Godhuli Bela
Godhuli Bela

Godhuli Bela: गोधूलि बेला वह पवित्र समय होता है जब दिन और रात का संधिकाल होता है। सूर्य अपनी अंतिम किरणें धरती पर बिखेर रहा होता है, आसमान सुनहरे और नारंगी रंगों से सजा होता है, और दूर से गोरज धूल उड़ाती हुई लौटती गायों की घंटियों की मधुर ध्वनि सुनाई देती है। इस समय को आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि इसे प्रकृति का ध्यान काल भी कहा जाता है। हिंदू धर्म में गोधूलि बेला को पूजा-पाठ, मंत्र-जप और शुभ कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ समय माना गया है। यह न केवल वातावरण को शांति और सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है, बल्कि मान्यता है कि इस बेला में की गई प्रार्थनाएं शीघ्र फलदायी होती हैं।

गोधूलि बेला का महत्व

गोधूलि बेला न केवल धार्मिक बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी खास मानी जाती है। इस समय वातावरण में एक विशेष ऊर्जा होती है, जो मन और शरीर पर असर डालती है। माना जाता है कि इस समय ध्यान, पूजा-पाठ या सकारात्मक कार्य करना शुभ होता है, जबकि कुछ कामों से बचना चाहिए। गोधूलि बेला को शुभ और शुद्ध समय मानते हुए सत्कर्म करने और नकारात्मक कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।

गोधूलि बेला में क्या करना चाहिए ?

हिंदू धर्म में गोधूलि बेला को पूजा और ध्यान के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। यह वह समय होता है जब दिन खत्म हो रहा होता है और रात की शुरुआत होती है। इसे संधिकाल कहा जाता है, जिसका मतलब होता है दो समयों का मिलन। इस समय वातावरण में एक खास तरह की ऊर्जा होती है, जिससे प्रार्थनाओं और अच्छे विचारों का असर ज्यादा होता है।

गोधूलि बेला में सोना क्यों माना जाता है अशुभ?

गोधूलि बेला में सोना अशुभ माना जाता है क्योंकि यह मानसिक सुस्ती, आर्थिक नुकसान और नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकता है। ऐसा कहा जाता है कि इस समय मां लक्ष्मी धरती पर विचरण करती हैं और जो लोग जागृत रहते हैं, साफ-सफाई रखते हैं और पूजा-पाठ करते हैं, उन पर उनकी कृपा बनी रहती है। लेकिन जो इस समय सोते हैं, वे अपनी खुशियों और समृद्धि के रास्ते खुद बंद कर लेते हैं।

गोधूलि बेला में क्या-क्या काम नहीं करने चाहिए?

  1. गोधूलि बेला में पैसे उधार न दें

इस समय किसी को पैसे उधार देना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। मान्यता है कि इस दौरान दिया गया धन वापस नहीं आता, जिससे घर की समृद्धि में कमी आ सकती है और व्यक्ति को वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

  1. गोधूलि बेला में कपड़े धोना अशुभ माना जाता है

हिंदू परंपरा के अनुसार, गोधूलि बेला में जल संबंधी कार्य करना नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देता है। इस समय कपड़े धोने से घर में अशांति, आर्थिक तंगी और पारिवारिक कलह की संभावना बढ़ सकती है।

  1. झाड़ू लगाना और सफाई करने से बचें

इस समय झाड़ू लगाने को धन हानि और दरिद्रता को बुलाने वाला माना जाता है। गोधूलि बेला में मां लक्ष्मी का आगमन होता है, और इस दौरान सफाई करने से धन और सुख-समृद्धि का नाश हो सकता है।

मैं आयुषी जैन हूं, एक अनुभवी कंटेंट राइटर, जिसने बीते 6 वर्षों में मीडिया इंडस्ट्री के हर पहलू को करीब से जाना और लिखा है। मैंने एम.ए. इन एडवर्टाइजिंग और पब्लिक रिलेशन्स में मास्टर्स किया है, और तभी से मेरी कलम ने वेब स्टोरीज़, ब्रांड...