाओं में घने गहरे रंगों वाले ब्लाइंड्स अर्थात् परदे लगे हों तो उन्हें कुछ इस प्रकार एडजस्ट करें, जिससे इन तीनों दिशाओं से ऑफिस के भीतर प्रवेश करने वाले प्रकाश में वृद्धि हो सके। यह नेचुरल रोशनी आपके ऑफिस में पॉजिटिव एनर्जी का संचार करेगी।

कवरिंग को कहें नो

अगर आप अब तक गर्मियों के मौसम में चिलचिलाती धूप व गर्मी से बचने के लिए तिरपाल या सनशेड आदि का इस्तेमाल कर रहे थे तो अब उन्हें हटाने का समय आ गया है। तिरपाल हटाने से न सिर्फ आपको सूरज की रोशनी प्राप्त होगी, बल्कि इससे आपको काफी स्वास्थ्य लाभ भी होंगे। खासतौर से, पूर्व दिशा से उदित होते हुए सूर्य के महत्त्व का बखान तो हमारे वेदों में भी किया गया है। अथर्ववेद के अनुसार उदित होता हुआ सूर्य मृत्यु के सभी कारणों को नष्ट करता है। इसके अतिरिक्त सूर्य की इन्फ्रारेड रेज रोगों को नष्ट करने की क्षमता भी रखती हैं। इन सभी लाभों को देखते हुए कहा जा सकता है कि यदि आप घर की सभी कवरिंग को हटाने में सक्षम नहीं हैं तो कम से कम घर की पूर्व दिशा में लगे उन तिरपालों व परदों को जरूर कम कर दें, जिनसे सुबह के वक्त सूरज की रोशनी में रुकावट आती हो ताकि आपके घर में भी सूर्य की किरणों का आगमन बिना किसी रुकावट के हो सके। आपको शायद पता न हो लेकिन सूर्य की इंफ्रारेड रेज जब सीधे छाती पर पड़ती हैं तो उसके प्रभाव से व्यक्ति सदा निरोगी रहता है। इसके अतिरिक्त ग्रीष्म काल में शाम के समय सूर्य अस्त होने की दिशा पश्चिमोत्तर होती है और आमतौर पर लोग दोपहर की तपिश से बचने के लिए इस दिशा अर्थात् वायव्य कोण में भी ग्रीन शीट या सनशेड का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन सर्दियों में सूर्यास्त वायव्य कोण से पहले ही हो जाता है। इसलिए उत्तर पश्चिम दिशा की कवरिंग को हटाने से घर की उत्तर दिशा में प्राकृतिक रोशनी बढ़ती है। इस दिशा के स्वामी कुबेर हैं और प्राकृतिक रोशनी बढ़ने से घर के सदस्यों को इस दिशा के स्वामी कुबेर की कृपा मिलती है।

अगर लगाएं पौधे

Vastu Tips for Winter
Along with changing the season, one must also look at the direction of the plants.

कुछ लोग गर्मी के मौसम में तपन और तेज धूप की नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए बड़े व भारी पौधे घर में लगाते हैं। पौधे न सिर्फ उन्हें ठंडक प्रदान करते हैं, बल्कि दोपहर की तेज धूप की नकारात्मक किरणों से उनकी काफी हद तक रक्षा भी करते हैं। लेकिन मौसम बदलने के साथ-साथ पौधों की दिशा पर भी एक बार नजर अवश्य डालनी चाहिए। बेहतर होगा कि आप शीतकाल में इन्हें घर के बाहर पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थित नैऋत्य कोण में रख दें। अगर आपको ऐसा लगता है कि आपके घर की पूर्व व उत्तर दिशा काफी खाली हैं तो आप सुदंरता की दृष्टि से घर की इन दिशाओं में छोटे पौधे व मौसमी ऌफूलों के गमले रख सकते हैं। वास्तुशास्त्री आनंद भारद्वाज से बातचीत पर आधारित।

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