पेमेंट और ट्रान्जैक्शन करते हुए हमारे सामने कई ऐसे टर्म आते हैं, जिनके अर्थ हमें नहीं पता होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए रिजर्व वैनक ऑफ इंडिया ने अपनी लेटेस्ट बुकलेट में वैसे ही शब्द और शब्दावली के अर्थों के बारे में बताया है।

डिजिटल सिग्नेचर :एक इलेक्ट्रॉनिक फाइल, जिसमें यूनिक जानकारी होती है। इसका इस्तेमाल किसी संगठन या व्यक्ति की विश्वसनीयता को सत्यापित करने के लिए किया जाता है। डिजिटल सर्टिफिकेट सर्टिफिकेट अथॉरिटी द्वारा जारी किये जाते हैं और सिक्योर सॉकेट्स लेयर (एसएलएस) प्रोटोकॉल के साथ इस्तेमाल में लाए जाते हैं।

ई- कॉमर्स प्लेटफॉर्म :सॉफ्टवेयर जो वेबसाइट, केटेगरी मैनेजमेंट, प्राइसिंग मैनेजमेंट, ऑर्डर मैनेजमेंट और पेमेंट मैनेजमेंट को चलाने के लिए जरूरी कार्यक्षमता प्रदान करते हैं। उदाहरण के लिए- शॉपीफाई, मैजेन्टो और अन्य।

ईएमआई (इक्वेटेड मन्थली इंस्टॉलमेंट) :किसी बैंक द्वारा कार्ड होल्डर (ग्राहक) को ट्रान्जैक्शन राशि को छोटी राशि में बांट देना, जिसे महीने में एक बार भुगतान किया जाए। इस सर्विस के लिए, बैंक प्रोसेसिंग फी या ब्याज चार्ज कर सकती है।

ईएमवी :यूरोपे, मास्टरकार्ड और वीजा, एक माइक्रोचिप आधारित टेक्नॉलजी है, जिसे बिक्री की जगह पर धोखाधड़ी को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है।

एन्क्रिप्शन :विशेष ज्ञान रखने वालों को छोड़कर किसी के लिए भी प्रोसेसिंग जानकारी को अनुपयोगी बनाने के लिए बदलने की प्रक्रिया को अमूमन जूनजी के तौर पर कहा जाता है।

एक्स्पायरी तारीख :वह तारीख जिस पर कार्ड की वैधता खत्म हो जाती है। ट्रान्जैक्शन सिर्फ उन कार्ड के लिए स्वीकृत होंगे, जो अब तक समाप्त नहीं हुए हैं।

फ्लैट फी :ट्रान्जैक्शन चार्ज प्रति ट्रान्जैक्शन है और ट्रान्जैक्शन राशि का प्रतिशत नहीं।

गिफ्ट कार्ड :प्रीपेड / प्रीलोडेड मर्चेन्ट इन्स्ट्रूमेंट विशिष्ट मर्चेन्ट से खरीदारी के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है।

गेटवे :एक उद्यम, जो एक डिजिटल फाइनेंशियल सेवा प्रदाता के लिए विभिन्न कार्यों को आउट-सोर्स आधार पर मैनेज करता है। इन कार्यों में ट्रान्जैक्शन मैनेजमेंट, कस्टमर डेटाबेस मैनेजमेंट और रिस्क मैनेजमेंट शामिल है। प्रोसेसर भुगतान प्रणाली, योजनाओं या स्विच की तरफ से भी काम कर सकते हैं।

इंटरचेंज फीस :ट्रान्जैक्शन संबंधित लागत की भरपाई के लिए अधिग्रहणकर्ता द्वारा जारीकर्ता को भुगतान की गई फीस। वीजा, मास्टरकार्ड और अन्य प्रदाता इंटरचेंज फीस दर का निर्धारण करते हैं।

आईएमपीएस :तत्काल भुगतान सेवाएं एनसीपीआई का एक प्रोडक्ट है, जो लाभार्थी को मोबाइल नंबर के आधार पर 1 लाख रुपए तक का वास्तविक समय भुगतान प्रदान करता है।

नो योर कस्टमर (केवाईसी) :बिजनेस निकायों या किसी व्यक्ति के क्रेडेंशियल को स्थापित करने के लिए तय किए गए डॉक्यूमेंट।

मल्टी- लेवल मार्केटिंग : किसी सिस्टम में किसी कंपनी की ओर से माल या सेवाओं की बिक्री की प्रथा, जिसके तहत प्रतिभागियों को अपनी बिक्री पर कमीशन मिलता है और साथ ही उनके द्वारा भर्ती किए गए किसी भी प्रतिभागी की बिक्री पर कमीशन मिलता है।

नियर फील्ड कम्यूनिकेशन एनएफसी :एनएफसी इक्विप्ड मोबाइल फोन से सक्षम टर्मिनल तक भुगतान देता ट्रांसमिट करने के लिए भुगतान के अंदर इस्तेमाल की जाने वाली कम्यूनिकेशन टेक्नॉलजी।

एनईएफटी :नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफ़र लाभार्थी को बैच के अनुसार भुगतान करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का भुगतान प्रोडक्ट है।

वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) :एक ओटीपी या वन टाइम पासवर्ड एक अतिरिक्त सुरक्षा उपाय है, जिसमें आपके ऑनलाइन ट्रान्जैक्शन के लिए टू स्टेप प्रामाणिकता शामिल है। यह समयबद्ध ओटीपी अधिकतर फाइनेन्शियल ट्रान्जैक्शन के लिए एक बेहद लोकप्रिय विकल्प बन चुका है।  

फिशिंग :पासवर्ड और क्रेडिट कार्ड नंबर बताने जैसी व्यक्तिगत जानकारी के लिए नामी कंपनियों का नाम लेकर लोगों को ललचाने के लिए ईमेल भेजने की धोखेधड़ी वाली प्रथा।

पॉइंट ऑफ सेल डिवाइस टर्मिनल, एक्सेप्टेन्स डिवाइस, पीओएस, एमपीओएस :कोई भी डिवाइस, जो इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की रसीद को मैनेज करने के लिए हो।

पीसीआई- डीएसएस :यूजर डेटा की सुरक्षा के लिए उद्यम जो उपाय करते हैं। “पीसीआई- डीएसएस” इसके लिए एक कार्ड इंडस्ट्री मानक है।

पी2पी; रिमोट क्रॉस- बॉर्डर ट्रांसफ़र ऑफ वैल्यू, क्रॉस- बॉर्डर रेमिटेन्स :किसी अन्य देश में अन्य व्यक्ति को भुगतान देना और लेना।

क्विक रिस्पॉन्स कोड (क्यूआर) : एक क्विक रिस्पॉन्स कोड एक ऐसे तरह का बारकोड होता है, जो जाकारी को स्टोर करता है और डिजिटल डिवाइस द्वारा पढ़ा जा सकता है, जैसे एक सेल फोन।  

रिकंसिलेशन :रिकंसिलेशन एक ऐसी अकाउंटिंग प्रक्रिया है, जो यह सुनिश्चित करने के लिए कि आंकड़े सही हैं और अग्रीमेंट में हैं, रिकॉर्ड के दो सेट का इस्तेमाल करती है। यह कन्फर्म करता है कि अकाउंट से निकलने वाली धन राशि खर्च की गई धन राशि से मैच करती है या नहीं और यह सुनिश्चित करता है कि रिकॉर्डिंग अवधि के अंत में दोनों संतुलित रहें।

रेकरिंग पेमेंट :भुगतान जो हम समय- समय पर करते हैं और वह अवधि साप्ताहिक, मासिक, त्रैमासिक, अर्द्ध- वार्षिक, वार्षिक हो सकती है। उदाहरण के लिए, यूटिलिटी बिल, बीमा प्रीमियम।

स्विच (नेशनल फाइनेन्शियल स्विच) :ऐसा निकाय, जो एक प्रदाता से ट्रान्जैक्शन पाता है और उन ट्रान्जैक्शन को दूसरे प्रदाता को देता है। एक स्विच किसी योजना के लिए स्वामित्व या किराये पर लिया जा सकता है या अलग-अलग प्रदाताओं द्वारा किराये पर लिया जा सकता है। अंतर- प्रतिभागी सेटलमेंट के लिए एक स्विच सेटलमेंट सिस्टम से कनेक्ट हो जाएगा।

टीएटी :टर्न अराउन्ड टाइम : किसी विशेष सेवा को डिलीवर करने के लिए प्रतिबद्ध समय (उदाहरण के लिए, सेटलमेंट के लिए टीएटी टी+2 दिन है)।

यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) :यूपीआई भारत में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और इन्टरऑपरेटिबिलिटी प्रदान करने के लिए एनपीसीआई द्वारा एक डिजिटल भुगतान पहल है। एक बार ग्राहक जब बैंक एक साथ यूपीआई के लिए रजिस्ट्रेशन करता है, तो एक यूनिक वर्चुअल पहचानकर्ता बनता है और उसे भुगतान शुरुआत करने के लिए मोबाइल फोन पर मैप किया जाता है। यूपीआई लाभार्थी की वर्चुअल पहचान को लागू करता है और वास्तविक समय में धन को ट्रांसफर करता है। यह सिंगल क्लिक 2- फैक्टर प्रामाणिकता पर काम करता है।

यूटीआर :यूटीआर एक यूनिक ट्रान्जैक्शन रेफ्रेन्स नंबर है, जो आईएमपीएस, एनईएफटी और आरटीजीएस सिस्टम में जेनरेट किया जाता है। यूटीआर का फॉर्मेट पहले से निर्धारित होता है और यह ट्रान्जैक्शन शुरू करने वाले बैंक द्वारा जेनरेट किया जाता है।

वॉलेट :एक वॉलेट फंड को रखने के लिए एक अकाउंट है और इसका इस्तेमाल विभिन्न खरीद के लिए किया जाता है। एक वॉलेट वर्चुअल भी हो सकता है (उदाहरण के लिए, पेटीएम, फोनपे या फिजिकल (प्रीपेड़ कार्ड) जैसे मोबाइल वॉलेट)।  

 

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